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मुलताई के थाना साईखेड़ा क्षेत्र के ग्राम उमनपेठ में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात लगभग 3:05 बजे एक चलते आयशर ट्रक में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, इमरत गोहिते का आयशर ट्रक क्रमांक MH 40 CD 4982 तिगांव से साईखेड़ा की ओर गोभी लेकर जा रहा था। इसी दौरान वाहन के अगले हिस्से में अचानक आग भड़क उठी। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर कर्मचारी मनोज कवड़े, दीपक अहिरवार और विजय बड़घरे ने आग बुझाने की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आग मुख्य रूप से ट्रक के सामने वाले हिस्से तक ही सीमित रही और डीजल टैंक तक नहीं पहुंच सकी। इस घटना में ट्रक के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की फिलहाल जांच की जा रही है।

2 hrs ago
user_M. Afsar khan
M. Afsar khan
Local News Reporter Multai, Betul•
2 hrs ago

मुलताई के थाना साईखेड़ा क्षेत्र के ग्राम उमनपेठ में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात लगभग 3:05 बजे एक चलते आयशर ट्रक में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, इमरत गोहिते का आयशर ट्रक क्रमांक MH 40 CD 4982 तिगांव से साईखेड़ा की ओर गोभी लेकर जा रहा था। इसी दौरान वाहन के अगले हिस्से में अचानक आग भड़क उठी। घटना की सूचना मिलते ही

फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर कर्मचारी मनोज कवड़े, दीपक अहिरवार और विजय बड़घरे ने आग बुझाने की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आग मुख्य रूप से ट्रक के सामने वाले हिस्से तक ही सीमित रही और डीजल टैंक तक नहीं पहुंच सकी। इस घटना में ट्रक के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की फिलहाल जांच की जा रही है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • पांढुर्णा के सौसर स्थित पिपलानारायणवार नगर में एक शराब दुकान को हटाने की मांग अब एक बड़े जनआंदोलन में बदल गई है। पिछले पांच दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन बुधवार को तब उग्र हो गया, जब बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और घंटों तक चक्काजाम किया। नगर बस स्टैंड के समीप संचालित देशी शराब दुकान के विरोध में महिलाओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पांढुर्णा-सौसर मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। इस प्रदर्शन में विधायक विजय चौरे भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे, जिन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पिछले पांच दिनों से जनता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रही थी, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने उनकी बात सुनना जरूरी नहीं समझा। विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर “हनुमान लोक” और जामसांवली सरकार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकान संचालन की अनुमति आखिर किस आधार पर दी गई। कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि जब यह शराब दुकान शुरू हुई थी, तब पिपला एक छोटा गांव था, लेकिन अब यह एक नगर परिषद क्षेत्र बन चुका है और इसकी आबादी कई गुना बढ़ चुकी है, इसलिए बस स्टैंड और घनी आबादी के बीच शराब दुकान का संचालन जनहित में उचित नहीं माना जा सकता। आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, क्योंकि प्रदर्शनकारी शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की अपनी मांग पर अड़े रहे। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए पांढुर्णा और छिंदवाड़ा से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देर शाम तक क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण स्थिति बनी रही।
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    पांढुर्णा के सौसर स्थित पिपलानारायणवार नगर में एक शराब दुकान को हटाने की मांग अब एक बड़े जनआंदोलन में बदल गई है। पिछले पांच दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन बुधवार को तब उग्र हो गया, जब बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और घंटों तक चक्काजाम किया। नगर बस स्टैंड के समीप संचालित देशी शराब दुकान के विरोध में महिलाओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पांढुर्णा-सौसर मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया।

