महथौर पंचायत के वार्ड संख्या-8 से एक हृदयविदारक कहानी सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों के साथ जीवन जीने को विवश है। उनका घर अत्यधिक जर्जर हालत में है, और हाल ही में आई आंधी के दौरान उस पर एक विशाल पेड़ गिर जाने से स्थिति और भी खराब हो गई है। इस व्यक्ति का कहना है कि उन्होंने सहायता के लिए मुखिया, बीडीओ और विभिन्न जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली है। उनकी पत्नी का निधन हो चुका है, और वे अकेले ही अपने दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ड्राइवर के रूप में काम करने की उनकी मजबूरी ऐसी है कि उन्हें अपने बच्चों को भी अक्सर साथ लेकर जाना पड़ता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों से छोटी सी सहायता की अपील की गई है, चाहे वह ₹10, ₹20, ₹50 हो या उनकी क्षमतानुसार कोई अन्य राशि। आयोजकों का मानना है कि आपकी थोड़ी सी मदद किसी का जीवन बदल सकती है। इच्छुक दानदाताओं के संपर्क करने पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।
महथौर पंचायत के वार्ड संख्या-8 से एक हृदयविदारक कहानी सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों के साथ जीवन जीने को विवश है। उनका घर अत्यधिक जर्जर हालत में है, और हाल ही में आई आंधी के दौरान उस पर एक विशाल पेड़ गिर जाने से स्थिति और भी खराब हो गई है। इस व्यक्ति का कहना है कि उन्होंने सहायता के लिए मुखिया, बीडीओ और विभिन्न जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली है। उनकी पत्नी का निधन हो चुका है, और वे अकेले ही अपने दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ड्राइवर के रूप में काम करने की उनकी मजबूरी ऐसी है कि उन्हें अपने बच्चों को भी अक्सर साथ लेकर जाना पड़ता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों से छोटी सी सहायता की अपील की गई है, चाहे वह ₹10, ₹20, ₹50 हो या उनकी क्षमतानुसार कोई अन्य राशि। आयोजकों का मानना है कि आपकी थोड़ी सी मदद किसी का जीवन बदल सकती है। इच्छुक दानदाताओं के संपर्क करने पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।
- बिरौल स्थित खोड़ागाछी के पास एक अनियंत्रित बालू लदा ट्रैक्टर अचानक खाई में गिर गया। यह घटना खोड़ागाछी के समीप हुई।1
- मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक, बिहार विधानसभा की शून्यकाल समिति के अध्यक्ष, तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता श्री माधव आनंद के प्रयासों से मधुबनी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) एक्सटेंशन/टेक्निकल सेंटर की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। श्री माधव आनंद ने बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता विधायक दल और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव के रूप में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए इस उपलब्धि पर प्रकाश डाला है। उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में भारत सरकार के MSME मंत्री माननीय श्री जीतन राम मांझी जी से मुलाकात की थी और मधुबनी में इस केंद्र की स्थापना की मांग रखते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। श्री आनंद ने केंद्रीय मंत्री को बताया था कि मिथिला क्षेत्र, विशेषकर मधुबनी, हस्तशिल्प, मधुबनी पेंटिंग, कुटीर उद्योग और उद्यमशील युवाओं की समृद्ध परंपरा वाला क्षेत्र है, लेकिन तकनीकी मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग की कमी के कारण स्थानीय प्रतिभाओं को उचित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी द्वारा भेजे गए एक पत्र में यह जानकारी दी गई है कि मधुबनी में MSME एक्सटेंशन/टेक्निकल सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव पर मंत्रालय द्वारा सकारात्मक विचार किया जा रहा है और आवश्यक विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस सकारात्मक प्रगति से जिले के युवाओं, कारीगरों और छोटे उद्यमियों में नई उम्मीद जगी है। श्री माधव आनंद ने बताया कि यदि यह केंद्र मधुबनी में स्थापित होता है, तो स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास, उद्यमिता परामर्श और स्वरोजगार के अवसर अपने ही जिले में उपलब्ध होंगे। इससे रोजगार के लिए होने वाले पलायन में कमी आएगी तथा स्थानीय उद्योगों और कुटीर उद्यमों को नई पहचान और मजबूती मिलेगी। उन्होंने अपने प्रयास का लक्ष्य बताते हुए कहा, “मेरा प्रयास केवल एक संस्थान लाना नहीं, बल्कि मधुबनी के युवाओं के भविष्य को संवारना है। मैं चाहता हूँ कि हमारे युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर-परिवार छोड़कर दूर न जाना पड़े। विकास और अवसर मधुबनी की धरती पर ही उपलब्ध हों।” श्री माधव आनंद ने इस सकारात्मक पहल के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय MSME मंत्री श्री जीतन राम मांझी जी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि मंत्रालय शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेकर मधुबनी के विकास को नई दिशा देने का कार्य करेगा। श्री आनंद ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि मधुबनी के विकास, रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए उनकी लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे भी जारी रहेगी।1
