फतेहपुर से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आ रही है… जहाँ कागज़ों में तो स्वच्छ भारत मिशन पूरे ज़ोरों पर चल रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। हम बात कर रहे हैं फतेहपुर जनपद के विकासखंड मालवा क्षेत्र की, ग्राम सभा मदोखीपुर के अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर गुंदा पुर गांव की… जहाँ स्वच्छता नहीं, बल्कि गंदगी और लापरवाही का साम्राज्य दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में आप साफ़ देख सकते हैं कि गांव से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर वर्षों से पानी भरा हुआ है, ना कोई नाली, ना कोई निकास व्यवस्था… और इसी पानी से होकर ग्रामीणों को रोज़ाना आना-जाना मजबूरी बना हुआ है। सरकार स्वच्छ भारत मिशन पर अरबों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, लेकिन यहां हालात यह हैं कि दो से तीन वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का साफ़ आरोप है कि ना तो ग्राम प्रधान ने कभी सुध ली, ना सचिव ने ध्यान दिया, और जब इस गंभीर मामले पर खंड विकास अधिकारी कमल सिंह से फोन के जरिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना भी ज़रूरी नहीं समझा। अब सवाल ये है कि क्या यही है सरकार की स्वच्छ भारत की ज़मीनी तस्वीर? क्या सरकारी आदेश सिर्फ़ फाइलों तक ही सीमित रहेंगे? और क्या ग्रामीणों को गंदगी और बीमारी में जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा? ग्रामीणों में इस रवैये को लेकर भारी आक्रोश है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन फतेहपुर और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब और कितना एक्शन लेते हैं। कैमरे के सामने उठता ये सवाल अब जवाब मांग रहा है। अब देखना होगा खबर प्रकाशित होने के बाद फतेहपुर जिला प्रशाशन खबर संज्ञान लेता है या नहीं ये तो आने वाला समय बताएगा
फतेहपुर से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आ रही है… जहाँ कागज़ों में तो स्वच्छ भारत मिशन पूरे ज़ोरों पर चल रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। हम बात कर रहे हैं फतेहपुर जनपद के विकासखंड मालवा क्षेत्र की, ग्राम सभा मदोखीपुर के अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर गुंदा पुर गांव की… जहाँ स्वच्छता नहीं, बल्कि गंदगी और लापरवाही का साम्राज्य दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में आप साफ़ देख सकते हैं कि गांव से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर वर्षों से पानी भरा हुआ है, ना कोई नाली, ना कोई निकास व्यवस्था… और इसी पानी से होकर ग्रामीणों को रोज़ाना आना-जाना मजबूरी बना हुआ है। सरकार स्वच्छ भारत मिशन पर अरबों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, लेकिन यहां हालात यह हैं कि दो से तीन वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का साफ़ आरोप है कि ना तो ग्राम प्रधान ने कभी सुध ली, ना सचिव ने ध्यान दिया, और जब इस गंभीर मामले पर खंड विकास अधिकारी कमल सिंह से फोन के जरिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना भी ज़रूरी नहीं समझा। अब सवाल ये है कि क्या यही है सरकार की स्वच्छ भारत की ज़मीनी तस्वीर? क्या सरकारी आदेश सिर्फ़ फाइलों तक ही सीमित रहेंगे? और क्या ग्रामीणों को गंदगी और बीमारी में जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा? ग्रामीणों में इस रवैये को लेकर भारी आक्रोश है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन फतेहपुर और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब और कितना एक्शन लेते हैं। कैमरे के सामने उठता ये सवाल अब जवाब मांग रहा है। अब देखना होगा खबर प्रकाशित होने के बाद फतेहपुर जिला प्रशाशन खबर संज्ञान लेता है या नहीं ये तो आने वाला समय बताएगा
- User5544Lailunga, Raigarh🙏2 hrs ago
- Post by Vikash Bajpay4
- उन्नाव बीघापुर में प्रशासन की मनमानी से शटरिंग के लिए समान किराए पर देने वाला परेशान।1
- घाटमपुर-सजेती थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया जहां एक व्यक्ति का आरोप है कि कुछ कार सवारों ने उसे घर के पास से जबरन कार के अंदर डाल लिया और रास्ते भर पिटाई करते हुए करीब 15 किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दिया।पीड़ित सजेती थाना रामपुर गांव का निवासी है।1
