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भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के झारखंड प्रदेश सचिव रामेश्वर गोप ने केंद्र सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों, लगातार बढ़ते शोषण और जबरन टारगेटिंग के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने आरोप लगाया है कि टारगेट पूरा न होने पर ग्रामीण डाक कर्मचारियों को जबरन 30-40 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने जैसी मनमानी की जा रही है। इस रवैये से कर्मियों के पारिवारिक जीवन और रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रामेश्वर गोप ने प्रदेश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों से इस दमनकारी नीति के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन को सक्रिय समर्थन देने की अपील की है। इस शोषण के विरोध में संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की पूरी रूपरेखा घोषित कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सभी ग्रामीण डाक कर्मचारी 20 जुलाई 2026 से 27 जुलाई 2026 तक अपने-अपने कार्यालयों में काला फीता बांधकर सेवा कार्य करेंगे। इसके बाद, 28 जुलाई 2026 को सभी डिविजन स्तर पर दोपहर के भोजनावकाश के बाद जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यदि फिर भी सुनवाई नहीं हुई, तो 5 अगस्त 2026 को पूरे परिमंडल में एक दिवसीय हड़ताल रखी जाएगी और मांगें न माने जाने पर 18 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। रामेश्वर गोप ने स्पष्ट किया कि यह चेतावनी और आन्दोलन सरकार की नीतियों के खिलाफ अंतिम विकल्प के रूप में उठाया जा रहा है। उन्होंने डाककर्मियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे पूरी तरह सफल बनाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी स्तर पर वार्ता की कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। फिलहाल राज्य स्तर पर संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से शीघ्र संवाद स्थापित करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।

22 hrs ago
user_Sanjay kumar
Sanjay kumar
Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
22 hrs ago

भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के झारखंड प्रदेश सचिव रामेश्वर गोप ने केंद्र सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों, लगातार बढ़ते शोषण और जबरन टारगेटिंग के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने आरोप लगाया है कि टारगेट पूरा न होने पर ग्रामीण डाक कर्मचारियों को जबरन 30-40 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने जैसी मनमानी की जा रही है। इस रवैये से कर्मियों के पारिवारिक जीवन और रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रामेश्वर गोप ने प्रदेश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों से इस दमनकारी नीति के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन को सक्रिय समर्थन देने की अपील की है। इस शोषण के विरोध में संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की पूरी रूपरेखा घोषित कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सभी ग्रामीण डाक कर्मचारी 20 जुलाई 2026 से 27 जुलाई 2026 तक अपने-अपने कार्यालयों में काला फीता बांधकर सेवा कार्य करेंगे। इसके बाद, 28 जुलाई 2026 को सभी डिविजन स्तर पर दोपहर के भोजनावकाश के बाद जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यदि फिर भी सुनवाई नहीं हुई, तो 5 अगस्त 2026 को पूरे परिमंडल में एक दिवसीय हड़ताल रखी जाएगी और मांगें न माने जाने पर 18 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। रामेश्वर गोप ने स्पष्ट किया कि यह चेतावनी और आन्दोलन सरकार की नीतियों के खिलाफ अंतिम विकल्प के रूप में उठाया जा रहा है। उन्होंने डाककर्मियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे पूरी तरह सफल बनाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी स्तर पर वार्ता की कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। फिलहाल राज्य स्तर पर संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से शीघ्र संवाद स्थापित करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।

