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ओरछा में बेतवा नदी के कंचना घाट पर नहाते समय एक दुखद हादसा हो गया, जिसमें गहरे पानी में डूबने से एक युवक की जान चली गई। मृतक युवक, जिसका नाम हर्ष वर्मा बताया जा रहा है, अपने साथियों के साथ ओरछा घूमने आया था और नदी में नहा रहा था, तभी वह गहरे पानी में डूब गया। यह युवक उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शव को नदी से बाहर निकाला।
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ओरछा में बेतवा नदी के कंचना घाट पर नहाते समय एक दुखद हादसा हो गया, जिसमें गहरे पानी में डूबने से एक युवक की जान चली गई। मृतक युवक, जिसका नाम हर्ष वर्मा बताया जा रहा है, अपने साथियों के साथ ओरछा घूमने आया था और नदी में नहा रहा था, तभी वह गहरे पानी में डूब गया। यह युवक उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शव को नदी से बाहर निकाला।
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- झाँसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बी.टेक छात्रों ने छात्रवृत्ति और टैबलेट न मिलने को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। छात्रों के अनुसार, इस साल मार्च में ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे दी गई थी, लेकिन पहले वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक के सामान्य (जनरल) और एससी/एसटी वर्ग के किसी भी छात्र को अब तक छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं हुई है। विद्यार्थियों ने बताया कि उनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, और छात्रवृत्ति न मिलने के कारण उन्हें फीस जमा करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। छात्रवृत्ति के फॉर्म विभाग में कई बार जमा किए जाने के बावजूद, इस समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा निःशुल्क दिए जाने वाले टैबलेट भी बी.टेक छात्रों को अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनके अनुसार, टैबलेट के लिए भी तीन से चार बार आवेदन और आवश्यक दस्तावेज़ विभाग में जमा किए जा चुके हैं, फिर भी वितरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, छात्रों ने संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है कि छात्रवृत्ति की राशि जल्द से जल्द जारी की जाए और टैबलेट वितरण की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा किया जाए। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों को आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों से राहत मिल सकेगी और वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगे।2
- झांसी जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में जांच के नाम पर कथित तौर पर रुपए लिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि अस्पताल का एक कर्मचारी मरीजों से जांच के नाम पर रुपए लेकर अपनी जेब में रख रहा है। इस घटना के संबंध में mshila नामक व्यक्ति ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से भी इसकी शिकायत की गई है।3
- झाँसी के बिजौली क्षेत्र निवासी वृद्ध सियाराम ने आरोप लगाया है कि उनकी पुस्तैनी भूमि पर न्यायालय में वाद विचाराधीन होने के बावजूद अवैध निर्माण कराया जा रहा है। सियाराम के अनुसार, राजगढ़ स्थित उनकी यह भूमि, जो देशी शराब की दुकान के पीछे है, को लेकर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय, झांसी में एक वाद लंबित है। न्यायालय ने विपक्षी पक्ष को तलब किया है और मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2027 को निर्धारित की गई है। इसके बावजूद, विपक्षी पक्ष कथित तौर पर भूमि पर निर्माण कार्य कर रहा है। पीड़ित सियाराम का कहना है कि उन्होंने इस अवैध निर्माण के संबंध में कई बार डायल 112, थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन निर्माण कार्य को रोका नहीं गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कराने वाले लोग स्वामित्व संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। सियाराम ने बताया कि बुधवार को एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू होने पर डायल 112 को सूचना दी गई, फिर भी काम नहीं रुकवाया गया। वृद्ध सियाराम ने दोहराया है कि पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों के समक्ष बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल रुकवाने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- झांसी जिले के घुरैया निवासी मीरा देवी ने टहरौली थाने में एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उनके खेत पर लगे पेड़ों को काट दिया। मीरा देवी के अनुसार, जब उन्होंने इस कृत्य का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। पीड़िता का यह भी कहना है कि घटना के दौरान आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें धमकियां भी दीं। मीरा देवी ने इस पूरे मामले की शिकायत टहरौली थाना पुलिस से करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने और इन दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने की अपील की है।2
- आजाद समाज पार्टी की 'गांव चौपाल यात्रा' तीसरे दिन दतिया के बामरोल सहित लगभग दर्जन भर गांवों में पहुंची, जहाँ जनसैलाब उमड़ पड़ा। पार्टी के मंडल प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। बामरोल में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए दामोदर सिंह यादव ने दतिया की राजनीति और 'बाहरी नेताओं' पर सीधा हमला बोला, यह कहते हुए कि अब समय आ गया है कि 'फसाद की अम्मा को उखाड़ कर फेंकना पड़ेगा' और 'डबरा वाले को वापस डबरा भेजना पड़ेगा'। यादव ने ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए आरोप लगाया कि दतिया की जनता दशकों से बाहरी नेताओं की राजनीति का शिकार हो रही है, जो केवल चुनाव के समय आकर झूठे वादे करते हैं और जीतने के बाद पाँच साल तक मुड़कर नहीं देखते। उन्होंने जोर देकर कहा कि दतिया का बेटा ही यहाँ का दर्द समझ सकता है, जबकि बाहरी नेताओं ने भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को बढ़ावा दिया है। यादव ने दावा किया कि अब जनता जाग चुकी है और इस बार अपने बीच के, अपने सुख-दुख के साथी को