Shuru
Apke Nagar Ki App…
कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन कम मोहन यादव भूले विधायक का नाम
Pramod patel
कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन कम मोहन यादव भूले विधायक का नाम
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बनखेड़ी। गोविंद नगर के कृषि विशेषज्ञ देवीसिंह ने किसानों को मूंग फसल में खरपतवार नियंत्रण के प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने कहा कि समय पर निदाई-गुड़ाई, अनुशंसित खरपतवारनाशी दवाओं का संतुलित उपयोग तथा शुरुआती 20–30 दिनों में विशेष निगरानी से फसल की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन में वृद्धि मिलती है। किसानों को सलाह दी गई कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर लागत कम और उपज अधिक प्राप्त करें।1
- neta majak kar raha Ram jata pareshan ho raha hai1
- गोधना में ट्रांसफार्मर हटाकर जेई पर अवैध वसूली का आरोप: किसानों से कहा—‘पैसे दो, तभी लगेगी बिजली’”कलेक्टर से शिकायत मध्यप्रदेश के ग्राम पंचायत गोधना से शुक्रवार दोपहर 1 बजे के आसपास ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर से शिकायत की उन्होंने जहां बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर बलराम पंवार पर किसानों के साथ अवैध वसूली और दबाव बनाने के आरोप लगाया हैं। बताया जा रहा है कि सेमल नाला के पास बस्तीराम करोचे के खेत में लगा ट्रांसफार्मर जेई द्वारा जबरन निकलवा लिया गया। मौके पर मौजूद किसानों ने इसका विरोध किया और बिजली कनेक्शन लेने की बात कहते हुए ट्रांसफार्मर न हटाने की अपील भी की, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। किसानों का आरोप है कि जेई बलराम पंवार उनसे खुलेआम पैसे की मांग कर रहे हैं और साफ तौर पर कह रहे हैं कि “पैसे दोगे तभी ट्रांसफार्मर लगेगा।” गांव के कई किसानों—चंदन यादव, आशीष यादव, कुलदीप यादव, रामदेव और बृजलाल—के पास बिजली कनेक्शन की रसीदें भी मौजूद हैं, इसके बावजूद उनकी बिजली काट दी गई है। इतना ही नहीं, सुमरत कुमरे नामक किसान से 21,500 रुपये लेने के बाद भी आज तक कोई रसीद नहीं दी गई। पीड़ित किसानों ने इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का यह भी आरोप है कि जेई उन्हें धमकाते हैं और कहते हैं कि “उनकी ऊपर तक पहुंच है, कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पिछले 10 दिनों से इलाके में बिजली ठप है, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और वे भारी परेशानी झेल रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा, या किसानों को यूं ही शोषण का सामना करना1
- ग्राम गूजरखेड़ी निवासी 18 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ सेवन करने से हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी सोहागपुर के ग्राम गूजरखेड़ी में एक युवक की जहरीला पदार्थ सेवन करने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार छोटे पिता कारेलाल मालवीय (18 वर्ष) ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा युवक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल पुलिस द्वारा मौत के कारणों की जांच की जा रही है।1
- बाइक पर घूम कर कन्नौद क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सूने मकान को टारगेट कर नकबजनी चोरी करने वाली वाली गैंग का खुलासा आरोपियों की तलाश हेतु पुलिस ने खंगाले लगभग 500 सीसीटीव्ही कैमरे ग्रामीण क्षेत्रों में घरो की रेकी कर करते थे, चोरी की वारदात चकमा देने के लिए करते थे हेलमेट और दो-तीन शर्ट का उपयोग 4 बरामद किया लाखों रूपये का चोरी गया मश्रुका कन्नौद,थाना कन्नौद क्षेत्र अंतर्गत 15 दिन के अंदर दिन में ग्रामीण क्षेत्रों में सुने मकानों में चोरी की वारदात होने से पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गहलोत द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती सौम्या जैन तथा अनु विभागीय अधिकारी आदित्य तिवारी को इस प्रकार के अपराधियों के विरुद्ध कार्य योजना बनाकर कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया था शुक्रवार शाम 5:00 बजे कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम किलोदापी तथा कलवार मैं हुई चोरी की घटना पर घटनास्थल का निरीक्षण तथा अपराधियों का रूट मैप ऑपरेशन त्रिनेत्र में लगे ग्रामीण क्षेत्र के 500 सीसीटीवी कैमरा के आधार पर तैयार किया गया इसके अतिरिक्त पुलिस के परंपरागत तरीकों तथा तकनीकी आधारों पर पुलिस टीम द्वारा यह पता कर लिया गया कि उक्त घटना देवास जिले के पीपलरावा के अपराधियो द्वारा की गई है पुलिस थाना कन्नौद की पुलिस टीम द्वारा कंजर डेरा पिपलरावा में दबिश दी गई परंतु आरोपी पुलिस की सूचना पाकर भागने का प्रयास किया परंतु पुलिस टीम द्वारा विशाल पिता फुलसिंह उर्फ सुनिल कंजर निवासी कंजर डेरा पिपलरावा को गिरफ्तार कर पुलिस रिमाण्ड प्राप्त कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर थाना कन्नौद क्षेत्र के ग्राम कलवार, किलोदा पी व अन्य स्थानों पर बाइक से घूम कर ग्रामीण क्षेत्रों में जो मकान में ताला लगा होता था उसे तुरंत तोड़कर सोना चांदी की चोरी करना रेकी कर चोरी करना स्वीकार किया गया, आरोपीगण पुलिस को चकमा देने तथा पहचान छुपाने हेतु हेलमेट तथा दो-तीन शर्ट पहनते थे कुछ दूरी तय करने के बाद शर्ट वगेरा चेंज कर देते हैं परंतु पुलिस टीम को चकमा नहीं दे पाए और पकड़ में आ गए पुलिस टीम द्वारा आरोपी से लगभग 7,00000/- चोरी किया गया मशरूका बरामद किया गया, आरोपी को माननीय न्यायालय पेश किया गया जहां से आरोपी को जेल भेजा गया है, पुलिस द्वारा प्रकरण में अन्य फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। उपरोक्त कार्यवाही में उनि राहुल रावत, प्र.