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कौशाम्बी जनपद में मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के दृष्टिगत की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी साझा की गई है। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण ने इस विषय पर एक वीडियो बाइट जारी कर इन तैयारियों का विवरण दिया।

1 hr ago
user_Ishwar Deen Sahu
Ishwar Deen Sahu
Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

कौशाम्बी जनपद में मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के दृष्टिगत की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी साझा की गई है। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण ने इस विषय पर एक वीडियो बाइट जारी कर इन तैयारियों का विवरण दिया।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • फूलपुर कस्बे में सातवीं मोहर्रम के अवसर पर दुलदुल का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस फूलपुर की हवेली जामा मस्जिद से शुरू होकर बड़ा आलम मुल्लाना के इमामबाड़े में पहुंचा। इसके बाद बदरुल हसन जैदी के इमामबाड़े से दुलदुल निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जुलूस के दौरान रास्ते भर लोगों ने दुलदुल घोड़े को दूध, जलेबी और किशमिश खिलाई। फूलपुर की अंजुमन अब्बासिया ने, जिसका नेतृत्व सत्तर अहमद कर रहे थे, नौहे पढ़े। सातवीं मोहर्रम का यह जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग मुल्लाना, कोहना, कैथाना, नई बस्ती और जमीलाबाद से गुजरा। कैथाना में मुतवल्ली असीम, अजीत विश्वकर्मा, शकील और नईम ने लोगों के लिए काफी और शरबत का लंगर वितरित किया। इसके बाद जुलूस शुक्लाना, जाफरगंज, बरई टोला, जमीलाबाद और बानगी बाजार पहुंचा, जहां बलाग़त हुसैन और बदरुल हसन जैदी ने शोज पढ़े। जुलूस में हुसैनी आगे चल रहे थे, जिनके पीछे मातमी दस्त था। इस अवसर पर नईम, अजीत विश्वकर्मा, हसनैन अहमद, अख्तर, सैफ, आसिफ, गौरव विश्वकर्मा, फैज, तारिक सिद्दीकी, फराज, आमिर, साहिल, अमीन और तैय्याफ सहित कई लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी विवेक कुमार यादव और सौरभ पांडेय अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर तैनात थे।
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    फूलपुर कस्बे में सातवीं मोहर्रम के अवसर पर दुलदुल का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस फूलपुर की हवेली जामा मस्जिद से शुरू होकर बड़ा आलम मुल्लाना के इमामबाड़े में पहुंचा। इसके बाद बदरुल हसन जैदी के इमामबाड़े से दुलदुल निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

जुलूस के दौरान रास्ते भर लोगों ने दुलदुल घोड़े को दूध, जलेबी और किशमिश खिलाई। फूलपुर की अंजुमन अब्बासिया ने, जिसका नेतृत्व सत्तर अहमद कर रहे थे, नौहे पढ़े। सातवीं मोहर्रम का यह जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग मुल्लाना, कोहना, कैथाना, नई बस्ती और जमीलाबाद से गुजरा। कैथाना में मुतवल्ली असीम, अजीत विश्वकर्मा, शकील और नईम ने लोगों के लिए काफी और शरबत का लंगर वितरित किया। इसके बाद जुलूस शुक्लाना, जाफरगंज, बरई टोला, जमीलाबाद और बानगी बाजार पहुंचा, जहां बलाग़त हुसैन और बदरुल हसन जैदी ने शोज पढ़े। जुलूस में हुसैनी आगे चल रहे थे, जिनके पीछे मातमी दस्त था।

