रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल _जिला अस्पताल से देर रात शहडोल रेफर की गई प्रसूता ने रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर ही बेटे को जन्म दे दिया। अमहा के करीब हाईवे पर अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।इस दौरान इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित तरीके से करकेली अस्पताल पहुंचाया,जहां देर रात दोनों को भर्ती कराया गया।मुख्यालय से सटे ग्राम महिमार निवासी 31 वर्षीय प्रेम बाई पति मोती कोल को एक दिन पहले असहनीय प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बताया जा रहा है कि प्रसूता का पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका था,बावजूद इसके यह उसकी पांचवीं डिलीवरी थी।पूर्व में जन्मे एक पुत्र की मृत्यु भी हो चुकी है।अस्पताल में प्रसूता की स्थिति एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताई गई,जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर कर दिया गया।हालांकि,रेफरल के कुछ ही देर बाद रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर प्रसव हो जाना अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।_ _जब प्रसूता प्रसव के इतने करीब थी कि रेफर के कुछ ही समय बाद हाईवे पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा,तो रेफर करने से पहले उसकी स्थिति का आकलन किस स्तर पर किया गया?क्या उसे रात करीब 1 बजे रेफर करना ही एकमात्र विकल्प था? यह सवाल अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहा है।_ _मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि प्रसूता को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे असहनीय प्रसव पीड़ा की शिकायत थी।ऐसे में देर रात रेफरल का निर्णय मानवीय और चिकित्सकीय दोनों दृष्टि से जांच का विषय बनता है।खासकर तब, जब यह उसकी पांचवीं डिलीवरी बताई जा रही है और पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका है।इस पूरे घटनाक्रम में एम्बुलेंस कर्मियों की भूमिका जरूर राहत देने वाली रही।हाईवे पर चलते वाहन में प्रसव की स्थिति बनने के बावजूद ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्परता दिखाई और प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को देर रात करकेली अस्पताल पहुंचाया। लेकिन एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता जिला अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह खत्म नहीं करती।जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय पदस्थ हैं,जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी बताई जा रही है।पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ.प्रमोद द्विवेदी और डॉ.सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की यह कमी प्रसूता एवं अन्य गंभीर मरीजों के उपचार में कितनी बड़ी चुनौती है,यह भी सामने आना जरूरी है।एक तरफ अस्पताल में प्रसव पीड़ा से जूझती महिला,दूसरी तरफ आधी रात शहडोल का रेफरल और फिर अस्पताल से निकलने के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में जन्म लेता नवजात,यह पूरा घटनाक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल छोड़ गया है।_ _सवाल यह नहीं कि रास्ते में प्रसव क्यों हुआ,बल्कि सवाल यह है कि रेफरल की जरूरत क्यों पड़ी,निर्णय किस चिकित्सकीय आधार पर लिया गया और क्या जिला अस्पताल में प्रसूता को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी?इन सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित चिकित्सकों के स्पष्टीकरण से ही सामने आ सकेगा।_
रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल _जिला अस्पताल से देर रात शहडोल रेफर की गई प्रसूता ने रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर ही बेटे को जन्म दे दिया। अमहा के करीब हाईवे पर अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।इस दौरान इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित तरीके से करकेली अस्पताल पहुंचाया,जहां देर रात दोनों को भर्ती कराया गया।मुख्यालय से सटे ग्राम महिमार निवासी 31 वर्षीय प्रेम बाई पति मोती कोल को एक दिन पहले असहनीय प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बताया जा रहा है कि प्रसूता का पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका था,बावजूद इसके यह उसकी पांचवीं डिलीवरी थी।पूर्व में जन्मे एक पुत्र की मृत्यु भी हो चुकी है।अस्पताल में प्रसूता की स्थिति एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताई गई,जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर कर दिया गया।हालांकि,रेफरल के कुछ ही देर बाद रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर प्रसव हो जाना अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।_ _जब प्रसूता प्रसव के इतने करीब थी कि रेफर के कुछ ही समय बाद हाईवे पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा,तो रेफर करने से पहले उसकी स्थिति का आकलन किस स्तर पर किया गया?क्या उसे रात करीब 1 बजे रेफर करना ही एकमात्र विकल्प था? यह सवाल अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहा है।_ _मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि प्रसूता को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे असहनीय प्रसव पीड़ा की शिकायत थी।ऐसे में देर रात रेफरल का निर्णय मानवीय और चिकित्सकीय दोनों दृष्टि से जांच का विषय बनता है।खासकर तब, जब यह उसकी पांचवीं डिलीवरी बताई जा रही है और पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका है।इस पूरे घटनाक्रम में एम्बुलेंस कर्मियों की भूमिका जरूर राहत देने वाली रही।हाईवे पर चलते वाहन में प्रसव की स्थिति बनने के बावजूद ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्परता दिखाई और प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को देर रात करकेली अस्पताल पहुंचाया। लेकिन एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता जिला अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह खत्म नहीं करती।जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय पदस्थ हैं,जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी बताई जा रही है।पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ.प्रमोद द्विवेदी और डॉ.सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की यह कमी प्रसूता एवं अन्य गंभीर मरीजों के उपचार में कितनी बड़ी चुनौती है,यह भी सामने आना जरूरी है।एक तरफ अस्पताल में प्रसव पीड़ा से जूझती महिला,दूसरी तरफ आधी रात शहडोल का रेफरल और फिर अस्पताल से निकलने के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में जन्म लेता नवजात,यह पूरा घटनाक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल छोड़ गया है।_ _सवाल यह नहीं कि रास्ते में प्रसव क्यों हुआ,बल्कि सवाल यह है कि रेफरल की जरूरत क्यों पड़ी,निर्णय किस चिकित्सकीय आधार पर लिया गया और क्या जिला अस्पताल में प्रसूता को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी?इन सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित चिकित्सकों के स्पष्टीकरण से ही सामने आ सकेगा।_
- हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर उमरिया नगर सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई । महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह स्मृति की याद में मनाया जाता है । तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह व्रत धारण करती है ।1
- उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।4
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा1
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल1
- राम भगत सोनी कीendara न नष्ट हो गयादशक गया राम भगत सोनी के द्वारा धस गया एक महीना पहले की बात है पानी खूब भरी बरसात के कारण जितना ग्राम पोस्ट चित्र2
- धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव सख्त निर्देश अपराधी को बक्सा नहीं जाएगा सागर में आज हमारी पुलिस ने एनकाउंटर की कार्रवाई की है। हमारी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।कल भी अपराधियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। अपराध और अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1