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अलीगढ़ में किसान आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा ने बड़ा विस्तार किया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के एक जिला स्तरीय नेता ने BKU छोड़कर संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा की सदस्यता ग्रहण कर ली है, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नई नियुक्ति संगठन के संस्थापक जितेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन और प्रदेश महासचिव के नेतृत्व में संपन्न हुई है। संगठन के इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसान और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को और धार देना तथा भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ विरोध को मजबूत करना है। मोर्चा इस नए बदलाव के साथ अलीगढ़, कासगंज और हाथरस सहित पूरे क्षेत्र में किसान-मजदूर आंदोलन को नई दिशा देने में जुट गया है।

21 hrs ago
user_Abdul Hadi
Abdul Hadi
Teacher Koil, Aligarh•
21 hrs ago
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अलीगढ़ में किसान आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा ने बड़ा विस्तार किया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के एक जिला स्तरीय नेता ने BKU छोड़कर संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा की सदस्यता ग्रहण कर ली है, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नई नियुक्ति संगठन के संस्थापक जितेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन और प्रदेश महासचिव के नेतृत्व में संपन्न हुई है। संगठन के इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसान और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को और धार देना तथा भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ विरोध को मजबूत करना है। मोर्चा इस नए बदलाव के साथ अलीगढ़, कासगंज और हाथरस सहित पूरे क्षेत्र में किसान-मजदूर आंदोलन को नई दिशा देने में जुट गया है।

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  • सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और अनुशासन को सबसे अधिक महत्व दिया। उनका मानना था कि असली शिक्षा वही है जो व्यक्ति के आचरण और नैतिकता में सुधार लाए। अपने इस विज़न को साकार करने के लिए उन्होंने एक आवासीय शिक्षा प्रणाली (Residential System) विकसित की। इस व्यवस्था के अंतर्गत छात्र ड्रेस कोड, सामूहिक नमाज़, सामूहिक भोजन, खेल, वाद-विवाद और छात्र संघ जैसी गतिविधियों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करते थे। इसी मॉडल से 'अलीगढ़ संस्कृति' (Aligarh Culture) की नींव पड़ी, जिसने समाज में सामाजिक समानता, सभ्यता, शिष्टाचार और नैतिकता को बढ़ावा दिया। इस व्यवस्था ने ऐसे नागरिक तैयार किए जिनकी पहचान दुनिया भर में उनके उत्कृष्ट व्यवहार और उच्च चरित्र के कारण बनी।
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    सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और अनुशासन को सबसे अधिक महत्व दिया। उनका मानना था कि असली शिक्षा वही है जो व्यक्ति के आचरण और नैतिकता में सुधार लाए।

अपने इस विज़न को साकार करने के लिए उन्होंने एक आवासीय शिक्षा प्रणाली (Residential System) विकसित की। इस व्यवस्था के अंतर्गत छात्र ड्रेस कोड, सामूहिक नमाज़, सामूहिक भोजन, खेल, वाद-विवाद और छात्र संघ जैसी गतिविधियों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करते थे।

इसी मॉडल से 'अलीगढ़ संस्कृति' (Aligarh Culture) की नींव पड़ी, जिसने समाज में सामाजिक समानता, सभ्यता, शिष्टाचार और नैतिकता को बढ़ावा दिया। इस व्यवस्था ने ऐसे नागरिक तैयार किए जिनकी पहचान दुनिया भर में उनके उत्कृष्ट व्यवहार और उच्च चरित्र के कारण बनी।
    user_Abdul Hadi
    Abdul Hadi
    Teacher Koil, Aligarh•
    23 min ago
  • भारत में वर्ष 2004 से 2014 के बीच पेपर लीक और बड़े पैमाने पर नकल के कई मामले सामने आए थे। आंकड़ों के अनुसार, इस एक दशक में देश भर में लगभग 35 से 45 बड़ी परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की बात करें तो 2004 में AIPMT का प्रश्न पत्र लीक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और बदलाव करने पड़े थे। इसके बाद 2006 में दिल्ली में CBSE कक्षा 12वीं का अकाउंटेंसी पेपर लीक हुआ और AIIMS प्री-PG एंट्रेंस एग्जाम में भी गड़बड़ी हुई। 2007 में AIEEE का पेपर लीक होने से परीक्षा का शेड्यूल टालना पड़ा, जबकि 2012 में CBI ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करके AIIMS मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम का पेपर लीक कर रहा था। वहीं 2014 में CBSE कक्षा 10वीं के गणित और कक्षा 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की खबरें आई थीं। राज्यों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े घोटालों में 2008 से 2013 के दौरान हुआ मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला सबसे प्रमुख रहा, जिसमें प्रॉक्सी कैंडिडेट और भ्रष्टाचार के नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई। इस मामले में बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कई नियुक्तियां और परिणाम रद्द कर दिए थे। इसके अलावा 2013 में महाराष्ट्र HSC (कक्षा 12वीं), राजस्थान यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े स्तर पर पेपर लीक हुए। 2011 में उत्तर प्रदेश में AIEEE के पेपर लीक हुए और हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं, हालांकि उस समय कोई हिंसक या शांतिपूर्ण बड़ा आंदोलन नहीं हुआ था। वर्ष 2015 से लेकर अब तक भी पेपर लीक के कई बहुत बड़े घोटाले हो चुके हैं। भारत में यह समस्या दिन-ब-दिन लगातार बढ़ रही है और व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
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    भारत में वर्ष 2004 से 2014 के बीच पेपर लीक और बड़े पैमाने पर नकल के कई मामले सामने आए थे। आंकड़ों के अनुसार, इस एक दशक में देश भर में लगभग 35 से 45 बड़ी परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की बात करें तो 2004 में AIPMT का प्रश्न पत्र लीक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और बदलाव करने पड़े थे। इसके बाद 2006 में दिल्ली में CBSE कक्षा 12वीं का अकाउंटेंसी पेपर लीक हुआ और AIIMS प्री-PG एंट्रेंस एग्जाम में भी गड़बड़ी हुई। 2007 में AIEEE का पेपर लीक होने से परीक्षा का शेड्यूल टालना पड़ा, जबकि 2012 में CBI ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करके AIIMS मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम का पेपर लीक कर रहा था। वहीं 2014 में CBSE कक्षा 10वीं के गणित और कक्षा 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की खबरें आई थीं।