इस अवसर पर नईम, अजीत विश्वकर्मा, हसनैन अहमद, अख्तर, सैफ, आसिफ, गौरव विश्वकर्मा, फैज, तारिक सिद्दीकी, फराज, आमिर, साहिल, अमीन और तैय्याफ सहित कई लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी विवेक कुमार यादव और सौरभ पांडेय अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर तैनात थे।
    user_AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    पत्रकार Prayagraj, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • प्रयागराज में खान ग्लोबल क्लासेज नामक एक कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद संस्थान के बाहर एक नोटिस भी चस्पा किया गया है, जिसमें संबंधित संचालकों के लिए स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि जिस भवन में कोचिंग का संचालन हो रहा था, उसका नक्शा व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत था। हालांकि, कोचिंग संस्थान का संचालन 'सामुदायिक सुविधा' की श्रेणी में आता है, और भवन के लिए 'सामुदायिक सुविधा भू-उपयोग' की स्वीकृति नहीं ली गई थी, जिसके कारण यह कार्रवाई आवश्यक हो गई। चस्पा किए गए नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि बिना अनुमति सील तोड़ी जाती है या दोबारा कोचिंग का संचालन शुरू किया जाता है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    प्रयागराज में खान ग्लोबल क्लासेज नामक एक कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद संस्थान के बाहर एक नोटिस भी चस्पा किया गया है, जिसमें संबंधित संचालकों के लिए स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि जिस भवन में कोचिंग का संचालन हो रहा था, उसका नक्शा व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत था। हालांकि, कोचिंग संस्थान का संचालन 'सामुदायिक सुविधा' की श्रेणी में आता है, और भवन के लिए 'सामुदायिक सुविधा भू-उपयोग' की स्वीकृति नहीं ली गई थी, जिसके कारण यह कार्रवाई आवश्यक हो गई।

चस्पा किए गए नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि बिना अनुमति सील तोड़ी जाती है या दोबारा कोचिंग का संचालन शुरू किया जाता है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Arvind singh kumar
    Arvind singh kumar
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जीवन की इस आपाधापी और भागदौड़ के बीच, इंसान अपनी पहचान और सम्मान के साथ जीने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रहता है। इसी के साथ यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी प्रकार की चोरी करना एक अच्छी बात नहीं है, और ऐसा करना गलत है।
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    जीवन की इस आपाधापी और भागदौड़ के बीच, इंसान अपनी पहचान और सम्मान के साथ जीने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रहता है। इसी के साथ यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी प्रकार की चोरी करना एक अच्छी बात नहीं है, और ऐसा करना गलत है।
    user_Mohini Shukla
    Mohini Shukla
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए को देखा गया है। झूंसी निवासी अर्पित साहू नाम के युवक ने बीती रात करीब 11 बजे झूंसी के उल्टा किला (कोटिया) के पास नदी किनारे तेंदुए को देखा। इस घटना के बाद, अर्पित साहू ने तत्काल वन विभाग को फोन करके सूचित करने का प्रयास किया, लेकिन वन विभाग का फोन स्विच ऑफ मिला। युवक ने अब मांग की है कि वन विभाग तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर तेंदुए को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए।
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    प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए को देखा गया है। झूंसी निवासी अर्पित साहू नाम के युवक ने बीती रात करीब 11 बजे झूंसी के उल्टा किला (कोटिया) के पास नदी किनारे तेंदुए को देखा।

