बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पाली ।पाली तहसील में बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें खेतों में बिछी फसलें और गिरते ओले साफ देखे जा सकते हैं। अचानक बदला मौसम, मची अफरा-तफरी शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। पहले तेज हवाएं चलीं, इसके बाद काले बादल छा गए और देखते ही देखते गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में ओलावृष्टि होने लगी, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। रबी फसल पर सबसे ज्यादा असर इस समय क्षेत्र में गेहूं, राई सहित अन्य रबी फसलें पकने की अवस्था में हैं। तेज हवा और ओलों के कारण फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई के करीब थी, ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है। फलदार पेड़ों को भी नुकसान केवल अनाज ही नहीं, बल्कि आम और जामुन जैसे फलदार पेड़ों को भी इस बेमौसम मार का सामना करना पड़ा है। तेज हवा और ओलों की वजह से पेड़ों पर लगे कच्चे फल टूटकर गिर गए, जिससे आने वाले सीजन की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो घटना के कई वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में ओलों की तेज बौछार, हवा की रफ्तार और खेतों में बिछी फसलें साफ देखी जा सकती हैं। किसानों ने जताई चिंता स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन से मदद की उम्मीद किसान अब जिला प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। यदि जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाता है, तो प्रभावित किसानों को राहत मिल सकती है। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता को उजागर कर दिया है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पाली ।पाली तहसील में बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें खेतों में बिछी फसलें और गिरते ओले साफ देखे जा सकते हैं। अचानक बदला मौसम, मची अफरा-तफरी शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। पहले तेज हवाएं चलीं, इसके बाद काले बादल छा गए और देखते ही देखते गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में ओलावृष्टि होने लगी, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। रबी फसल पर सबसे ज्यादा असर इस समय क्षेत्र में गेहूं, राई सहित अन्य रबी फसलें पकने की अवस्था में हैं। तेज हवा और ओलों के कारण फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई के करीब थी, ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है। फलदार पेड़ों को भी नुकसान केवल अनाज ही नहीं, बल्कि आम और जामुन जैसे फलदार पेड़ों को भी इस बेमौसम मार का सामना करना पड़ा है। तेज हवा और ओलों की वजह से पेड़ों पर लगे कच्चे फल टूटकर गिर गए, जिससे आने वाले सीजन की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो घटना के कई वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में ओलों की तेज बौछार, हवा की रफ्तार और खेतों में बिछी फसलें साफ देखी जा सकती हैं। किसानों ने जताई चिंता स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन से मदद की उम्मीद किसान अब जिला प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। यदि जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाता है, तो प्रभावित किसानों को राहत मिल सकती है। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता को उजागर कर दिया है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- लोकल न्यूज बीना कटनी से मजदूरी करने आए मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी, बीना थाने पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार बीना क्षेत्र में मजदूरी करने आए कटनी जिले के मजदूरों को उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार कटनी जिले के ग्राम मझगवा से कुल 42 मजदूर ग्राम बेसरा स्थित जेपी कंपनी के पास मजदूरी करने आए थे। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार कल्ला मुसलमान ने काम कराने के बाद भी उन्हें उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया। मजदूरों ने बताया कि करीब 72 हजार रुपए मजदूरी बकाया है, जिसकी मांग को लेकर वे बीना थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। मजदूरों में विष्णु कोल, लल्ला कोल, छोटू कोल, गणेश कोल, परसोत्तम कोल, कुसुम कोल और चंदा कोल सहित अन्य लोग शामिल हैं। थाने में मौजूद एसआई शिखर चंद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार को फोन पर मजदूरों की मजदूरी जल्द देने के निर्देश दिए। मजदूरों को अब उम्मीद है कि पुलिस हस्तक्षेप के बाद उन्हें उनकी मेहनत की कमाई मिल सकेगी। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर मजदूरों में नाराजगी और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।1