राज्यों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े घोटालों में 2008 से 2013 के दौरान हुआ मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला सबसे प्रमुख रहा, जिसमें प्रॉक्सी कैंडिडेट और भ्रष्टाचार के नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई। इस मामले में बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कई नियुक्तियां और परिणाम रद्द कर दिए थे। इसके अलावा 2013 में महाराष्ट्र HSC (कक्षा 12वीं), राजस्थान यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े स्तर पर पेपर लीक हुए। 2011 में उत्तर प्रदेश में AIEEE के पेपर लीक हुए और हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं, हालांकि उस समय कोई हिंसक या शांतिपूर्ण बड़ा आंदोलन नहीं हुआ था।

वर्ष 2015 से लेकर अब तक भी पेपर लीक के कई बहुत बड़े घोटाले हो चुके हैं। भारत में यह समस्या दिन-ब-दिन लगातार बढ़ रही है और व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
    user_Yogendra Singh
    Yogendra Singh
    Animal rescue service कोइल, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी है। मेदांता अस्पताल में चिकित्सीय देखरेख ले रहे वांगचुक को स्वास्थ्य मंत्री ने खुद जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस वार्ता के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों ने वांगचुक की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और लोकतांत्रिक बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान निकालने की प्रतिबद्धता जताई। इसके जवाब में वांगचुक ने भी कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सार्थक बातचीत ही सबसे असरदार रास्ता है। दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों तक अनशन खत्म होने की आधिकारिक सूचना देर रात तक नहीं पहुंच सकी थी, जिसके चलते वे देर रात तक अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए थे। इस घटनाक्रम को इस लंबे आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच आगामी वार्ताओं का मार्ग प्रशस्त करता है।
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    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी है। मेदांता अस्पताल में चिकित्सीय देखरेख ले रहे वांगचुक को स्वास्थ्य मंत्री ने खुद जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस वार्ता के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों ने वांगचुक की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और लोकतांत्रिक बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान निकालने की प्रतिबद्धता जताई। इसके जवाब में वांगचुक ने भी कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सार्थक बातचीत ही सबसे असरदार रास्ता है।

दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों तक अनशन खत्म होने की आधिकारिक सूचना देर रात तक नहीं पहुंच सकी थी, जिसके चलते वे देर रात तक अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए थे। इस घटनाक्रम को इस लंबे आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच आगामी वार्ताओं का मार्ग प्रशस्त करता है।
    user_PPN Bharat express news
    PPN Bharat express news
    Photographer कोइल, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने युवाओं के हितों, शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार तथा हालिया छात्र आंदोलनों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि NEET-UG और JEE Main समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। इसके अलावा पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान करने, भर्ती परीक्षाओं का शुल्क समाप्त करने, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। पार्टी ने हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने और भविष्य में पुलिस व सुरक्षा बलों की वर्दी पर स्पष्ट नेम प्लेट अनिवार्य करने की मांग की। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने की मांग शामिल है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का कहना है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई होने से युवाओं का शिक्षा, रोजगार और भर्ती व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
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    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने युवाओं के हितों, शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार तथा हालिया छात्र आंदोलनों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि NEET-UG और JEE Main समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। इसके अलावा पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान करने, भर्ती परीक्षाओं का शुल्क समाप्त करने, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।

पार्टी ने हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने और भविष्य में पुलिस व सुरक्षा बलों की वर्दी पर स्पष्ट नेम प्लेट अनिवार्य करने की मांग की। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने की मांग शामिल है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का कहना है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई होने से युवाओं का शिक्षा, रोजगार और भर्ती व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
    user_MD News ( Aligarh)
    MD News ( Aligarh)
    इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सामने आई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि इस्तीफा बहुत देर से दिया गया है, जबकि इसे काफी पहले ही दे दिया जाना चाहिए था। इस कदम को सिर्फ एक साधारण इस्तीफा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक इंकलाब बताया गया है।
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    सामने आई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि इस्तीफा बहुत देर से दिया गया है, जबकि इसे काफी पहले ही दे दिया जाना चाहिए था। इस कदम को सिर्फ एक साधारण इस्तीफा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक इंकलाब बताया गया है।
    user_Manuddin Khan
    Manuddin Khan
    Grain Shop अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गाजियाबाद में भाजपा के नेता छात्रों को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए हैं। सामने आई इस घटना में भाजपा नेता द्वारा स्टूडेंटों के साथ मारपीट करते और उन पर थप्पड़ चलाते देखा गया है।
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    गाजियाबाद में भाजपा के नेता छात्रों को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए हैं। सामने आई इस घटना में भाजपा नेता द्वारा स्टूडेंटों के साथ मारपीट करते और उन पर थप्पड़ चलाते देखा गया है।
    user_Manuddin Khan
    Manuddin Khan
    Grain Shop अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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