इस घटना के बाद, अर्पित साहू ने तत्काल वन विभाग को फोन करके सूचित करने का प्रयास किया, लेकिन वन विभाग का फोन स्विच ऑफ मिला। युवक ने अब मांग की है कि वन विभाग तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर तेंदुए को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए।
    user_Ravendra kumar kesharwani
    Ravendra kumar kesharwani
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रयागराज में सातवीं माहे मोहर्रम के अवसर पर अक़ीदतमंदों ने 1836 में क़ायम की गई गश्ती दुलदुल को घर-घर दूध और जलेबी खिलाकर अपनी श्रद्धा और भक्ति का इज़हार किया।
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    प्रयागराज में सातवीं माहे मोहर्रम के अवसर पर अक़ीदतमंदों ने 1836 में क़ायम की गई गश्ती दुलदुल को घर-घर दूध और जलेबी खिलाकर अपनी श्रद्धा और भक्ति का इज़हार किया।
    user_Khabar Jagat 24 News
    Khabar Jagat 24 News
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वाराणसी में काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने मंगलवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए छात्रावासों में अवैध रूप से कब्जा किए गए कमरों को खाली कराया। यह अभियान विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और चीफ वार्डेन की मांग पर चलाया गया। इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के 10 और नरेंद्र देव छात्रावास के 39 कमरों समेत कुल 49 कमरों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन पर ताला लगा दिया। इस अभियान के दौरान सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अराजकता फैलाने, लगाए गए तालों से छेड़छाड़ करने या दोबारा अवैध कब्जा करने का प्रयास करेगा तो विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रही, जिसमें नियमित छात्रों और छात्र नेताओं ने भी प्रशासन का सहयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप यह अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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    पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वाराणसी में काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने मंगलवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए छात्रावासों में अवैध रूप से कब्जा किए गए कमरों को खाली कराया। यह अभियान विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और चीफ वार्डेन की मांग पर चलाया गया। इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के 10 और नरेंद्र देव छात्रावास के 39 कमरों समेत कुल 49 कमरों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन पर ताला लगा दिया।

इस अभियान के दौरान सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अराजकता फैलाने, लगाए गए तालों से छेड़छाड़ करने या दोबारा अवैध कब्जा करने का प्रयास करेगा तो विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रही, जिसमें नियमित छात्रों और छात्र नेताओं ने भी प्रशासन का सहयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप यह अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
    user_Ishwar Deen Sahu
    Ishwar Deen Sahu
    Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रयागराज के बारा विधानसभा क्षेत्र में पीपा पुल के स्थान पर स्थायी पुल के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक पहल हुई है। विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भेजे गए इस संबंध में प्रस्ताव पर मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 17 जून 2026 को भेजे गए एक पत्र में विधायक डॉ. वाचस्पति के अनुरोध का संज्ञान लेते हुए बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा सीआरआईएफ (CRIF) अधिनियम 2000 के तहत राज्य सरकारों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर भेजी गई परियोजनाओं पर विचार किया जाता है। मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता के साथ विचार करने और राज्य सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। विधायक डॉ. वाचस्पति ने विधानसभा क्षेत्र 264 बारा, प्रयागराज में स्थायी पुल निर्माण की मांग उठाई थी, ताकि प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा और कौशांबी को जोड़ने वाला यह पुल क्षेत्र के हजारों लोगों को वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान कर सके। केंद्रीय मंत्री के इस पत्र के बाद क्षेत्रवासियों में पुल निर्माण की उम्मीद और मजबूत हुई है। डॉ. वाचस्पति ने कहा है कि बारा विधानसभा के विकास और जनता की सुविधाओं के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान हेतु हर स्तर पर आवाज उठाई जाती रहेगी।
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    प्रयागराज के बारा विधानसभा क्षेत्र में पीपा पुल के स्थान पर स्थायी पुल के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक पहल हुई है। विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भेजे गए इस संबंध में प्रस्ताव पर मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 17 जून 2026 को भेजे गए एक पत्र में विधायक डॉ. वाचस्पति के अनुरोध का संज्ञान लेते हुए बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा सीआरआईएफ (CRIF) अधिनियम 2000 के तहत राज्य सरकारों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर भेजी गई परियोजनाओं पर विचार किया जाता है। मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता के साथ विचार करने और राज्य सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

