महाराजा भर्तृहरि की कहानी रानी ने क्यों दिया धोखा अखंड ज्योत चलने का क्या है लाभ गंगा स्नान का क्या महत्व थानागाजी गोपेश शर्मा। महाराजा भर्तृहरि की कहानी काफी दिलचस्प है! वे उज्जैन के राजा थे, जिनका असली नाम भर्तृहरि था। वे एक महान कवि, नीतिकार और योगी थे। उनकी पत्नी पिंगला के धोखे ने उन्हें वैराग्य की ओर प्रेरित किया। राजा भर्तृहरि ने अपनी पत्नी को एक चमत्कारी फल दिया, जो उन्हें गोरखनाथ से मिला था। लेकिन पिंगला ने वह फल अपने प्रेमी कोतवाल को दे दिया, जिससे राजा को अपनी पत्नी के धोखे का पता चला ।इस घटना के बाद, राजा भर्तृहरि ने अपना संपूर्ण राज्य अपने छोटे भाई विक्रमादित्य को सौंपकर उज्जैन की एक गुफा में तपस्या करने चले गए। उन्होंने 12 वर्षों तक तपस्या की और योगी बन गए। उनकी समाधि राजस्थान के अलवर जिले में अरावली पर्वत श्रेणी में स्थित है, जिसे भारती धाम कहा जाता है ।भरथरी की गुफा उज्जैन में स्थित है, जहां राजा भर्तृहरि ने तपस्या की थी। गुफा के अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है, जहां अंदर जाने पर सांस लेने में भी कठिनाई महसूस होती है। गुफा के अंत में राजा भर्तृहरि की प्रतिमा है, जिसके सामने एक धुनी भी है, जिसकी राख हमेशा गर्म ही रहती है। भरतरी बाबा का मेला राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भर्तृहरि धाम में लगता है। यह मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भरता है, मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिनमें अलवर, जयपुर, दौसा, बांदीकुई, मालाखेड़ा आदि क्षेत्रों के लोग शामिल होते हैं। मेले में विभिन्न आयोजन होते हैं, जैसे कि भंडारे, प्याऊ, और दुकानें लगाई जाती हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामना के अनुसार सवामनी और भोग प्रसादी की व्यवस्था करते हैं मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी जाती है, और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहता है। रोडवेज प्रशासन भी मेले के लिए स्पेशल बसें चलाता है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा होती है ⁴ ⁵। । भरतरी मेले में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था काफी मजबूत होती है। मेले के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं, जिसमें पुलिस बल, उड़न दस्ता, और अस्थाई पुलिस चौकी शामिल होती है। रोडवेज प्रशासन भी स्पेशल बसें चलाता है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा होती है । मेले में महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है, और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। इसके अलावा, मेले में आने वाले लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाता है ⁴ ⁵। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से मेले में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जाती है, जिससे श्रद्धालु अपनी यात्रा का आनंद ले सकें। जो भी भक्त बाबा भरतरी धाम के ऊपर सच्चे मन से जाकर मन्नत मांगता है उसके समस्त संकट बाबा करते हैं।।भरतरी बाबा के ज्योत जलने का बहुत महत्व है। मान्यता है कि भरतरी बाबा की ज्योत जलने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह ज्योत भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है, और इसके जलने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है ।भरतरी बाबा की ज्योत जलने के भक्तों को लाभ जो मिलते हैं:- सुख और समृद्धि: ज्योत जलने से व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। - पापों का नाश: ज्योत जलने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं। - मोक्ष की प्राप्ति: ज्योत जलने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। - भगवान शिव की कृपा: ज्योत जलने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।भरतरी बाबा की ज्योत जलाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, और इसे जलाने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।भरतरी बाबा की अमर गंगा का स्नान बहुत ही पवित्र और लाभदायक माना जाता है। मान्यता है कि भरतरी बाबा ने अपने चिमटे से धरती पर प्रहार किया और वहीं से अमर गंगा प्रकट हुई। इस गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है ।अमर गंगा के स्नान के कुछ लाभ हैं: - *पापों का नाश*: अमर गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं। - *मोक्ष की प्राप्ति*: अमर गंगा में स्नान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। - *सुख और समृद्धि*: अमर गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। - *भगवान शिव की कृपा*: अमर गंगा भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है, और इसके स्नान से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
महाराजा भर्तृहरि की कहानी रानी ने क्यों दिया धोखा अखंड ज्योत चलने का क्या है लाभ गंगा स्नान का क्या महत्व थानागाजी गोपेश शर्मा। महाराजा भर्तृहरि की कहानी काफी दिलचस्प है! वे उज्जैन के राजा थे, जिनका असली नाम भर्तृहरि था। वे एक महान कवि, नीतिकार और योगी थे। उनकी पत्नी पिंगला के धोखे ने उन्हें वैराग्य की ओर प्रेरित किया। राजा भर्तृहरि ने अपनी पत्नी को एक चमत्कारी फल दिया, जो उन्हें गोरखनाथ से मिला था। लेकिन पिंगला ने वह फल अपने प्रेमी कोतवाल को दे दिया, जिससे राजा को अपनी पत्नी के धोखे का पता चला ।इस घटना के बाद, राजा भर्तृहरि ने अपना संपूर्ण राज्य अपने छोटे भाई विक्रमादित्य को सौंपकर उज्जैन की एक गुफा में तपस्या करने चले गए। उन्होंने 12 वर्षों तक तपस्या की और योगी बन गए। उनकी समाधि राजस्थान के अलवर जिले में अरावली पर्वत श्रेणी में स्थित है, जिसे भारती धाम कहा जाता है ।