विधानसभा भेजेगी। तीसरे दिन यह यात्रा बामरोल, बड़गांव, रवरी, हिनोतिया, चिरोल समेत करीब 11 गांवों में पहुंची, जहाँ दामोदर सिंह यादव ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। प्रमुख समस्याओं में बिजली कटौती, पेयजल संकट, जर्जर सड़कें और आवारा पशुओं की परेशानी शामिल थीं; किसानों ने नहरों में समय पर पानी न आने से फसल बर्बादी और युवाओं ने रोजगार न मिलने की शिकायत की। यादव ने सभी शिकायतों को डायरी में नोट किया और आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, साथ ही सत्ता में आने के 100 दिन के भीतर इन समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव सिर्फ विधायक चुनने का नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान को बचाने की लड़ाई है, और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग लगातार संविधान को कमजोर कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी सामाजिक न्याय और बराबरी की लड़ाई लड़ रही है। यात्रा में पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश गौतम, जिला प्रभारी शनि गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा मोर्चा के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता साथ थे, और ग्रामीणों ने जगह-जगह फूल-मालाओं से यात्रा का स्वागत किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। दामोदर सिंह यादव ने बताया कि 'गांव चौपाल यात्रा' दतिया विधानसभा के सभी 150 गांवों में जाएगी, जहाँ चौपालों के माध्यम से जनता का 'मांग पत्र' तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र बनेगा। उन्होंने अंत में कहा कि चुनाव जनता के मुद्दों पर लड़ा जाएगा, न कि जाति-धर्म के नाम पर।1
- दतिया में भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" अभियान के तहत "विकसित भारत संकल्प सम्मेलन" के रूप में किया गया। इस सम्मेलन में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विकसित भारत के संकल्प को लेकर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में संभाग प्रभारी अभय प्रताप सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा, जिला महामंत्री अतुल भूरे चौधरी, वरिष्ठ नेता रामदास झस्या और जिला महामंत्री संघमित्रा अहिरवार सहित जिला एवं मंडल के कई पदाधिकारी, मोर्चा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण हेतु संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना था, जिसके लिए सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया।1
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है। इस घटना से जुड़ा राहुल गांधी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।1
- झाँसी के ललितपुर रोड स्थित बिजौली में नहर के पास हजरत पीरकमाल शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का 27वां उर्स शरीफ एवं चादर शरीफ का भव्य आयोजन श्रद्धा, आस्था और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर सूफी परंपरा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उर्स के अवसर पर आयोजित कव्वाली मुकाबले में मशहूर कव्वालों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध रखा। सूफियाना कलाम, इश्क-ए-हकीकी और मानवता के संदेश से भरी इन प्रस्तुतियों को सुनकर श्रोताओं ने खूब दाद दी। आयोजन स्थल पर धार्मिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का एक अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि झाँसी केवल वीरता और शौर्य के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यह शहर सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की गौरवशाली परंपरा का भी प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि रानी लक्ष्मीबाई की वीरभूमि झाँसी ने हमेशा देशभक्ति, त्याग और भाईचारे का संदेश दिया है, और ऐसे धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। डॉ. सरावगी ने उपस्थित लोगों से राष्ट्रहित, सामाजिक सेवा और आपसी भाईचारे को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया, जिससे विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों के एक मंच पर आने से राष्ट्र की एकता और अखंडता और मजबूत हो सके। इस मौके पर संदीप नामदेव, अनुज प्रताप सिंह, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता, सुशांत गुप्ता, अनिल कुशवाहा, बसंत गुप्ता, मोहित सहित विशिष्ट अतिथि और क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उर्स कमेटी के संरक्षक मनोज कुमार दुबे, विशिष्ट अतिथि हाजी अहमद, उर्स कमेटी अध्यक्ष हरवंस लाल, उपाध्यक्ष सुबराती खांन, कव्वाल अमन अफजल शाबरी, कव्वाल सीबा परवीन, अध्यक्ष हरप्रसाद लाल, उपाध्यक्ष सुबराती खां और खादिम मो. अनीस अली शाह समेत उर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, कव्वालों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जनता के सहयोग से कार्यक्रम के सफल आयोजन की बात कही। यह कार्यक्रम देश, प्रदेश और समाज में सुख-शांति, समृद्धि और भाईचारे की दुआओं के साथ समाप्त हुआ।3
- झांसी के टहरौली में तेंदुआ–पसराई सड़क का निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया है, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। हालांकि, काम शुरू होते ही ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह सड़क पिछले लगभग छह महीनों से अधूरी पड़ी थी और इस पर केवल गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था, जिसके चलते राहगीरों, किसानों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बरसात और धूल के कारण स्थिति और भी खराब हो गई थी। अब ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर डामर बिछाने का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है और निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ–पसराई मार्ग गांव की मुख्य सड़क है, जिस पर प्रतिदिन स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान और सैकड़ों ग्रामीण आवागमन करते हैं। इसलिए, इस सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण होना बेहद आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार ही हो, ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े।2