आर. 599 दीपक अग्निहोत्री, आर योगेन्द्रसिंह, राजेन्द्रसिंह राजपूत व थाना पिपलरावा के उनि अरूण पिपल्दे, आर 118 अजय मालवीय, आर. 955 बलराम, आर. 416 महेन्द्र जलोदिया, आर 1030 मनोज, आर 1025 रविन्द्र सायबर सेल आरक्षक सोनू का सराहनीय योगदान रहा।2
- Post by Manohar agrval Agrawal2
- दाल-बाटी याद, विधायक का नाम गड़बड़! सीएम का बयान बना चर्चा का विषय सिवनी मालवा में मुख्यमंत्री मोहन यादव का दौरा इस बार एक दिलचस्प वजह से सुर्खियों में आ गया। कृषि उपज मंडी में आयोजित सभा के दौरान सीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत बड़े ही अपनत्व के साथ की—उन्होंने सिवनी मालवा की मशहूर दाल-बाटी और असली घी का जिक्र करते हुए लोगों से जोरदार तालियों की अपील की। लेकिन भाषण के बीच एक छोटी सी चूक ने माहौल को चटपटा बना दिया। मंच से बोलते हुए सीएम ने स्थानीय विधायक का नाम “प्रेमसिंह” ले लिया, जबकि सिवनी मालवा के विधायक का सही नाम प्रेमशंकर वर्मा है। बस फिर क्या था—सीएम का यह बयान तुरंत लोगों की जुबान पर चढ़ गया। सभा खत्म होते ही शहर में चर्चा शुरू हो गई कि “सीएम को दाल-बाटी तो याद रही, लेकिन अपने विधायक का नाम भूल गए!” राजनीतिक गलियारों से लेकर चाय की दुकानों तक अब यही मजेदार किस्सा चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे सामान्य मानवीय भूल बता रहे हैं, तो कुछ हल्के-फुल्के अंदाज़ में चुटकी ले रहे हैं। कुल मिलाकर, सिवनी मालवा की दाल-बाटी के साथ यह ‘नाम वाला ट्विस्ट’ भी लोगों को लंबे समय तक याद रहने वाला है।1
- घोड़ाडोंगरी के पास रहस्यमयी हादसा: अज्ञात शख्स की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत, पहचान बनी बड़ी पहेली” बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी क्षेत्र से एक रहस्यमयी और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरूवार देर रात करीब 9 बजे एक लगभग 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे मिला। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से उसे घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन हालत नाजुक होने के चलते उसे तुरंत बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। शुक्रवार तड़के जिला अस्पताल में भर्ती इस अज्ञात व्यक्ति की हालत लगातार बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल शव को बैतूल जिला चिकित्सालय की मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है। हैरानी की बात यह है कि अब तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। न तो उसके पास कोई पहचान पत्र मिला और न ही कोई ऐसा सुराग, जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं—यह सड़क हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। अगर आप इस व्यक्ति को पहचानते हैं या इससे जुड़ी कोई जानकारी रखते हैं, तो तत्काल अस्पताल चौकी पुलिस, बैतूल से संपर्क करें। पहचान होने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई यही जानना चाहता है—आखिर कौन है ये अज्ञात शख्स, और कैसे हुई इसकी मौत?1
- सोहागपुर में जनगणना के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न सोहागपुर // जनगणना कार्य के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर के सेंट पैट्रिक हायर सेकेंडरी स्कूल में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी रामकिशोर झड़बड़े के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रथम बैच के अंतर्गत कुल 21 सुपरवाइजर एवं 125 प्रगणकों ने भाग लेकर आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संकलन, संबंधित नियमों तथा फील्ड में आने वाली संभावित समस्याओं के समाधान की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर के रूप में राकेश रघुवंशी, रामकिशोर दुबे, जितेंद्र तिवारी, राहुल तिवारी, विपिन गिल्ला एवं विजेंद्र वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं जनगणना टीम में अमित कुमार मिश्रा, उमेश रघुवंशी एवं अविनाश डोंगरे का सहयोग रहा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने हेतु फील्ड विजिट भी कराई गई, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की समझ विकसित हो सके। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सेवा भाव की शपथ दिलाई गई। उन्होंने प्रत्येक नागरिक की जानकारी को गोपनीय रखने तथा जनगणना कार्य को ईमानदारी, निष्ठा एवं पूर्ण जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का संकल्प लिया।1