- सहरसा की मेयर बैन प्रिया ने नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे अनशन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए प्रशासन और राज्य सरकार तक इस मांग को उठाने का भरोसा दिलाया, साथ ही अनशन पर बैठे लोगों और उनके समर्थकों का आभार व्यक्त किया। मेयर ने स्पष्ट किया कि नवहट्टा के हक की इस लड़ाई में वह पूरी तरह से जनता के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नवहट्टा का जो हक था, उसे ऐसी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है जहाँ छह महीने जलजमाव रहता है, जो कि अत्यंत खेदजनक है। उनका मानना है कि कोसी क्षेत्र की पहचान नवहट्टा से ही है, इसलिए डिग्री कॉलेज यहीं होना चाहिए। मेयर ने विशेष रूप से ज़ोर दिया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज होने से यहाँ की छात्राओं को पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। अगर इसे कासिमपुर या किसी अन्य दूरदराज के क्षेत्र में ले जाया जाता है, तो सबसे बड़ा मुद्दा बेटियों की असुरक्षा का खड़ा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। मेयर ने यह भी बताया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज के लिए पर्याप्त ज़मीन, व्यवस्था और इमारत उपलब्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से इसे यहाँ से स्थानांतरित किया है, तो वह खुद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री (उच्च शिक्षा), और राज्यपाल से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगी। बैन प्रिया ने कहा कि वह सबसे पहले डीएम साहब से बात कर उन्हें अनशन की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगी। उन्होंने उल्लेख किया कि जेठ के तपते महीने और कड़ी धूप में अनशन का आज सातवां दिन है। मेयर ने प्रशासन से तुरंत नींद से जागने और कोई अप्रिय घटना होने से पहले अधिकारियों (एसडीओ और अन्य) को खुद अनशनकारियों से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, अधिकारियों को मौके पर आकर कोई ठोस आश्वासन देना होगा। उन्होंने माँ भगवती से प्रार्थना की कि नवहट्टा की जनता के इस संघर्ष में जीत हो और नवहट्टा डिग्री कॉलेज अपने निर्धारित स्थान पर ही स्थापित हो।1
- आम जनता ने नोहटा में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की अपनी मुख्य मांग को लेकर अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सभी लोगों से अपनी आवाज को और बुलंद करने का निवेदन किया है, क्योंकि उनका आरोप है कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी इस मांग को पूरा नहीं करती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे और उनका अनशन लगातार जारी रहेगा।1
- बिहार के दरभंगा जिले में दिनदहाड़े एक हत्या की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मिलेनियम बाइकर्स शोरूम के मैनेजर मो. फैज की कुछ अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधी मृतक की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गए। इस गंभीर मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।1
- सीतामढ़ी जिले के पुपरी-झझिहट रोड पर Family Care Hospital का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस अस्पताल का लक्ष्य अब क्षेत्र के निवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना है। अस्पताल मरीजों के लिए अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अधिक जानकारी के लिए 7970898333 और 7970898444 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।1
- प्रखंड प्रमुख के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनसे रंगदारी मांगने के एक मामले को लेकर आदित्य पासवान ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस घटनाक्रम के संबंध में, पासवान ने अधिकारियों से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- मधुबनी पुलिस अधीक्षक ने एक थानाध्यक्ष और डायल 112 के कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गांजा की तस्करी में उनकी संदिग्ध भूमिका के आरोपों के बाद की गई है।1
- 9 जून 2026 को दरभंगा में अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों गरीब, वासहीन और भूमिहीनों ने एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च पोलो मैदान धरना स्थल से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-27 स्थित मब्बी इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर चक जमाल बाजार समिति के किनारे बरसों से बसे परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, साथ ही बुल्डोजर कार्रवाई बंद करने और सभी वासहीनों को 5 डिसमिल जमीन व पक्का मकान उपलब्ध कराने की जोरदार नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने सरकार पर दलितों और गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि जिन भूमिहीनों के पास सरकारी पर्चा है, उन्हें तुरंत जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया जाए, और सरकार को पहले बसाने फिर हटाने की नीति अपनानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, धीरेन्द्र झा ने सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को अविलंब वापस लेने और किसानों का मालिकाना हक बहाल करने की भी मांग की। मार्च का नेतृत्व भाकपा माले और खेग्रामस के नेता अभिषेक कुमार, सत्यनारायण पासवान, शनिचरी देवी, पप्पू कुमार पासवान और हरि पासवान संयुक्त रूप से कर रहे थे। नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि बिना उचित पुनर्वास के गरीबों को उनके घरों से उजाड़ा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अशोक पासवान, विश्वनाथ पासवान, पप्पू खां, अवधेश कुमार सिंह, विनोद सिंह, सुमित्रा देवी और जमाल उद्दीन सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।1