बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपैडीहा बीआईटी चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 42वीं वाहिनी ने एक विशेष सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी और बाल श्रम के एक प्रयास को विफल कर एक नेपाली नाबालिग बालक को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया। इस मामले में पूछताछ के बाद एक नेपाली महिला को आवश्यक सत्यापन और अग्रिम कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। यह घटना 11 जून की शाम लगभग 6:10 बजे की है, जब 42वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के जाजरकोट जिले की एक महिला नाबालिग बच्चों को भारत में रोजगार का प्रलोभन देकर ले जाने का प्रयास कर रही है और संभवतः रूपैडीहा चेकपोस्ट से भारत में प्रवेश करेगी। इस सूचना के आधार पर चेकपोस्ट पर निगरानी और जांच को तुरंत मजबूत किया गया। गहन जांच और काउंसलिंग के दौरान, नेपाल के जाजरकोट निवासी 23 वर्षीय सरिता सुनार और 14 वर्षीय जीवन नेपाली को सीमा पार करने से रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला सरिता सुनार ने बालक को जानने या उसके साथ यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), देहात इंडिया (एनजीओ) और एसएसबी अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, नाबालिग बालक ने खुलासा किया कि वह घर से भागकर नेपालगंज पहुंचा था, जहाँ उसकी मुलाकात सरिता सुनार से हुई थी। बालक के अनुसार, महिला ने उसे भारत के कारगिल (लद्दाख) क्षेत्र में निर्माण कार्य में रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था और उसे अपने साथ भारत ले जा रही थी। बालक ने यह भी बताया कि उक्त महिला नियमित रूप से मजदूरों को भारत ले जाने का काम करती है। एसएसबी द्वारा बालक की माता से संपर्क किया गया, जिन्होंने पुष्टि की कि उनका पुत्र घर से बिना बताए चला गया था और वे सरिता सुनार को नहीं जानती थीं; उन्होंने अपने पुत्र को भारत जाने से रोकने का अनुरोध किया। पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर, इस मामले को बाल संरक्षण और श्रम शोषण की आशंका से जुड़ा मानते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। सभी कानूनी औपचारिकताएं और काउंसलिंग पूरी होने के बाद, नाबालिग बालक को एएचटीयू और नेपाल पुलिस की उपस्थिति में नेपाल स्थित संस्था "शांतिपूर्ण स्थापना गृह" को देखभाल और पुनर्वास के लिए सौंप दिया गया। वहीं, सरिता सुनार को सत्यापन और अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु नेपाल पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। इस अवसर पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच के कमांडेंट गिरीश चन्द्र पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम समाज के लिए गंभीर चुनौतियां हैं, और सीमा क्षेत्र में बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में स्थानीय प्रशासन, एएचटीयू और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। एसएसबी की इस कार्रवाई को सीमा क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और सतर्क निगरानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है, साथ ही यह अभियान सीमा पार होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और समय रहते आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध हुआ है।
बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपैडीहा बीआईटी चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 42वीं वाहिनी ने एक विशेष सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी और बाल श्रम के एक प्रयास को विफल कर एक नेपाली नाबालिग बालक को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया। इस मामले में पूछताछ के बाद एक नेपाली महिला को आवश्यक सत्यापन और अग्रिम कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। यह घटना 11 जून की शाम लगभग 6:10 बजे की है, जब 42वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के जाजरकोट जिले की एक महिला नाबालिग बच्चों को भारत में रोजगार का प्रलोभन देकर ले जाने का प्रयास कर रही है और संभवतः रूपैडीहा चेकपोस्ट से भारत में प्रवेश करेगी। इस सूचना के आधार पर चेकपोस्ट पर निगरानी
और जांच को तुरंत मजबूत किया गया। गहन जांच और काउंसलिंग के दौरान, नेपाल के जाजरकोट निवासी 23 वर्षीय सरिता सुनार और 14 वर्षीय जीवन नेपाली को सीमा पार करने से रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला सरिता सुनार ने बालक को जानने या उसके साथ यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), देहात इंडिया (एनजीओ) और एसएसबी अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, नाबालिग बालक ने खुलासा किया कि वह घर से भागकर नेपालगंज पहुंचा था, जहाँ उसकी मुलाकात सरिता सुनार से हुई थी। बालक के अनुसार, महिला ने उसे भारत के कारगिल (लद्दाख) क्षेत्र में निर्माण कार्य में रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था और उसे अपने साथ भारत ले जा रही थी।
बालक ने यह भी बताया कि उक्त महिला नियमित रूप से मजदूरों को भारत ले जाने का काम करती है। एसएसबी द्वारा बालक की माता से संपर्क किया गया, जिन्होंने पुष्टि की कि उनका पुत्र घर से बिना बताए चला गया था और वे सरिता सुनार को नहीं जानती थीं; उन्होंने अपने पुत्र को भारत जाने से रोकने का अनुरोध किया। पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर, इस मामले को बाल संरक्षण और श्रम शोषण की आशंका से जुड़ा मानते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। सभी कानूनी औपचारिकताएं और काउंसलिंग पूरी होने के बाद, नाबालिग बालक को एएचटीयू और नेपाल पुलिस की उपस्थिति में नेपाल स्थित संस्था "शांतिपूर्ण स्थापना गृह" को देखभाल और पुनर्वास के लिए सौंप दिया गया। वहीं, सरिता सुनार को सत्यापन और अग्रिम कानूनी कार्रवाई