- लोकेशन, सागर,बीना, खुरई, खिमलासा। मौसम, अभी अभी हल्की हवा के साथ तेज़ बारिश शुरू हो गई है । कहीं कहीं ओले गिरने की खबर आ रही है। जिससे फसलों को हानि हो रही है।1
- लोकेशन:- बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना:-बीना में मौसम ने अचानक करवट ली तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों के चेहरों पर चिन्ताओ की लकीरें स्पष्ट देखी गई , बीना मंडीबामोरा क्षेत्र सेमरखेड़ी निवोदा, बेरखेड़ी माफी में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई वही बारिश होने से किसानों का कहना है इससे आने वाली फसल पर काफी असर पड़ेगा फसलों के कलर बदलने से इसकी कीमतों पर भी असर पड़ेगा। तो दूसरी ओर गर्मी से मिली राहत पिछले कुछ दिनों से बीना में तापमान लगातार बढ़ रहा था। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। ऐसे में अचानक हुई बूंदाबांदी किसी राहत से कम नहीं रही। जैसे ही आसमान से हल्की फुहारें गिरनी शुरू हुईं, लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और मौसम का आनंद लेने लगे।1
- लोकेशन :- बीना रिपोर्टर विजय चोहान बीना :- बीना में आस्था और विश्वास का केंद्र कटरा सरकार पर भक्तों का तांता लगा रहता है1
- Post by Jamil khan1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना :-भगवान झूलेलाल सिंधी समाज के आराध्य देव और संरक्षक हैं, जिन्हें जल देवता वरुण का अवतार माना जाता है। उन्हें 'उडेरोलाल' भी कहा जाता है, जिनका जन्म 10वीं शताब्दी में अत्याचारों से हिंदुओं की रक्षा के लिए हुआ था। वे समानता, एकता और धार्मिक सद्भाव के प्रतीक हैं, बीना मैं भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया, सिंधी पंचायत, नवयुवक मंडल, महिला मंडल द्वारा 18 मार्च को वाहन रैली निकाली गई भाई लीलाराम दरबार से श्री गुरु नानक सिंधी धर्मशाला तक गुरु ग्रंथ साहिब जी की सवारी निकाली गई महिला मंडल और बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए 19 मार्च को शब्द कीर्तन आरती एवं महिला मंडल, बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही घर पर तैयार की गई खाने पीने की स्टाइल सिंधी धर्मशाला परिसर में लगाई गई जिसका सभी ने आनंदपूर्वक एवं मौज मस्ती के साथ खाने का आनंद लिया 20 मार्च को शब्द कीर्तन अखंड पाठ का भोग साहिव कार्यक्रम गुरु का अटूट लंगर जिसे सभी ने आनंदपूर्वक चखा बहराणा साहिब भव्य शोभा यात्रा श्री गुरु नानक सिंधी धर्मशाला से प्रारंभ होकर झूलेलाल मंदिर पर सचखंड दरबार सुंदरानी भवन महा आरती का आयोजन किया गया एवं प्रसादी का वितरण हुआ। इस अवसर पर संतोष वाधवानी, विजय सुंदरानी, दिलीप सुंदरानी, हरीश वाधवानी, घनश्याम खुशलानी, अमित वाधवानी, माधव धामेचा, प्रकाश बड़वानी, मंसाराम सुंदरानी, राजकुमार सुंदरानी, लायक राम सुंदरानी, सदोरामल, चंदू वाधवानी, संजय नागवानी, प्रकाश बजाज, विनोद सुंदरानी, प्रकाश दुवानी, कैलाश नीलम अनिल बजाज, अंकुर मोटवानी विजय सुंदरानी, जितू मोटवानी,महैन्द अरोरा के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में नगर परिषद अध्यक्षा कु.दीप्ति कोरी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस नगर परिषद खरगापुर में कुछ समय से अध्यक्ष और पार्षद में चल रही थी खींचातानी के विरोध में आज नगर परिषद अध्यक्षा कु.दीप्ति कोरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि 18 मार्च 2026 को नगर परिषद की मीटिंग बुलाई गई थी जिस पर तीन प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया जाना था लेकिन नगर परिषद के पार्षदों के द्वारा मीटिंग का विरोध किया गया बाईट,, नगर परिषद अध्यक्षा कु दीप्ति कोरी1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1