यूक्रेन के ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर 18 दिन बाद शास्त्री नगर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम छा गया। कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।। ताबूत में लौट आया जो घर का उजाला था,अब हर आंसू पूछ रहा है,क्या यही उसके बलिदान का सम्मान था। 18 दिन बाद घर पहुंचा बेटे का पार्थिव शरीर.ताबूत देखते ही बिखर गया परिवार, सम्मान और न्याय की मांग पर रुका अंतिम संस्कार; शोक के बीच शुरू हुई सियासत! ताबूत देखते ही पत्नी, मां और परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई। शोकाकुल परिवार के अनुसार दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले सागर को अंतिम विदाई तक में अपेक्षित सरकारी सम्मान नहीं मिला और तिरंगा तक स्वयं पार्थिव शरीर पर डालना पड़ा। इसी दर्द भरे पीड़ा के चलते परिजनों ने शहीद का दर्जा, दो करोड़ रुपये का मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। वहीं, इस दर्दनाक माहौल के बीच क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। विभिन्न दलों के नेताओं के पहुंचने पर स्थानीय लोगों में यह चर्चा रही कि शोक और संवेदना के इस क्षण में भी राजनीतिक हरकते करते दिखे और उपस्थिति अधिक दिखाई दी, जबकि दुःखी परिवार की प्राथमिक मांग सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने की है। शोकाकुल परिवार की अब निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
यूक्रेन के ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर 18 दिन बाद शास्त्री नगर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम छा गया। कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।। ताबूत में लौट आया जो घर का उजाला था,अब हर आंसू पूछ रहा है,क्या यही उसके बलिदान का सम्मान था। 18 दिन बाद घर पहुंचा बेटे का पार्थिव शरीर.ताबूत देखते ही बिखर गया परिवार, सम्मान और न्याय की मांग पर रुका अंतिम संस्कार; शोक के बीच शुरू हुई सियासत! ताबूत देखते ही पत्नी, मां और परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई। शोकाकुल परिवार के अनुसार दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले सागर को अंतिम विदाई तक में अपेक्षित सरकारी सम्मान नहीं मिला और तिरंगा तक स्वयं पार्थिव शरीर पर डालना पड़ा। इसी दर्द भरे पीड़ा के चलते परिजनों ने शहीद का दर्जा, दो करोड़ रुपये का मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। वहीं, इस दर्दनाक माहौल के बीच क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। विभिन्न दलों के नेताओं के पहुंचने पर स्थानीय लोगों में यह चर्चा रही कि शोक और संवेदना के इस क्षण में भी राजनीतिक हरकते करते दिखे और उपस्थिति अधिक दिखाई दी, जबकि दुःखी परिवार की प्राथमिक मांग सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने की है। शोकाकुल परिवार की अब निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
- दि इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित जून 2026 की सी एम ए इंटरमीडिएट एवं फाइनल परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। परीक्षा में कानपुर चैप्टर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। परिणामों के शुभ अवसर पर कानपुर चैप्टर ऑफिस में एक अभिनंदन कार्यक्रम में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी सफल एवं मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। चैप्टर के सचिव सी एम ए अजय शर्मा ने बताया कि इस बार सी एम ए फाइनल का 33 प्रतिशत और सी एम ए इंटर का 22 प्रतिशत रिजल्ट रहा। शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (सी एम ए फाइनल) इशिका मोदी सीएमए फाइनल दोनों ग्रुप में एक साथ सफलता प्राप्त की। इसके साथ ही अर्पित कुमार तिवारी दीपा चावला,तान्या अग्रवाल और सागर सचदेव सीएमए बने। गज़ाला परवीन राज आर्यन सिंह,रविंद्र सिंह,यशी त्रिपाठी, मोनिका शुक्ला सीएमए फाइनल परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। शीर्ष प्रदर्शनकर्ता सीएमए इंटरमीडियट खुशी चावला चैप्टर में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त महेंद्र सिंह दक्ष गौतम काजल राजपूत गौरव कुमार,लविशा मोटवानी,राजन कुमार जायसवाल,मोहम्मद अयान, अंकित विश्वकर्मा,हर्ष प्रजापति, पार्थ विश्नोई,शिवन्या कश्यप, यश राजेश मिश्रा,अक्षत दीक्षित,रोशन यादव, आयुष्मान शर्मा,तृषा गर्ग और शौर्य कश्यप सहित अन्य छात्रों ने इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की। कार्यक्रम के दौरान कानपुर चैप्टर चेयरमैन सीएमए ए. के. श्रीवास्तव ने छात्रों की कड़ी मेहनत,लगन और उनके अभिभावकों के मार्गदर्शन की सराहना की। चैप्टर चेयरमैन ने कहा कि कानपुर के छात्रों का यह प्रदर्शन क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। कानपुर चेप्टर में सफल हुए छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह किया गया। कानपुर चेप्टर के सचिव सीएमए अजय कुमार शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि इस बार शहर का परिणाम आसपास के जिलों से बेहतर रहा। वही अजय शर्मा ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में सफल छात्रों ने अपनी सफलता की रणनीति साझा की और चैप्टर द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन व शैक्षणिक सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।2
- कानपुर ब्यूरो रिपोर्ट कानपुर में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है।1
- एक पुलिसकर्मी पर एक कांवड़िये ने दारू पीकर कांवड़ खंडित करने का आरोप लगा दिया। उत्तराखंड पुलिस के एक पुलिसकर्मी पर एक कांवड़िये ने दारू पीकर कांवड़ खंडित करने का आरोप लगा दिया। बस फिर क्या था! पुलिसकर्मी कांवड़ियों के उत्पात से भली प्रकार परिचित है, इसलिए कांवड़िये का आरोप सुनते ही पुलिसकर्मी ने सबसे पहले भागकर अपनी जान बचाई। उसके पीछे गालियां देते हुए कांवड़िया गाली देते हुए भागता रहा, लेकिन पुलिसकर्मी ने सबसे पहले खुद को महफूज़ करना ज़रूरी समझा। बाद में जांच हुई तो पता चला कि पुलिसकर्मी ने कोई दारू-वारू नहीं पी थी।1