उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पुलिस ने नौकरी और पढ़ाई का झांसा देकर नेपाली नागरिकों से ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 31 मई 2026 को हुई एक बड़ी कार्रवाई में आठ पुरुष और दो महिलाओं सहित कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, आभूषण, लैपटॉप और नगद राशि, जिसमें भारतीय व नेपाली करेंसी शामिल है, बरामद की है। पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। कसया थाना क्षेत्र में विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिल रही थी कि कुछ नेपाली नागरिक कुशीनगर में किराए के मकान लेकर अपने हमवतनों को नौकरी और मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर यहां बुलाते थे। इसके बाद वे उनसे विभिन्न मदों में धन ऐंठकर धोखाधड़ी करते थे और उन्हें वापस नेपाल भेज देते थे। इस सूचना का संज्ञान लेते हुए कसया थाने में एक अभियोग पंजीकृत किया गया और मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसके परिणामस्वरूप, थाना कसया, सर्विलांस सेल कुशीनगर, SWAT टीम कुशीनगर और STF गोरखपुर यूनिट की एक संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस दौरान कुल 453 नागरिकों/पीड़ितों को सुरक्षित उनके राष्ट्र नेपाल वापस भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से नौ कूटरचित आधार कार्ड, 60 अदद बॉन्ड पेपर, आभूषण (चार पीली धातु की अंगूठी, तीन रत्न लगी पीली धातु की अंगूठी, तीन रत्न लगी सफेद धातु की अंगूठी), एक लैपटॉप, ₹60,320/- भारतीय करेंसी, ₹14,290/- नेपाली करेंसी और जॉर्डन देश की एक दीनार करेंसी बरामद की गई है। इस संबंध में कसया थाने में मु0अ0सं0 319/2026 धारा 61(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वे एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। गिरोह के सदस्य नेपाल से आकर कुशीनगर में किराए के मकानों में रहकर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते थे। वे नेपाल के नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई तथा मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर धोखे से कुशीनगर बुलाते थे। गिरोह द्वारा पहले से तैयार किए गए कूटरचित आधार कार्ड तथा बॉन्ड पेपर का उपयोग कर पीड़ितों को आश्वासन दिया जाता था। कम पढ़े-लिखे एवं आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित आसानी से इस जाल में फंस जाते थे। गिरोह के सदस्य पीड़ितों से विभिन्न मदों में मोटी रकम वसूल करते थे और उनके साथ आर्थिक शोषण करते थे। इस प्रकार ठगी से प्राप्त धन को गिरोह के सभी सदस्य आपस में बाँटकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गनेश खत्री, सोजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग (सभी नेपाल राष्ट्र के निवासी) और सर्वेश प्रताप राव (कुशीनगर निवासी) के साथ-साथ दो महिला अभियुक्ता शामिल हैं। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पुलिस ने नौकरी और पढ़ाई का झांसा देकर नेपाली नागरिकों से ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 31 मई 2026 को हुई एक बड़ी कार्रवाई में आठ पुरुष और दो महिलाओं सहित कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, आभूषण, लैपटॉप और नगद राशि, जिसमें भारतीय व नेपाली करेंसी शामिल है, बरामद की है। पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। कसया थाना क्षेत्र में विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिल रही थी कि कुछ नेपाली नागरिक कुशीनगर में किराए के मकान लेकर अपने हमवतनों को नौकरी और मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर यहां बुलाते थे। इसके बाद वे उनसे विभिन्न मदों में धन ऐंठकर धोखाधड़ी करते थे और उन्हें वापस नेपाल भेज देते थे। इस
सूचना का संज्ञान लेते हुए कसया थाने में एक अभियोग पंजीकृत किया गया और मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसके परिणामस्वरूप, थाना कसया, सर्विलांस सेल कुशीनगर, SWAT टीम कुशीनगर और STF गोरखपुर यूनिट की एक संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस दौरान कुल 453 नागरिकों/पीड़ितों को सुरक्षित उनके राष्ट्र नेपाल वापस भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से नौ कूटरचित आधार कार्ड, 60 अदद बॉन्ड पेपर, आभूषण (चार पीली धातु की अंगूठी, तीन रत्न लगी पीली धातु की अंगूठी, तीन रत्न लगी सफेद धातु की अंगूठी), एक लैपटॉप, ₹60,320/- भारतीय करेंसी, ₹14,290/- नेपाली करेंसी और जॉर्डन देश की एक दीनार करेंसी बरामद की गई है। इस संबंध में कसया थाने में मु0अ0सं0 319/2026 धारा 61(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वे एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। गिरोह के सदस्य नेपाल से आकर
