बदायूं के गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र में माँ गायत्री जयंती और ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति तथा आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर लोककल्याण और विश्वशांति की कामना की। वर्ष 1926 से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति और परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश रथ यात्रा का स्वागत और पूजन भी किया गया। आत्मीय परिजनों ने युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का पूजन किया। इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ बदायूं के संस्थापक मंडल के सदस्य रहे दिवंगत बाबू ज्ञानेन्द्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके अतिरिक्त, लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की दुर्घटना में दिवंगत छात्र-छात्राओं की आत्मशांति के लिए यज्ञ भगवान को विशेष आहुतियां समर्पित की गईं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की गई। प्रज्ञा मंडल के भवेश शर्मा ने यज्ञ को भारतीय संस्कृति का प्राण बताते हुए कहा कि यह वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ व्यक्ति के चिंतन और जीवन को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। परिव्राजक सुमित सुकृति ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया, जबकि पंकज कुमार ने प्रेरणादायी प्रज्ञा गीत प्रस्तुत किए। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने माँ गायत्री को ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री शक्ति बताया और कहा कि उनके उपासना मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने युवाओं से अपनी शक्ति, समय और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करने का आह्वान किया। महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित कीं। मातृशक्तियों और देव कन्याओं ने माँ गायत्री का श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की। शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव ने भी ज्योति कलश का पूजन कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। शांतिकुंज से आए राजेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी रानी सिंह के 'हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर 24 आत्मीय परिजनों ने गुरु दीक्षा ग्रहण की। ममता पाल और माया सक्सेना ने पुंसवन, विद्यारंभ और अन्नप्राशन संस्कार आदि संपन्न कराए। यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात माँ गायत्री की आरती घंटे-घड़ियालों के साथ की गई और कन्या भोज का आयोजन हुआ। इसके उपरांत श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों और संत-महात्माओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर रामचंद्र प्रजापति, सुखपाल शर्मा, महेश शाक्य, नत्थूलाल शर्मा, भुवनेश शर्मा, डॉ. सोहन पाल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
बदायूं के गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र में माँ गायत्री जयंती और ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति तथा आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर लोककल्याण और विश्वशांति की कामना की। वर्ष 1926 से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति और परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश रथ यात्रा का स्वागत और पूजन भी किया गया। आत्मीय परिजनों ने युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का पूजन किया। इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ बदायूं के संस्थापक मंडल के सदस्य रहे दिवंगत बाबू ज्ञानेन्द्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके अतिरिक्त, लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की दुर्घटना में दिवंगत छात्र-छात्राओं की आत्मशांति के लिए यज्ञ भगवान को विशेष आहुतियां समर्पित की गईं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की गई। प्रज्ञा मंडल के भवेश शर्मा ने यज्ञ को भारतीय संस्कृति का प्राण बताते हुए कहा कि यह वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ व्यक्ति के चिंतन और जीवन को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। परिव्राजक सुमित सुकृति ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया, जबकि पंकज कुमार ने प्रेरणादायी प्रज्ञा गीत प्रस्तुत किए। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने माँ गायत्री को ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री शक्ति बताया और कहा कि उनके उपासना मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने युवाओं से अपनी शक्ति, समय और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करने का आह्वान किया। महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित कीं। मातृशक्तियों और देव कन्याओं ने माँ गायत्री का श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की। शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव ने भी ज्योति कलश का पूजन कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। शांतिकुंज से आए राजेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी रानी सिंह के 'हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर 24 आत्मीय परिजनों ने गुरु दीक्षा ग्रहण की। ममता पाल और माया सक्सेना ने पुंसवन, विद्यारंभ और अन्नप्राशन संस्कार आदि संपन्न कराए। यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात माँ गायत्री की आरती घंटे-घड़ियालों के साथ की गई और कन्या भोज का आयोजन हुआ। इसके उपरांत श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों और संत-महात्माओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर रामचंद्र प्रजापति, सुखपाल शर्मा, महेश शाक्य, नत्थूलाल शर्मा, भुवनेश शर्मा, डॉ. सोहन पाल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
