डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में सोने चांदी पदकों की बौछार, 253 पदकों पर कब्जा। डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में सोने चांदी पदकों की बौछार, 253 पदकों पर कब्जा। ढोरी डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स के अंतर्गत आयोजित डीएवी क्लस्टर लेवल गेम्स एंड स्पोर्ट्स–2026 में डीएवी पब्लिक स्कूल, ढोरी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में विद्यालय के 312 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लिया, जिनमें से 253 खिला ड़ियों ने पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। विद्यालय के खिलाड़ियों ने कुल 253 पदक अपने नाम किए, जिनमें 57 स्वर्ण पदक,123 रजत पदक तथा 73 कांस्य पदक शामिल हैं। खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, शतरंज, कबड्डी, कराटे, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल,बास्केट बॉल, क्रिकेट, हैंडबॉल, खो-खो, फुटबॉल तथा योग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक अर्जित किए। विद्यालय प्रार्थना सभा में प्राचार्य सह एआरओ श्री निशिकांत कर ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, खेल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन तथा विद्यालय के निरंतर सहयोग का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी जोनल (स्टेट लेवल) में भी इसी उत्साह और समर्पण के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। खिलाड़ियों की इस शानदारउपलब्धि से पूरे विद्यालय में हर्ष एवं गौरव का वातावरण है।
डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में सोने चांदी पदकों की बौछार, 253 पदकों पर कब्जा। डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में सोने चांदी पदकों की बौछार, 253 पदकों पर कब्जा। ढोरी डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स के अंतर्गत आयोजित डीएवी क्लस्टर लेवल गेम्स एंड स्पोर्ट्स–2026 में डीएवी पब्लिक स्कूल, ढोरी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में विद्यालय के 312 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लिया, जिनमें से 253 खिला ड़ियों ने पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। विद्यालय के खिलाड़ियों ने कुल 253 पदक अपने नाम किए, जिनमें 57 स्वर्ण पदक,123 रजत पदक तथा 73 कांस्य पदक शामिल हैं। खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, शतरंज, कबड्डी, कराटे, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल,बास्केट बॉल, क्रिकेट, हैंडबॉल, खो-खो, फुटबॉल तथा योग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक अर्जित किए। विद्यालय प्रार्थना सभा में प्राचार्य सह एआरओ श्री निशिकांत कर ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, खेल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन तथा विद्यालय के निरंतर सहयोग का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी जोनल (स्टेट लेवल) में भी इसी उत्साह और समर्पण के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। खिलाड़ियों की इस शानदारउपलब्धि से पूरे विद्यालय में हर्ष एवं गौरव का वातावरण है।
- तेलो में पूर्व मंत्री स्व जगरनाथ महतो की जयंती मनायी गया, 1 सौ साड़ी एवं 50 किलो दूध का खीर का वितरण किया गया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो की 59वीं जयंती समारोह तेलो के शंकर चौक में झारखंड नव निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के नेतृत्व में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महतो मार्केट से गाजे बाजे के साथ जगरनाथ बाबू अमर, जबतक सूरज चांद रहेगा टाइगर जगरनाथ बाबू तेरा नाम अमर रहेगा के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुँचकर कर जगरनाथ महतो के चित्र पर माल्यापर्ण करते हुए सभी लोगो ने नमन किया। