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ब्रैकिग रीवा रीवा विधायक मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री की गाड़ी रीवा में सड़क जाम में फस गई। सड़क पर लगा लंबा जाम। जिसका वीडियो हो शोशल मीडिया पर वायरल मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल जी की गाड़ी खुद तीन घंटे तक जाम में फंसी रही। सोचिए… जब सत्ता के सबसे ताकतवर लोगों का यह हाल है, तो आम जनता रोज किस पीड़ा से गुजरती होगी? रीवा की बदहाल यातायात व्यवस्था, अधूरे इंतज़ाम और अव्यवस्थित विकास मॉडल ने पूरे शहर को परेशानी का केंद्र बना दिया है। भाषणों और होर्डिंग्स में “विकास” दौड़ रहा है, लेकिन ज़मीन पर जनता और खुद सरकार जाम में खड़ी है। विकास के दावों का सच सड़क पर रेंगता क्यों दिख रहा है?

1 hr ago
user_Lokesh shukla
Lokesh shukla
कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

ब्रैकिग रीवा रीवा विधायक मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री की गाड़ी रीवा में सड़क जाम में फस गई। सड़क पर लगा लंबा जाम। जिसका वीडियो हो शोशल मीडिया पर वायरल मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल जी की गाड़ी खुद तीन घंटे तक जाम में फंसी रही। सोचिए… जब सत्ता के सबसे ताकतवर लोगों का यह हाल है, तो आम जनता रोज किस पीड़ा से गुजरती होगी? रीवा की बदहाल यातायात व्यवस्था, अधूरे इंतज़ाम और अव्यवस्थित विकास मॉडल ने पूरे शहर को परेशानी का केंद्र बना दिया है। भाषणों और होर्डिंग्स में “विकास” दौड़ रहा है, लेकिन ज़मीन पर जनता और खुद सरकार जाम में खड़ी है। विकास के दावों का सच सड़क पर रेंगता क्यों दिख रहा है?

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सबलगढ़ में गिर्राज मिष्ठान भंडार के पास नाले में गिरे गौ वंश का रेस्क्यू
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    सबलगढ़ में गिर्राज मिष्ठान भंडार के पास नाले में गिरे गौ वंश का रेस्क्यू
    user_जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क से भटककर एक चीता पहुंचा है, जिसकी तस्वीरें कैमरे में कैद हुई हैं। इस 'शाही मेहमान' की दस्तक से स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग में उत्सुकता के साथ सतर्कता भी बढ़ गई है। वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
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    धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क से भटककर एक चीता पहुंचा है, जिसकी तस्वीरें कैमरे में कैद हुई हैं। इस 'शाही मेहमान' की दस्तक से स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग में उत्सुकता के साथ सतर्कता भी बढ़ गई है। वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • स्कूल और माताओ के लिए रोजगार शुरू किया................. सत्ता के अहंकार पर साहस की जीत! ✊🔥 अमृता बोस ने कॉर्पोरेट करियर छोड़ ग्रामीण बच्चों के लिए मुफ़्त अंग्रेजी स्कूल और माताओं के लिए रोज़गार शुरू किया। 📚 लेकिन TMC नेताओं ने ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगी। इनकार पर स्कूल लूटा गया, कंप्यूटर छीने गए और ताला लगा दिया गया। आज राजनीतिक बदलाव के साथ स्कूल फिर खुल चुका है। यह सिर्फ स्कूल की वापसी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर उम्मीद की जीत है। 🌅
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    स्कूल और माताओ के लिए रोजगार शुरू किया.................
