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बागपत के पुरामहादेव मंदिर में आयोजित कांवड़ मेले के संदर्भ में मुख्यमंत्री संत योगीजी की सराहना की गई है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो स्वयं को ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक बताते हैं, ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश के सभी तीर्थ स्थलों पर दर्शन के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के लिए सुखमय यात्रा सुनिश्चित करने के उनके संकल्प और सरकार के अथक परिश्रम के लिए विशेष साधुवाद और हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने सुंदर पर्यटन स्थलों पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी सराहना की।
कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषी
बागपत के पुरामहादेव मंदिर में आयोजित कांवड़ मेले के संदर्भ में मुख्यमंत्री संत योगीजी की सराहना की गई है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो स्वयं को ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक बताते हैं, ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश के सभी तीर्थ स्थलों पर दर्शन के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के लिए सुखमय यात्रा सुनिश्चित करने के उनके संकल्प और सरकार के अथक परिश्रम के लिए विशेष साधुवाद और हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने सुंदर पर्यटन स्थलों पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी सराहना की।
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- मिली जानकारी के अनुसार, कॉलिंग कार्ड बनाने के तरीके के संबंध में एक प्रश्न उठाया गया है। यह प्रश्न इस बात पर केंद्रित है कि कॉलिंग कार्ड का निर्माण कैसे किया जाए।1
- गाजियाबाद में प्रशासन द्वारा अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, खोड़ा थाना क्षेत्र के लोकप्रिया विहार में प्रशासन ने तीन मदरसों को चिन्हित किया है। इन चिन्हित मदरसों में से एक पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जिसके तहत उसकी बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है और वहां एक नोटिस भी चस्पा किया गया है।1
- गाजियाबाद और हापुड़ जिले के पच्चीस युवा आज मुजफ्फरनगर के खतौली के लिए रवाना हुए। ये युवा राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा आयोजित 'शौर्य प्रशिक्षण वर्ग' में भाग लेंगे, जिसे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद की युवा शाखा संचालित कर रही है। यह प्रशिक्षण वर्ग 2 जून से 8 जून तक चलेगा, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीस जिलों के शिक्षार्थी हिस्सा लेंगे। रवानगी के अवसर पर, प्रदेश महामंत्री गौरव राघव ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है, और देश को महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, भगत सिंह तथा चंद्रशेखर आजाद जैसे साहसी एवं राष्ट्रभक्त विचारों वाले युवाओं की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में युवाओं को मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षार्थियों को रस्सी चढ़ना, जूडो-कराटे, बाधा दौड़ और निशानेबाजी सहित विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास कराया जाएगा। जिलाध्यक्ष पवन तोमर ने जोर देकर कहा कि मजबूत और प्रशिक्षित युवा ही राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान, तहसील अध्यक्ष देवेंद्र ने सभी युवाओं का तिलक लगाकर उन्हें मातृभूमि की रक्षा का संकल्प दिलाया। रवानगी के अवसर पर शिवम चौहान, अभय तोमर, तुषार शुक्ला, आर्यन तोमर, हिमांशु शर्मा, देव तोमर, प्रत्युष तोमर, उदित शर्मा, कुलदीप तोमर सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटोजा थाना क्षेत्र में एक शव बरामद हुआ है। इस घटना के संबंध में पुलिस उपायुक्त गोपाल कृष्ण ने जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र में हापुड़ निवासी 23 वर्षीय तुषार त्यागी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका खून से लथपथ शव अपनी ही स्कॉर्पियो गाड़ी की चालक सीट पर पड़ा मिला, जिसमें उनके सिर में तीन गोलियां लगी थीं। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव और कोहराम फैल गया। मृतक की बहन मोना ने रोते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है कि 1 जून की रात करीब 8:00 बजे तुषार के पास किसी व्यक्ति का फोन आया था, जिसने खुद को भूखा बताकर उससे खाना लाने का अनुरोध किया था। तुषार खाना लेकर अपनी स्कॉर्पियो से घर से निकले थे। बताया गया है कि मौत के घाट उतारे जाने से ठीक पहले तुषार ने अपनी पत्नी को फोन कर खुद के किडनैप होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद से परिजन किसी अनहोनी की आशंका से परेशान थे। इसके कुछ ही देर बाद अपराधियों ने तुषार को बेहद करीब से निशाना बनाते हुए उसके सिर और गर्दन में गोलियां दाग दीं, जिससे दो मासूमों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। खरखौदा स्थित एनसीआर मेडिकल कॉलेज के पास जंगल में उनकी स्कॉर्पियो में खून से सना शव मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी रात के अंधेरे में पांची पुल के पास घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की टीमों ने टॉर्च और गाड़ियों की रोशनी में मौके पर गहन तफ्तीश की, जहां भारी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए थे। भारी हंगामे और नोकझोंक के बीच खरखौदा थाना पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।2
- राव प्रदीप द्वारा साझा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है: क्या होता है जब कोर्ट सज़ा सुना दे, लेकिन व्यक्ति को तुरंत जेल न जाना पड़े? इस पोस्ट में खुशी जाहिर करने वाले इमोजी के साथ, कानूनी जागरूकता से संबंधित इस विषय पर प्रकाश डाला गया है। पोस्ट में 'सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस' (सज़ा पर रोक) और 'बेल' (जमानत) जैसे कानूनी पहलुओं का उल्लेख किया गया है, जो यह समझाने में मदद करते हैं कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हो सकती है। यह चर्चा कानून, अदालत, वकीलों, अदालती मामलों और आपराधिक कानून जैसे विषयों से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य यह समझाना है कि सज़ा मिलने के बाद भी कुछ विशेष परिस्थितियों में व्यक्ति को तुरंत जेल जाने से छूट मिल सकती है।1
- गाजियाबाद के लोनी थाना पुलिस ने गनौली गोलीकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास और अपहरण के मुकदमे में वांछित आरोपियों को संरक्षण देने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 30 मई 2026 को गनौली गांव में सामने आया था, जहाँ पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को गोली मारकर उसका अपहरण कर लिया गया था। इस संबंध में थाना लोनी पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना में यह खुलासा हुआ कि फरार आरोपियों को उनके परिजन, विशेषकर महिलाएं, संरक्षण दे रही थीं। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने 2 जून को आरोपी मोहित की मां मंदू देवी और उसकी ताई संतरेश देवी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने पुरानी रंजिश के कारण आरोपियों का सहयोग किया था। पुलिस का कहना है कि मुख्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- हापुड़ के गढ़ रोड स्थित देव नंदिनी अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात शिशु की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। गिरधारी नगर निवासी ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि उनकी पत्नी अपूर्वी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने पहले सामान्य प्रसव का प्रयास किया, लेकिन बाद में ऑपरेशन की सलाह दी, जिसके बाद सोमवार को ऑपरेशन के जरिए उनके पुत्र का जन्म हुआ। परिजनों का आरोप है कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे मशीन पर रखा गया। उन्होंने बच्चे को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की बात कही थी, लेकिन चिकित्सकों ने अपने स्तर पर ही इलाज जारी रखने का भरोसा दिया। ऋषभ के अनुसार, मंगलवार तड़के अस्पताल से फोन कर बताया गया कि बच्चे को एक महंगा इंजेक्शन लगाना होगा और उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें नवजात की मौत की जानकारी दी गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधक डॉ. श्याम कुमार का कहना है कि नवजात की हालत जन्म के बाद से ही गंभीर थी। उसे बचाने के लिए सभी आवश्यक उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि नवजात की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और फिलहाल परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1