*ग्राम ऊफरी मे शासकीय प्राथमिक शाला के पास खुला बोर दे रहा हादसे को न्यौता ,कभी भी हो सकता बड़ा हादसा, प्रशासन ले संज्ञान* *मैहर*- शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम ऊफरी विकासखंड मैहर मे कुछ वर्ष पहले शासकीय मद से सार्वजनिक हित को देखते हुये बोरिंग करवाया गया था। बोर में पानी न होने के वजह से इस्तेमाल नहीं हो सका और बोर को खुला छोड़ दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है की बोर प्राथमिक शाला स्कूल के पास ही है जहां बच्चे दिनभर खेलते हुए यहां तक पहुंच जाते है। लेकिन लापरवाह का आलम ईस प्रकार है की जब तक कोई बड़ी दुर्घटना ना हो तब तक प्रशासन नहीं जागता, इसकी सूचना कई बार स्थानीय सरपंच को दी गई मगर सरपंच सुरेश दहायक की लापरवाही किसी दिन किसी परिवार के ऊपर भारी पड़ सकती है। पद के मद मे मस्त सरपंच जिले मे बड़े अनहोनी का इंतजार करवा रहा है। हाल ही मे प्रदेश में कई बड़ी घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सभी खुले हुए बोर को तत्काल ढकने का आदेश भी जारी किया था। मगर मैहर के कई ग्रामों के लिए यह आदेश सिर्फ कागज तक सीमित है। क्या ज़ब तक कोई जानवर या बच्चा काल के गाल में समा जाने के बाद ही यह आदेश ग्राम ऊफरी में लागु होगा, फिलहाल सरपंच स्कीम के तहत मलाई खाने में व्यस्त है। उसे इन सब मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। *ग्राम ऊफरी मे शासकीय प्राथमिक शाला के पास खुला बोर दे रहा हादसे को न्यौता ,कभी भी हो सकता बड़ा हादसा, प्रशासन ले संज्ञान* *मैहर*- शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम ऊफरी विकासखंड मैहर मे कुछ वर्ष पहले शासकीय मद से सार्वजनिक हित को देखते हुये बोरिंग करवाया गया था। बोर में पानी न होने के वजह से इस्तेमाल नहीं हो सका और बोर को खुला छोड़ दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है की बोर प्राथमिक शाला स्कूल के पास ही है जहां बच्चे दिनभर खेलते हुए यहां तक पहुंच जाते है। लेकिन लापरवाह का आलम ईस प्रकार है की जब तक कोई बड़ी दुर्घटना ना हो तब तक प्रशासन नहीं जागता, इसकी सूचना कई बार स्थानीय सरपंच को दी गई मगर सरपंच सुरेश दहायक की लापरवाही किसी दिन किसी परिवार के ऊपर भारी पड़ सकती है। पद के मद मे मस्त सरपंच जिले मे बड़े अनहोनी का इंतजार करवा रहा है। हाल ही मे प्रदेश में कई बड़ी घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सभी खुले हुए बोर को तत्काल ढकने का आदेश भी जारी किया था। मगर मैहर के कई ग्रामों के लिए यह आदेश सिर्फ कागज तक सीमित है। क्या ज़ब तक कोई जानवर या बच्चा काल के गाल में समा जाने के बाद ही यह आदेश ग्राम ऊफरी में लागु होगा, फिलहाल सरपंच स्कीम के तहत मलाई खाने में व्यस्त है। उसे इन सब मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।
*ग्राम ऊफरी मे शासकीय प्राथमिक शाला के पास खुला बोर दे रहा हादसे को न्यौता ,कभी भी हो सकता बड़ा हादसा, प्रशासन ले संज्ञान* *मैहर*- शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम ऊफरी विकासखंड मैहर मे कुछ वर्ष पहले शासकीय मद से सार्वजनिक हित को देखते हुये बोरिंग करवाया गया था। बोर में पानी न होने के वजह से इस्तेमाल नहीं हो सका और बोर को खुला छोड़ दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है की बोर प्राथमिक शाला स्कूल के पास ही है जहां बच्चे दिनभर खेलते हुए यहां तक पहुंच जाते है। लेकिन लापरवाह का आलम ईस प्रकार है की जब तक कोई बड़ी दुर्घटना ना हो तब तक प्रशासन नहीं जागता, इसकी सूचना कई बार स्थानीय सरपंच को दी गई मगर सरपंच सुरेश दहायक की लापरवाही किसी दिन किसी परिवार के ऊपर भारी पड़ सकती है। पद के मद मे मस्त सरपंच जिले मे बड़े अनहोनी का इंतजार करवा रहा है। हाल ही मे प्रदेश में कई बड़ी घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सभी खुले हुए बोर को तत्काल ढकने का आदेश भी जारी किया था। मगर मैहर के कई ग्रामों के लिए यह आदेश सिर्फ कागज तक सीमित है। क्या ज़ब तक कोई जानवर या बच्चा काल के गाल में समा जाने के बाद ही यह आदेश ग्राम ऊफरी में लागु होगा, फिलहाल सरपंच स्कीम के तहत मलाई खाने में व्यस्त है। उसे इन सब मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। *ग्राम ऊफरी मे शासकीय प्राथमिक शाला के पास खुला बोर दे रहा हादसे को न्यौता ,कभी भी हो सकता बड़ा हादसा, प्रशासन ले संज्ञान* *मैहर*- शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम ऊफरी