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महाकाल मंदिर में कलेक्टर श्रद्वालुओं के साथ कतार में खड़े होकर दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में की गई दर्शन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
Sachin Khare
महाकाल मंदिर में कलेक्टर श्रद्वालुओं के साथ कतार में खड़े होकर दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में की गई दर्शन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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- मध्य प्रदेश के सुसनेर में नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश को 26 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद चुनाव की तैयारियों के संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस गंभीर देरी को लेकर अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला बनेगा और संबंधित पक्ष पर अवमानना का केस दर्ज किया जाएगा।1
- सुसनेर नगर के समीप पालड़ा के पास अभी-अभी एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस घटना में दो बाइकों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई।1
- hamari Or se bhaiyo jay shree mahakal................. ..1
- मोहन बड़ोदिया में मंगलवार को बस स्टैंड, नलखेड़ा रोड और मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसकी तैयारी में राजस्व विभाग ने अपने अमले के साथ चिन्हांकन की कार्रवाई पूरी कर ली है। इस दौरान तहसीलदार श्रीमती दिव्या जैन, नायब तहसीलदार मुकेश गुप्ता, जनपद सीईओ अमृतराज सिसोदिया, ग्राम पंचायत सचिव अर्जुन सिंह चौहान और मोहन बड़ोदिया थाने से एसआई जीबी चौबे अपने पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से लगाए गए टीन शेड और ठेला व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण की पहचान की गई, जिससे आवागमन बाधित हो रहा था। राजस्व विभाग और कोटवार ने मौके पर सड़क से 52 फीट की जगह को मापकर देखा, जिसमें बस स्टैंड पर भारी मात्रा में अतिक्रमण पाया गया। तहसीलदार ने अतिक्रमणकारियों को मंगलवार से पहले अवैध टीन शेड हटाने के निर्देश दिए, ताकि यातायात में बाधा न आए। ठेला और गुमटी व्यवसायियों को मोहन बड़ोदिया के नवीन बस स्टैंड पर अपने ठेले और गुमटियां लगाने को कहा गया है। तहसीलदार ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक रोड किनारे से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो मंगलवार सुबह राजस्व विभाग जेसीबी, पुलिस प्रशासन और अपने अमले के साथ मौजूद रहेगा और अवैध अतिक्रमण हटाने की सख्त कार्रवाई करेगा।1
- मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की दतिया जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक उनाव रोड दतिया स्थित होटल प्राक्षी में सम्पन्न हुई। यह बैठक मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ भोपाल के प्रांतीय अध्यक्ष माननीय श्री शलभ भदौरिया के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी, जिसमें प्रांतीय अधिवेशन के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक श्री मनोज गोस्वामी और जिला अध्यक्ष नितेन्द्र गोस्वामी ने प्रांतीय अध्यक्ष की सहमति के बाद दतिया में होने वाले प्रांतीय अधिवेशन की रूपरेखा तय करने सहित संगठन हित के विभिन्न बिंदुओं पर पत्रकार साथियों के साथ विचार-विमर्श किया। निर्णय लिया गया कि प्रांतीय अधिवेशन अक्टूबर माह में दतिया में आयोजित किया जाएगा। बैठक में दतिया में पिछले दिनों कुछ वरिष्ठ पत्रकार साथियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार पर भी गंभीर चर्चा की गई। इस घटना के विरोध में पत्रकारों के हक और सम्मान के लिए सदैव तैयार रहने वाले, तथा पत्रकार हितों की मांगों को पूरी ताकत से पूरा करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित वरिष्ठ नेतृत्व, सम्माननीय प्रांतीय अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया 'दद्दाजी' के दिशा-निर्देश पर पुलिस अधीक्षक दतिया को एक ज्ञापन दिया गया था। बैठक में बताया गया कि इस ज्ञापन का भरपूर असर हुआ और सभी दोषियों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रांतीय संयोजक मनोज गोस्वामी ने बैठक को संबोधित करते हुए पत्रकारों पर हो रहे हमलों और सोशल मीडिया हमलों पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए संघ हमेशा संघर्षरत रहेगा। श्री गोस्वामी ने मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के हित में सदैव खड़े रहते हैं। उन्होंने शलभ भदौरिया की नेतृत्व क्षमता और पत्रकारों के प्रति समर्पण भावना को सराहनीय बताया, यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में संघ और भी मजबूत होगा तथा पत्रकारों के हित में प्रभावी रूप से काम करेगा क्योंकि उन्होंने पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और कई आंदोलन भी किए हैं। इस बैठक में जिलाध्यक्ष नितेन्द्र गोस्वामी, महासचिव अखिलेश दांतरे, कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र गोस्वामी, सचिव चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, आनंद बटौलिया, राममिलन यादव, राहुल शर्मा, दिनेश रजक, रोहित गुप्ता, सुरेन्द्र शर्मा, नोमेड्य उपाध्याय, धीरज कुचिया, भाण्डेर बिपुल शर्मा, अमित राजावत, राहुल त्रिपाठी, नरेश तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, रुपेश सैन, विकास सैन, अमर राव दिनकर, कमलेश साहू, मोहन स्वरुप श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र पण्डा, अशोक कुमार दुबे, शायर अली, सुरेश बघेल, रविदीप लिटौरिया, अनवर खान, पंकज मोर, दिनेश कुशवाह, सुनील सिंह, सनत प्रोहित, बसंत त्रिपाठी, दिनेश रजक, सफीक काजी, शैलेन्द्र सिंह सेंगर सहित कई पत्रकार साथी उपस्थित रहे।1