इस प्रदर्शन में विधायक विजय चौरे भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे, जिन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पिछले पांच दिनों से जनता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रही थी, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने उनकी बात सुनना जरूरी नहीं समझा। विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर “हनुमान लोक” और जामसांवली सरकार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकान संचालन की अनुमति आखिर किस आधार पर दी गई। कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि जब यह शराब दुकान शुरू हुई थी, तब पिपला एक छोटा गांव था, लेकिन अब यह एक नगर परिषद क्षेत्र बन चुका है और इसकी आबादी कई गुना बढ़ चुकी है, इसलिए बस स्टैंड और घनी आबादी के बीच शराब दुकान का संचालन जनहित में उचित नहीं माना जा सकता।

आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, क्योंकि प्रदर्शनकारी शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की अपनी मांग पर अड़े रहे। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए पांढुर्णा और छिंदवाड़ा से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देर शाम तक क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण स्थिति बनी रही।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • खेड़ीसावलीगढ़ ग्राम में इन दिनों पाँच दिवसीय सिंगाजी महाराज की परचरी पुराण का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रसिद्ध नारायण यादव के निवास पर हो रहा है, जहाँ इस परचरी पुराण को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुँच रहे हैं।
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    खेड़ीसावलीगढ़ ग्राम में इन दिनों पाँच दिवसीय सिंगाजी महाराज की परचरी पुराण का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रसिद्ध नारायण यादव के निवास पर हो रहा है, जहाँ इस परचरी पुराण को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुँच रहे हैं।
    user_Manohar agrval Agrawal
    Manohar agrval Agrawal
    Photographer बैतूल, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार से प्रदेश भर में 'सोशल मीडिया वॉरियर' अभियान की शुरुआत की है। इसी क्रम में पांढुरना स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आज दोपहर 12 बजे एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य इस अभियान की जानकारी देना था। जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि यह अभियान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य जिले से अधिक से अधिक नए युवाओं और आम लोगों को कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग से जोड़ना है, ताकि पार्टी की डिजिटल पहुंच को और सशक्त किया जा सके। अभियान में शामिल होने के इच्छुक लोग 31 मई से 15 जून तक गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद, प्राप्त आवेदनों की जांच 15 से 19 जून के बीच की जाएगी और 20 से 23 जून तक जिला कार्यालय में आवेदकों के साक्षात्कार लिए जाएंगे। पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न होने के उपरांत, 30 जून को अंतिम सूची जारी की जाएगी। अभियान के संचालन के लिए प्रत्येक जिले में एक सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, और पूरी व्यवस्था की देखरेख जिला अध्यक्षों द्वारा की जाएगी। प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि पांढुरना में कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, जिसमें वे आमजन की समस्याओं को सुन रहे हैं और पार्टी की नीतियों व विकास के एजेंडे को जनता तक पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि डिजिटल ताकत के साथ-साथ जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव बनाए रखना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार से प्रदेश भर में 'सोशल मीडिया वॉरियर' अभियान की शुरुआत की है। इसी क्रम में पांढुरना स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आज दोपहर 12 बजे एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य इस अभियान की जानकारी देना था।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि यह अभियान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य जिले से अधिक से अधिक नए युवाओं और आम लोगों को कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग से जोड़ना है, ताकि पार्टी की डिजिटल पहुंच को और सशक्त किया जा सके।

अभियान में शामिल होने के इच्छुक लोग 31 मई से 15 जून तक गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद, प्राप्त आवेदनों की जांच 15 से 19 जून के बीच की जाएगी और 20 से 23 जून तक जिला कार्यालय में आवेदकों के साक्षात्कार लिए जाएंगे। पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न होने के उपरांत, 30 जून को अंतिम सूची जारी की जाएगी।

