पलवल जिले में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है, जिसके समापन में अब केवल तीन दिन शेष बचे हैं। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने 14 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का प्रत्येक नाम लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है, इसलिए कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार, 12 जुलाई को भी गणना प्रपत्र भरने और जमा करने का कार्य जारी रहेगा। सभी बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर प्रपत्र एकत्रित करेंगे। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि प्राप्त प्रपत्रों का समयबद्ध संग्रहण, डिजिटाइजेशन और निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 14 जुलाई की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय अपना भरा हुआ गणना प्रपत्र शीघ्र संबंधित बीएलओ के पास जमा कराएं ताकि समय रहते त्रुटियों को सुधारा जा सके। यदि किसी कारणवश बीएलओ अभी तक घर नहीं पहुंच पाए हैं, तो मतदाता स्वयं अपने संबंधित बीएलओ या मतदान केंद्र पर पहुंचकर गणना प्रपत्र जमा कर सकते हैं।
पलवल जिले में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है, जिसके समापन में अब केवल तीन दिन शेष बचे हैं। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने 14 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का प्रत्येक नाम लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है, इसलिए कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार, 12 जुलाई को भी गणना प्रपत्र भरने और जमा करने का कार्य जारी रहेगा। सभी बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर प्रपत्र एकत्रित करेंगे। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि प्राप्त प्रपत्रों का समयबद्ध संग्रहण, डिजिटाइजेशन और निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 14 जुलाई की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय अपना भरा हुआ गणना प्रपत्र शीघ्र संबंधित बीएलओ के पास जमा कराएं ताकि समय रहते त्रुटियों को सुधारा जा सके। यदि किसी कारणवश बीएलओ अभी तक घर नहीं पहुंच पाए हैं, तो मतदाता स्वयं अपने संबंधित बीएलओ या मतदान केंद्र पर पहुंचकर गणना प्रपत्र जमा कर सकते हैं।
- हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा विजन-2047 के एक्शन प्लान पर एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कराधान विभाग के HTAS 2.0 ट्रैक एंड ट्रेस मॉड्यूल (Track and Trace Module) का लोकार्पण किया।1
- हरियाणा सरकार के जन-जागरूकता अभियान के तहत पलवल के रसूलपुर चौक स्थित मित्तल क्लासेस और आकाश इंस्टीट्यूट में फायर सेफ्टी अवेयरनेस कार्यक्रम और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर नवीन पाल ने किया, जिसमें संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में पलवल जिले के नागरिकों को फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक करना था, ताकि आपातकालीन स्थिति में जानमाल की रक्षा की जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सब फायर ऑफिसर नवीन पाल ने विद्यार्थियों को समझाया कि ईंधन, ऑक्सीजन और ताप के मिलने से बनने वाले 'फायर ट्रायंगल' के कारण आग उत्पन्न होती है और इसे बुझाने का मूल सिद्धांत इसी ट्रायंगल को तोड़ना है। उन्होंने भारतीय मानकों के तहत आग की क्लास ए, बी, सी, डी और एफ श्रेणियों की जानकारी दी और सचेत किया कि बिना पूरी जानकारी के आग पर पानी या किसी अन्य माध्यम का उपयोग न करें। मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों को अग्निशामक यंत्र का प्रेशर गेज जांचने की विधि और 'पास' (PASS) तकनीक के माध्यम से यंत्र चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। नवीन पाल ने एलपीजी गैस रिसाव की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों पर जोर देते हुए कहा कि गैस रिसाव होने पर बिजली के स्विचों को छुए बिना खिड़की-दरवाजे खोलें और तुरंत 112 नंबर पर सूचना देकर आपातकालीन सहायता लें। उन्होंने बताया कि आग के समय धुएं की विषैली गैसों से सबसे अधिक खतरा होता है, इसलिए घबराने के बजाय सुरक्षित निकास मार्ग का चयन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, भूकंप जैसी आपदा के दौरान सीढ़ियों की ओर भागने के बजाय 'ड्रॉप, कवर एंड होल्ड' तकनीक अपनाकर किसी मजबूत मेज या भवन के मजबूत हिस्से के नीचे शरण लेने की सलाह दी गई। अंत में, उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों से समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने, फायर एनओसी लेने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपील की।1
- हरियाणा पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मुकेश फोगाट को शनिवार को फरीदाबाद के उनके पैतृक गांव फतेहपुर बिल्लोच में पूरे राजकीय एवं सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। केएमपी एक्सप्रेसवे पर गांव गोयला के गो-तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए सड़क हादसे में उनके बलिदान के बाद से ही पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। शहीद मुकेश फोगाट के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आसपास के क्षेत्रों के लोग पहुंचे और नम आंखों से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।1
- नूंह के फिरोजपुर झिरका शहर में सुलेला मोड़ पर बना शहीदी स्मारक इस समय अपनी बदहाली पर खून के आंसू बहा रहा है। शहीदों के सम्मान में बना यह स्मारक वर्तमान में अत्यंत दयनीय स्थिति में है और अपनी दुर्दशा की कहानी खुद बयां कर रहा है।1
- गुरुग्राम के अशोक विहार में नियमों को ताक पर रखकर बिना एनओसी (NOC) के 6-7 मंजिला इमारत का धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। इस लापरवाही का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल से किस तरह भारी ईंटें और कंस्ट्रक्शन का सामान नीचे गिर रहा है। इस खतरनाक हादसे में वहाँ रह रहे लोग बेहद बाल-बाल बचे हैं। इलाके के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इस बहुमंजिला इमारत में पहले भी आग लगने की घटना हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। गुरुग्राम प्रशासन पर सीधे तौर पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं कि वह दिल्ली जैसे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों का पूछना है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही अधिकारियों की नींद खुलेगी? इस असुरक्षित निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने और इसे रोकने के लिए अधिकारियों तक बात पहुँचाने की माँग की जा रही है।1