चरखी दादरी के लोक विश्राम गृह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा के निदेशक एवं वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव से सामाजिक कार्यकर्ता संजय रामफल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर संजय रामफल ने डॉ. यादव का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। संजय रामफल ने बताया कि डॉ. वीरेंद्र यादव ने वर्ष 2018 से 2020 तक चरखी दादरी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के रूप में कार्य करते हुए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई सराहनीय कार्य किए थे। उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए गए, जिन्हें जिले के लोग आज भी याद करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में डॉ. वीरेंद्र यादव हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। संजय रामफल ने डॉ. वीरेंद्र यादव को एक "कर्मयोगी अधिकारी" बताते हुए कहा, "जो व्यक्ति समाज और जनहित के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करता है, वह हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहता है। डॉ. वीरेंद्र यादव ऐसे ही कर्मयोगी अधिकारी हैं, जिनके कार्य आज भी चरखी दादरी की जनता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।" उन्होंने डॉ. यादव के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर जनसेवा के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
चरखी दादरी के लोक विश्राम गृह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा के निदेशक एवं वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव से सामाजिक कार्यकर्ता संजय रामफल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर संजय रामफल ने डॉ. यादव का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। संजय रामफल ने बताया कि डॉ. वीरेंद्र यादव ने वर्ष 2018 से 2020 तक चरखी दादरी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के रूप में कार्य करते हुए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई सराहनीय कार्य किए थे। उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए गए, जिन्हें जिले के लोग आज भी याद करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में डॉ. वीरेंद्र यादव हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। संजय रामफल ने डॉ. वीरेंद्र यादव को एक "कर्मयोगी अधिकारी" बताते हुए कहा, "जो व्यक्ति समाज और जनहित के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करता है, वह हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहता है। डॉ. वीरेंद्र यादव ऐसे ही कर्मयोगी अधिकारी हैं, जिनके कार्य आज भी चरखी दादरी की जनता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।" उन्होंने डॉ. यादव के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर जनसेवा के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
- हरियाणा राज्य से संबंधित 50 महत्वपूर्ण खबरें अब केवल 10 मिनट में एक ही वीडियो के माध्यम से देखी जा सकती हैं। यह प्रस्तुति दर्शकों को राज्य की तमाम बड़ी खबरों का एक साथ और तेज़ी से अवलोकन करने की सुविधा प्रदान करती है।1
- भिवानी में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजर पुलिस ने शहर भर में एक सघन सर्चिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई नीट परीक्षा के आयोजन के संबंध में की गई।1
- हरियाणा में राव तुलाराम मेडिकल कॉलेज घसोला का मामला गरमा गया है, जहाँ कॉलेज के नाम को लेकर मुख्य विवाद छिड़ा हुआ है। गांव घसोला के ग्रामीण मेडिकल कॉलेज का नाम बदलवाने की मांग पर अड़े हैं और इस संबंध में एक पंचायत भी आयोजित कर चुके हैं। अपनी मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसी बीच, कई अन्य गांवों ने मेडिकल कॉलेज को अपने क्षेत्र में स्थापित करने की इच्छा जताई है। गांव सावड़ और अचीना की पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर सरकार से अनुरोध किया है कि मेडिकल कॉलेज उनके गांव में बनाया जाए। गांव कपूरी रामनगर की पंचायत ने भी सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने की तत्परता व्यक्त की है। कपूरी रामनगर पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेडिकल कॉलेज उनके गांव में राव तुलाराम के नाम से बनता है, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।1
- हरियाणा के भिवानी जिले में करोड़ों रुपये की एक जमीन को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे पूरे भिवानी का माहौल गरमा गया है। इस संवेदनशील प्रकरण में पुलिस की भूमिका भी जनता और अन्य पक्षों के बीच चर्चा का एक अहम विषय बनी हुई है।1
- भिवानी पुलिस 20 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह अलर्ट पर है। शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। डीएसपी अनूप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने शहर के विभिन्न होटलों, धर्मशालाओं और ठहरने के अन्य स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल संचालकों के रिकॉर्ड, आगंतुकों के पहचान पत्र और ठहरने से संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष अभियान नीट परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अवैध गतिविधि को रोकने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, जिसके तहत कई स्थानों पर अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी देखे गए और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। भिवानी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, धर्मशालाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की विशेष नजर बनी हुई है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों या किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए जिलेभर में लगातार चेकिंग अभियान जारी रहेगा। उन्होंने होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, उनसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है।1
- भिवानी में कबीर जयंती समारोह रद्द किए जाने के बाद प्रदर्शन किया गया।1
- कबीर जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में न आने से DSC समाज में भारी रोष देखने को मिला, जिसके बाद उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह कदम मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी के विरोध में उठाया गया है।1
- भिवानी के दिनोद गेट क्षेत्र में एक संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है, जहाँ कुछ किरायेदार परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दुकानें खाली करने के लिए दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। इन पीड़ित परिवारों का दावा है कि वे पिछले कई दशकों से इस स्थान पर किरायेदार के रूप में रह रहे हैं और उनके पास किरायेदारी से संबंधित सभी दस्तावेज़ व रसीदें मौजूद हैं। इस मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई की मांग की है। इसी दौरान, कुछ किरायेदारों द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कुछ पदाधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, FojiNews24 ने इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और उनका उद्देश्य सभी पक्षों की बात को निष्पक्ष रूप से सामने लाना है। FojiNews24 ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मामले से जुड़े अन्य पक्ष अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो उनका वक्तव्य भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। समाचार आउटलेट ने कहा है कि वीडियो में व्यक्त विचार संबंधित वक्ताओं और पक्षों के हैं, तथा वह किसी भी व्यक्ति, संगठन या संस्था के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। मामले की सत्यता का निर्धारण संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम न्यायिक/प्रशासनिक संस्थाओं द्वारा ही किया जाएगा।1