सत्ता के अहंकार पर साहस की जीत! ✊🔥
अमृता बोस ने कॉर्पोरेट करियर छोड़ ग्रामीण बच्चों के लिए मुफ़्त अंग्रेजी स्कूल और माताओं के लिए रोज़गार शुरू किया। 📚
लेकिन TMC नेताओं ने ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगी। इनकार पर स्कूल लूटा गया, कंप्यूटर छीने गए और ताला लगा दिया गया।
आज राजनीतिक बदलाव के साथ स्कूल फिर खुल चुका है। यह सिर्फ स्कूल की वापसी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर उम्मीद की जीत है। 🌅
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • hame gam ki puliya ki marammati ke hetu kiyo ki hamar gam baddubura bijoli badi ki puliya barsat ke taim me pani me dub jati he or tutne ki kagar par he us par 3 fut pani ho jata he is se jo log shahar jana chahate he un ko bautsi musililo ka samna karna padta he
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    hame gam ki puliya ki marammati ke hetu kiyo ki hamar gam baddubura bijoli badi ki puliya barsat ke taim me pani me dub jati he or tutne ki kagar par he us par 3 fut pani ho jata he is se jo log shahar  jana chahate he un ko bautsi musililo ka samna karna padta he
    user_Rishikesh
    Rishikesh
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • गर्मी की बढ़ती तपिश के साथ आगर मालवा जिले के कई गांवों में जलसंकट गहराने एंकर- गर्मी की बढ़ती तपिश के साथ आगर मालवा जिले के कई गांवों में जलसंकट गहराने लगा है। जिले के ग्राम पंचायत राजाखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पायरी में हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोजाना दो से तीन किलोमीटर दूर तक उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर सफर तय करना पड़ रहा है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे इस गांव में बीते सालों में प्रशासन ने जल्दबाजी में कुएं से गांव तक पाइपलाइन तो बिछा दी, लेकिन आज तक मोटर नहीं लगाई गई। नतीजा यह है कि अब तक गांव में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने उनकी समस्या की सुध तक नहीं ली। वीओ- आगर मालवा जिले के ग्राम पायरी में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीण हर साल पानी की भारी किल्लत झेलने को मजबूर हैं। घुम्मकड़ समुदाय की आबादी वाले इस गांव में गर्मी शुरू होते ही हालात और ज्यादा बिगड़ जाते हैं। सुबह होते ही गांव की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी की तलाश में निकल पड़ते हैं। तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच महिलाएं सिर पर मटके और बर्तन रखकर पहाड़ी और पथरीले रास्तों से गुजरती दिखाई देती हैं। कई परिवारों के बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने की उम्र में बच्चे अपने परिजनों के साथ पानी लाने के लिए रोज कई किलोमीटर दूर कुएं तक भटक रहे हैं। वीओ- जलसंकट की मार सिर्फ महिलाओं और बच्चों तक सीमित नहीं है। गांव के बुजुर्ग भी इस परेशानी से अछूते नहीं हैं। गांव की बुजुर्ग बताती हैं कि उनका लगभग पूरा जीवन पानी की समस्या से जूझते हुए गुजर गया। उम्र के इस पड़ाव में जहां उन्हें आराम की जरूरत है, वहां आज भी उन्हें पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा ह वीओ- गांव की महिलाओं की दिनचर्या संघर्ष से भरी हुई है। सुबह अंधेरा रहते उठना, कई किलोमीटर दूर कुएं तक जाना, पानी भरकर सिर पर लादकर वापस घर लाना, फिर परिवार के लिए भोजन तैयार करना और उसके बाद मजदूरी के लिए निकल जाना। पहाड़ी इलाके की उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर चलते समय कई महिलाएं गिरकर घायल भी हो चुकी हैं, लेकिन परिवार की जरूरतों के आगे दर्द भी छोटा पड़ जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि कुएं से पानी भरने के दौरान कई हादसे भी हो चुके हैं। बाइट – ग्रामीण महिला वीओ- सरकार के “हर घर जल” और “नल से जल” जैसे दावों की हकीकत पायरी गांव की तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं। ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव पहुंचते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई हालचाल लेने तक नहीं आता। हालात इतने खराब हैं कि अब लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करने से भी कतराने लगे हैं। जिन परिवारों के पास बाइक है, वे पेट्रोल खर्च कर केन में पानी भरकर लाते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई ने यह बोझ भी बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल दो से तीन किलोमीटर दूर पानी मिल रहा है, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, जलस्त्रोत सूखने लगेंगे और पानी के लिए चार से पांच किलोमीटर तक भटकना पड़ सकता है। बाइट – ग्रामीण बालिका वीओ- हर साल इस तरह की स्थिति सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। गांव तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद भी मोटर नहीं लगना प्रशासनिक लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जलसंकट से जूझ रहे ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं। फिलहाल पायरी गांव के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्हें पानी के लिए यह संघर्ष कब तक करना पड़ेगा।
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    गर्मी की बढ़ती तपिश के साथ आगर मालवा जिले के कई गांवों में जलसंकट गहराने 
एंकर- गर्मी की बढ़ती तपिश के साथ आगर मालवा जिले के कई गांवों में जलसंकट गहराने लगा है। जिले के ग्राम पंचायत राजाखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पायरी में हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोजाना दो से तीन किलोमीटर दूर तक उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर सफर तय करना पड़ रहा है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे इस गांव में बीते सालों में प्रशासन ने जल्दबाजी में कुएं से गांव तक पाइपलाइन तो बिछा दी, लेकिन आज तक मोटर नहीं लगाई गई। नतीजा यह है कि अब तक गांव में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने उनकी समस्या की सुध तक नहीं ली।
