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चन्दौली के बरबसपुर गाँव में 'विकास' के नाम पर बड़ा मज़ाक सामने आया है, जहाँ समरसेबल पंप लगाए जाने के बावजूद ग्रामीण आज भी प्यास बुझाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की इस लगातार परेशानी और जल संकट के बावजूद, जो लोग इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, वे पूरी तरह से मौन हैं।
Pir Muhmmad
चन्दौली के बरबसपुर गाँव में 'विकास' के नाम पर बड़ा मज़ाक सामने आया है, जहाँ समरसेबल पंप लगाए जाने के बावजूद ग्रामीण आज भी प्यास बुझाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की इस लगातार परेशानी और जल संकट के बावजूद, जो लोग इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, वे पूरी तरह से मौन हैं।
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- चंदौली जिले के चकिया स्थित वार्ड नंबर 4 के कबीर नगर में नाली की समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाली निर्माण के लिए बजट भी पारित हो चुका है और आवश्यक नाप-जोख भी पूरी कर ली गई है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि नगर के अन्य सभी कार्य प्रगति पर हैं, जबकि उनके वार्ड में नाली का यह महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़ा है। वार्ड नंबर 4, कबीर नगर, चकिया में जल्द से जल्द नाली निर्माण की मांग की जा रही है।1
- सिकंदरपुर के समीप भीषमपुर–सिकंदरपुर मार्ग पर कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। इस अवैध गतिविधि की शिकायत तहसील प्रशासन से की गई है। शिकायतों के मद्देनजर, तहसील प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।2
- उत्तर प्रदेश में, योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई किसी गरीब को हटाने का प्रयास करता है, तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।1
- चैनपुर प्रखंड के विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने एक पत्र जारी किया है।1
- अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कल शाम कैमूर जिले के पानापुर गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के उद्घाटन मैच में पहुँचकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।1
- सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के धरतीडाँड़ जंगल में एक महिला का कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। चरवाहों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर, इस कंकाल की पहचान म्योरपुर की एक गुमशुदा महिला पार्वती देवी के रूप में होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने कंकाल के अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेज दिया है। इस महिला की मौत के कारणों का सही खुलासा फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।1
- चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र में, भीषमपुर-सिकंदरपुर मार्ग पर सिकंदरपुर के पास कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई कर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से ढोया जा रहा है। इन शिकायतों के मद्देनजर, तहसील प्रशासन ने मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि मिट्टी ढुलाई में लगे कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अपनी क्षमता से अधिक भार लेकर सड़कों पर चल रही हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि यह खनन कार्य वैध है, तो संबंधित अनुमति और नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस जांच के दौरान खनन गतिविधियों, वाहनों के दस्तावेजों और परिवहन से जुड़े नियमों का परीक्षण किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि अनियंत्रित मिट्टी खनन से भूमि कटान, जल निकासी व्यवस्था और कृषि भूमि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जबकि ओवरलोड वाहन सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्षेत्र में नियमित निगरानी और संयुक्त जांच अभियान चलाए जाएं। फिलहाल, स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई हैं, और वे यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित विभाग आगे क्या कदम उठाते हैं।4
- कैमूर के मोहनिया में रविवार सुबह एक टूरिस्ट बस मोहनिया चेक पोस्ट के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस आंध्र प्रदेश से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी दर्शन के लिए ले जा रही थी। इस हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए। बताया गया है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एनएचएआई की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। घायलों में चमाचम (पिता- अपना), मोहिनी (पिता- सुखबइया), आर. सोरमा (पिता- तऊडू), वलग कुमार (पिता- लक्ष्मी नारायण), चेंना राव (पिता- यनकना), सुखबइया (पिता- गुडईया) और अपना (पिता- तउड़ी) शामिल हैं। ये सभी घायल आंध्र प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जानकारी दी कि दुर्घटना चालक को नींद आने के कारण हुई प्रतीत होती है और मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल में सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।2