- बदायूं पुलिस जनसेवा, मानवता और समर्पण का प्रतीक बन गई है, जिसने गंगा दशहरा के अवसर पर राहगीरों को शरबत पिलाकर मानवता का संदेश दिया है। पुलिस लाइन, बदायूं में भीषण गर्मी के बीच परिवहन शाखा पुलिस ने लोगों को राहत पहुंचाई। पुलिस लगातार सात वर्षों से अपनी सेवा के इस संकल्प को निभा रही है, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास व आत्मीयता की एक मिसाल कायम हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिसके बाद से यह मामला गरमा गया है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है और साधु-संतों की कड़ी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये लुटेरे राम के मंदिर और दरबार से लूट ले गए, जिसमें चांदी और सोना भी शामिल था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए और अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सके, तो वे भक्तों का भला क्या कर सकते हैं या उनकी रक्षा कैसे कर पाएंगे। इस पर अयोध्या के संत विष्णु दास महाराज ने सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले व्यक्ति को ₹5 लाख का इनाम देने की घोषणा की है। संत विष्णु दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य को सनातन और संस्कृति का विरोधी बताते हुए कहा कि वह जीभ कटने के बाद ही शांत होंगे, और यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर राम भक्तों का मंदिर है, जबकि मौर्य संस्कृति और सनातन के दुश्मन हैं। यह कोई पहली बार नहीं है कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऐसा विवादित बयान दिया है, बल्कि इससे पहले भी वह अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। साल 2023 में उन्होंने रामचरितमानस पर टिप्पणी करते हुए उसकी कुछ चौपाइयों पर आपत्ति जताई थी और उन्हें दलितों, महिलाओं व पिछड़ों के खिलाफ बताया था, जिसके बाद प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और कई एफआईआर भी दर्ज की गई थीं। इसके अतिरिक्त, स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार यह भी कहा था कि हिंदू कोई धर्म नहीं, बल्कि एक धोखा है। उन्होंने हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों को देशद्रोही बताया था और चेतावनी दी थी कि यदि हिंदू राष्ट्र की मांग हो सकती है, तो अन्य अलगाववादी मांगें भी उठ सकती हैं।1
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में बुलेट खरीद को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसमें विभाग के महानिदेशक (DG) पर ₹8 लाख प्रति बुलेट के हिसाब से बड़े घोटाले का आरोप लगा है। बताया गया है कि विभाग ने जो बुलेट ₹11 लाख में खरीदी है, उसकी असल कीमत मात्र ₹3 लाख है। यह गंभीर आरोप फायरमैन जितेंद्र राठौर द्वारा लगाए गए हैं, जिन्होंने लखनऊ में एक अग्निकांड स्थल पर पहुँचकर इस मामले को उजागर किया।1
- ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए अब संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक व्यक्ति दिए गए संपर्क नंबरों 9027999866 और 9454229115 पर किसी भी समय व्हाट्सएप संदेश भेज सकते हैं।4
- मोहर्रम के अवसर पर लोगों को त्योहार को सही ढंग से मनाने का निर्देश दिया गया है। जारी संदेश में विशेष रूप से मातम पर अधिक जोर न देने की बात कही गई है। इसके साथ ही, महिलाओं के पढ़ने के संबंध में भी उल्लेख किया गया है।1
- बदायूं के इस्लामनगर में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जहाँ कंपनी विजिट पर जा रहे 70 छात्र-छात्राओं से भरी एक बस कीचड़ भरे दलदल में फंस गई, जिससे घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। मोहल्ला मोहाली की बदहाल सड़क पर जलभराव के कारण यह बस घंटों तक फंसी रही। इस दौरान छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा; उन्हें बस के इमरजेंसी गेट से बाहर निकाला गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई छात्रों के बैग और जूते गंदे पानी में गिर गए। बस चालक ने वाहन को निकालने के कई प्रयास किए, लेकिन वे सभी नाकाम रहे। आखिरकार, छात्रों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य तक भेजा गया। इस घटना ने इस्लामनगर के मोहल्ला मोहाली की सड़क की खराब हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और 'विकास के दावों की खुली पोल' को उजागर किया है।1
- अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में निकाली जा रही ज्योति कलश रथ यात्रा का बदायूं जिले के उसावा के मुख्य मार्गों पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। शाहजहांपुर से बदायूं पहुंची इस रथ यात्रा ने देवकली पटना स्थित प्राचीन शिव मंदिर से लेकर उसावां नगर और गायत्री शक्तिपीठ बदायूं तक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा वातावरण निर्मित किया। वैदिक मंत्रोच्चारण, भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और जयघोषों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने ज्योति कलश का पूजन कर युग निर्माण अभियान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। देवकली पटना स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर भव्य स्वागत के बाद, मंदिर परिसर में वैदिक परंपराओं के अनुसार वेदमंत्रों के साथ ज्योति कलश का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्र, समाज और विश्व कल्याण की कामना की। उसावा के शिव मंदिर परिसर में मातृशक्तियों, युवाओं और वरिष्ठ परिजनों ने गायत्री महामंत्र का सामूहिक जप कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उपजोन समन्वयक अजयवीर सिंह और जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि ज्योति कलश युग परिवर्तन, नैतिक जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश लेकर चल रहा है। वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा तथा नत्थूलाल शर्मा ने गायत्री परिवार के उद्देश्य को व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण बताया। देवकली पटना से आगे बढ़ी यह रथ यात्रा जब उसावां स्थित शिव मंदिर पहुंची, तो गायत्री शक्तिपीठ बदायूं के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्र नाथ शर्मा ने वैदिक विधि-विधान से पूजन कराया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकाश, ज्ञान और सद्बुद्धि के महत्व पर बल देते हुए ज्योति कलश को दिव्य चेतना का प्रतीक बताया जो मनुष्य को अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाती है। उसावां नगर पंचायत की चेयरमैन प्रियंका सिंह चौहान ने मातृशक्तियों और देवकन्याओं के साथ पूजन कर ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों को समाज में संस्कार, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया; उन्होंने ही हरी झंडी दिखाकर रथ यात्रा को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। बेबी गुप्ता और रजनी गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मातृशक्तियां और देवकन्याएं इस यात्रा में शामिल रहीं, जिसका नगर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और चौराहों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा और आरती उतारकर भव्य स्वागत किया। भक्ति गीतों और गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा दिखाई दिया। यह यात्रा प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर भी पहुंची, जहां मंदिर महंत चेतन्य दास सहित पूर्व चेयरमैन धीरेंद्र पाल गुप्ता, ओम प्रताप सिंह, संतोष सिंह, नरेश गुप्ता, रामबाबू गुप्ता तथा पवन गुप्ता आदि श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। शाहजहांपुर जिला समन्वयक सूरज वर्मा, ट्रस्टी दुर्गेश कुमार सिंह, रंजीत कुमार वर्मा तथा युवा प्रकोष्ठ के कपूर कुमार के नेतृत्व में आई इस रथ यात्रा का भी जगह-जगह स्वागत किया गया। सायंकाल, ज्योति कलश रथ यात्रा गायत्री शक्तिपीठ बदायूं पहुंची, जहां गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन किया और देर शाम तक आध्यात्मिक गतिविधियां एवं भजन-कीर्तन चलते रहे। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि आगामी 24 जून को गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र बदायूं पर मां गायत्री जयंती, गंगा दशहरा तथा परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी वर्ष का महान पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ पुंसवन, अन्नप्राशन, विद्यारंभ और मुंडन जैसे विभिन्न संस्कार संपन्न कराए जाएंगे, जिसके बाद कन्या भोज और प्रसाद वितरण भी होगा। इस मौके पर गायत्री शक्तिपीठ बिसौली के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुखबीर सिंह, सियानंद सिंह, उमेश चंद्र गुप्ता, रज्जन लाल, राजेश पाल सिंह, अविनेश कुमार सिंह, संजीव कुमार, रत्नेश गुप्ता और श्याम बाबू गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।1
- अखिलेश यादव ने एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।1
- बदायूं मंडी से सब्जी लेकर अलापुर लौट रहे व्यापारियों से भरे एक ओवरलोड टेंपो को कंचनपुर धर्म कांटा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में तीन व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, अलापुर के वार्ड नंबर-4 निवासी सर्वेश (45) पुत्र ओमप्रकाश, उमेश पुत्र सोनपाल और शिवम पुत्र राधेश्याम अन्य व्यापारियों के साथ बदायूं मंडी से सब्जी लेकर टेंपो से वापस आ रहे थे। कंचनपुर धर्म कांटा मोड़ के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टेंपो में इतनी जबरदस्त टक्कर मारी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त टेंपो में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सर्वेश को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, उमेश और शिवम का इलाज अभी भी जारी है। पुलिस ने मृतक सर्वेश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सर्वेश की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में गहरा कोहराम मच गया। क्षेत्रवासियों ने इस दर्दनाक हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए, तेज रफ्तार वाहनों और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।3