झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले देवगन मरांडी ने इंटरनेशनल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ललमटिया के नीमकाला गांव के रहने वाले देवगन ने कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नेपाल के फाइटर के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। इस अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले देवगन ने राष्ट्रीय स्तर पर कुल 14 एमएमए फाइट्स में हिस्सा लिया है, जिनमें से 11 मुकाबलों में उन्होंने जीत हासिल की और केवल 3 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने ये मुकाबले उत्तराखंड, दिल्ली, गोवा और छत्तीसगढ़ जैसे विभिन्न स्थानों पर खेले हैं। देवगन मरांडी की इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी काफी दिलचस्प है। महागामा के बेथल मिशन स्कूल से नर्सरी से 10वीं तक की पढ़ाई और भागलपुर के सत्यम वेब स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद, वे साल 2023 में एनडीए की तैयारी करने दिल्ली गए थे। हालांकि, एक साल की तैयारी के बाद भी वे परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। इसी दौरान दिल्ली में उनके रूम पार्टनर अनुराग, जो केरल के रहने वाले हैं, को यूएफसी फाइट्स देखते देखकर देवगन की भी फाइटिंग में रुचि जग गई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली की 'हाउस ऑफ ग्लैडिएटर्स' एकेडमी से तीन साल तक प्रशिक्षण लिया। दिग्गज फाइटर जॉन जोंस देवगन के पसंदीदा फाइटर हैं। देवगन के पिता सांझला मरांडी ईसीएल ललमटिया से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार में सात भाई और एक बड़ी बहन गुलाबी मरांडी हैं। उनकी बड़ी बहन गुलाबी शिक्षिका बनने की तैयारी कर रही हैं, जबकि उनका एक भाई प्राइवेट नौकरी करता है और अन्य भाई भी पढ़ाई व नौकरी की तैयारियों में जुटे हैं।
झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले देवगन मरांडी ने इंटरनेशनल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ललमटिया के नीमकाला गांव के रहने वाले देवगन ने कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नेपाल के फाइटर के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। इस अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले देवगन ने राष्ट्रीय स्तर पर कुल 14 एमएमए फाइट्स में हिस्सा लिया है, जिनमें से 11 मुकाबलों में उन्होंने जीत हासिल की और केवल 3 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने ये मुकाबले उत्तराखंड, दिल्ली, गोवा और छत्तीसगढ़ जैसे विभिन्न स्थानों पर खेले हैं। देवगन मरांडी की इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी काफी दिलचस्प है। महागामा के बेथल मिशन स्कूल से नर्सरी से 10वीं तक की पढ़ाई और भागलपुर के सत्यम वेब स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद, वे साल 2023 में एनडीए की तैयारी करने दिल्ली गए थे। हालांकि, एक साल की तैयारी के बाद भी वे परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। इसी दौरान दिल्ली में उनके रूम पार्टनर अनुराग, जो केरल के रहने वाले हैं, को यूएफसी फाइट्स देखते देखकर देवगन की भी फाइटिंग में रुचि जग गई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली की 'हाउस ऑफ ग्लैडिएटर्स' एकेडमी से तीन साल तक प्रशिक्षण लिया। दिग्गज फाइटर जॉन जोंस देवगन के पसंदीदा फाइटर हैं। देवगन के पिता सांझला मरांडी ईसीएल ललमटिया से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार में सात भाई और एक बड़ी बहन गुलाबी मरांडी हैं। उनकी बड़ी बहन गुलाबी शिक्षिका बनने की तैयारी कर रही हैं, जबकि उनका एक भाई प्राइवेट नौकरी करता है और अन्य भाई भी पढ़ाई व नौकरी की तैयारियों में जुटे हैं।
- लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित क्रिएटिव एकेडमी में शनिवार को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस प्रतियोगिता में नन्हे बच्चों ने विभिन्न प्रकार की वेशभूषा धारण कर अपनी प्रतिभा का बेहद आकर्षक प्रदर्शन किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर और शक्तिमान सहित कई प्रेरणादायक पात्रों का रूप धारण कर मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। इन नन्हे बच्चों ने न केवल अपनी सुंदर वेशभूषा का प्रदर्शन किया, बल्कि जिन पात्रों का रूप उन्होंने धारण किया था, उनके समाज के प्रति कर्तव्यों और भूमिकाओं के बारे में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ जानकारी साझा की। इसके साथ ही, जूनियर वर्ग के बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में रैंप वॉक कर वहां मौजूद सभी अभिभावकों और शिक्षकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. मनु कुमार गुप्ता ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और मंच संचालन की क्षमता विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रमों को भी समान महत्व देता है। इस सफल आयोजन में खुशी कुमारी, अमृत कौर, निखिल वर्मा, राखी दास, प्रीति पाठक, ऋतु कुमारी, वर्षा कुमारी, मुस्कान परवीन, दीपक, सनिका, उमेश उरांव सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।2
- लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र के हालात को रेखांकित किया गया है।1
- झारखंड के लोहारदगा में पुल न होने के कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होने से लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं। सड़क और नदी पर पानी के बीच बिना पुल के आवागमन करने में जनता को बेहद दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।1
- लातेहार में देश की रक्षा करने वाले हमारे एक जवान की सड़क हादसे में हुई दुखद मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। इस घटना के बाद प्रशासन से आग्रह किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, शहीद जवान के परिवार को हर संभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत जवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- लातेहार में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 32वीं वाहिनी द्वारा मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से बी-समवाय, लातेहार में चलाया जा रहा था। इस विशेष कोर्स का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें डुरूवा, धनकारा और उसके आसपास के गांवों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कोर्स के दौरान युवाओं को यूजर फ्रेंडली इंटरफेस, फाइल प्रबंधन, मल्टीटास्किंग, डिवाइस कंट्रोल और इंटरनेट की बुनियादी जानकारियों के साथ-साथ एम.एस. वर्ड, पावर पॉइंट व एक्सेल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कमांडेंट राजेश सिंह ने कंप्यूटर ज्ञान को डिजिटल युग में आत्मनिर्भर भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और चिकित्सा शिविर जैसे अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 32वीं वाहिनी ने भविष्य में भी ऐसे जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का आश्वासन दिया है।1
- भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एस आई आर पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सरकारी और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड क्षेत्र में जेएमएम और कांग्रेस के कार्यकर्ता इस पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपना बहुमूल्य समय निकालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस कार्य के दौरान इन पार्टी कार्यकर्ताओं ने बाकायदा क्षेत्र का भ्रमण कर एस आई आर का जायजा भी लिया है।1
- झारखंड के लोहरदगा में रोहित जांच घर गरीबों की मुफ्त जांच कर मानव सेवा की एक मिसाल पेश कर रहा है।1
- लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत चिरोडीह गांव में रविवार की सुबह करीब 7:00 बजे खेती करने जा रहे एक वृद्ध किसान पर भालुओं के एक जोड़े ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित किसान की पहचान चिरोडीह निवासी तिलकू नगेसिया (पिता दर्शन नगेसिया) के रूप में की गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद महुआडांड़ वन पाल गुरदयाल सिंह ने घायल किसान को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में भर्ती कराया, जहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया। इसके साथ ही वन पाल ने घायल किसान को आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। बाद में पीड़ित की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल लातेहार रेफर कर दिया गया, जहां रविवार की शाम 6:00 बजे तक उनकी स्थिति सामान्य देखी गई।1