अभियान के संचालन के लिए प्रत्येक जिले में एक सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, और पूरी व्यवस्था की देखरेख जिला अध्यक्षों द्वारा की जाएगी। प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि पांढुरना में कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, जिसमें वे आमजन की समस्याओं को सुन रहे हैं और पार्टी की नीतियों व विकास के एजेंडे को जनता तक पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि डिजिटल ताकत के साथ-साथ जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव बनाए रखना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    22 hrs ago
  • जुन्नारदेव पुलिस थाना क्षेत्र के गारादेही गोली के पास कल, बुधवार 3 जून की रात लगभग 10:00 बजे, दो तेज रफ्तार टू-व्हीलर आपस में टकरा गए। इस भीषण हादसे में कुल दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के समय एक वाहन पर दो लोग सवार थे, जबकि दूसरे पर एक चालक ही मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि टक्कर मारने वाले एक वाहन का चालक नशे की हालत में था, जिसे गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल भेजा गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पहले 108 डायल को सूचित किया गया था, लेकिन उनके पहुंचने में देरी के कारण 112 डायल टीम मौके पर पहुंची। पायलट राहुल अमरवंशी और मुन्नालाल धुर्वे की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
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    जुन्नारदेव पुलिस थाना क्षेत्र के गारादेही गोली के पास कल, बुधवार 3 जून की रात लगभग 10:00 बजे, दो तेज रफ्तार टू-व्हीलर आपस में टकरा गए। इस भीषण हादसे में कुल दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के समय एक वाहन पर दो लोग सवार थे, जबकि दूसरे पर एक चालक ही मौजूद था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि टक्कर मारने वाले एक वाहन का चालक नशे की हालत में था, जिसे गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल भेजा गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पहले 108 डायल को सूचित किया गया था, लेकिन उनके पहुंचने में देरी के कारण 112 डायल टीम मौके पर पहुंची। पायलट राहुल अमरवंशी और मुन्नालाल धुर्वे की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
    user_मो मुजम्मिल
    मो मुजम्मिल
    मीडिया जमाई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही में, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भैंसदेही ने मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी के विरोध में 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया। ब्लॉक अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर के नेतृत्व में ग्राम चिचोलाढाना में यह यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें भगवान भोलेनाथ से मुख्यमंत्री मोहन यादव को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की गई। इस दौरान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को भाषा की मर्यादा न भूलने की बात कहते हुए मोहन यादव की जीतू पटवारी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की कांग्रेस पार्टी द्वारा कड़ी निंदा की गई। इस सद्बुद्धि यज्ञ में अमरावती जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल येवले, कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष राहुल छत्रपाल, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंजाब आहाके, जिला कांग्रेस महासचिव सुखदेव घानेकर, सचिव यशवंत कनाठे, अल्पसंख्यक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष आरिफ खान, झल्लार कांग्रेस मंडलम अध्यक्ष राजकुमार साहू, भैंसदेही मंडलम अध्यक्ष मोहित राठौर, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष महेश थोटेकर, ब्लॉक अध्यक्ष मयूर बास्कर, आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मंगेश सरियाम, युवा नेता अश्विन धुर्वे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही में, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भैंसदेही ने मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी के विरोध में 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया। ब्लॉक अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर के नेतृत्व में ग्राम चिचोलाढाना में यह यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें भगवान भोलेनाथ से मुख्यमंत्री मोहन यादव को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की गई। इस दौरान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को भाषा की मर्यादा न भूलने की बात कहते हुए मोहन यादव की जीतू पटवारी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की कांग्रेस पार्टी द्वारा कड़ी निंदा की गई।