- शाजापुर के आदर्श नवीन नगर में रविवार, 24 मई को अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन का 120वाँ स्थापना दिवस जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 57 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयाँ वितरित की गईं। यह आयोजन लोगों के प्राचीन चिकित्सा पद्धति 'आयुर्वेद' की ओर पुनः लौटने के उद्देश्य को साकार करता है, ताकि वे भागदौड़ भरी जिंदगी में निरोगी काया प्राप्त कर सकें। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की शाजापुर जिला शाखा, नवांकुर संस्था जन अभियान परिषद और कंचन वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि अवधेश शेशा और कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. आर.बी. सिंह बिसेन (पूर्व आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी) ने माँ सरस्वती एवं भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान डॉ. जगदीश भावसार और महेश सौराष्ट्रीय विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। चिकित्सा शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. विजय कुमार पाठक, डॉ. वी.डी. शर्मा, डॉ. सुरेश सिंदल और डॉ. संजय चांदना ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। कुल 57 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आयुर्वेदिक औषधियाँ दी गईं, साथ ही शुगर एवं ब्लड प्रेशर की निःशुल्क जाँच भी की गई। उपस्थित नागरिकों ने आयुर्वेद के प्रति गहरी रुचि दिखाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आर.बी. सिंह बिसेन ने जोर देकर कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह एक पूर्ण और संतुलित प्राचीन भारतीय जीवनशैली है, जिसके सिद्धांतों का पालन कर एक बेहतर एवं निरोग जीवन की ओर अग्रसर हुआ जा सकता है।2
- सुसनेर में गंगा दशमी के पावन अवसर पर धर्म और पर्यावरण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। इस दौरान, जन अभियान परिषद द्वारा एक भव्य जल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जो इस विशेष पर्व की गरिमा को दर्शाते हुए निकली।1
- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जी पी माली ने इस बात पर जोर दिया है कि माली सैनी समाज को सत्ता में भागीदारी मिलना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, सत्ता ही ऐसी कुंजी है जिसके माध्यम से सभी ताले खोले जा सकते हैं। उन्होंने माली सैनी समाज के लिए सत्ता में भागीदारी को अनिवार्य बताया है।1
- शाजापुर के स्थानीय किला परिसर में बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का दोहरा उद्देश्य 'सुरक्षा और जागरूकता' था, जहाँ बालिकाओं को शारीरिक मजबूती के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों की स्पष्ट जानकारी देना सिखाया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में 'शक्ति दल' द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए चलाए जा रहे आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक अहम हिस्से के रूप में संपन्न हुआ। शिविर में मुख्य अतिथि जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला सुरक्षा कानूनों, उनके बुनियादी कानूनी अधिकारों और संकट के समय विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श सेवाओं पर प्रकाश डाला, साथ ही नालसा की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे 'महिलाओं एवं बच्चों के लिए विधिक सेवाएं योजना', 'बाल हितैषी विधिक सेवाएं योजना', 'पीड़ित प्रतिकर योजना' और 'विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली' के बारे में भी बताया। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक मुफ्त न्याय की सुविधा आसानी से पहुँचाना है। कानूनी योजनाओं के अलावा, शिविर में महिलाओं से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग, घरेलू हिंसा से बचाव के तरीके, बाल संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों और शिक्षा के अधिकार से संबंधित कानूनी पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों सहित 70 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिविर के अंतिम चरण में एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ छात्राओं ने बेझिझक कानून और सुरक्षा से संबंधित अपनी शंकाएं व सवाल सामने रखे, जिनका मुख्य अतिथि ने संतोषजनक उत्तर देकर समाधान किया। इस शिविर का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के लिए न्याय तक सुलभ पहुँच सुनिश्चित करना और उनमें यह आत्मविश्वास जगाना था कि कानून उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।3