भरथरी की गुफा उज्जैन में स्थित है, जहां राजा भर्तृहरि ने तपस्या की थी। गुफा के अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है, जहां अंदर जाने पर सांस लेने में भी कठिनाई महसूस होती है। गुफा के अंत में राजा भर्तृहरि की प्रतिमा है, जिसके सामने एक धुनी भी है, जिसकी राख हमेशा गर्म ही रहती है। भरतरी बाबा का मेला राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भर्तृहरि धाम में लगता है। यह मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भरता है, मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिनमें अलवर, जयपुर, दौसा, बांदीकुई, मालाखेड़ा आदि क्षेत्रों के लोग शामिल होते हैं। मेले में विभिन्न आयोजन होते हैं, जैसे कि भंडारे, प्याऊ, और दुकानें लगाई जाती हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामना के अनुसार सवामनी और भोग प्रसादी की व्यवस्था करते हैं मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी जाती है, और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहता है। रोडवेज प्रशासन भी मेले के लिए स्पेशल बसें चलाता है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा होती है ⁴ ⁵। । भरतरी मेले में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था काफी मजबूत होती है। मेले के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं, जिसमें पुलिस बल, उड़न दस्ता, और अस्थाई पुलिस चौकी शामिल होती है। रोडवेज प्रशासन भी स्पेशल बसें चलाता है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा होती है । मेले में महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है, और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। इसके अलावा, मेले में आने वाले लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाता है ⁴ ⁵। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से मेले में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जाती है, जिससे श्रद्धालु अपनी यात्रा का आनंद ले सकें। जो भी भक्त बाबा भरतरी धाम के ऊपर सच्चे मन से जाकर मन्नत मांगता है उसके समस्त संकट बाबा करते हैं।।भरतरी बाबा के ज्योत जलने का बहुत महत्व है। मान्यता है कि भरतरी बाबा की ज्योत जलने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह ज्योत भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है, और इसके जलने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है ।भरतरी बाबा की ज्योत जलने के भक्तों को लाभ जो मिलते हैं:- सुख और समृद्धि: ज्योत जलने से व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। - पापों का नाश: ज्योत जलने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं। - मोक्ष की प्राप्ति: ज्योत जलने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। - भगवान शिव की कृपा: ज्योत जलने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।भरतरी बाबा की ज्योत जलाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, और इसे जलाने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।भरतरी बाबा की अमर गंगा का स्नान बहुत ही पवित्र और लाभदायक माना जाता है। मान्यता है कि भरतरी बाबा ने अपने चिमटे से धरती पर प्रहार किया और वहीं से अमर गंगा प्रकट हुई। इस गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है ।अमर गंगा के स्नान के कुछ लाभ हैं: - *पापों का नाश*: अमर गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप दूर होते हैं। - *मोक्ष की प्राप्ति*: अमर गंगा में स्नान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। - *सुख और समृद्धि*: अमर गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। - *भगवान शिव की कृपा*: अमर गंगा भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है, और इसके स्नान से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- Post by Ram Mishra1
- Post by Voice of Labour1
- Post by महेंद्र सिंह1
- गाजियाबाद/नई दिल्ली। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ऋषिपाल सिंह परमार के नेतृत्व में रविवार को अमरोहा (उत्तर प्रदेश) से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सवर्ण समाज के लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। प्रदर्शन में संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संदीप सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष पी.एस. कुशवाहा, प्रदेश महासचिव नागेंद्र सिंह, संगठन महामंत्री राजेश ठाकुर, संगठन मंत्री योगराज सिंह चौहान, अजय शर्मा, पवन भारद्वाज एडवोकेट, मनीष शर्मा, मानसिंह कुशवाह, कुंवर नुकूल राणा, कौशल राणा, अजय राणा और बिजेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। बताया गया कि इस दौरान जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन द्वारा विरोध करने की अनुमति नहीं देने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर विभिन्न थानों में ले जाया। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सवर्ण समाज के विरोध प्रदर्शन को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बिना डरे अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहे।4
- बांदीकुई । RTO की कार से हुआ एक्सीडेंट तो लोगों ने लगाई आरटीओ की क्लास , मैडम नहीं मान रही थी गलती , वायरल वीडियो जयपुर का बताया जा रहा है1
- दौसा स्थित पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार ऑफिस के ई-मेल पर एक धमकी भरा मैसेज मिला, जिसमें पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलने के बाद पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर डाकघर परिसर और उसमें चल रहे पासपोर्ट ऑफिस की जांच की और परिसर में मौजूद लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।1
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