वीओ- आगर मालवा जिले के ग्राम पायरी में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीण हर साल पानी की भारी किल्लत झेलने को मजबूर हैं। घुम्मकड़ समुदाय की आबादी वाले इस गांव में गर्मी शुरू होते ही हालात और ज्यादा बिगड़ जाते हैं। सुबह होते ही गांव की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी की तलाश में निकल पड़ते हैं।
तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच महिलाएं सिर पर मटके और बर्तन रखकर पहाड़ी और पथरीले रास्तों से गुजरती दिखाई देती हैं। कई परिवारों के बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने की उम्र में बच्चे अपने परिजनों के साथ पानी लाने के लिए रोज कई किलोमीटर दूर कुएं तक भटक रहे हैं।
वीओ- जलसंकट की मार सिर्फ महिलाओं और बच्चों तक सीमित नहीं है। गांव के बुजुर्ग भी इस परेशानी से अछूते नहीं हैं। गांव की बुजुर्ग बताती हैं कि उनका लगभग पूरा जीवन पानी की समस्या से जूझते हुए गुजर गया। उम्र के इस पड़ाव में जहां उन्हें आराम की जरूरत है, वहां आज भी उन्हें पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा ह
वीओ- गांव की महिलाओं की दिनचर्या संघर्ष से भरी हुई है। सुबह अंधेरा रहते उठना, कई किलोमीटर दूर कुएं तक जाना, पानी भरकर सिर पर लादकर वापस घर लाना, फिर परिवार के लिए भोजन तैयार करना और उसके बाद मजदूरी के लिए निकल जाना। पहाड़ी इलाके की उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर चलते समय कई महिलाएं गिरकर घायल भी हो चुकी हैं, लेकिन परिवार की जरूरतों के आगे दर्द भी छोटा पड़ जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि कुएं से पानी भरने के दौरान कई हादसे भी हो चुके हैं।
बाइट – ग्रामीण महिला
वीओ- सरकार के “हर घर जल” और “नल से जल” जैसे दावों की हकीकत पायरी गांव की तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं। ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव पहुंचते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई हालचाल लेने तक नहीं आता।
हालात इतने खराब हैं कि अब लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करने से भी कतराने लगे हैं। जिन परिवारों के पास बाइक है, वे पेट्रोल खर्च कर केन में पानी भरकर लाते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई ने यह बोझ भी बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल दो से तीन किलोमीटर दूर पानी मिल रहा है, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, जलस्त्रोत सूखने लगेंगे और पानी के लिए चार से पांच किलोमीटर तक भटकना पड़ सकता है।
बाइट – ग्रामीण बालिका
वीओ- हर साल इस तरह की स्थिति सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। गांव तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद भी मोटर नहीं लगना प्रशासनिक लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जलसंकट से जूझ रहे ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं। फिलहाल पायरी गांव के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्हें पानी के लिए यह संघर्ष कब तक करना पड़ेगा।
    user_D TV BHARAT NEWS
    D TV BHARAT NEWS
    तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ग्वालियर में बाबा कपूर की दरगाह पर पार्षद के साथ मारपीट के विवाद में आया नया मोड दूसरे पक्ष ने कहा पार्षद का लड़का कट्टा लहराकर दे रहा था धमकी, तब पुलिस ने लड़के पर शक्ति दिखाते हुए उसको साथ ले जाने लगी तो पार्षद ने पर लगाया मारपीट का झूठा आरोप!
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    ग्वालियर में बाबा कपूर की दरगाह पर पार्षद के साथ मारपीट के विवाद में आया नया मोड दूसरे पक्ष ने कहा पार्षद का लड़का कट्टा लहराकर दे रहा था धमकी, तब पुलिस ने लड़के पर शक्ति दिखाते हुए उसको साथ ले जाने लगी तो पार्षद ने पर लगाया मारपीट का झूठा आरोप!
    user_एक देश एक आवाज़ NEWS
    एक देश एक आवाज़ NEWS
    न्यूज़ संपादक तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों के मुद्दों को लेकर बामौर सड़क पर चक्का जाम किया। इस दौरान उन्होंने अपनी ताकत दिखाते हुए हाईवे पर प्रदर्शन किया जिससे यातायात बाधित हुआ।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों के मुद्दों को लेकर बामौर सड़क पर चक्का जाम किया। इस दौरान उन्होंने अपनी ताकत दिखाते हुए हाईवे पर प्रदर्शन किया जिससे यातायात बाधित हुआ।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सबलगढ़ में राधा माधव गौशाला के संचालक एवं वार्ड क्रमांक 5 से पार्षद कैलाश भगत जी ने क्या कहा सुनिए
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    सबलगढ़ में राधा माधव गौशाला के संचालक एवं वार्ड क्रमांक 5 से पार्षद कैलाश भगत जी ने क्या कहा सुनिए
    user_जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में कूनो नेशनल पार्क से आया एक चीता कैमरे में कैद हुआ है। इस घटना से ग्रामीणों और वन विभाग में उत्सुकता के साथ सतर्कता भी बढ़ गई है। वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहा है और ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
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    राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में कूनो नेशनल पार्क से आया एक चीता कैमरे में कैद हुआ है। इस घटना से ग्रामीणों और वन विभाग में उत्सुकता के साथ सतर्कता भी बढ़ गई है। वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहा है और ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
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