विकासखंड मैहर मे कुछ वर्ष पहले शासकीय मद से सार्वजनिक हित को देखते हुये बोरिंग करवाया गया था। बोर में पानी न होने के वजह से इस्तेमाल नहीं हो सका और बोर को खुला छोड़ दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है की बोर प्राथमिक शाला स्कूल के पास ही है जहां बच्चे दिनभर खेलते हुए यहां तक पहुंच जाते है। लेकिन लापरवाह का आलम ईस प्रकार है की जब तक कोई बड़ी दुर्घटना ना हो तब तक प्रशासन नहीं जागता, इसकी सूचना कई बार स्थानीय सरपंच को दी गई मगर सरपंच सुरेश दहायक की लापरवाही किसी दिन किसी परिवार के ऊपर भारी पड़ सकती है। पद के मद मे मस्त सरपंच जिले मे बड़े अनहोनी का इंतजार करवा रहा है। हाल ही मे प्रदेश में कई बड़ी घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सभी खुले हुए बोर को तत्काल ढकने का आदेश भी जारी किया था। मगर मैहर के कई ग्रामों के लिए यह आदेश सिर्फ कागज तक सीमित है। क्या ज़ब तक कोई जानवर या बच्चा काल के गाल में समा जाने के बाद ही यह आदेश ग्राम ऊफरी में लागु होगा, फिलहाल सरपंच स्कीम के तहत मलाई खाने में व्यस्त है। उसे इन सब मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।
- Post by रोहित कुमार पाठक1
- मैहर के आदिवासियों का अन्न कौन खा रहा है? 3 महीने से राशन बंद, गांव में भूख का संकट मैहर - जनपद पंचायत मैहर की एक आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत भमरहा के ग्राम मनौरा में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। पिछले तीन महीनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का राशन नहीं मिला, जिससे सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों में आक्रोश है और बड़ा सवाल उठ रहा है — क्या आदिवासियों के हिस्से का अन्न कोटेदार हड़प रहा है या सिस्टम ही फेल हो चुका है? ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर मैहर को दिये गए आवेदन पत्र मे कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी एवं पिछड़ा बाहुल्य है, जहां लगभग 70 प्रतिशत लोग शासकीय राशन पर निर्भर हैं। राशन वितरण ठप होने से परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें 9 किलोमीटर दूर दूसरे गांव तक जाना पड़ता है, लेकिन कई बार वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में यदि राशन रिकॉर्ड में उठ रहा है तो जमीन पर क्यों नहीं पहुंच रहा? सरकार गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा की योजनाओं का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन मैहर में तीन महीने से राशन बंद होना प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है। ग्राम पंचायत भमरहा की सरपंच श्रीमती दुर्गा भाई ने कलेक्टर से अपील की है कि तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध कराने और पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है।1
- सतना के घुरडांग में एक संदिग्ध महिला को मोहल्ले वालों ने पकड़ा, कोलगवां पुलिस को दी सूचना1
- मैहर।जिस गौ माता की पूजा हमारे देवी देवता तक करते हो उस गौ माता के संरक्षण के लिए हमारे सनातन के शंकराचार्य जी को आंदोलन करना पड़े इससे बड़ा दुर्भाग्य हिंदुस्तान के लिए कुछ और नहीं हो सकता। मैहर के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वे अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ है उनके इस आंदोलन में हर सक्षमता के साथ खड़े है। हर हाल में गौ राष्ट्रमाता होनी चाहिए गौ का संरक्षण और संवर्धन होना चाहिए। क्या क्या कहा नारायण त्रिपाठी ने सुने वीडियो।1
- सतना - धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने के उपरांत षोडशी महोत्सव में पहुंचे शक्तेशगढ़ आश्रम के स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। अपने बड़े गुरु भाई की समाधी पर किया मस्तक नमन।1
- Post by लखन लाल पाण्डेय(रिप्पू )2
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- ग्वालियर निवासी विजेंद्र शाक्य जो की शर्मा रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था और उनका ट्रक चला कर अपनी परिवार का भरण पोषण करता था शर्मा रोडलाइंस मलिक ने इसको गाड़ी लेकर दिल्ली भेज दिया जहां पर कुछ अज्ञात गुंडो ने हमला कर उनको घायल कर जिसके दौरान आज 1000 बेड 11 अस्पताल में उनका निधन हो गया जिसको लेकर शर्मा रोड लाइंस मालिक से बात करने पर उन्होंने काम में कुछ नहीं कर सकता इस कारण वहां पर धरना प्रदर्शन डेड बॉडी को रखकर किया जा रहा है1