राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के नेतृत्व में निकाली जा रही अफीम किसान जागरण रैली को उदयपुर जिले में किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह रैली अफीम किसानों के अधिकारों, लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई है। 23 जून को डूंगला से शुरू हुई यह रैली बड़ीसादड़ी, कानोड़, भींडर और वल्लभनगर पहुंची, जहां किसानों ने जगह-जगह रैली का स्वागत किया और अफीम किसानों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए संबंधित उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इस दौरान हजारों किसान तपती गर्मी के बावजूद अपने हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए एकत्र हुए। बड़ीसादड़ी में शंभूलाल मेनारिया, राजा चौधरी, रवि मेनारिया सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। वहीं, कानोड़ में तहसील कार्यकारिणी का गठन किया गया और रामेश्वरलाल जाट को तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रैली में जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया, तहसील अध्यक्ष भगतलाल व्यास, संरक्षक गणपत सिंह चुंडावत, रामेश्वर कुमावत, उदयलाल जाट, दुर्गाशंकर मेनारिया और जगदीश जटली सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। 24 जून को यह रैली मावली पहुंची, जहां क्षेत्रीय विधायक पुष्कर डांगी किसानों के समर्थन में उपखंड कार्यालय तक पहुंचे और रैली में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी एवं जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया का किसानों द्वारा स्वागत किया गया। इसके बाद बाबूलाल गाडरी (सनवाड़), ओंकार जणवा, नारायण, गंगाराम, शंकर, जगदीश, देवलाल, मंगनीराम, भरत मेनारिया (सरपंच), सुरेश दाधीच, रामेश्वर खटीक, मधुलाल जाट, मांगीलाल गुर्जर, अंबालाल (सरपंच, पालना), मंगूसिंह (महुड़ा), शिवाजी डिंगराकिया, गोपाल डबोक सहित सैकड़ों किसानों ने मावली उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार के समक्ष अफीम किसानों की समस्याओं के समाधान और मांगों के निराकरण के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि आगामी दिनों में भी यह जागरण रैली विभिन्न तहसीलों और उपखंड मुख्यालयों पर पहुंचेगी, ताकि प्रशासन के माध्यम से अफीम किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके और उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के नेतृत्व में निकाली जा रही अफीम किसान जागरण रैली को उदयपुर जिले में किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह रैली अफीम किसानों के अधिकारों, लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई है। 23 जून को डूंगला से शुरू हुई यह रैली बड़ीसादड़ी, कानोड़, भींडर और वल्लभनगर पहुंची, जहां किसानों ने जगह-जगह रैली का स्वागत किया और अफीम किसानों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए संबंधित उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इस दौरान हजारों किसान तपती गर्मी के बावजूद अपने हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए एकत्र हुए। बड़ीसादड़ी में शंभूलाल मेनारिया, राजा चौधरी,
रवि मेनारिया सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। वहीं, कानोड़ में तहसील कार्यकारिणी का गठन किया गया और रामेश्वरलाल जाट को तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रैली में जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया, तहसील अध्यक्ष भगतलाल व्यास, संरक्षक गणपत सिंह चुंडावत, रामेश्वर कुमावत, उदयलाल जाट, दुर्गाशंकर मेनारिया और जगदीश जटली सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। 24 जून को यह रैली मावली पहुंची, जहां क्षेत्रीय विधायक पुष्कर डांगी किसानों के समर्थन में उपखंड कार्यालय तक पहुंचे और रैली में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी एवं जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया का किसानों द्वारा स्वागत किया गया। इसके बाद बाबूलाल गाडरी (सनवाड़), ओंकार
जणवा, नारायण, गंगाराम, शंकर, जगदीश, देवलाल, मंगनीराम, भरत मेनारिया (सरपंच), सुरेश दाधीच, रामेश्वर खटीक, मधुलाल जाट, मांगीलाल गुर्जर, अंबालाल (सरपंच, पालना), मंगूसिंह (महुड़ा), शिवाजी डिंगराकिया, गोपाल डबोक सहित सैकड़ों किसानों ने मावली उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार के समक्ष अफीम किसानों की समस्याओं के समाधान और मांगों के निराकरण के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि आगामी दिनों में भी यह जागरण रैली विभिन्न तहसीलों और उपखंड मुख्यालयों पर पहुंचेगी, ताकि प्रशासन के माध्यम से अफीम किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके और उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
