प्रयागराज की मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कार्यों की धीमी गति पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने चेतावनी दी है कि अगली समीक्षा तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को तलब किया जाएगा। उन्होंने हर हाल में 15 नवंबर तक विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए ताकि भवन तैयार होते ही शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराई जा सकें। उन्होंने गुणवत्ता से समझौता न करने, सभी कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराने तथा फर्नीचर, छात्रावास, कक्षाओं व अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने साउंड सिस्टम, वाई-फाई, फायर एनओसी, एसटीपी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और खेल सुविधाओं सहित सभी आधारभूत कार्यों को समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। इसके उपरांत, मंडलायुक्त ने मेजा तहसील के ग्राम डेंगूरपुर में गंगा नदी के दाएं तट पर लगभग ₹7.20 करोड़ की लागत से चल रहे बाढ़ एवं कटानरोधी कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी जारी किए।
प्रयागराज की मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कार्यों की धीमी गति पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने चेतावनी दी है कि
अगली समीक्षा तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को तलब किया जाएगा। उन्होंने हर हाल में 15 नवंबर तक विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए ताकि भवन तैयार होते ही शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराई जा सकें। उन्होंने गुणवत्ता से समझौता न करने, सभी कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराने तथा फर्नीचर, छात्रावास, कक्षाओं
व अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने साउंड सिस्टम, वाई-फाई, फायर एनओसी, एसटीपी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और खेल सुविधाओं सहित सभी आधारभूत कार्यों को समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। इसके उपरांत, मंडलायुक्त ने मेजा तहसील के ग्राम डेंगूरपुर में गंगा नदी के दाएं तट पर लगभग ₹7.20 करोड़ की लागत से
चल रहे बाढ़ एवं कटानरोधी कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी जारी किए।
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर है, वहीं प्रयागराज के होलागढ़ थाना क्षेत्र में कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए एक दबंग सरकारी जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहा है। पश्चिमनारा के ग्राम प्रधान राज नारायण का आरोप है कि यह दबंग माफिया ग्राम सभा पूरबनारा और पश्चिमनारा की लगभग 20 बीघा से अधिक सरकारी जमीन पर कई सालों से अवैध रूप से खेती कर रहा है। इस मामले में ग्राम प्रधान ने उच्च न्यायालय में एक पीआईएल दाखिल की थी, जिस पर माननीय न्यायालय ने पूरी जमीन की जांच के बाद उसे ग्राम सभा की घोषित किया। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने भी कार्रवाई करते हुए जमीन पर किसी भी तरह के कार्य को रोकने के लिए स्थगन आदेश जारी किया था। न्यायालय और एसडीएम कोर्ट के इन स्पष्ट आदेशों के बावजूद दबंग बेखौफ होकर सरकारी भूमि पर लगातार खेती कर रहा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उनकी शिकायत पर एसडीएम ने स्थानीय थानेदार को भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी अवैध खेती जारी है। पीड़ित ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो वे दोबारा अदालत का रुख करेंगे और इस पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत की पोल खोलेंगे।1
- प्रयागराज जिले को हरा-भरा बनाने के लिए इस वर्ष 90 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने लोगों से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है। जिलेभर में बड़े स्तर पर फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। इस वृक्षारोपण अभियान के तहत सरकारी भूमि, स्कूल-कॉलेज, पंचायत भवन, सड़क किनारे, नदी-तालाबों के तट और निजी संस्थानों में पौधे लगाए जाएंगे। इस महाअभियान में वन विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत, शिक्षा विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने अपील की है कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और तीन वर्षों तक उसकी नियमित देखभाल भी करे। डीएम मनीष वर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से गड्ढों की खुदाई, पौधरोपण और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने के लिए स्कूलों में 'एक छात्र-एक पौधा' अभियान भी चलाया जाएगा। इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए इच्छुक नागरिक और संस्थाएं वन विभाग या संबंधित तहसील कार्यालय से संपर्क कर निशुल्क पौधे प्राप्त कर सकते हैं।1
- प्रयागराज को हरित बनाने के लिए इस साल जिले में 90 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए डीएम मनीष वर्मा ने जनमानस से सहयोग की अपील की है।1
- बाराबंकी पुलिस ने जिले में फर्जी रजिस्ट्री करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। 45 लाख रुपये के इस धोखाधड़ी के मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने टिकैतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम डेरेराजा में एक महिला खरीदार के बेटे को 13 बीघा जमीन दिखाई थी। इसके बाद आरोपियों ने बंशी नाम के एक व्यक्ति को फर्जी तरीके से जमीन का असली मालिक बंशीलाल बनाकर पेश किया और 45 लाख रुपये में सौदा पक्का कर लिया। आरोपियों ने सिरौली गौसपुर तहसील में कृष्णावती के नाम पर जमीन का बैनामा भी करा दिया। पीड़िता और उसके बेटे को इस जालसाजी का पता तब चला जब वे बैनामा होने के बाद जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। पुलिस और एसपी की तुरंत की गई कार्रवाई के चलते आखिरकार पीड़ित को न्याय मिल सका है।1
- प्रयागराज के सिरसा फेरी घाट पर स्टीमर के जरिए बड़ी संख्या में भेड़ों को नदी पार कराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह भेड़ों को स्टीमर पर लादकर नदी पार कराई जा रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद घाट पर सुरक्षा मानकों और क्षमता से अधिक भार ढोने को लेकर लोगों ने गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से भी अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि यह वायरल वीडियो हाल का है, तो संबंधित विभाग द्वारा जांच किए जाने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया में यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के दौरे का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री को काले झंडे दिखाए, जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारी सपा नेताओं का आरोप है कि मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव, सांसद सनातन पांडेय और सांसद राजीव राय पर अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं। इसी से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब-जब राजभर बलिया आएंगे, उनका विरोध इसी तरह जारी रहेगा।1