इस सद्बुद्धि यज्ञ में अमरावती जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल येवले, कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष राहुल छत्रपाल, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंजाब आहाके, जिला कांग्रेस महासचिव सुखदेव घानेकर, सचिव यशवंत कनाठे, अल्पसंख्यक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष आरिफ खान, झल्लार कांग्रेस मंडलम अध्यक्ष राजकुमार साहू, भैंसदेही मंडलम अध्यक्ष मोहित राठौर, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष महेश थोटेकर, ब्लॉक अध्यक्ष मयूर बास्कर, आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मंगेश सरियाम, युवा नेता अश्विन धुर्वे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बैतूल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बोरदेही क्षेत्र में हुई 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में मुखबिरी करने वाले आरोपी सुशील यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के साथ, इस प्रकरण में कुल छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि पाँच आरोपियों को पूर्व में ही पकड़ा जा चुका था। गिरफ्तार आरोपी सुशील पिता मदन यादव (31), निवासी ग्राम हतनोरा, थाना बोरदेही, जिला बैतूल, फरियादी विक्की साहू की दुकान के पास कृषि उपकरण की दुकान चलाता है। 20 मई 2026 को आरोपी सुशील ने फरियादी विक्की साहू और पीड़ित प्रदीप झरबड़े के बीच हुई बातचीत सुन ली थी, जिसमें प्रदीप झरबड़े द्वारा आमला जाकर बैंक से बड़ी रकम निकालने की जानकारी दी गई थी। इसी सूचना के आधार पर सुशील यादव ने पीड़ित की पहचान, हुलिया, मोटरसाइकिल और बैंक से रकम निकालने संबंधी सारी जानकारी फोन के ज़रिए मुख्य आरोपी देवानंद उर्फ देवा इवने को दे दी। इसी सूचना के आधार पर देवा और उसके साथियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित का पीछा कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने सुशील यादव को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह और डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 99/2026 अंतर्गत धारा 309(6), 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से आरोपी सुशील यादव की संलिप्तता का खुलासा किया और उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से 60,000 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूट की राशि से खरीदी गई 02 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस मामले में पूर्व में रामकुमार उर्फ मोहित (18 वर्ष 5 माह), गोविंद (19), शिवराम उर्फ नान्हू (20), दुर्गेश (22) और कमलेश उर्फ मनीष (26) को गिरफ्तार किया जा चुका था, जो सभी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं। हालाँकि, प्रकरण का मुख्य आरोपी देवानंद उर्फ देवा इवने, निवासी घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा, घटना के दिन से ही फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी और शेष लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक बैतूल ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है। देवानंद उर्फ देवा इवने एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध थाना मुलताई में हत्या और आर्म्स एक्ट, थाना बोरदेही में चोरी व नकबजनी, और थाना नवेगांव जिला छिंदवाड़ा में चोरी, लूट व जुआ एक्ट के तहत कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह, डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो, निरीक्षक राधेश्याम वट्टी, निरीक्षक मुकेश ठाकुर सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने इस खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने इस सफल खुलासे पर टीम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसी ही तत्परता, दक्षता और पेशेवर प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बड़ी नकद राशि लेकर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें, बैंक से अधिक राशि निकालते समय किसी अन्य व्यक्ति को साथ रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पीछा किए जाने की आशंका होने पर तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिस थाना को सूचना दें।
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    बैतूल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बोरदेही क्षेत्र में हुई 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में मुखबिरी करने वाले आरोपी सुशील यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के साथ, इस प्रकरण में कुल छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि पाँच आरोपियों को पूर्व में ही पकड़ा जा चुका था।

गिरफ्तार आरोपी सुशील पिता मदन यादव (31), निवासी ग्राम हतनोरा, थाना बोरदेही, जिला बैतूल, फरियादी विक्की साहू की दुकान के पास कृषि उपकरण की दुकान चलाता है। 20 मई 2026 को आरोपी सुशील ने फरियादी विक्की साहू और पीड़ित प्रदीप झरबड़े के बीच हुई बातचीत सुन ली थी, जिसमें प्रदीप झरबड़े द्वारा आमला जाकर बैंक से बड़ी रकम निकालने की जानकारी दी गई थी। इसी सूचना के आधार पर सुशील यादव ने पीड़ित की पहचान, हुलिया, मोटरसाइकिल और बैंक से रकम निकालने संबंधी सारी जानकारी फोन के ज़रिए मुख्य आरोपी देवानंद उर्फ देवा इवने को दे दी। इसी सूचना के आधार पर देवा और उसके साथियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित का पीछा कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने सुशील यादव को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह और डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 99/2026 अंतर्गत धारा 309(6), 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से आरोपी सुशील यादव की संलिप्तता का खुलासा किया और उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से 60,000 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूट की राशि से खरीदी गई 02 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

