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आज रात मेरठ जिले के एक गांव में हुई बारिश के कारण गंदा पानी कब्रिस्तान में भर गया है। इसी कब्रिस्तान के पास स्थित एक सरकारी स्कूल का गेट भी टूटा हुआ है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है।

4 days ago
user_आरिफ राजपूत
आरिफ राजपूत
मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
4 days ago

आज रात मेरठ जिले के एक गांव में हुई बारिश के कारण गंदा पानी कब्रिस्तान में भर गया है। इसी कब्रिस्तान के पास स्थित एक सरकारी स्कूल का गेट भी टूटा हुआ है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रोडवेज बस स्टैंड पर एक बुजुर्ग यात्री की जेब काट ली गई, जब वह बस में चढ़ रहे थे। बुधवार को हुई इस घटना में जेबकतरे ने भीड़ का फायदा उठाकर बुजुर्ग की जेब से रुपये उड़ा लिए। इस पूरी वारदात से बुजुर्ग यात्री अनजान रहे, लेकिन बस में बैठे एक अन्य यात्री ने अपनी मोबाइल कैमरे में जेबकतरे की इस करतूत को कैद कर लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे जेबकतरा चालाकी से बुजुर्ग की जेब से पैसे निकाल रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई। कोतवाली पुलिस अब वायरल वीडियो और बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जेबकतरे की तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस स्टैंड और बसों में भीड़भाड़ के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहें और अपने कीमती सामान व नकदी को सुरक्षित रखें।
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    उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रोडवेज बस स्टैंड पर एक बुजुर्ग यात्री की जेब काट ली गई, जब वह बस में चढ़ रहे थे। बुधवार को हुई इस घटना में जेबकतरे ने भीड़ का फायदा उठाकर बुजुर्ग की जेब से रुपये उड़ा लिए।

इस पूरी वारदात से बुजुर्ग यात्री अनजान रहे, लेकिन बस में बैठे एक अन्य यात्री ने अपनी मोबाइल कैमरे में जेबकतरे की इस करतूत को कैद कर लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे जेबकतरा चालाकी से बुजुर्ग की जेब से पैसे निकाल रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई। कोतवाली पुलिस अब वायरल वीडियो और बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जेबकतरे की तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस स्टैंड और बसों में भीड़भाड़ के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहें और अपने कीमती सामान व नकदी को सुरक्षित रखें।
    user_Mohd Waseem
    Mohd Waseem
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सीएम योगी ने ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले कर्मियों को लेकर एक सख्त संदेश दिया है।
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    सीएम योगी ने ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले कर्मियों को लेकर एक सख्त संदेश दिया है।
    user_Ground News 24x7
    Ground News 24x7
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मेरठ के गणेश बिहार स्थित नीलकंठ माता वाली गली, भोलारोड, तहसील सदर मेरठ, नगर निगम मेरठ के वार्ड 15 (पिन कोड 250002) में चल रहे सड़क निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सड़क निर्माण का काम बेहद धीमा है और इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया गया है कि आरसीसी (RCC) की मोटाई केवल दो, ढाई या तीन इंच है, और इसका ढलान भी सही नहीं बनाया गया है, जिसके चलते पानी का बहाव उल्टा हो रहा है। निर्माण के दौरान ही सड़क कई जगह से टूट गई है, बैठ गई है और धंस गई है, जो इसकी खराब गुणवत्ता का प्रमाण है। इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत लाभ या निजी स्वार्थ के लिए कुछ नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि समस्या का समाधान जनता के हित में हो। इस संदर्भ में, उन्होंने मोदी और योगी सरकार तथा पुलिस प्रशासन के राज में भ्रष्टाचार की गुंजाइश न होने की बात पर जोर देते हुए मौजूदा स्थिति पर निराशा व्यक्त की। अपनी मांग और भावनाओं को "जय हिंद, जय भारत" के नारों के साथ व्यक्त किया गया।
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    मेरठ के गणेश बिहार स्थित नीलकंठ माता वाली गली, भोलारोड, तहसील सदर मेरठ, नगर निगम मेरठ के वार्ड 15 (पिन कोड 250002) में चल रहे सड़क निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सड़क निर्माण का काम बेहद धीमा है और इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया गया है कि आरसीसी (RCC) की मोटाई केवल दो, ढाई या तीन इंच है, और इसका ढलान भी सही नहीं बनाया गया है, जिसके चलते पानी का बहाव उल्टा हो रहा है।

