मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस' के अवसर पर समाज में घर सूने होने और वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे एक सामाजिक चिंता का विषय बताते हुए नागरिकों से इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक सनातन संस्कृति के मूल्यों पर जोर दिया, जहाँ माता-पिता और गुरु को ईश्वर का दर्जा दिया जाता है, और बुजुर्गों का सम्मान केवल संस्कार नहीं बल्कि सभ्यता की पहचान माना जाता है। उन्होंने भगवान गणेश और श्रवण कुमार जैसे पौराणिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार व समाज के लिए समर्पित बुजुर्गों को अपनेपन और सम्मान की आवश्यकता होती है। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने वृद्ध एवं जरूरतमंद नागरिकों के लिए मासिक अनुदान राशि बढ़ाकर ₹1,500 करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। इन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी लाभ प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी जीवन-स्थितियों में सुधार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अपनाने की अपील की। उन्होंने इस वर्ष के 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' (21 जून) की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' का जिक्र करते हुए इसे वृद्धजनों के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के लिए एक वैश्विक संकल्प बताया। सामाजिक कार्यकर्ताओं और वृद्ध हक़ के लिए काम करने वाले संगठनों ने मुख्यमंत्री के इन बयानों का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने पेंशन राशि और कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जागरूकता-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। कुछ विशेषज्ञों ने शहरीकरण, सामाजिक विघटन और घर से दूर रह रहे बच्चों की बढ़ती व्यस्तता को बुजुर्गों के एकाकीपन का कारण बताते हुए सरकार और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का संदेश पारंपरिक मूल्यों और सरकारी हस्तक्षेप के संयोजन पर केंद्रित रहा, जिसमें सांस्कृतिक संवेदना के साथ-साथ आर्थिक-सामाजिक सहायता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस' के अवसर पर समाज में घर सूने होने और वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे एक सामाजिक चिंता का विषय बताते हुए नागरिकों से इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक सनातन संस्कृति के मूल्यों पर जोर दिया, जहाँ माता-पिता और गुरु को ईश्वर का दर्जा दिया जाता है, और बुजुर्गों का सम्मान केवल संस्कार नहीं बल्कि सभ्यता की पहचान माना जाता है। उन्होंने भगवान गणेश और श्रवण कुमार जैसे पौराणिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार व समाज के लिए समर्पित बुजुर्गों को अपनेपन और सम्मान की आवश्यकता होती है। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने वृद्ध एवं जरूरतमंद नागरिकों के लिए मासिक अनुदान राशि बढ़ाकर ₹1,500 करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। इन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी लाभ प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी जीवन-स्थितियों में सुधार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अपनाने की अपील की। उन्होंने इस वर्ष के 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' (21 जून) की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' का जिक्र करते हुए इसे वृद्धजनों के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के लिए एक वैश्विक संकल्प बताया। सामाजिक कार्यकर्ताओं और वृद्ध हक़ के लिए काम करने वाले संगठनों ने मुख्यमंत्री के इन बयानों का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने पेंशन राशि और कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जागरूकता-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। कुछ विशेषज्ञों ने शहरीकरण, सामाजिक विघटन और घर से दूर रह रहे बच्चों की बढ़ती व्यस्तता को बुजुर्गों के एकाकीपन का कारण बताते हुए सरकार और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का संदेश पारंपरिक मूल्यों और सरकारी हस्तक्षेप के संयोजन पर केंद्रित रहा, जिसमें सांस्कृतिक संवेदना के साथ-साथ आर्थिक-सामाजिक सहायता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
- गोरखपुर में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कुल 200 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह समारोह 'भव्य सम्मान समारोह 2026' के नाम से संदर्भित किया गया है।1
- पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने घोषणा की है कि पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं, और ऐसी सभी मांगों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा, जो कर्मचारियों को समय-समय पर नहीं दी जाती हैं। संघ ने यह संकल्प लिया है कि वह तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक इन कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल जाता। रेल यूनियन के एक नेता ने मंच से स्पष्ट ऐलान किया कि रेल कर्मचारियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह घोषणा मौजूदा मांगों को पूरा करने के लिए संघ के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है।1
- गोरखपुर के नौका विहार के दुकानदार, प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही से नाराज़ होकर, जीडीए कार्यालय पहुँचे। हालांकि, दुकानदारों ने वहाँ क्या कहा, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर महानगर में ₹926 करोड़ से अधिक लागत की कुल 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर प्रदेश में सुपोषण मिशन के दूसरे चरण का भी शुभारंभ हुआ, साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस दौरान यह रेखांकित किया गया कि यह 'नए भारत' का 'नया उत्तर प्रदेश' है, जो बिना किसी रुकावट, थकान या दबाव के अपनी विरासत और आस्था का सम्मान करते हुए विकास, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रहा है। जनपद वासियों को इस प्रगति और विकास के लिए हार्दिक बधाई दी गई।1
- गोरखपुर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय से पूर्वांचल रफ्तार न्यूज़ द्वारा जारी एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर प्रकाश डाला गया है। इसमें कहा गया है कि 2027 में प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम फैसला आने वाला समय और राज्य की जनता ही करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, एक दावे में यह भी रेखांकित किया गया कि अभी तक किसी अन्य सरकार ने विशेष उपलब्धि हासिल नहीं की है। चैनल ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में व्यक्त किए गए विचार संबंधित वक्ताओं के अपने हैं और पूर्वांचल रफ्तार न्यूज़ किसी भी राजनीतिक दावे का न तो समर्थन करता है और न ही विरोध। यह भी साफ किया गया है कि 2027 के चुनाव परिणाम और मुख्यमंत्री का निर्णय जनता द्वारा मतदान के माध्यम से ही तय किया जाएगा।1
- गोरखपुर जिले के पाली ब्लॉक अंतर्गत जाल्हेपार सहजनवा क्षेत्र से एक शिकायत सामने आई है, जहाँ सड़क के बीच में बिजली का पोल न होने से स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति यह है कि एक ही पोल से कनेक्शन लेने के लिए तारों को काफी दूर तक ले जाना पड़ता है, और इन तारों को एक पेड़ पर लपेटा गया है। इस व्यवस्था के कारण पेड़ में करंट उतरने का खतरा बना हुआ है, जिससे आसपास रहने वाले मकानों और आगे के कई अन्य घरों में भी खतरा मंडरा रहा है। इसी वजह से ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल सड़क के बीच में बिजली का खंभा लगवाने का निवेदन किया है, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- गोरखपुर को ₹295 करोड़ की एक महत्वपूर्ण सौगात प्राप्त हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कुल 319 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।1
- उन्नाव में बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश इजराइल उर्फ इसराइल पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। 15 जून 2026 को तड़के करीब 03:40 बजे बांगरमऊ थाना क्षेत्र में आगरा एक्सप्रेसवे हवाई पट्टी सर्विस रोड पर हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना बांगरमऊ पर पंजीकृत मु0अ0सं0 168/2026, धारा 103(1), 3(5) BNS और धारा 7 CLA ACT में वांछित इजराइल उर्फ इसराइल, जो बाबा मिलनदास की 09 जून 2026 को चाकुओं से गोदकर हत्या का आरोपी था, ताजपुर अंडरपास के पास किसी साथी का इंतजार कर रहा है। इजराइल पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। सूचना मिलते ही एसओजी और बांगरमऊ पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और इजराइल उर्फ इसराइल को घेरकर आत्मसमर्पण के लिए कहा। हालांकि, बदमाश ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी। इस गोलीबारी में उप निरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, जबकि एसओजी के आरक्षी विकास भदोरिया के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जिससे इजराइल उर्फ इसराइल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सीएचसी बांगरमऊ भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ स्थल से पुलिस को एक अदद चाकू (आला कत्ल), एक अदद .315 बोर का तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने मृतक बदमाश के शव को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1