बाड़मेर: पाक तस्करों का ‘वफादार’ निकला सलमान और शंकराराम, जैसलमेर से गुजरात तक फैला ड्रग्स नेटवर्क, पूछताछ में बड़े खुलासे राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने दो आरोपियों—सलमान और शंकराराम—को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े तस्करी गिरोह के साथ उनके गहरे संबंध सामने आए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में थे और सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों को भारत में सप्लाई करने का काम कर रहे थे। यह नेटवर्क से लेकर तक फैला हुआ था, जिससे बड़े स्तर पर ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी। जांच में सामने आया है कि तस्कर सीमा के पास सुनसान इलाकों का इस्तेमाल करते थे, जहां रात के समय ड्रोन या अन्य तरीकों से ड्रग्स की खेप गिराई जाती थी। इसके बाद सलमान और शंकराराम जैसे स्थानीय सहयोगी उसे उठाकर आगे नेटवर्क के जरिए विभिन्न राज्यों में पहुंचाते थे। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई अहम राज उगले हैं, जिनमें पाकिस्तान स्थित तस्करों के नाम, संपर्क के तरीके और भारत में उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी शामिल है। एजेंसियां अब इन खुलासों के आधार पर पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए अभियान चला रही हैं। यह भी सामने आया है कि तस्करी के इस नेटवर्क में बड़ी रकम का लेन-देन होता था और हवाला के जरिए पैसे पाकिस्तान तक पहुंचाए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती ड्रग्स तस्करी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा कर लिया जाएगा और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
बाड़मेर: पाक तस्करों का ‘वफादार’ निकला सलमान और शंकराराम, जैसलमेर से गुजरात तक फैला ड्रग्स नेटवर्क, पूछताछ में बड़े खुलासे राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने दो आरोपियों—सलमान और शंकराराम—को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े तस्करी गिरोह के साथ उनके गहरे संबंध सामने आए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में थे और सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों को भारत में सप्लाई करने का काम कर रहे थे। यह नेटवर्क से लेकर तक फैला हुआ था, जिससे बड़े स्तर पर ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी। जांच में सामने आया है कि तस्कर सीमा के पास सुनसान इलाकों का इस्तेमाल करते थे, जहां रात के समय ड्रोन या अन्य तरीकों से ड्रग्स की खेप गिराई जाती थी। इसके बाद सलमान और शंकराराम जैसे स्थानीय सहयोगी उसे उठाकर आगे नेटवर्क के जरिए विभिन्न राज्यों में पहुंचाते थे। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई अहम राज उगले हैं, जिनमें पाकिस्तान स्थित तस्करों के नाम, संपर्क के तरीके और भारत में उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी शामिल है। एजेंसियां अब इन खुलासों के आधार पर पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए अभियान चला रही हैं। यह भी सामने आया है कि तस्करी के इस नेटवर्क में बड़ी रकम का लेन-देन होता था और हवाला के जरिए पैसे पाकिस्तान तक पहुंचाए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती ड्रग्स तस्करी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा कर लिया जाएगा और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
- कांग्रेस नेता ने असम के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरमा को देश का “सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻1
- आवारा कुत्तों के हमले में 20 बकरियों की मौत, 6 घायल गजनेर थाना क्षेत्र के सूरजड़ा गांव में गुरुवार को अलसुबह आवारा कुत्तों के हमले से बड़ा नुकसान हो गया। जानकारी के अनुसार लिखमाराम पुत्र किशनाराम मेघवाल की बकरियों के बाड़े मे झुंड पर अचानक कुत्तों ने हमला कर दिया, जिसमें 20 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। अचानक हुए इस हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के पास पहुंचकर ढांढस बंधाया और घटना पर दुख जताया।ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर रोक लगाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।1
- जयपुर रोड पर एक कार में युवक का शव मिलने की घटना सामने आई है।1
- नांवा,,, उपखंड मुख्यालय नांवा में गुरुवार को अभिभाषक संघ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए न्यायालय परिसर में हंगामा किया और उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बुधवार को उपखंड न्यायालय नावा में हुई एक विवादित घटना के बाद वकीलों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अभिभाषक संघ के अनुसार, अधिवक्ता कमलेश कुमार टाक एक प्रकरण में पैरवी के लिए न्यायालय पहुंचे थे। इसी दौरान न्यायालय के रीडर पर प्रतिवादी पक्ष की ओर से पैरवी करने का आरोप लगा। विरोध करने पर रीडर द्वारा कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग, गाली-गलौच और मारपीट पर उतारू होने की होने के ज्ञापन में आरोप लगाए गए। इस दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद कई पक्षकारों ने पूरे घटनाक्रम को देखा, जिससे अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस पहुंची। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय पीठासीन अधिकारी अनुपस्थित थे, इसके बावजूद रीडर द्वारा इजलास लगाया गया, जो न्यायिक नियमों के विरुद्ध है। साथ ही न्यायालय में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने रीडर को तत्काल हटाने, निष्पक्ष जांच कराने और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग की। अभिभाषक संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक सभी अधिवक्ता न्यायालय कार्य का बहिष्कार करेंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।4
- Post by Ramesh jajra1
- Post by पत्रकार1
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार से एक 90 साल के रिटायर्ड डॉक्टर की याचिका पर जवाब मांगा है। डॉक्टर अपने लंबे समय से देखभाल करने वाले व्यक्ति को अपने बेटे के तौर पर गोद लेना चाहते हैं। याचिकाकर्ता, बोम्सी वाडिया हैं, जो मुंबई के ओपेरा हाउस इलाके के एक रिटायर्ड प्रोफेसर और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।अडॉप्शन को लेकर कानून आड़े आया तो मामला हाई कोर्ट पहुंचा। याचिका पिछले साल 2025 में दायर हुई थी। अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को जवाब देने का निर्देश दिया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुछ सवाल पूछे हैं और उनके जवाब दोनों सरकारों से मांगे हैं। यह याचिका एक रिटायर्ड प्रोफेसर और स्त्री रोग विशेषज्ञ, बोम्सी वाडिया (90) ने दायर की है, जो अपने 43 वर्षीय केयरटेकर, राजीव झा को अपने बेटे के रूप में गोद लेना चाहते हैं। बोम्सी वाडिया ओपेरा हाउस में रहते हैं। उनका यहां एक बड़ा बंगला है। इसके अलावा उनके कई प्रॉपर्टी हैं। एक BMW कार है। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट से आग्रह किया कि वह गोद लेने के दस्तावेज़ के रजिस्ट्रेशन का निर्देश दे। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट उनके अपनी पसंद के किसी वयस्क व्यक्ति को गोद लेने के अधिकार को मान्यता दें, जिसके साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा हो।1
- किसी भी तरह का नशा हो आप घर बैठे ही नशें से छुटकारा पाओ। जैसे पोस्त अफ़ीम गांजा चरस समेक चिट्टा डोडा चूरा इंजेक्शन मेडिकल नशा आदि इन सभी नशे से छुटकारा पाओ। बिना किसी तोड़ तकलीफ से छुटकारा पाओ।और आपका नशा पहले दिन से बन्द हो जाता है। मात्र 45/60 दिन का कोर्स है। ओर आप दवाई घर बैठे ही मंगवा सकते हैं। 75686281431
- पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा द्वारा नशे को लेकर बड़ा संदेश आमजन को दिया गया है ताकि आमजन प्रशासन की मदद करें और ऑपरेशन नीलकंठ के माध्यम से नशा तस्करों पर रोक लगाई जा सके।1