विधायक डॉ. वाचस्पति ने विधानसभा क्षेत्र 264 बारा, प्रयागराज में स्थायी पुल निर्माण की मांग उठाई थी, ताकि प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा और कौशांबी को जोड़ने वाला यह पुल क्षेत्र के हजारों लोगों को वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान कर सके। केंद्रीय मंत्री के इस पत्र के बाद क्षेत्रवासियों में पुल निर्माण की उम्मीद और मजबूत हुई है। डॉ. वाचस्पति ने कहा है कि बारा विधानसभा के विकास और जनता की सुविधाओं के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान हेतु हर स्तर पर आवाज उठाई जाती रहेगी।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Farmer इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र स्थित चपारो गांव में एक खेत से 50 वर्षीय सुरेश धरकार का शव बरामद हुआ है। उनका शव घर से करीब 500 मीटर दूर पड़ा मिला, जिस पर सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने सुरेश धरकार की हत्या की आशंका जताई। परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है, जिसमें पुरानी रंजिश को हत्या का कारण बताया जा रहा है। इस घटना से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है।
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    प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र स्थित चपारो गांव में एक खेत से 50 वर्षीय सुरेश धरकार का शव बरामद हुआ है। उनका शव घर से करीब 500 मीटर दूर पड़ा मिला, जिस पर सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ते ही इलाके में सनसनी फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने सुरेश धरकार की हत्या की आशंका जताई। परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है, जिसमें पुरानी रंजिश को हत्या का कारण बताया जा रहा है। इस घटना से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है।
    user_अजय सरोज~पत्रकार
    अजय सरोज~पत्रकार
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में एक भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ गंभीर रूप से घायल हैं। ये बच्चे कोचिंग और एनीमेशन कोर्स करने वाले छात्र थे, जो आग की लपटों में घिर गए। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के कारण गेट लॉक हो गया और वे बाहर नहीं निकल सके, जिसके चलते कई बच्चों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी। इस हृदयविदारक घटना के बाद एक खौफनाक सच सामने आया है कि जिस इमारत में यह त्रासदी हुई, वह पूरी तरह अवैध थी। हैरानी की बात यह है कि 2016 में इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश भी जारी हुआ था, लेकिन महज दो महीने के भीतर ही उस आदेश को निरस्त कर दिया गया। इस छूट का फायदा उठाते हुए भवन मालिकों ने बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और बिना आपातकालीन निकासी की व्यवस्था किए ही उसमें कोचिंग सेंटर और अवैध दुकानें खोल लीं। प्रशासन इस दौरान गहरी नींद में सोता रहा, और अब हादसे के बाद सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। यदि समय रहते अवैध भवन को तोड़ दिया जाता तो आज 15 मासूम बच्चे जीवित होते। यह घटना अधिकारियों और भवन मालिकों की कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसने इन बच्चों की जान ले ली। सवाल यह भी उठता है कि यूपी में नियमों को ताक पर रखकर खड़ी ऐसी कितनी और इमारतें हैं, और कार्रवाई हमेशा हादसे के बाद ही क्यों होती है। आज इन्हीं अनुत्तरित सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
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    उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में एक भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ गंभीर रूप से घायल हैं। ये बच्चे कोचिंग और एनीमेशन कोर्स करने वाले छात्र थे, जो आग की लपटों में घिर गए। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के कारण गेट लॉक हो गया और वे बाहर नहीं निकल सके, जिसके चलते कई बच्चों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी।

इस हृदयविदारक घटना के बाद एक खौफनाक सच सामने आया है कि जिस इमारत में यह त्रासदी हुई, वह पूरी तरह अवैध थी। हैरानी की बात यह है कि 2016 में इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश भी जारी हुआ था, लेकिन महज दो महीने के भीतर ही उस आदेश को निरस्त कर दिया गया। इस छूट का फायदा उठाते हुए भवन मालिकों ने बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और बिना आपातकालीन निकासी की व्यवस्था किए ही उसमें कोचिंग सेंटर और अवैध दुकानें खोल लीं। प्रशासन इस दौरान गहरी नींद में सोता रहा, और अब हादसे के बाद सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

यदि समय रहते अवैध भवन को तोड़ दिया जाता तो आज 15 मासूम बच्चे जीवित होते। यह घटना अधिकारियों और भवन मालिकों की कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसने इन बच्चों की जान ले ली। सवाल यह भी उठता है कि यूपी में नियमों को ताक पर रखकर खड़ी ऐसी कितनी और इमारतें हैं, और कार्रवाई हमेशा हादसे के बाद ही क्यों होती है। आज इन्हीं अनुत्तरित सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Farmer इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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