निर्माण के दौरान ही सड़क कई जगह से टूट गई है, बैठ गई है और धंस गई है, जो इसकी खराब गुणवत्ता का प्रमाण है। इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत लाभ या निजी स्वार्थ के लिए कुछ नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि समस्या का समाधान जनता के हित में हो।

इस संदर्भ में, उन्होंने मोदी और योगी सरकार तथा पुलिस प्रशासन के राज में भ्रष्टाचार की गुंजाइश न होने की बात पर जोर देते हुए मौजूदा स्थिति पर निराशा व्यक्त की। अपनी मांग और भावनाओं को "जय हिंद, जय भारत" के नारों के साथ व्यक्त किया गया।
    user_सावित्री चोधरी
    सावित्री चोधरी
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मेरठ में अवैध कॉलोनियों का विस्तार लगातार एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रशासनिक कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद पिछले तीन वर्षों में जिले में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 366 से बढ़कर 471 तक पहुँच गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इस बेरोकटोक विस्तार से न केवल शहरी नियोजन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि भविष्य में इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ कानूनी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भारी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि लगातार अभियान चलाने के बावजूद अवैध कॉलोनियों की संख्या में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी नियमों को दरकिनार कर कई स्थानों पर प्लॉटिंग और निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही है। ऐसे में, संबंधित विभागों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके और शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। मेरठ में अवैध कॉलोनियों की यह बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, और आने वाले दिनों में इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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    मेरठ में अवैध कॉलोनियों का विस्तार लगातार एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रशासनिक कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद पिछले तीन वर्षों में जिले में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 366 से बढ़कर 471 तक पहुँच गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

इस बेरोकटोक विस्तार से न केवल शहरी नियोजन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि भविष्य में इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ कानूनी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भारी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि लगातार अभियान चलाने के बावजूद अवैध कॉलोनियों की संख्या में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी नियमों को दरकिनार कर कई स्थानों पर प्लॉटिंग और निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही है।

