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उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक गरीब महिला का राम मंदिर के बाहर रोते हुए वीडियो सामने आया है। इस घटना को 'चंदा चोरी' के संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। महिला के रोने का वास्तविक कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मंदिर परिसर के बाहर उसे इस स्थिति का सामना क्यों करना पड़ा।
Shreya mishra
उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक गरीब महिला का राम मंदिर के बाहर रोते हुए वीडियो सामने आया है। इस घटना को 'चंदा चोरी' के संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। महिला के रोने का वास्तविक कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मंदिर परिसर के बाहर उसे इस स्थिति का सामना क्यों करना पड़ा।
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- राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी का एक मामला सामने आया है, जहाँ लोगों की निगाहें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर टिकी हैं और उन पर भरोसा जताया गया है। इस प्रकरण को लेकर लोग गंभीरता से देख रहे हैं कि राम मंदिर से संबंधित व्यक्ति इस चोरी के मामले में क्या करते हैं। जानकारी के अनुसार, एक बाबा ने भी इस हुई चोरी की घटना के बारे में अपनी बात रखी है।1
- तेज बारिश की बौछारों के साथ ही संतकबीरनगर में नगरपालिका की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। शहर की मुख्य सड़कें पूरी तरह से पानी में डूब गईं, वहीं नालियां कचरे से जाम होकर ओवरफ्लो करने लगीं। इस जलजमाव के कारण नगरपालिका द्वारा किए गए सफाई के सभी दावे विफल होते नजर आए, क्योंकि बारिश होते ही सड़कें और नालियां जलमग्न हो गईं।1
- श्रावण माह में आयोजित होने वाली कावड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आज संत कबीर नगर जनपद के थाना महुली में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी श्री दुर्गेश पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कावड़ संघों के प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय संभ्रांत लोगों ने भाग लिया। ब्रीफिंग के दौरान, थाना क्षेत्र के समस्त कावड़ संघों के पदाधिकारियों को यात्रा मार्ग, यातायात व्यवस्था, ध्वनि नियंत्रण और आपसी सौहार्द बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह भी बताया गया कि थाना महुली क्षेत्र से लगभग 50 कावड़िये महुली खास से अपनी कावड़ लेकर अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा के दौरान सुरक्षा और समन्वय बनाए रखने के लिए, यात्रा मार्ग के गांवों से पुलिस मित्रों का चयन किया गया है। ये पुलिस मित्र यात्रा के दौरान पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए भीड़ प्रबंधन, मार्गदर्शन और सूचना के आदान-प्रदान का कार्य करेंगे। थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय ने सभी कावड़ियों से सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। इस अवसर पर थाने का समस्त स्टाफ और कावड़ संघ के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।4
- आकाशवनी ने 10 जुलाई 2026 को योगिनी एकादशी के अवसर पर विशेष सूचना जारी की है। इस घोषणा के अनुसार, आज योगिनी एकादशी है, और इस शुभ पर्व के व्रत करने के नियमों का भी उल्लेख किया गया है। आकाशवनी ने सभी को योगिनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।1
- संत कबीर नगर जिले के थाना बखिरा क्षेत्र के ग्राम बकहा में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है। गांव निवासी अरुण कुमार ने गांव के ही दुर्गा और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर अपनी पट्टे की जमीन पर बनी बाउंड्री को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित अरुण कुमार के अनुसार, उन्हें लगभग 6 एयर भूमि पट्टे के माध्यम से आवंटित की गई थी, जिसके पीछे की भूमि उन्होंने खरीदकर अपने कब्जे में ली थी। अरुण कुमार का कहना है कि उन्होंने इसी भूमि पर बाउंड्री का निर्माण कराया था। उनके आरोप के मुताबिक, दुर्गा और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बिना किसी वैधानिक आदेश के मौके पर पहुंचे और उनकी बनाई गई बाउंड्री को गिरा दिया। अरुण कुमार ने बताया कि इस घटना के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- संतकबीरनगर के बेलहर क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। इस वर्षा से लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिससे धान की रोपाई में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। बारिश के अभाव में क्षेत्र में धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी, जहाँ केवल पर्याप्त सिंचाई संसाधन, जैसे डीजल इंजन, वाले किसान ही रोपाई कर पा रहे थे। अब वर्षा होने के बाद अधिकांश किसान धान की रोपाई शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ने से यह कार्य आसान हो गया है। किसानों ने इस बारिश को वरदान बताया है। किसान लालमणि चौधरी ने साझा किया कि पहले से रोपी गई धान की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी थी, जिसे उन्होंने एक बार डीजल इंजन से सिंचाई कर बचाया था, लेकिन बार-बार सिंचाई करना आर्थिक रूप से संभव नहीं था। अब बारिश से उन्हें भारी राहत मिली है। वहीं, किसान हरिश्चंद्र चौधरी के अनुसार, पानी की कमी के कारण धान के खेत में डाली गई खरपतवारनाशक दवा प्रभावी नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब बारिश के बाद खरपतवार नियंत्रण में मदद मिलेगी, जिससे फसल को लाभ होगा। किसान रामशंकर ने बताया कि धान की नर्सरी पूरी तरह तैयार थी और केवल बारिश का इंतजार था, जो अब पूरा हो गया है। केवल किसानों को ही नहीं, आमजन को भी उमस भरी गर्मी से निजात मिली है। स्थानीय निवासी नीलम ने बताया कि लगातार पड़ रही गर्मी से बच्चों को घमौरियां हो गई थीं, लेकिन बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इस समय पर हुई वर्षा से किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है, और उनका मानना है कि यह धान की खेती के लिए वरदान साबित होगी, जिससे खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीदें बढ़ गई हैं।4
- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े एक चोरी के मामले में एक विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।1
- अम्बेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र स्थित सिसारा टड़वा गांव के पास एक युवती के नहर में डूबने की घटना सामने आई है। इस मामले में अयोध्या से आई एसडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती की तलाश कर रही है। घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है, जब युवती ने नहर में छलांग लगा दी। मौके पर युवती की चप्पल मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और फिलहाल तलाशी का कार्य जारी है।1
- सुलतानपुर की शाहगंज पुलिस चौकी में हुई एक घटना ने खाकी के इकबाल को तार-तार कर दिया है, जिसे लोकतंत्र में न्याय की पहली दहलीज माना जाता है। वायरल हुए एक वीडियो में भाजपा नेत्री पूजा कसौधन खुलेआम एक युवक को थप्पड़ मारती और "औकात भूल जाओगे" जैसी धमकी देती दिख रही हैं, जिसे सत्ता के उन्माद का चरम बताया गया है। इस घटना का सबसे भयावह पहलू यह है कि वर्दीधारी पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, जिससे उनकी वर्दी के मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संपादकीय में सवाल उठाया गया है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है या खादी वालों के लिए अलग 'कोड' है। यह इंगित किया गया है कि यदि यह कृत्य किसी आम नागरिक द्वारा किया गया होता, तो उस पर अब तक संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हो चुका होता। यह भी प्रश्न किया गया है कि क्या सत्ताधारी दल से जुड़ा होना कानून के उल्लंघन का लाइसेंस बन गया है। पुलिस की भूमिका केवल तमाशबीन की क्यों रही, और यदि चौकी के अंदर ही कानून हाथ में लिया जा रहा है, तो बाहर आम जनता की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि या तो स्थानीय पुलिस का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है या वह सत्ता के दबाव में पंगु हो चुकी है। नेत्री के धमकी देने के साहस पर भी सवाल खड़े किए गए हैं, जो यह संकेत देता है कि उन्हें प्रशासनिक तंत्र का तनिक भी भय नहीं है। बताया गया है कि यह नेत्री पहली बार विवादों के केंद्र में नहीं हैं, लेकिन इस बार मामला सीधे पुलिस की साख से जुड़ा है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा कि क्या वे 'खाकी' की गरिमा को वापस ला पाएंगे, या पुलिस चौकी भविष्य में केवल राजनीतिक अखाड़ों का केंद्र बनकर रह जाएगी। सुलतानपुर की जनता प्रशासन की 'निष्पक्षता' पर नजर रख रही है और चेतावनी दी गई है कि यदि इस घटना पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी का व्यवस्था से भरोसा उठना तय है।1