नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) की हालिया रिपोर्ट बिहार में शराब और तंबाकू के सेवन को लेकर चिंताजनक जानकारी सामने लाई है, जो एक 'ड्राय स्टेट' होने के बावजूद जमीनी हकीकत की ओर इशारा करती है। सर्वे के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बावजूद राज्य में पुरुषों में अल्कोहल का सेवन करने वालों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, और वे अब तंबाकू के मुकाबले अल्कोहल का अधिक सेवन कर रहे हैं। यह स्थिति राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। हालांकि, पुरुषों में तंबाकू के सेवन में कमी देखी गई है, और 15 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में भी तंबाकू के सेवन में एक प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है, जबकि उनमें अल्कोहल के सेवन का प्रतिशत 0.4% पर स्थिर बना हुआ है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में मधुमेह (Diabetes) जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी बनी हुई हैं, जहां पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक प्रभावित हैं। हालांकि, पिछले सर्वेक्षणों की तुलना में मधुमेह के मामलों में मामूली कमी देखी गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत है। इस रिपोर्ट के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य की प्रगति को दर्शाते हैं: संस्थागत प्रसव की दर 76.2% से बढ़कर 81.1% हो गई है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में यह 89.9% और ग्रामीण क्षेत्रों में 80.2% दर्ज की गई है। प्रसव के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी 84% तक पहुंच गई है, और ऑपरेशन द्वारा प्रसव (C-section) की दर में 9.7% से 13.2% तक वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि निजी अस्पतालों में अधिक स्पष्ट है, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह दर घटकर 2.7% हो गई है। कुल मिलाकर, बिहार के लिए यह सर्वे एक दोधारी तलवार जैसा है। जहाँ एक तरफ संस्थागत प्रसव और मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, वहीं दूसरी तरफ नशाखोरी, विशेषकर अल्कोहल के बढ़ते मामले, सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति और शराबबंदी के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि शराबबंदी के बावजूद नशीले पदार्थों तक लोगों की पहुंच और उनका उपभोग अभी भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे संबोधित करने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) की हालिया रिपोर्ट बिहार में शराब और तंबाकू के सेवन को लेकर चिंताजनक जानकारी सामने लाई है, जो एक 'ड्राय स्टेट' होने के बावजूद जमीनी हकीकत की ओर इशारा करती है। सर्वे के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बावजूद राज्य में पुरुषों में अल्कोहल का सेवन करने वालों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, और वे अब तंबाकू के मुकाबले अल्कोहल का अधिक सेवन कर रहे हैं। यह स्थिति राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। हालांकि, पुरुषों में तंबाकू के सेवन में कमी देखी गई है, और 15 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में भी तंबाकू के सेवन में एक प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है, जबकि उनमें अल्कोहल के सेवन का प्रतिशत 0.4% पर स्थिर बना हुआ है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में मधुमेह (Diabetes) जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी बनी हुई हैं, जहां पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक प्रभावित हैं। हालांकि, पिछले सर्वेक्षणों की तुलना में मधुमेह के मामलों में मामूली कमी देखी गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत है। इस रिपोर्ट के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य की प्रगति को दर्शाते हैं: संस्थागत प्रसव की दर 76.2% से बढ़कर 81.1% हो गई है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में यह 89.9% और ग्रामीण क्षेत्रों में 80.2% दर्ज की गई है। प्रसव के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी 84% तक पहुंच गई है, और ऑपरेशन द्वारा प्रसव (C-section) की दर में 9.7% से 13.2% तक वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि निजी अस्पतालों में अधिक स्पष्ट है, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह दर घटकर 2.7% हो गई है। कुल मिलाकर, बिहार के लिए यह सर्वे एक दोधारी तलवार जैसा है। जहाँ एक तरफ संस्थागत प्रसव और मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, वहीं दूसरी तरफ नशाखोरी, विशेषकर अल्कोहल के बढ़ते मामले, सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति और शराबबंदी के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि शराबबंदी के बावजूद नशीले पदार्थों तक लोगों की पहुंच और उनका उपभोग अभी भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे संबोधित करने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता है।