ऐसे में, संबंधित विभागों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके और शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। मेरठ में अवैध कॉलोनियों की यह बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, और आने वाले दिनों में इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
    user_SACHIN SHIVALIA
    SACHIN SHIVALIA
    Journalist Meerut, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन बाबा ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक गाय को राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस उद्देश्य से, संगठन ने शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज 1008 को एक ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन बाबा ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाए जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
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    भारतीय किसान यूनियन बाबा ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक गाय को राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस उद्देश्य से, संगठन ने शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज 1008 को एक ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन बाबा ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाए जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
    user_Media fast news 24
    Media fast news 24
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मेरठ के जानी रोहटा स्थित एनिमल केयर फाउंडेशन के प्रदेश सदस्य संदीप ठाकुर और उनकी पूरी टीम, सनातन आस्था से प्रेरित होकर, जीवों के प्रति असीम दया भाव और गहन आस्था प्रदर्शित कर रही है। उनके इस निस्वार्थ सेवा कार्य को देखकर हर कोई दंग रह जाता है। यह टीम 'भक्ति ना जानू भाव ना जानू, शिव मेरे मैं शिव को मानू' के पवित्र सिद्धांत का पालन करते हुए, सभी जीवित प्राणियों के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण दिखा रही है।
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    मेरठ के जानी रोहटा स्थित एनिमल केयर फाउंडेशन के प्रदेश सदस्य संदीप ठाकुर और उनकी पूरी टीम, सनातन आस्था से प्रेरित होकर, जीवों के प्रति असीम दया भाव और गहन आस्था प्रदर्शित कर रही है। उनके इस निस्वार्थ सेवा कार्य को देखकर हर कोई दंग रह जाता है। यह टीम 'भक्ति ना जानू भाव ना जानू, शिव मेरे मैं शिव को मानू' के पवित्र सिद्धांत का पालन करते हुए, सभी जीवित प्राणियों के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण दिखा रही है।
    user_PARUL SIROHI BC MEERUT
    PARUL SIROHI BC MEERUT
    सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • गाजियाबाद के मोदीनगर में टिकटों की खरीद-फरोख्त को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। सोशल मीडिया पर 'अनुष्का पनवर' द्वारा साझा की गई एक पोस्ट में पूछा गया है कि क्या मोदीनगर में पैसे देकर टिकट खरीदे जा रहे हैं। पोस्ट में योगी आदित्यनाथ और भाजपा से जुड़े हैशटैग तथा उल्लेख भी शामिल हैं, जो इस मामले के संभावित राजनीतिक पहलू की ओर इशारा करते हैं।
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    गाजियाबाद के मोदीनगर में टिकटों की खरीद-फरोख्त को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। सोशल मीडिया पर 'अनुष्का पनवर' द्वारा साझा की गई एक पोस्ट में पूछा गया है कि क्या मोदीनगर में पैसे देकर टिकट खरीदे जा रहे हैं। पोस्ट में योगी आदित्यनाथ और भाजपा से जुड़े हैशटैग तथा उल्लेख भी शामिल हैं, जो इस मामले के संभावित राजनीतिक पहलू की ओर इशारा करते हैं।
    user_प्रमोद कुमार कश्यप
    प्रमोद कुमार कश्यप
    Farmer मोदीनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मेरठ में ज़मीन और संपत्तियों की कीमतों में अचानक हुई तेज़ी ने ख़रीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शहर के कई इलाक़ों में ज़मीन के दाम बढ़ने की ख़बरों के बाद लोगों के बीच इस पर ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, विकास परियोजनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश के कारण कई क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग बढ़ी है। इसी का सीधा असर ज़मीन की क़ीमतों पर दिखाई दे रहा है। इस बढ़ोतरी से जो लोग लंबे समय से घर या प्लॉट ख़रीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब पहले से अधिक क़ीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि निवेशकों के लिए यह स्थिति मुनाफ़े का सौदा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मेरठ में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं के चलते रियल एस्टेट बाज़ार में और भी तेज़ी देखने को मिल सकती है। ऐसे में, यदि कोई मेरठ में घर या प्लॉट ख़रीदने का सपना देख रहा है, तो उन्हें बाज़ार की वर्तमान स्थिति और क़ीमतों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई बड़ा फ़ैसला करना चाहिए।
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    मेरठ में ज़मीन और संपत्तियों की कीमतों में अचानक हुई तेज़ी ने ख़रीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शहर के कई इलाक़ों में ज़मीन के दाम बढ़ने की ख़बरों के बाद लोगों के बीच इस पर ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है।

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, विकास परियोजनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश के कारण कई क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग बढ़ी है। इसी का सीधा असर ज़मीन की क़ीमतों पर दिखाई दे रहा है। इस बढ़ोतरी से जो लोग लंबे समय से घर या प्लॉट ख़रीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब पहले से अधिक क़ीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि निवेशकों के लिए यह स्थिति मुनाफ़े का सौदा साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मेरठ में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं के चलते रियल एस्टेट बाज़ार में और भी तेज़ी देखने को मिल सकती है। ऐसे में, यदि कोई मेरठ में घर या प्लॉट ख़रीदने का सपना देख रहा है, तो उन्हें बाज़ार की वर्तमान स्थिति और क़ीमतों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई बड़ा फ़ैसला करना चाहिए।
    user_SACHIN SHIVALIA
    SACHIN SHIVALIA
    Journalist Meerut, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
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