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42 साल से चकबंदी में उलझे पटिहन के मजरे विधायक एवं एसडीएम को ज्ञापन देकर ग्रामीणों ने की आबादी दर्ज कराने की मांग पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत पटिहन के कई मजरे 42 वर्षों से चल रही चकबंदी के कारण अभिलेखों में दर्ज नहीं हो सके हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी जमीन और आबादी को लेकर भविष्य में उजड़ने का डर सता रहा है। इसी मामले को लेकर आज सैकड़ों महिला/पुरुष ग्रामीण पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण भास्कर के नेतृत्व में पलिया पहुंचे। जहां उन्होंने विधायक एवं एसडीएम को ज्ञापन देकर मौके की जांच कराकर संबंधित मजरे व आबादी को अभिलेखों में दर्ज कराने की मांग की है। विधायक एवं एसडीएम को दिए गये ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत पटिहन बड़ी पंचायत होने के कारण इसमें इंदिरा आवास कालोनी, मुसाफिरनगर, खुशीपुर, नयागांव, अंबेडकरनगर, दरेरी, अतरनगर, राजाटापर, प्यारेपुरवा, नादरपुरवा एवं मालगांव के अलावा पूरनपुरवा के मजरे पूरनपुरवा टापर, पूरनपुरवा, तिकोनिया आबादी और पूरनपुरवा खल्ला गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लंबे समय से लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन चकबंदी पूरी न होने के कारण कई गांव व मजरों का अभिलेखीय दर्जा स्पष्ट नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 में धारा 52 का प्रकाशन हो चुका है, इसके बावजूद उपरोक्त गांव कागजात में दर्ज नहीं हैं। आरोप है कि कुछ लोग कई मजरों में चक बन जाने के कारण खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं। इससे ग्रामीण अपने बने हुए घरों और आबादी को लेकर खाफी भयभीत हैं। ज्ञापन में कहा गया कि न्यायहित में मौके की जांच कराकर आबादी दर्ज कर दी जाए तो ग्रामीणों को उजड़ने से बचाया जा सकता है। वहीं मुसाफिरनगर में अंबेडकर बाल विद्या मंदिर करीब 35 वर्षों से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहा है, लेकिन उसका भी अभिलेखों में उल्लेख नहीं होने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पटिहन एवं पूरनपुरवा के सभी मजरों में जिन गाटा नंबरों पर गांव बसे हुए हैं, उन्हें आकस्मिक घोषित आबादी के रूप में अभिलेखों में दर्ज किया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके और उनकी आबादी सुरक्षित रह सके।

1 hr ago
user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

42 साल से चकबंदी में उलझे पटिहन के मजरे विधायक एवं एसडीएम को ज्ञापन देकर ग्रामीणों ने की आबादी दर्ज कराने की मांग पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत पटिहन के कई मजरे 42 वर्षों से चल रही चकबंदी के कारण अभिलेखों में दर्ज नहीं हो सके हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी जमीन और आबादी को लेकर भविष्य में उजड़ने का डर सता रहा है। इसी मामले को लेकर आज सैकड़ों महिला/पुरुष ग्रामीण पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण भास्कर के नेतृत्व में पलिया पहुंचे। जहां उन्होंने विधायक एवं एसडीएम को ज्ञापन देकर मौके की जांच कराकर संबंधित मजरे व आबादी को अभिलेखों में दर्ज कराने की मांग की है। विधायक एवं एसडीएम को दिए गये ज्ञापन में बताया गया है

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कि ग्राम पंचायत पटिहन बड़ी पंचायत होने के कारण इसमें इंदिरा आवास कालोनी, मुसाफिरनगर, खुशीपुर, नयागांव, अंबेडकरनगर, दरेरी, अतरनगर, राजाटापर, प्यारेपुरवा, नादरपुरवा एवं मालगांव के अलावा पूरनपुरवा के मजरे पूरनपुरवा टापर, पूरनपुरवा, तिकोनिया आबादी और पूरनपुरवा खल्ला गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लंबे समय से लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन चकबंदी पूरी न होने के कारण कई गांव व मजरों का अभिलेखीय दर्जा स्पष्ट नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 में धारा 52 का प्रकाशन हो चुका है, इसके बावजूद उपरोक्त गांव कागजात में दर्ज नहीं हैं। आरोप है कि कुछ लोग कई मजरों में चक बन जाने के कारण खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं। इससे ग्रामीण

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अपने बने हुए घरों और आबादी को लेकर खाफी भयभीत हैं। ज्ञापन में कहा गया कि न्यायहित में मौके की जांच कराकर आबादी दर्ज कर दी जाए तो ग्रामीणों को उजड़ने से बचाया जा सकता है। वहीं मुसाफिरनगर में अंबेडकर बाल विद्या मंदिर करीब 35 वर्षों से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहा है, लेकिन उसका भी अभिलेखों में उल्लेख नहीं होने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पटिहन एवं पूरनपुरवा के सभी मजरों में जिन गाटा नंबरों पर गांव बसे हुए हैं, उन्हें आकस्मिक घोषित आबादी के रूप में अभिलेखों में दर्ज किया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके और उनकी आबादी सुरक्षित रह सके।