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  • झारखंड के एक सरकारी ऑफिस में एक सरकारी कर्मचारी के डांस का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब सरकार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस वायरल वीडियो ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी कर्मचारी नौकरी मिल जाने के बाद अपने कर्तव्यों को पूरी तरह भूल जाते हैं।
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    झारखंड के एक सरकारी ऑफिस में एक सरकारी कर्मचारी के डांस का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब सरकार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस वायरल वीडियो ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी कर्मचारी नौकरी मिल जाने के बाद अपने कर्तव्यों को पूरी तरह भूल जाते हैं।
    user_Chandan Pathak
    Chandan Pathak
    Software Developer कांके, रांची, झारखंड•
    21 hrs ago
  • झारखंड में सोनम वांगचुक के समर्थन में तमाम आदिवासी संगठन पूरी तरह से उतर आए हैं। आदिवासी संगठनों ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सोनम वांगचुक के इस अभियान को गति देने और उनके पक्ष को मजबूती प्रदान करने के लिए राज्य के सभी आदिवासी संगठनों ने एकजुट होकर अपना पूर्ण समर्थन घोषित किया है।
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    झारखंड में सोनम वांगचुक के समर्थन में तमाम आदिवासी संगठन पूरी तरह से उतर आए हैं। आदिवासी संगठनों ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सोनम वांगचुक के इस अभियान को गति देने और उनके पक्ष को मजबूती प्रदान करने के लिए राज्य के सभी आदिवासी संगठनों ने एकजुट होकर अपना पूर्ण समर्थन घोषित किया है।
    user_Umesh Kumar
    Umesh Kumar
    Local News Reporter मांडू, रामगढ़, झारखंड•
    7 hrs ago
  • झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा 2024, जो 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी, उसमें एक बड़ा खेल सामने आया है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थी परीक्षा देने से सिर्फ इसलिए वंचित रह गए क्योंकि उन्हें सिटी इंफॉर्मेशन स्लिप ही परीक्षा खत्म होने के बाद प्राप्त हुई। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अभ्यर्थियों को फाइनल एडमिट कार्ड मिला ही नहीं, बल्कि केवल सिटी स्लिप दी गई थी। इस स्लिप पर साफ तौर पर लिखा था कि परीक्षा केंद्र के नाम वाला फाइनल e-Admit Card परीक्षा से 3 दिन पहले जारी किया जाएगा, लेकिन जब सिटी स्लिप ही देर से आई तो फाइनल एडमिट कार्ड कभी आया ही नहीं। लातेहार के अभ्यर्थी अमित कुमार गुप्ता के पास मौजूद ईमेल सबूत के तौर पर इस लापरवाही को उजागर करता है। अमित की परीक्षा सुबह 7:30 बजे निर्धारित थी, लेकिन उनकी सिटी स्लिप का नोटिफिकेशन परीक्षा वाले दिन शाम को 5:52 बजे आया। अमित ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में फॉर्म भरा था और वे दो साल से इसके लिए सेल्फ स्टडी कर रहे थे। परीक्षा से 2-3 दिन पहले से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश करने के बावजूद जब तक स्लिप डाउनलोड हुई, तब तक परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था। अमित ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मौका छीन लिया गया है। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी पवन कुमार मिश्रा को तो यह ईमेल अगले दिन यानी 20 जुलाई को सुबह 08:08 बजे प्राप्त हुआ। इस अव्यवस्था पर लातेहार के माकपा नेता अयूब खान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे घोर अन्याय बताते हुए कहा कि बच्चे भूख, प्यास और धूप सहकर दो साल तक मेहनत करते हैं और ऐन मौके पर सूचना का विलंब से आना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस लापरवाही से वंचित रह गए सभी छात्रों के लिए तुरंत दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
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    झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा 2024, जो 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी, उसमें एक बड़ा खेल सामने आया है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थी परीक्षा देने से सिर्फ इसलिए वंचित रह गए क्योंकि उन्हें सिटी इंफॉर्मेशन स्लिप ही परीक्षा खत्म होने के बाद प्राप्त हुई। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अभ्यर्थियों को फाइनल एडमिट कार्ड मिला ही नहीं, बल्कि केवल सिटी स्लिप दी गई थी। इस स्लिप पर साफ तौर पर लिखा था कि परीक्षा केंद्र के नाम वाला फाइनल e-Admit Card परीक्षा से 3 दिन पहले जारी किया जाएगा, लेकिन जब सिटी स्लिप ही देर से आई तो फाइनल एडमिट कार्ड कभी आया ही नहीं।