- राष्ट्रीय पर्व पर देश के ज्ञात अज्ञात बलिदानियों को श्रद्धासुमन किये अर्पित हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने गणतंत्र जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर देश के ज्ञात अज्ञात बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि गणतंत्र एक द्विवसीय त्याग एवं बलिदान का परिणाम नहीं है, यह अनवरत समर्पण, साहस और शौर्य का प्रतीक है। वीरों और शहीदों की सामरिक प्रतिभाग के बाद देश 1947 में आजाद हुआ। 2 वर्ष 11 माह और 18 दिनों में संविधान बनकर तैयार हुआ। कांग्रेस के बैनर तले 26 जनवरी 1930 को इसे पहला स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया। कालांतर में यह गणतंत्र में तब्दील हुआ। आज 77वां गणतंत्र है। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति, रिचा, रामनरायन सोनकर, विकास, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।1
- पुलिस व राजस्व विभाग की अनसुनी के चलते किसी वारदात के संकेत दोनों पक्षों से लगातार आरोपों पर गंभीर नहीं संबंधित अधिकारी।जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश की सरकार जमीनी मामलों के निस्तारण हेतु राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम गठित की व्यवस्था कर रखी है वही जनपद में ऐसे तमाम ज़मीनी मामले हैं जहां फरियादी पुलिस और राजस्व विभाग के चक्कर काटने के लिए मजबूर होते रहते हैं एक ऐसा ही मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के अहमदपुर नजूल महानंदपुर का प्रकाश में आया है आरोप है कि पूर्व सैनिक आशीष कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उसका मकान महानंदपुर में है वही का रहने वाला एक व्यक्ति हिमांशु सिंह जो उसके मकान को तीन बार गिरा चुका एक बार पुलिस ने उसे जेल भी भेजा है। मीडिया को दिए गए में और फौजी ने बताया कि अब वह बहुत पीड़ित हो चुका है लेकिन उसे जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ आरोपित हिमांशु सिंह ने बताया कि उपरोक्त जमीन का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है बावजूद फौजी अज्ञात लोगों के सहारे उपरोक्त जमीन पर जबरन तोड़फोड़ कर रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में जब दोनों तरफ से शिकायतें और दस्तावेज प्रस्तुत किए जा रहे तो राजस्व व पुलिस टीम मामले को संज्ञान क्यों नहीं ले रही है क्या वह किसी बड़ी घटना के इंतजार में है स्थान -रायबरेली1
- 🚨 BREAKING | कानपुर नगर, गणतंत्र दिवस या ‘शराबियों का महोत्सव’ 🍾 “हमका पीनी है” गाना नहीं, ज़मीनी हकीकत बन गया, 📢 प्रशासन के सख़्त आदेश काग़ज़ों में सिमट गए, 🍺 सड़कों पर शराब माफिया का राज चलता रहा। 📍 बर्रा बाईपास चौकी के सामने, 🚔 पुलिस की मौजूदगी के बावजूद, 👉 खुलेआम और ऊँचे दामों पर शराब बिक्री..! ❗ सवाल सिर्फ शराब बिकने का नहीं, ❗ सवाल सिस्टम की चुप्पी का है। 🙈 आंखें बंद, 😶 ज़ुबान बंद, 💸 काली कमाई चालू, 🔥 सबसे गंभीर आरोप — 👉 जिन पर निगरानी की जिम्मेदारी थी, 👉 वही सब देखता रहा, ⚖️ यह लापरवाही नहीं, ❌ यह आदेशों की खुली अवहेलना है। 🚨 अब जनता पूछ रही है— 👉 कब चलेगा डंडा..? 👉 अब देखना यहां होगा क्या होगी ठेका संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई.. 🇮🇳 गणतंत्र दिवस बना ‘शराबियों का दिवस’..! #Kanpur #RepublicDay #LiquorBan #SharabMafia #SystemFail #PoliceWatch #UPNews #GroundReality #PublicVoice #LawAndOrder1
- Post by Vikash Bajpay1
- रायबरेली गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद के सभी थानों की पुलिस ने गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पर किया फ्लैग मार्च अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शहर के मुख्य चौराहों सुपरमार्केट घंटाघर, सराफा बाजार, रेलवे स्टेशन पर चलाया गया सघन चेकिंग अभियान फ्लैग मार्च के दौरान बाइक से फर्राटा भर रहे कई संदिग्ध युवकों की ली गई तलाशी रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान कई लोगों के समान व बैगों को खुलवाकर जांच की गई फ्लैग मार्च में अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिंन्हा सीओ सिटी अरुण नौवहार व शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह रहे मौजूद स्थान -रायबरेली1
- Post by MAKKI TV NEWS1