- सारण जिले के परसा स्थित लालपुर पचालक में एक सड़क की तत्काल मरम्मत की पुरजोर मांग उठाई गई है। पोस्ट के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि इस सड़क को दिखाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि इसके जीर्णोद्धार के लिए ध्यान आकर्षित करना है। इस मांग के साथ 'जय हिंद, जय भारत, जय जवान, जय किसान' जैसे राष्ट्रवादी नारे भी बुलंद किए गए हैं, जो राष्ट्रहित में इस सड़क के सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।1
- डीबी रोड, सहर्षा पर फ्लेक्स तस्वीरें लगाने के संबंध में चर्चा चल रही है। इन फ्लेक्स तस्वीरों के मीटर के विषय में लोग बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान, एक शक्तिशाली उद्घोष किया गया है: "हमारा देश महान है, हम उसके जय हनुमान हैं; हम से जो टकराएगा, वह महादेव के आगे झुक जाएगा।"1
- सारण जिले के जनता बाजार में पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित क्लासिक टेलर्स एंड शोरूम, ग्राहकों को बेहतर डिज़ाइन की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए एक बार अपनी सेवाएँ आज़माने का अवसर देने का अनुरोध कर रहा है।1
- बिहार में एक महिला दरोगा और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि किसी विवाद या कार्रवाई के दौरान महिला दरोगा ने ग्रामीणों की ओर पिस्तौल तान दी। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए दरोगा को ललकारा और कहा, "हिम्मत है तो गोली चलाओ।" इस घटना के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और लोगों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि, घटना के पीछे का पूरा कारण और प्रशासनिक पक्ष अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों के आरोपों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोग पुलिस के रवैये और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति तभी स्पष्ट हो सकेगी, जब प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।1
- बक्सर रेलवे स्टेशन पर भागलपुर-दिलदारनगर-दानापुर रूट की ट्रेन संख्या 12336 में शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को एक बड़े हंगामे का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान जैसे ही टीम ने एक महिला तस्कर को पकड़ा, उसके अन्य साथियों ने उत्पाद और एस्कॉर्ट टीम का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई, जिसका फायदा उठाकर महिला तस्कर सहित कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक पटना, अनंत कुमार राय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष एसआईटी टीम का गठन किया। रेल पुलिस उपाधीक्षक कंचन राज के नेतृत्व में गठित इस टीम ने तकनीकी जांच, खुफिया सूचनाओं और फॉरवर्ड लिंक के आधार पर गहन कार्रवाई की। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, फरार हुई महिला तस्कर सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल और अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। पुलिस अब इस शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। रेल पुलिस उपाधीक्षक कंचन राज (बाइट में कंचन कुमारी के रूप में उल्लिखित) ने पुष्टि की कि बक्सर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12336 में उत्पाद विभाग की टीम के साथ शराब तस्करों द्वारा धक्का-मुक्की की गई थी।1
- बिहार भाजपा के नए कार्यालय मंत्री विनय केसरी को वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता पंकज सिंह ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। यह सम्मान भाजपा द्वारा अपनी प्रादेशिक टीम में कई पदाधिकारियों के मनोनयन के बाद किया गया है। पार्टी ने कुल 14 उपाध्यक्ष और 14 प्रदेश मंत्री बनाए हैं। इसके अतिरिक्त, पांच प्रदेश महामंत्री के साथ एक कोषाध्यक्ष और दो सह कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं।2
- परसा शहर के एक निवासी ने पुष्टि की है कि उनके शहर और आसपास के गांवों में मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि वे अब घरों तक पहुँच चुके हैं, जिससे डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। निवासी ने 841219 का उल्लेख करते हुए जोर दिया है कि यह कोई फर्जी वीडियो या जानकारी नहीं है, बल्कि एक वास्तविक और गंभीर समस्या है। इस गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए, उन्होंने 'जय जवान जय किसान जय बिहार' का उद्घोष किया है और लोगों से इस जानकारी को पसंद करने, साझा करने और टिप्पणी करने का आग्रह किया है।1
- केन्या के नकुरु काउंटी स्थित Utumishi Girls Academy में देर रात हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह भयावह घटना रात करीब 1 बजे हुई जब अधिकतर छात्राएं छात्रावास में सो रही थीं। आग कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत में फैल गई, जिससे डॉर्मिटरी पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 17 छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 70 से अधिक छात्राएं गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ छात्राओं ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने की भी कोशिश की। स्थानीय प्रशासन और Kenya Red Cross ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि नुकसान को रोक पाना मुश्किल साबित हुआ। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई छात्राओं की हालत नाजुक बताई जा रही है।1