दिल्ली के मायापुरी इलाके की झुग्गियों में रोहिंग्याओं द्वारा कथित तौर पर अवैध कारखाने चलाए जा रहे हैं, जहाँ 'बच्चा पैदा नहीं कर रहे, बल्कि वंश बढ़ा रहे हैं' जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह स्थिति दिल्ली की मायापुरी में फैक्ट्रियों की आवाज़, रेलवे लाइन के शोर और अवैध कब्ज़ों की हकीकत को उजागर करती है। Political Post की एक एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे ट्रैक के किनारे बसी इन झुग्गियों के बीच लोहे के कारखाने, गत्ते का कारोबार और छोटे-छोटे उद्योग संचालित हो रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि तंग गलियों में बड़े-बड़े धंधे चल रहे हैं, वहीं सरकारी जमीन पर बना पूरा बसेरा भी कई सवाल खड़े करता है। यह रिपोर्ट इस बात पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है कि आखिर मायापुरी में यह सब कैसे चल रहा है और कौन इस पूरे 'खेल' को देख रहा है। रिपोर्ट में यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी और मजबूरियों पर भी बात की गई है, जिसमें एक निवासी ने कहा है कि "हमे झुग्गियों में रहने से तकलीफ नहीं होती"। यह ग्राउंड रिपोर्ट मायापुरी की उन सच्चाइयों को सामने लाती है, जो अक्सर कैमरों और खबरों से दूर रह जाती हैं।
दिल्ली के मायापुरी इलाके की झुग्गियों में रोहिंग्याओं द्वारा कथित तौर पर अवैध कारखाने चलाए जा रहे हैं, जहाँ 'बच्चा पैदा नहीं कर रहे, बल्कि वंश बढ़ा रहे हैं' जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह स्थिति दिल्ली की मायापुरी में फैक्ट्रियों की आवाज़, रेलवे लाइन के शोर और अवैध कब्ज़ों की हकीकत को उजागर करती है। Political Post की एक एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे ट्रैक के किनारे बसी इन झुग्गियों के बीच लोहे के कारखाने, गत्ते का कारोबार और छोटे-छोटे उद्योग संचालित हो रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि तंग गलियों में बड़े-बड़े धंधे चल रहे हैं, वहीं सरकारी जमीन पर बना पूरा बसेरा भी कई सवाल खड़े करता है। यह रिपोर्ट इस बात पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है कि आखिर मायापुरी में यह सब कैसे चल रहा है और कौन इस पूरे 'खेल' को देख रहा है। रिपोर्ट में यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी और मजबूरियों पर भी बात की गई है, जिसमें एक निवासी ने कहा है कि "हमे झुग्गियों में रहने से तकलीफ नहीं होती"। यह ग्राउंड रिपोर्ट मायापुरी की उन सच्चाइयों को सामने लाती है, जो अक्सर कैमरों और खबरों से दूर रह जाती हैं।
- उत्तर प्रदेश के सरधना में सरकारी विद्युत कार्य में बाधा डालने और निर्माण कार्य को तोड़ने का आरोप लगाया गया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन पूरी तरह राष्ट्र को समर्पित है। करोड़ों देशवासियों की मुस्कान ही उनकी खुशी है, उनकी प्रगति ही उनका संतोष है, और उनका विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। इसी समर्पित भावना के साथ, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में आज 4399 दिन पूरे कर लिए हैं। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे भारत देश के किसी प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन में पहले कभी दर्ज नहीं कराया। 4399 दिन राजनीति में बिताने के बाद, उन्हें केवल एक प्रधानमंत्री नहीं बल्कि एक सच्चे 'राष्ट्रभक्त' और भारत का सच्चा सेवक बताया गया है।1
- मेरठ के ग्राम सिंधवली स्थित रोहटा रोड पर, भारतीय किसान यूनियन (आज़ाद) के राष्ट्रीय मुख्यालय में आज, 10 जून को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य आगामी "किसान-मजदूर अधिकार यात्रा" के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करना था। वार्ता के दौरान, इस यात्रा के उद्देश्यों, इसके कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से दी गई।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ से तलाक का एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहाँ नवविवाहित जोड़े के बीच विवाद का कारण कोई तीसरा व्यक्ति नहीं, बल्कि दूल्हे का पूरा परिवार बन गया, जो उनके हनीमून पर साथ चला गया था। प्राइवेसी के इस हनन से नाराज़ दुल्हन ने अब पति से अलग होने का मन बना लिया है, और मामला तलाक तक पहुंच गया है। पत्नी का आरोप है कि शादी के बाद पति उसे हनीमून पर ले गया, लेकिन साथ में सास, ससुर, ननद और देवर सहित पूरे परिवार को भी साथ ले गया। इसी बात पर पति-पत्नी में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंचा। नवविवाहिता का कहना है कि हनीमून पति-पत्नी के लिए निजी समय होता है, और परिवार के साथ जाने के कारण उसे पति के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिला। यह मामला बहसूमा थाना इलाके के रामराज निवासी ग्रेजुएट लड़की और दिल्ली के पटेल नगर में रहने वाले लड़के का है, जिसने सिंगापुर से हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की शादी एक वेबसाइट के जरिए हुई थी। दूसरी ओर, पति का कहना है कि वह पूरे परिवार को खुश रखने के लिए ही सबको साथ लेकर गया था, और उसे लगता है कि उसने कुछ गलत नहीं किया। परिवार परामर्श केंद्र में इस मामले की तीन बार काउंसलिंग हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन पा रही है। सोमवार को भी उनकी काउंसलिंग की गई और उन्हें थोड़ा और समय दिया गया है। यह बताया गया है कि यदि आगे भी बात नहीं बनी तो तलाक के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- हापुड़ रोड पर जिप्सी में सवार कुछ युवकों ने सड़क पर खूब हुड़दंग मचाया। इन युवकों ने सड़क पर माहौल खराब करते हुए काफी हंगामा किया।1
- मेरठ में एक युवती ने एक युवक पर लंबे समय तक यौन शोषण और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई वर्षों तक संबंध बनाए और बाद में उसे छोड़ दिया। आरोप है कि इस दौरान युवती का कई बार गर्भपात भी कराया गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने बाद में किसी और से शादी कर ली और उसे घर से बाहर निकाल दिया। यह मामला सामने आने के बाद, पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में गहन चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि वे मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद ही पूरी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र स्थित हापुड़ चुंगी इलाके में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब कुछ किन्नरों ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से किन्नर बनकर लोगों से पैसे वसूलने वाले व्यक्तियों को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों के सामने उनका कथित बहरूपिया रूप उजागर किया गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद कुछ लोग वहां से भागने लगे, जिन्हें हालांकि पकड़ लिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के साथ-साथ मारपीट की घटना भी हुई। सूचना मिलने पर थाना नौचंदी की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने में जुटी है।1
- गाजियाबाद में भाजपा जिला मंत्री तिभा गोस्वामी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस खास अवसर पर कार्यकर्ताओं द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस पूरी घटना की वीडियो एडिटिंग और रिपोर्टिंग मेरठ की ब्यूरो चीफ पारूल सिरोही द्वारा की गई।1