लातेहार के अभ्यर्थी अमित कुमार गुप्ता के पास मौजूद ईमेल सबूत के तौर पर इस लापरवाही को उजागर करता है। अमित की परीक्षा सुबह 7:30 बजे निर्धारित थी, लेकिन उनकी सिटी स्लिप का नोटिफिकेशन परीक्षा वाले दिन शाम को 5:52 बजे आया। अमित ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में फॉर्म भरा था और वे दो साल से इसके लिए सेल्फ स्टडी कर रहे थे। परीक्षा से 2-3 दिन पहले से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश करने के बावजूद जब तक स्लिप डाउनलोड हुई, तब तक परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था। अमित ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मौका छीन लिया गया है। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी पवन कुमार मिश्रा को तो यह ईमेल अगले दिन यानी 20 जुलाई को सुबह 08:08 बजे प्राप्त हुआ।

इस अव्यवस्था पर लातेहार के माकपा नेता अयूब खान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे घोर अन्याय बताते हुए कहा कि बच्चे भूख, प्यास और धूप सहकर दो साल तक मेहनत करते हैं और ऐन मौके पर सूचना का विलंब से आना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस लापरवाही से वंचित रह गए सभी छात्रों के लिए तुरंत दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
    user_Ashish Kumar Baidya
    Ashish Kumar Baidya
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    9 hrs ago
  • रांची के बुढ़मू में आल इंडिया बैंक पेंशन एंड रिटायरमेंट फेडरेशन द्वारा समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। इस दौरान फेडरेशन की ओर से बुढ़मू में एक सैंपलिंग वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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    रांची के बुढ़मू में आल इंडिया बैंक पेंशन एंड रिटायरमेंट फेडरेशन द्वारा समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। इस दौरान फेडरेशन की ओर से बुढ़मू में एक सैंपलिंग वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    22 hrs ago
  • रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के रिम्स (Rajendra Institute of Medical Sciences) में बने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 मंजिला और 310 बेड के आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान वहां कई खामियां सामने आईं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आश्रय स्थल की लिफ्ट खराब होने, कॉरिडोर में पानी होने, पाइपलाइन की समस्या और कैंटीन की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई।
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    रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के रिम्स (Rajendra Institute of Medical Sciences) में बने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 मंजिला और 310 बेड के आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। 

इस निरीक्षण के दौरान वहां कई खामियां सामने आईं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आश्रय स्थल की लिफ्ट खराब होने, कॉरिडोर में पानी होने, पाइपलाइन की समस्या और कैंटीन की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई।
    user_Ranchi Club Tv
    Ranchi Club Tv
    Media house कांके, रांची, झारखंड•
    6 hrs ago
  • झारखंड के लोहरदगा में 8 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। इस विवाद में पहले पक्ष ने गंभीर आरोप लगाया है कि एक तीसरा पक्ष लाठी लेकर उन्हें मारने के लिए आता है।
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    झारखंड के लोहरदगा में 8 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। इस विवाद में पहले पक्ष ने गंभीर आरोप लगाया है कि एक तीसरा पक्ष लाठी लेकर उन्हें मारने के लिए आता है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • नई दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी तनाव देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन को रोकने के लिए मार्ग में कई जगह कड़े सुरक्षा इंतजामों के तहत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। ग्राउंड विजुअल्स में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच की तनातनी और तनावपूर्ण माहौल साफ दिखाई दे रहा है। इस संसद मार्च और छात्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस द्वारा आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। रांची क्लब टीवी की इस ग्राउंड रिपोर्ट में संसद सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद तक के पूरे घटनाक्रम और मौके के सुरक्षा हालातों को दिखाया गया है।
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    नई दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी तनाव देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन को रोकने के लिए मार्ग में कई जगह कड़े सुरक्षा इंतजामों के तहत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। ग्राउंड विजुअल्स में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच की तनातनी और तनावपूर्ण माहौल साफ दिखाई दे रहा है।

इस संसद मार्च और छात्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस द्वारा आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। रांची क्लब टीवी की इस ग्राउंड रिपोर्ट में संसद सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद तक के पूरे घटनाक्रम और मौके के सुरक्षा हालातों को दिखाया गया है।
    user_Ranchi Club Tv
    Ranchi Club Tv
    Media house कांके, रांची, झारखंड•
    4 hrs ago
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