मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामावतार सिंह को रिश्वत लेते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा निलंबित कर दिया गया है। एसआई रामावतार सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से जमानत और केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे लिए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया गया है कि ये दोनों वीडियो कुछ माह पुराने हैं, लेकिन अब इनके सामने आने से मामला चर्चा का विषय बन गया है। पहले वीडियो में एक युवक एसआई को पैसे देते हुए दिख रहा है, जहां युवक कह रहा है कि वह पहले ही 9 हजार रुपये दे चुका है और अब 500 रुपये लेकर आया है, लेकिन एसआई पूरे 1 हजार रुपये लेने की बात पर अड़े दिखते हैं। इस वीडियो में कथित तौर पर पैसों का लेन-देन खुलेआम होता नजर आ रहा है। दूसरे वीडियो में एक मामले में जमानत कराने के लिए 5 हजार रुपये मांगे जाने की बात सामने आई है, जिसमें युवक केवल 2 हजार रुपये ही दे पाता है, जिस पर एसआई कथित तौर पर पैसे वापस लौटाते हुए दिखते हैं। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित कर दिया है।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामावतार सिंह को रिश्वत लेते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा निलंबित कर दिया गया है। एसआई रामावतार सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से जमानत और केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे लिए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया गया है कि ये दोनों वीडियो कुछ माह पुराने हैं, लेकिन अब इनके सामने आने से मामला चर्चा का विषय बन गया है। पहले वीडियो में एक युवक एसआई को पैसे देते हुए दिख रहा है, जहां युवक कह रहा है कि वह पहले ही 9 हजार रुपये दे चुका है और अब 500 रुपये लेकर आया है, लेकिन एसआई पूरे 1 हजार रुपये लेने की बात पर अड़े दिखते हैं। इस वीडियो में कथित तौर पर पैसों का लेन-देन खुलेआम होता नजर आ रहा है। दूसरे वीडियो में एक मामले में जमानत कराने के लिए 5 हजार रुपये मांगे जाने की बात सामने आई है, जिसमें युवक केवल 2 हजार रुपये ही दे पाता है, जिस पर एसआई कथित तौर पर पैसे वापस लौटाते हुए दिखते हैं। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित कर दिया है।
- बाड़ी में पुलिस प्रशासन और पूर्व सैनिकों की एक अभिनव पहल के तहत 'जीवन रक्षा, सड़क सुरक्षा' अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान आईजी कैलाशचंद्र बिश्नोई और एसपी विकास सांगवान के निर्देशों पर संचालित हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि पूर्व सैनिकों ने अपनी निर्धारित गणवेश में यातायात व्यवस्था को संभाला और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा तथा यातायात नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस जागरूकता अभियान को बाड़ी थाना के यूथ सीएलजी सदस्यों का भी सहयोग मिला। इस दौरान यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले 22 वाहनों का चालान भी किया गया।1
- आम आदमी पार्टी (आप) की सरमथुरा, धौलपुर इकाई के जिला अध्यक्ष (ST अनुसूचित जनजाति) भरत सिंह मीणा ने सरमथुरा नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर सार्वजनिक शौचालयों और बाथरूमों पर लगे ताले तुरंत खुलवाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा निर्मित ये सार्वजनिक सुविधाएं वर्तमान में बंद पड़ी हैं, जिससे आम नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया है कि शौचालय की अचानक आवश्यकता पड़ने पर बंद सुविधाएं बड़ी समस्या बन जाती हैं, खासकर महिलाओं और बच्चियों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे स्वच्छ भारत मिशन और आम जनता की मूलभूत सुविधाओं के विपरीत बताते हुए, श्री मीणा ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से बने शौचालयों को बंद रखना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि शौचालय बने हैं, तो उनका उपयोग जनता के लिए नियमित रूप से खुला रहना चाहिए। भरत सिंह मीणा ने तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक शौचालय एवं बाथरूम के ताले खुलवाकर उन्हें आम जनता के उपयोग हेतु चालू करवाने और उनकी नियमित सफाई एवं देखरेख की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आम जनता के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।1
- यह दावा किया गया है कि कांग्रेस आज भी एक 'रिमोट कंट्रोल' पार्टी के रूप में संचालित हो रही है। इस संबंध में, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वयं इस सच्चाई को उजागर किया है।1
- भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) राजस्थान के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री बीके कुशवाहा का अभिनंदन किया गया है। इस अवसर पर उन्हें साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।1
- धौलपुर के अधन्नपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास परम पूज्य लोकेशानंद महाराज ने अपनी सुमधुर और ओजस्वी वाणी में भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं - महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह - का अत्यंत मार्मिक वर्णन प्रस्तुत किया। लोकेशानंद महाराज ने महारास प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि महारास कोई सांसारिक क्रीड़ा नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। उन्होंने समझाया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कामदेव के अहंकार को नष्ट करने, भक्तों की इच्छा पूरी करने और आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने के लिए शरद पूर्णिमा की रात को परासौली में महारास रचाया था। कंस वध का प्रसंग सुनाते हुए महाराज जी ने बताया कि जब अत्याचार अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाते हैं, तब ईश्वर का अवतार होता है; भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा जाकर अत्याचारी कंस का वध किया और धर्म की स्थापना की। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समाज से बुराइयों और अहंकार को मिटाने का संदेश दिया। कथा के आयोजक सोबरन सिंह अरेला और भगवंत प्रसाद अरेला सहित सीपी शर्मा, राजेश मरैया, बृजेश उपाध्याय, अशोक रावत, देवकीनंदन अरेला, पुरुषोत्तम, संतोष, कृष्णकांत, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र तथा अन्य श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का पूजन किया। कथा का मुख्य आकर्षण रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग रहा, जिसके आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए महाराज जी ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं और जीव का भगवान से मिलन ही रुक्मिणी विवाह है। उन्होंने बताया कि विदर्भ देश की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान कृष्ण के गुणों और रूप पर मोहित थीं और उन्हें ही अपना पति मान चुकी थीं। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह जबरन शिशुपाल से कराना चाहा, तब रुक्मिणी जी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्री कृष्ण को द्वारका संदेश भेजा। भगवान ने उनके अटूट विश्वास और भक्ति का मान रखते हुए उनका हरण किया और उन्हें अपनी पटरानी बनाया। यह प्रसंग सिखाता है कि जो पूरी तरह भगवान के शरणागत होता है, उसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं। इस मौके पर दूर-दराज से आए अतिथियों व श्रद्धालुओं ने कथाव्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के समापन पर महाआरती की गई और सभी उपस्थित भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।4
- धौलपुर के अधन्नपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर कथा व्यास लोकेशानंद महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं, विशेषकर महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। महाराज लोकेशानंद ने महारास प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि यह कोई सांसारिक क्रीड़ा नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कामदेव के अहंकार को नष्ट करने, भक्तों की इच्छा पूरी करने और आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने के लिए शरद पूर्णिमा की रात को परासौली में महारास रचाया था। कंस वध के प्रसंग में महाराज जी ने बताया कि जब अत्याचार अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाते हैं, तब ईश्वर का अवतार होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा जाकर अत्याचारी कंस का वध किया और धर्म की स्थापना की, जिसके माध्यम से समाज से बुराइयों और अहंकार को मिटाने का संदेश दिया गया। कथा का मुख्य आकर्षण रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग रहा। इसके आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए महाराज ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं और जीव का भगवान से मिलन ही रुक्मिणी विवाह है। उन्होंने विदर्भ देश की राजकुमारी रुक्मिणी की कथा सुनाई, जो भगवान कृष्ण के गुणों और रूप पर मोहित होकर उन्हें अपना पति मान चुकी थीं। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह जबरन शिशुपाल से कराना चाहा, तब रुक्मिणी जी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्रीकृष्ण को द्वारका संदेश भेजा। भगवान ने उनके अटूट विश्वास और भक्ति का मान रखते हुए उनका हरण किया और उन्हें अपनी पटरानी बनाया। इस प्रसंग से यह शिक्षा मिली कि जो पूरी तरह भगवान के शरणागत होता है, उसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं। इस अवसर पर आयोजक सोबरन सिंह अरेला और भगवंत प्रसाद अरेला सहित सीपी शर्मा, राजेश मरैया, बृजेश उपाध्याय, अशोक रावत, देवकीनंदन अरेला, पुरुषोत्तम, संतोष, कृष्णकांत, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र तथा अन्य श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का पूजन किया। दूर-दराज से आए अतिथियों व श्रद्धालुओं ने कथा व्यास से आशीर्वाद लिया और कथा का समापन महाआरती व प्रसादी वितरण के साथ किया गया।4
- धौलपुर जिले के बाड़ी में कोतवाली पुलिस और पूर्व सैनिकों ने रविवार को एक विशेष “जीवन रक्षा, सड़क सुरक्षा अभियान” आयोजित किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को एक जनआंदोलन का रूप देना था, जो भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस और धौलपुर के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस विशेष यातायात जागरूकता कार्यक्रम में बाड़ी थाना क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने अपनी निर्धारित वर्दी में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अभियान के दौरान, पूर्व सैनिकों ने शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था का प्रबंधन किया और दुपहिया तथा चौपहिया वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षित यात्रा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वाले बाइक चालकों को गुलाब का फूल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे हेलमेट पहनने के लिए एक सकारात्मक प्रोत्साहन मिला। वहीं, बिना हेलमेट यात्रा करने वालों को सड़क दुर्घटनाओं के संभावित गंभीर परिणामों के बारे में भावनात्मक रूप से जानकारी दी गई और भविष्य में नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस कार्यक्रम में बाड़ी थाना के यूथ सीएलजी सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। ट्रैफिक पुलिस और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 18 वाहन चालकों के खिलाफ चालान भी काटे। शहरवासियों ने पुलिस और पूर्व सैनिकों के इस संयुक्त प्रयास को एक सराहनीय पहल बताया, जो सड़क पर अनुशासन, जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देने के कारण काफी चर्चा का विषय बना रहा।1
- बाड़ी में 'जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा' जागरूकता अभियान चलाया गया, जो आईजी भरतपुर रेंज कैलाशचंद विश्नोई और एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर संचालित एक विशेष पहल है। बाड़ी थानाप्रभारी देवेंद्र शर्मा और अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बाड़ी के अध्यक्ष बनवारी सिंह परमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान, पूर्व सैनिकों ने दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने हेलमेट पहनकर वाहन चला रहे लोगों को फूल भेंटकर प्रोत्साहित किया, वहीं बिना हेलमेट वाले चालकों को सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए समझाइश दी। इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्य में यूथ सीएलजी सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।1
- यह पोस्ट 26 मई 2014 को भारत के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस के रूप में रेखांकित करती है, जिस दिन देश ने मानो 'रीसेट बटन' दबाकर एक नई शुरुआत की थी। इस निर्णायक क्षण को सीधे तौर पर नरेंद्र दामोदरदास मोदी से जोड़ा गया है, जिनका नाम विशेष रूप से उल्लेखित किया गया है, जो भारत के लिए एक बड़े बदलाव और नई दिशा का संकेत देता है।1