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के द्वारा 1सौ गरीब महिलाओं के बीच साड़ी वितरण एवं 50 किलो दूध का खीर वितरण किया। गणेश वर्णवाल ने कहा कि पूर्व मंत्री स्व. जगरनाथ महतो किसी एक पार्टी के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे जनमानस के नेता थे। वे हर आदमी के दुख-सुख में खड़े रहते थे। गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों की आवाज बनकर उन्होंने हमेशा संघर्ष किया। शिक्षा और रोजगार के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। स्व. जगरनाथ महतो का जन्म 4 जनवरी 1967 को बोकारो के डुमरी में हुआ था। वे "टाइगर" के नाम से प्रसिद्ध थे। डुमरी से 4 बार विधायक और झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री रहे। शिक्षा, रोजगार और आदिवासी-मूलवासी के हक की लड़ाई में उनकी अहम भूमिका रही। साथ ही कहा कि मंत्री के छोटे से कार्याकाल मे शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किए है वो आज भी असमरणीय है। आज उनकी कमी पूरे झारखंड को खल रही है। ऐसे जननेता को हमारा शत-शत नमन। जयंती समारोह में अजीत सोनी, शक्ति ठाकुर, राजन कुमार, जगदीश रजक, पूर्व शिक्षक कुंज बिहारी महतो, लोकनाथ गोप, शंकर कुमार, सुनील कुमार, महेश बरनवाल, सुल्तान अंसारी, सबा खान, मोहम्मद इजहार समेत सैकड़ो की संख्या में लोग स्व जगन्नाथ बाबू की चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।1
- 👉 “ED की कार्रवाई से खुलेंगे सट्टेबाजों का राज?” 👉 “पंकज–बाघमारा का पप्पू और राका का खेल!” #लोयाबाद #बाघमारा #धनबाद #EDRaid #EDAction #ईडी #पंकजचौहान #सट्टेबाजी #सट्टाकनेक्शन #BreakingNews #DhanbadNews #Loyabad #Baghmara #BulandSandesh #बुलंदसंदेश #बेबाकखबरें1
- झारखण्ड नौकरी या व्यापार झारखण्ड सरकार,JPSC/JSSC नौकरी नियुक्ती निकाल कर व्यापार कर रही है #jpsc #jssc #jharkhand #dhanbad #paperleak1
- ⚠️ जान जोखिम में डालकर उफनती नहर पार कर रहे लोग! sach Tak Jharkhand News बेड़म और हुरलुंग क्षेत्र की यह जमीनी हकीकत देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सवाल एक ही है—प्रशासन आखिर कब जागेगा? पूरी रिपोर्ट देखने के लिए वीडियो को अंत तक देखें और शेयर करें। 🔁1
- जेपीएससी में कथित घोटाला और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपाइयों ने निकाली मशाल जुलूस1
- रोजगार के लिए गए काड़ामारा गांव के 35 वर्षीय युवक विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत। रोजगार की तलाश में पलायन करना चंद्रपुरा प्रखंड के एक और परिवार के लिए भारी पड़ गया। तुरियो पंचायत अंतर्गत काड़ामारा गांव निवासी 35 वर्षीय विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गया। जानकारी के अनुसार विजय सिंह पिछले तीन महीने से ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा में स्थित रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड स्टील प्लांट में मजदूरी का काम कर रहा था। परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। बुधवार को सुबह अस्पताल से ही उसने वीडियो कॉल के माध्यम से पत्नी से बातचीत भी की थी। शाम में उनकी मृत्यु हो जाने की सूचना दी। मृतक की पत्नी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण विजय रोजगार के लिए ओडिशा गया था। वह बहुत मेहनती था और परिवार का भरण-पोषण के लिए कठिन परिस्थितियों में भी काम करता था। उसका घर का भी स्थिति ठीक नहीं। खपरा का कच्चा मकान है। वह भी गिरने के कगार पर है। नतीजन वह अपने मायके में रहती थी। उनका शव गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि 2 बजे पैतृक गांव कांडामारा लाया गया। इधर विजय की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। चार छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने घर का इकलौता पुत्र था। उसके पिता भी 6 साल पहले मृत्यु हो गया है। शुक्रवार को उनका दाहसंस्कार किया जाएगा।1
- बरोरा चेकपोस्ट पर गूंजी गोलियों की आवाज युवक पर दो राउंड फायरिंग, बाल-बाल बची जान माथाबांध विवाद की रंजिश में हमले का आरोप पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी खंगाल रही टीम1