अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘अस्मिता लीग’ खेल प्रतियोगिता 8 मार्च को पुलिस मैदान वारगाह में PANGI NEWS 24 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से 8 मार्च को पुलिस मैदान वारगाह में ‘अस्मिता लीग’ खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में जिले भर की बालिकाएं और महिलाएं भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। जिला युवा अधिकारी विवेक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना, उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना तथा खेलों के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स स्पर्धाओं के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए स्थानीय मनोरंजक खेल गतिविधियां भी रखी गई हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसमें उत्साहपूर्वक भाग ले सकें। जिला युवा अधिकारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में महाविद्यालयों और विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली बालिकाएं और महिलाएं भाग लेंगी। उन्होंने सभी पात्र प्रतिभागियों से इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नई दिशा मिलती है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘अस्मिता लीग’ खेल प्रतियोगिता 8 मार्च को पुलिस मैदान वारगाह में PANGI NEWS 24 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से 8 मार्च को पुलिस मैदान वारगाह में ‘अस्मिता लीग’ खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में जिले भर की बालिकाएं और महिलाएं भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। जिला युवा अधिकारी विवेक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना, उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना तथा खेलों के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स स्पर्धाओं के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए स्थानीय मनोरंजक खेल गतिविधियां भी रखी गई हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसमें उत्साहपूर्वक भाग ले सकें। जिला युवा अधिकारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में महाविद्यालयों और विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली बालिकाएं और महिलाएं भाग लेंगी। उन्होंने सभी पात्र प्रतिभागियों से इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नई दिशा मिलती है।
- हिमालय की दुर्गम और प्राकृतिक रूप से समृद्ध घाटियों में वन्यजीवों की मौजूदगी एक सुखद संकेत मानी जाती है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल 2026 को पांगी घाटी के चस्क क्षेत्र में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा हिमालयन आइबेक्स (Himalayan Ibex) का कैमरे में कैद होना न केवल रोमांचक क्षण है, बल्कि यह क्षेत्र में जैव विविधता की समृद्धि और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है। बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ दृश्य चस्क की ऊंची पहाड़ियों में देखा गया, जहां आइबेक्स अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करता नजर आया। हिमालयन आइबेक्स एक जंगली बकरी प्रजाति है, जो ऊबड़-खाबड़ चट्टानी इलाकों में रहने के लिए जानी जाती है और इसे देख पाना बेहद कठिन होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वन्यजीव उपस्थिति यह संकेत देती है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी संतुलित है और मानव हस्तक्षेप सीमित है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस दुर्लभ क्षण को साझा करते हुए वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) को बढ़ावा देने की अपील की है, ताकि लोग प्रकृति के करीब आ सकें और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। पांगी घाटी, जो अपनी अनछुई सुंदरता और जैव विविधता के लिए जानी जाती है, अब धीरे-धीरे एडवेंचर और इको-टूरिज्म का केंद्र बनती जा रही है। ऐसे में हिमालयन आइबेक्स जैसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। 👉 यह दृश्य न केवल एक फोटोग्राफर की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, जो हमें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।1
- Post by Varun Slathia1
- 📍 भराड़ी से बड़ी खबर | Ajmerpur Summer Festival 2026 बारिश भी नहीं रोक पाई उत्साह! 🌧️🔥 अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेला भराड़ी की दूसरी सांस्कृतिक संध्या रही पूरी तरह धमाकेदार 🎤🎶 हिमाचल जोड़ी (अर्जुन गोपाल, रंजना रघुवंशी) और गायिका दीक्षा ने अपने सुपरहिट पहाड़ी और फिल्मी गीतों से ऐसा रंग जमाया कि पूरा पंडाल देर रात तक झूमता रहा 💃🕺 स्थानीय कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया 🎭👏 हालांकि बारिश के कारण कार्यक्रम देर से शुरू हुआ और मुख्य अतिथि नहीं पहुंच सके, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी 🙌 👉 कुल मिलाकर भराड़ी में संगीत, संस्कृति और जोश का जबरदस्त संगम देखने को मिला!1
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- सुजानपुर सुजानपुर के विश्व प्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना हवन इत्यादि करने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया गया मंदिर परिसर के बाहर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया बताते चले की मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र संपन्न होने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है जिसके चलते यह कार्यक्रम आयोजित हुआ भंडारा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा पाठ हवन इत्यादि करवाया गया यहां पंडित आचार्य संजय शर्मा द्वारा तमाम वैदिक रस्मों को निभाते हुए सर्वजन मंगल कल्याण की कामना की गई3
- देवभूमि कुल्लू हिमाचल प्रदेश1
- हमीरपुर कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।2
- बैजनाथ मॉक ड्रिल 2026 | कांगड़ा भूकंप 121वीं बरसी पर बड़ा अभ्यास | Himachal Earthquake Drill1