इस मामले में पूर्व में रामकुमार उर्फ मोहित (18 वर्ष 5 माह), गोविंद (19), शिवराम उर्फ नान्हू (20), दुर्गेश (22) और कमलेश उर्फ मनीष (26) को गिरफ्तार किया जा चुका था, जो सभी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं। हालाँकि, प्रकरण का मुख्य आरोपी देवानंद उर्फ देवा इवने, निवासी घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा, घटना के दिन से ही फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी और शेष लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक बैतूल ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है। देवानंद उर्फ देवा इवने एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध थाना मुलताई में हत्या और आर्म्स एक्ट, थाना बोरदेही में चोरी व नकबजनी, और थाना नवेगांव जिला छिंदवाड़ा में चोरी, लूट व जुआ एक्ट के तहत कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है।

एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह, डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो, निरीक्षक राधेश्याम वट्टी, निरीक्षक मुकेश ठाकुर सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने इस खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने इस सफल खुलासे पर टीम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसी ही तत्परता, दक्षता और पेशेवर प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बड़ी नकद राशि लेकर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें, बैंक से अधिक राशि निकालते समय किसी अन्य व्यक्ति को साथ रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पीछा किए जाने की आशंका होने पर तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिस थाना को सूचना दें।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    18 hrs ago
  • बैतूल जिले के बोरदेही रेलवे स्टेशन पर पेंचवैली एक्सप्रेस में हुए चर्चित अली खान हत्याकांड में जीआरपी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। छिंदवाड़ा निवासी अली खान की हत्या ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों - नवीन पाटील, अमित उबनारे, अयान खान और कन्हैया उर्फ काली को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी बताए जा रहे सागर की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस की कार्यप्रणाली, एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक अली खान के साथ यात्रा कर रहे उसके दोस्तों का दावा है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी सागर की पहचान कर ली थी और उसका फोटो तथा हुलिया भी पुलिस को उपलब्ध करा दिया था। इसके बावजूद हत्या की एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में हुई देरी चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों का सवाल है कि जब प्रत्यक्षदर्शियों ने शुरुआत में ही पहचान कर ली थी, तो पुलिस ने तत्काल कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की, और क्या शुरुआती देरी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा? प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, घटना के समय मौके पर 12 से 15 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है, ऐसे में केवल चार लोगों को आरोपी बनाए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। घटना रविवार रात की बताई जा रही है, लेकिन हत्या की एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मर्ग जांच की प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन हत्या जैसे गंभीर मामले में त्वरित एफआईआर दर्ज न होने को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की अटकलें और चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, जिनमें जांच पर किसी राजनीतिक या अन्य प्रभाव के दबाव के सवाल भी शामिल हैं, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई ठोस प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जीआरपी अधिकारियों द्वारा मीडिया को सीमित जानकारी दिए जाने से भी विभिन्न तरह की अटकलों को बल मिला है। फिलहाल, पूरे मामले की निगाहें मुख्य आरोपी सागर की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद घटना की पूरी सच्चाई, विवाद की वास्तविक वजह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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    बैतूल जिले के बोरदेही रेलवे स्टेशन पर पेंचवैली एक्सप्रेस में हुए चर्चित अली खान हत्याकांड में जीआरपी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। छिंदवाड़ा निवासी अली खान की हत्या ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों - नवीन पाटील, अमित उबनारे, अयान खान और कन्हैया उर्फ काली को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी बताए जा रहे सागर की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है।