हेतु नेपाल पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। इस अवसर पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच के कमांडेंट गिरीश चन्द्र पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम समाज के लिए गंभीर चुनौतियां हैं, और सीमा क्षेत्र में बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में स्थानीय प्रशासन, एएचटीयू और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। एसएसबी की इस कार्रवाई को सीमा क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और सतर्क निगरानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है, साथ ही यह अभियान सीमा पार होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और समय रहते आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध हुआ है।
- बहराइच शहर के सूफीपुरा सिविल लाइन क्षेत्र में, दीनदयाल उपाध्याय नगर में स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के पास, बड़े मंगल के शुभ और पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस महाउत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए और श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया। भंडारे के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा, जहाँ सभी ने एक-दूसरे को बड़े मंगल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। आयोजकों ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में भाईचारा, सेवा और सद्भावना का संदेश देते हैं। सभी श्रद्धालुओं को बड़े मंगल की हार्दिक शुभकामनाएं और जय श्री राम हनुमान।1
- बहराइच में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देशों के बाद होटलों की गहन जाँच शुरू की गई है। इसी क्रम में, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने फायर विभाग और पुलिस टीम के साथ मिलकर शहर के 7 से अधिक संचालित होटलों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इन छापों के दौरान प्रशासनिक टीमों ने होटलों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ उनके महत्वपूर्ण अभिलेखों, नक़्शे, फायर सुरक्षा उपायों और आपातकालीन निकासी (एग्ज़िट) समेत अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायज़ा लिया। छापेमारी में पाई गई अव्यवस्थाओं को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने होटल संचालकों पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और उन्हें जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक इन होटलों में सभी व्यवस्थाएं ठीक नहीं हो जातीं, तब तक इन्हें बंद रखा जाए।1
- Post by सकील अहमद1
- गुरघुटटा चौकी के पास मोहर्रम के त्यौहार को लेकर एक पीस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में नानपारा के कोतवाल साहब ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम के जुलूस निकालने का अधिकार सभी को है, लेकिन इस दौरान शामिल होने वाले सभी जिम्मेदार लोगों को विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो भविष्य में केवल उन्हीं लोगों को बुलाया जाएगा जिनके नाम पहले से रजिस्टर में दर्ज हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कोतवाली नानपारा क्षेत्र के अंतर्गत एक पेट्रोल पंप पर सोमवार दोपहर दिनदहाड़े दो युवकों ने 95 हजार रुपये की नकदी चुरा ली। यह घटना पूर्व बस स्टैंड के पास स्थित आलोक ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पंप पर हुई, जहाँ स्टाफ हरिपाल कार्यालय में नकदी की गिनती कर रहे थे। बताया गया है कि दोनों युवक मोबिल खरीदने के बहाने पेट्रोल पंप के कार्यालय में पहुंचे और पहले दो लीटर मोबिल खरीदा। कुछ देर बाद उन्होंने मोबिल वापस करने की बात कही। जब स्टाफ हरिपाल मोबिल को वापस रैक में रखने के लिए आगे बढ़े, तो युवकों ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए वहां रखी 95 हजार रुपये की नकदी की गड्डी उठाई और तुरंत मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पेट्रोल पंप कर्मियों में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली नानपारा पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपित युवकों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्ध युवकों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की जांच जारी है।2
- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक भंडारे के दौरान एक बुज़ुर्ग मुस्लिम व्यक्ति को प्रसाद की थाली देने से पहले 'जय श्रीराम' बोलने के लिए कहा जा रहा है। वायरल दावों के अनुसार, व्यक्ति द्वारा नारा लगाने के बाद ही उसे प्रसाद की थाली दी गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक सौहार्द के ख़िलाफ़ बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे सामान्य धार्मिक अभिव्यक्ति का हिस्सा मान रहे हैं। हालांकि, वीडियो की परिस्थितियों और इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है, और प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक बयान का इंतज़ार है। इस घटना ने धार्मिक संवेदनशीलता और सामाजिक सद्भाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में बाइक पार्किंग को लेकर हुआ एक मामूली विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान गुस्से में आए आरोपी ने एक युवक पर सरेआम गोली चला दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस घटना पर तेजी दिखाते हुए महज चौबीस घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, वारदात में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद कर लिया गया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा समाज के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।1
- Post by सकील अहमद1