12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में लाखों लोगों ने योग किया, तस्वीरें आईं, रिकॉर्ड बने और लंबे-चौड़े भाषण भी हुए। हालाँकि, इसी दौरान 'तीसरी आँख' से देखने पर एक छुपा हुआ पहलू भी सामने आया: सरकारी दस्तावेज़ों और कसीदों में इस दिवस को '12 वर्षों की विजयगाथा का प्रतीक' बताया जा रहा था, जबकि पृष्ठभूमि में कई गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। आलोचना यह है कि योग दर्शन का मूल सिद्धांत 'अहंकार को छोड़ना' है, लेकिन इस आयोजन को अपनी ही पीठ थपथपाने का एक 'इवेंट' बना दिया गया। ऐसा लगता है जैसे महर्षि पतंजलि का योग दर्शन आज अपनी ही ज़मीन पर बेगाना महसूस कर रहा है, क्योंकि योग को एक आईने की तरह उपयोग करने के बजाय, उसे प्रचार का एक मंच बना दिया गया। इस साल की थीम 'बुढ़ापे में स्वस्थ जीवन' (Yoga for Healthy Ageing) थी, लेकिन ठीक उसी दिन देश की युवा पीढ़ी को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक तरफ, तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद NEET के परिणाम से किसी की बेटी रो रही थी, क्योंकि पेपर लीक होने से उसका भविष्य शून्य हो गया था। दूसरी ओर, किसी का बेटा डिग्रियों के बंडल लेकर नौकरी के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा था, लेकिन उसे न नौकरी मिली, न इज़्ज़त। साथ ही, देश के किसी कोने में अपनी जायज़ मांगों के लिए धरने पर बैठे लोगों तक न कोई कैमरा पहुँचा, न कोई नेता। जहाँ योग दिवस की चमचमाती तस्वीरें अगले दिन अखबार के पहले पन्ने पर थीं, वहीं देश की जवानी अंदर के पन्नों पर सिसक रही थी। यह विरोधाभास साफ दिखता है कि जहाँ बुढ़ापे की सेहत की बात हो रही थी, वहीं देश की जवानी रोज़ जल रही थी। ऐसे में, यह सवाल उठाया गया है कि साहब, बुढ़ापे की सेहत बाद में संभालिएगा, पहले इस देश की जवानी को बचाओ।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में लाखों लोगों ने योग किया, तस्वीरें आईं, रिकॉर्ड बने और लंबे-चौड़े भाषण भी हुए। हालाँकि, इसी दौरान 'तीसरी आँख' से देखने पर एक छुपा हुआ पहलू भी सामने आया: सरकारी दस्तावेज़ों और कसीदों में इस दिवस को '12 वर्षों की विजयगाथा का प्रतीक' बताया जा रहा था, जबकि पृष्ठभूमि में कई गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। आलोचना यह है कि योग दर्शन का मूल सिद्धांत 'अहंकार को छोड़ना' है, लेकिन इस आयोजन को अपनी ही पीठ थपथपाने का एक 'इवेंट' बना दिया गया। ऐसा लगता है जैसे महर्षि पतंजलि का योग दर्शन आज अपनी ही ज़मीन पर बेगाना महसूस कर रहा है, क्योंकि योग को एक आईने की तरह उपयोग करने के बजाय, उसे प्रचार का एक मंच बना दिया गया। इस साल की थीम 'बुढ़ापे में स्वस्थ जीवन' (Yoga for Healthy Ageing) थी, लेकिन ठीक उसी दिन देश की युवा पीढ़ी को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक तरफ, तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद NEET के परिणाम से किसी की बेटी रो रही थी, क्योंकि पेपर लीक होने से उसका भविष्य शून्य हो गया था। दूसरी ओर, किसी का बेटा डिग्रियों के बंडल लेकर नौकरी के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा था, लेकिन उसे न नौकरी मिली, न इज़्ज़त। साथ ही, देश के किसी कोने में अपनी जायज़ मांगों के लिए धरने पर बैठे लोगों तक न कोई कैमरा पहुँचा, न कोई नेता। जहाँ योग दिवस की चमचमाती तस्वीरें अगले दिन अखबार के पहले पन्ने पर थीं, वहीं देश की जवानी अंदर के पन्नों पर सिसक रही थी। यह विरोधाभास साफ दिखता है कि जहाँ बुढ़ापे की सेहत की बात हो रही थी, वहीं देश की जवानी रोज़ जल रही थी। ऐसे में, यह सवाल उठाया गया है कि साहब, बुढ़ापे की सेहत बाद में संभालिएगा, पहले इस देश की जवानी को बचाओ।
- एक प्यारे संदेश के माध्यम से एक बहन को उसके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- नारायणपुर के छोटेडोंगर में हल्बा समाज की महा कार्यकारिणी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में तीन राज्यों के सामाजिक प्रतिनिधि एक साथ जुटे।1
- पुलिस ने शराब के नशे में धुत होकर बस चला रहे एक चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।1
- कोंडागांव जिले के केशकाल राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बोरगांव स्थित जिला सहकारी बैंक के पास एक ट्रक और ट्रैक्टर की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में पैदल चल रही दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों ने दोनों घायल महिलाओं को तत्काल केशकाल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार प्रदान करने के बाद, उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगे रेफर कर दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बीते कई दिनों से पेट्रोल और विशेषकर डीजल की भारी किल्लत बनी हुई है। इस गंभीर ईंधन संकट के कारण किसानों का कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, क्योंकि खेतों तक ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण नहीं पहुँच पा रहे हैं। जिले के पाँच पेट्रोल पंपों में से सिर्फ एक पेट्रोल पंप में डीजल उपलब्ध होने की बात सामने आई है, जिसके चलते वहाँ रोजाना लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आम जनता को घंटों लाइन में खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें पेट्रोल-डीजल जैसी बुनियादी जरूरत के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता की इस बेहाली के बावजूद, केंद्र सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रही है। वहीं, भाजपा नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि जिले में किसी भी प्रकार की कोई ईंधन शॉर्टेज नहीं है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।1
- भंडारी पारा स्थित जमातखाना के पास शाम 6 बजे एक नारियल के पेड़ पर बिजली गिरने की घटना सामने आई। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मौसम में बहुत जल्दी बदलाव आ गया है और बारिश का मौसम शुरू हो गया है। इस बदले हुए मौसम को लेकर लोगों की क्या राय है, यह जानने के लिए टिप्पणियों में उनके अनुभव और भावनाएं बताने को कहा गया है।1
- कोंडागांव थाना क्षेत्र के बनियागांव गाँव में सड़क किनारे एक अज्ञात युवक घायल अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर, डायल 112 की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को जिला अस्पताल कोंडागांव पहुंचाया। युवक के मुंह और पैर में चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय युवक अत्यधिक शराब के नशे में था। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायल युवक की पहचान करने का प्रयास जारी है।1