कुशीनगर में किराए के मकानों में रहकर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते थे। वे नेपाल के नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई तथा मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर धोखे से कुशीनगर बुलाते थे। गिरोह द्वारा पहले से तैयार किए गए कूटरचित आधार कार्ड तथा बॉन्ड पेपर का उपयोग कर पीड़ितों को आश्वासन दिया जाता था। कम पढ़े-लिखे एवं आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित आसानी से इस जाल में फंस जाते थे। गिरोह के सदस्य पीड़ितों से विभिन्न मदों में मोटी रकम वसूल करते थे और उनके साथ आर्थिक शोषण करते थे। इस प्रकार ठगी से प्राप्त धन को गिरोह के सभी सदस्य आपस में बाँटकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गनेश खत्री, सोजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग (सभी नेपाल राष्ट्र के निवासी) और सर्वेश प्रताप राव (कुशीनगर निवासी) के साथ-साथ दो महिला अभियुक्ता शामिल हैं। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
- कुशीनगर जनपद में परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोइयों ने अब 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रसोइया कर्मचारी समिति, जनपद कुशीनगर के बैनर तले इन रसोइयों ने शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, मानदेय में भारी बढ़ोतरी करने और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें शामिल हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में बताया गया है कि रसोइयों को वर्तमान में महज 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में रसोइयों से भोजन बनाने के अलावा झाड़ू लगाने, शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे अन्य काम भी कराए जाते हैं, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से शोषण हो रहा है। समिति ने मांग की है कि रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही मानदेय का भुगतान समय पर हो और उन पर होने वाले उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य ने रसोइयों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान फेकनी, कलावती, रेनू देवी, ऊषा देवी, गुड़िया, गीता सहित बड़ी संख्या में रसोइया कर्मचारी मौजूद रहीं।4
- कुशीनगर में परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोइयों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रसोइया कर्मचारी समिति, जनपद कुशीनगर के बैनर तले इन रसोइयों ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानदेय में भारी बढ़ोतरी और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें उठाई गईं। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में बताया गया कि रसोइयों को प्रतिमाह मात्र 2000 रुपये का मानदेय मिलता है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में उनसे भोजन बनाने के अलावा झाड़ू लगाने, शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे अतिरिक्त कार्य भी कराए जाते हैं, जिसके कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय का भुगतान समय पर हो और उन पर होने वाले उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य ने रसोइयों की मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान फेकनी, कलावती, रेनू देवी, ऊषा देवी, गुड़िया, गीता सहित बड़ी संख्या में रसोइया कर्मचारी मौजूद रहीं।4
- रामजन्म राजभर की हत्या कर दी गई है। यह घटना समाजवादी पार्टी के दौरे से संबंधित है, जिसमें दो यादवों ने रामजन्म राजभर को मारा है।1
- एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर मंडरा रहा है, जिसके लिए पिछले 12 सालों में मोदी जी द्वारा खड़ा किया गया ढाँचा ज़िम्मेदार बताया गया है। इस दावे के अनुसार, यह ढाँचा विशेष रूप से अडानी और अंबानी के लिए निर्मित किया गया था और अब यही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है। आशंका जताई गई है कि जब यह ढाँचा ढहेगा, तब अडानी और अंबानी को चोट नहीं पहुँचेगी, क्योंकि उनके पास इस स्थिति से निकलने के रास्ते मौजूद हैं। हालाँकि, इसका सीधा और बुरा असर आम जनता पर पड़ेगा। इसमें युवाओं, ग़रीबों, मध्यमवर्ग के लोगों, किसानों, मज़दूरों और छोटे व्यापारियों को चोट पहुँचने की बात कही गई है, जिन्हें इस ढाँचे का कभी हिस्सा नहीं माना गया।1
- बंगाल में हजारों हिंदुओं की हत्या, हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार, जजों को बंधक बनाए जाने और सांसद-विधायकों की पिटाई जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। यह तीव्र रोष इन कथित कृत्यों के संदर्भ में सामने आया है, जिसके साथ ही यह भी कहा गया है कि “जैसी करनी वैसी भरनी।”1
- बकरीद के दिन हिंदू लड़के सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद असद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई पर लोगों ने 'नो जेल नो बेल सीधे अल्लाह से मेल' जैसे नारे के साथ संतुष्टि व्यक्त की है, जो इस मामले को लेकर व्याप्त जन आक्रोश को दर्शाता है।1