पुलिस की कार्यप्रणाली, एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक अली खान के साथ यात्रा कर रहे उसके दोस्तों का दावा है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी सागर की पहचान कर ली थी और उसका फोटो तथा हुलिया भी पुलिस को उपलब्ध करा दिया था। इसके बावजूद हत्या की एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में हुई देरी चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों का सवाल है कि जब प्रत्यक्षदर्शियों ने शुरुआत में ही पहचान कर ली थी, तो पुलिस ने तत्काल कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की, और क्या शुरुआती देरी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, घटना के समय मौके पर 12 से 15 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है, ऐसे में केवल चार लोगों को आरोपी बनाए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। घटना रविवार रात की बताई जा रही है, लेकिन हत्या की एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मर्ग जांच की प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन हत्या जैसे गंभीर मामले में त्वरित एफआईआर दर्ज न होने को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है।

मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की अटकलें और चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, जिनमें जांच पर किसी राजनीतिक या अन्य प्रभाव के दबाव के सवाल भी शामिल हैं, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई ठोस प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जीआरपी अधिकारियों द्वारा मीडिया को सीमित जानकारी दिए जाने से भी विभिन्न तरह की अटकलों को बल मिला है। फिलहाल, पूरे मामले की निगाहें मुख्य आरोपी सागर की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद घटना की पूरी सच्चाई, विवाद की वास्तविक वजह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सौसर स्थित पिपलानारायणवार नगर में देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को उग्र हो गया। पिछले पाँच दिनों से जारी शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को प्रशासन की अनदेखी के कारण जनता ने चक्काजाम में बदल दिया, जिससे पांढुर्णा-सौसर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएँ, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए, जिसके चलते पांढुर्णा-सौसर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। आंदोलन के दौरान विधायक विजय चौरे भी प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पाँच दिनों तक जनता की शांतिपूर्ण मांगों को अनसुना किया गया और सवाल उठाया कि श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर "हनुमान लोक" और जामसांवली जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकान चलाने की अनुमति किस आधार पर दी गई। कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले जब यह शराब भट्टी शुरू हुई थी, तब पिपला एक छोटा गाँव था, लेकिन अब यह नगर परिषद क्षेत्र बन चुका है और आबादी कई गुना बढ़ गई है, ऐसे में पुराने आधार पर दुकान का संचालन उचित नहीं है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए पांढुर्णा और छिंदवाड़ा से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुँचे, जिन्होंने इसे केवल शराब दुकान का मुद्दा नहीं, बल्कि नगर की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा विषय बताया। चक्काजाम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच चर्चा हुई, लेकिन शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारियों के साथ कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। देर शाम तक क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण स्थिति बनी रही।
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    मध्य प्रदेश के सौसर स्थित पिपलानारायणवार नगर में देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को उग्र हो गया। पिछले पाँच दिनों से जारी शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को प्रशासन की अनदेखी के कारण जनता ने चक्काजाम में बदल दिया, जिससे पांढुर्णा-सौसर मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएँ, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए, जिसके चलते पांढुर्णा-सौसर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। आंदोलन के दौरान विधायक विजय चौरे भी प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पाँच दिनों तक जनता की शांतिपूर्ण मांगों को अनसुना किया गया और सवाल उठाया कि श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर "हनुमान लोक" और जामसांवली जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकान चलाने की अनुमति किस आधार पर दी गई। कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले जब यह शराब भट्टी शुरू हुई थी, तब पिपला एक छोटा गाँव था, लेकिन अब यह नगर परिषद क्षेत्र बन चुका है और आबादी कई गुना बढ़ गई है, ऐसे में पुराने आधार पर दुकान का संचालन उचित नहीं है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए पांढुर्णा और छिंदवाड़ा से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुँचे, जिन्होंने इसे केवल शराब दुकान का मुद्दा नहीं, बल्कि नगर की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा विषय बताया।