- मंदसौर में बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी मशीन चलाए जाने के मामले में गोरक्षा विभाग ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से, गोरक्षा विभाग ने मांग उठाई है कि पीड़ित परिवार को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अवसर मिले।1
- चित्तौड़गढ़ में तेज आंधी-तूफान के बाद आखिरकार झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश ने खेतों को नई संजीवनी प्रदान की है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।1
- क्रिकेटर हार्दिक पांड्या के ट्रांसफर को लेकर चर्चाएं और भी तेज़ हो गई हैं। लोगों के मन में यह सवाल है कि हार्दिक पांड्या के साथ क्या हुआ है और उनकी ट्रांसफर से जुड़ी कौन सी बातचीत चल रही है, साथ ही इस विषय पर क्या वायरल हो रहा है। इसी प्रकार की स्पोर्ट्स न्यूज़ और हार्दिक पांड्या की ट्रांसफर से संबंधित जानकारी जानने के लिए सब्सक्रिप्शन का आग्रह किया गया है।1
- एक सामाजिक कार्यकर्ता के एनकाउंटर की वैधता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह मुद्दा उठाया गया है कि ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर कितना उचित है, जो अपने स्वयं के लिए किसी लड़ाई में शामिल नहीं था।1
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र के वार्ड संख्या 43 में की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि दुर्ग क्षेत्र में कई परिवार पीढ़ियों से अपने पुश्तैनी मकानों और निजी भूमि पर रह रहे हैं, और उन्होंने संरक्षित स्मारकों या ऐतिहासिक धरोहरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। इसके बावजूद उनकी निजी संपत्तियों पर बने निर्माणों को हटाना अनुचित है। पूर्व राज्यमंत्री जाड़ावत ने जोर देकर कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि एक जीवंत मानवीय बस्ती है, जहां हजारों परिवार छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प, प्रसाद सामग्री, पर्यटन सेवाओं, भोजन और आवास जैसी गतिविधियों से अपनी आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने जैसलमेर दुर्ग का उदाहरण देते हुए बताया कि विश्व धरोहर स्थलों पर भी स्थानीय आबादी निवास करती है और पर्यटन से जुड़ी होती है। जाड़ावत ने चेतावनी दी कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों के घरों और रोजगार पर कार्रवाई करना अमानवीय है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि "दुर्ग क्षेत्र में बुलडोजर संस्कृति स्वीकार नहीं की जाएगी"। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और करती रहेगी। जाड़ावत ने इस मुद्दे पर स्थानीय भाजपा सांसद और निर्दलीय विधायक की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि दुर्ग क्षेत्र के मतदाता लगातार भाजपा के पक्ष में मतदान करते आए हैं, लेकिन अब जब उनके घरों और रोजगार पर संकट आया है, तो प्रतिनिधियों का मौन चिंताजनक है। कांग्रेस प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और एएसआई से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, ध्वस्तीकरण रोकने और क्षेत्रवासियों को विश्वास में लेकर स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई समाधान नहीं निकला, तो कांग्रेस आमजन के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- नीमच जिले के पालसोडा स्थित रामेश्वर घाट पर ग्रामीणों के श्रमदान से एक स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस पूरे अभियान का नेतृत्व पालसोडा के सरपंच प्रतिनिधि गुड्डू जाट ने किया।1
- महेश नवमी पर शोभायात्राओं का भव्य स्वागत, भागीरथ जयंती पर ओड महासभा ने लगाया रक्तदान शिविर; 36 यूनिट रक्तदान महेश नवमी पर शोभायात्राओं का भव्य स्वागत, भागीरथ जयंती पर ओड महासभा ने लगाया रक्तदान शिविर; 36 यूनिट रक्तदान1
- नॉर्वे के फैंस का वाइकिंग रो सेलिब्रेशन कैसा लगा आपको बताइए अपने दोस्तों परिवार के साथ भी शेयर करें और जाने रोज इसी प्रकार की स्पोर्ट्स न्यूज़ हमारे साथ और सदस्य बने हमारे इस परिवार का1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में भाजपा के भीतर अंदरूनी कलह का मामला सामने आया है। एक बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे संगठन में चल रही गुटबाजी स्पष्ट दिखाई दी। इस पूरी घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस अंदरूनी विवाद को और हवा दी है।1