चक्काजाम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच चर्चा हुई, लेकिन शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारियों के साथ कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। देर शाम तक क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण स्थिति बनी रही।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बैतूल जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुलताई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 34 गौवंशों से भरे एक आयसर ट्रक को पकड़ा है और लगभग 12 लाख 9 हजार रुपये मूल्य का ट्रक और गौवंश जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान ट्रक में अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरे गए 34 गौवंशों में से 2 मृत पाए गए, जबकि 32 जीवित गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कर गौशाला पहुंचाया गया। इस मामले में फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी और एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में यह विशिष्ट कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कत्थई रंग का आयसर ट्रक, जिस पर हरे रंग का तिरपाल ढका है, बड़ी संख्या में गौवंशों को लेकर दाबका-पांढरघाटी मार्ग से महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत दाबका फॉरेस्ट नाका पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद, संदिग्ध ट्रक क्रमांक MP09GG9363 वहां पहुंचा। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और फॉरेस्ट नाके का बैरियर तोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर ट्रक को कुछ दूरी पर रोक लिया। हालांकि, चालक मौके का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। तलाशी के दौरान, ट्रक के भीतर दो पार्टिशनों में 34 गौवंश अमानवीय तरीके से भरे हुए पाए गए; उनके मुंह और पैर बांध दिए गए थे, जिससे वे हिल-डुल भी नहीं पा रहे थे। मौके पर 2 गौवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि 32 जीवित थे। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ कि इन गौवंशों को वध के उद्देश्य से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अमित पवार ने स्वयं ट्रक चलाकर जब्त गौवंशों को ग्राम बघोड़ा स्थित गायत्री गौशाला पहुंचाया, जहां उनके लिए चारा, पानी और उपचार की उचित व्यवस्था की गई। मृत पाए गए दोनों गौवंशों का पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराकर विधिवत दफन कराया गया, जबकि जीवित गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के विरुद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 9 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक अमित पवार, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण सिलारे, बलराम, हाकम तथा आरक्षक मेहमान और शिवराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने मुलताई पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता एवं अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
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    बैतूल जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुलताई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 34 गौवंशों से भरे एक आयसर ट्रक को पकड़ा है और लगभग 12 लाख 9 हजार रुपये मूल्य का ट्रक और गौवंश जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान ट्रक में अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरे गए 34 गौवंशों में से 2 मृत पाए गए, जबकि 32 जीवित गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कर गौशाला पहुंचाया गया। इस मामले में फरार चालक की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी और एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में यह विशिष्ट कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कत्थई रंग का आयसर ट्रक, जिस पर हरे रंग का तिरपाल ढका है, बड़ी संख्या में गौवंशों को लेकर दाबका-पांढरघाटी मार्ग से महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत दाबका फॉरेस्ट नाका पर नाकाबंदी कर दी।

कुछ देर बाद, संदिग्ध ट्रक क्रमांक MP09GG9363 वहां पहुंचा। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और फॉरेस्ट नाके का बैरियर तोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर ट्रक को कुछ दूरी पर रोक लिया। हालांकि, चालक मौके का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। तलाशी के दौरान, ट्रक के भीतर दो पार्टिशनों में 34 गौवंश अमानवीय तरीके से भरे हुए पाए गए; उनके मुंह और पैर बांध दिए गए थे, जिससे वे हिल-डुल भी नहीं पा रहे थे। मौके पर 2 गौवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि 32 जीवित थे। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ कि इन गौवंशों को वध के उद्देश्य से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था।

कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अमित पवार ने स्वयं ट्रक चलाकर जब्त गौवंशों को ग्राम बघोड़ा स्थित गायत्री गौशाला पहुंचाया, जहां उनके लिए चारा, पानी और उपचार की उचित व्यवस्था की गई। मृत पाए गए दोनों गौवंशों का पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराकर विधिवत दफन कराया गया, जबकि जीवित गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के विरुद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 9 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक अमित पवार, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण सिलारे, बलराम, हाकम तथा आरक्षक मेहमान और शिवराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने मुलताई पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता एवं अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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