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  • दो माह से खराब पानी की टंकी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे टेहरा देहात के ग्रामीण ब्लॉक क्षेत्र के टेहरा देहात में ग्रामीणों को इन दिनों शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गांव में लगी पानी की टंकी विगत करीब दो माह से खराब पड़ी है। जिम्मेदारों की ओर से टंकी की मरम्मत न कराए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल की आपूर्ति के लिए पानी की टंकी स्थापित की गई थी, लेकिन लंबे समय से खराब होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गर्मी और उमस के बीच ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई परिवार निजी संसाधनों अथवा हैंडपंपों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की टंकी खराब होने की जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि गांव में खराब पड़ी पानी की टंकी की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति सुचारु कराई जाए, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या को लेकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्राम प्रधान महेश कुमार ने बताया कि सम्बंधित विभाग को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा‌ रहा है।
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    दो माह से खराब पानी की टंकी

शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे टेहरा देहात के ग्रामीण
ब्लॉक क्षेत्र के टेहरा देहात में ग्रामीणों को इन दिनों शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गांव में लगी पानी की टंकी विगत करीब दो माह से खराब पड़ी है। जिम्मेदारों की ओर से टंकी की मरम्मत न कराए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल की आपूर्ति के लिए पानी की टंकी स्थापित की गई थी, लेकिन लंबे समय से खराब होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गर्मी और उमस के बीच ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई परिवार निजी संसाधनों अथवा हैंडपंपों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पानी की टंकी खराब होने की जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि गांव में खराब पड़ी पानी की टंकी की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति सुचारु कराई जाए, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या को लेकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ग्राम प्रधान महेश कुमार ने बताया कि सम्बंधित विभाग को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा‌ रहा है।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • खीरी में पुलिसकर्मियों को मिला अग्निशमन उपकरणों का प्राथमिक प्रशिक्षण, अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम। लखीमपुर खीरी। अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के आदेशानुसार जनपद के समस्त थानों एवं चौकियों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को प्राथमिक अग्निशमन प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के क्रम में शुक्रवार को जनपद खीरी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रिजर्व पुलिस लाइन, जनपद खीरी में आयोजित प्रातःकालीन परेड के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा एवं सहयोगी स्टाफ द्वारा उपस्थित पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के संबंध में प्राथमिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को विभिन्न अग्निशमन उपकरणों की पहचान, उनके संचालन की मूलभूत प्रक्रिया तथा आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आग लगने की आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल एवं सुरक्षित रूप से प्रारंभिक कार्रवाई करने के लिए सक्षम बनाना रहा। इस दौरान पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के सही एवं प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
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    खीरी में पुलिसकर्मियों को मिला अग्निशमन उपकरणों का प्राथमिक प्रशिक्षण,

अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम।
लखीमपुर खीरी। अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के आदेशानुसार जनपद के समस्त थानों एवं चौकियों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को प्राथमिक अग्निशमन प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के क्रम में शुक्रवार को जनपद खीरी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रिजर्व पुलिस लाइन, जनपद खीरी में आयोजित प्रातःकालीन परेड के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा  एवं सहयोगी स्टाफ द्वारा उपस्थित पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के संबंध में प्राथमिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को विभिन्न अग्निशमन उपकरणों की पहचान, उनके संचालन की मूलभूत प्रक्रिया तथा आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आग लगने की आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल एवं सुरक्षित रूप से प्रारंभिक कार्रवाई करने के लिए सक्षम बनाना रहा। इस दौरान पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के सही एवं प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
    user_Harsh Gupta Journalist
    Harsh Gupta Journalist
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जिला पंचायत सदस्य दिनेश गुप्ता ने गिनाए विकास कार्य, विधायक सौरभ सिंह सोनू नरेंद्र सिंह की सराहना
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    जिला पंचायत सदस्य दिनेश गुप्ता ने गिनाए विकास कार्य, विधायक सौरभ सिंह सोनू नरेंद्र सिंह की सराहना
    user_INDIA TV24 NEWS
    INDIA TV24 NEWS
    Journalism Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    11 hrs ago
  • लखीमपुर के सेठ घाट मंदिर में भागवत कथा शुरू राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ सुशील पांडे कर रहे वाचन लखीमपुर के सैधरी ग्राम स्थित सेठ घाट मंदिर में राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ भागवत कथा का शुभारंभहो गया है। यह आयोजन आज से शुरू हुआ है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक किया जाएगा। इस अवसर पर कथावाचक सुशील पांडे व्यास पीठ पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करने का आग्रह किया है। राधे ब्रजराज झूला महोत्सव 17 अगस्त से शुरू हो चुका है। इस महोत्सव के तहत भजन संध्या और भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
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    लखीमपुर के सेठ घाट मंदिर में भागवत कथा शुरू
राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ सुशील पांडे कर रहे वाचन
लखीमपुर के सैधरी ग्राम स्थित सेठ घाट मंदिर में राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ भागवत कथा का शुभारंभहो गया है। यह आयोजन आज से शुरू हुआ है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक किया जाएगा।
इस अवसर पर कथावाचक सुशील पांडे व्यास पीठ पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करने का आग्रह किया है। राधे ब्रजराज झूला महोत्सव 17 अगस्त से शुरू हो चुका है। इस महोत्सव के तहत भजन संध्या और भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
    user_Sandeep kumar gupta
    Sandeep kumar gupta
    Electrician लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बिहार सरकार की तारीफ वाली वीडियो पर 1 लाख व्यूज आने पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को सरकार 10 हजार रुपये देगी। नोट: यह योजना सिर्फ उन्हीं इन्फ्लुएंसर्स के लिए है, जो सरकार की ‘गुड बुक’ में शामिल हैं।
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    बिहार सरकार की तारीफ वाली वीडियो पर 1 लाख व्यूज आने पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को सरकार 10 हजार रुपये देगी।
नोट: यह योजना सिर्फ उन्हीं इन्फ्लुएंसर्स के लिए है, जो सरकार की ‘गुड बुक’ में शामिल हैं।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा माध्यम से शासन के प्रति जताया विरोध लखीमपुर-खीरी। लखीमपुर विकास भवन से चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली जो सौजन्या चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक , रोडवेज बस स्टेशन से होती हुई डीएम कार्यालय पहुंची जहां शासन के वेतन नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और वेतन एवं पुरानी पेंशन बहाल किए जाने से सम्बन्धित मांग पत्र डीएम अंजनी कुमार सिंह को सौंपा जिसमें कहा गया है कि कर्मचारियों की पेंशन बुढ़ापे में लाठी के सहारे जैसी होती है जिससे वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है।मांग पत्र डीएम को सौंपने के बाद तिरंगा यात्रा कार्यक्रम का समापन कर दिया।
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    चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा माध्यम से शासन के प्रति जताया विरोध 
लखीमपुर-खीरी। लखीमपुर विकास भवन से चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली जो सौजन्या चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक , रोडवेज बस स्टेशन से होती हुई डीएम कार्यालय पहुंची जहां शासन के वेतन नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और वेतन एवं पुरानी पेंशन बहाल किए जाने से सम्बन्धित मांग पत्र डीएम अंजनी कुमार सिंह को सौंपा जिसमें कहा गया है कि कर्मचारियों की पेंशन बुढ़ापे में लाठी के सहारे जैसी होती है जिससे वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है।मांग पत्र डीएम को सौंपने के बाद तिरंगा यात्रा कार्यक्रम का समापन कर दिया।
    user_Sudhakar Prasad awasthi
    Sudhakar Prasad awasthi
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लखीमपुर से हैरान करने वाला मामला आज तीन दिन से आ रहे हैं इनका नाम राजकुमार है काली माता मंदिर संतोष नगर से फरार हो गए हैं वहां से कमरा खालीकर कर लखीमपुर से बहुत ही हैरान करने वाला मामला बहुत ही ज्यादा से ज्यादा हैरान करने वाला मामला सामने आता चला जा रहा है इनका नाम राजकुमार है यह पुलिस को चकमा देकर वहां से सुबह फरार हो चुके हैं पहले लड़की का रेप किया था जिसकी सजा डेढ़ साल काट के लौटे हैं फिर यह किसी को जान से करने को धमकी देने लगे थे और सवेरे वहां पर पुलिस पहुंचे पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं वहां से कमरा खाली कर दिया है उन्होंने संतोष नगर माता मंदिर लखीमपुर में अगर यह कहीं भी देखे जाते हैं तो नजदीकी पुलिस को सूचना दर्ज कारण
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    लखीमपुर से हैरान करने वाला मामला आज तीन दिन से आ रहे हैं इनका नाम राजकुमार है काली माता मंदिर संतोष नगर से फरार हो गए हैं वहां से कमरा खालीकर कर
लखीमपुर से बहुत ही हैरान करने वाला मामला बहुत ही ज्यादा से ज्यादा हैरान करने वाला मामला सामने आता चला जा रहा है इनका नाम राजकुमार है यह पुलिस को चकमा देकर वहां से सुबह फरार हो चुके हैं पहले लड़की का रेप किया था जिसकी सजा डेढ़ साल काट के लौटे हैं फिर यह किसी को जान से करने को धमकी देने लगे थे और सवेरे वहां पर पुलिस पहुंचे पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं वहां से कमरा खाली कर दिया है उन्होंने संतोष नगर माता मंदिर लखीमपुर में अगर यह कहीं भी देखे जाते हैं तो नजदीकी पुलिस को सूचना दर्ज कारण
    user_भानू
    भानू
    Artist लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बाढ़ के पानी के बीच ट्रैक्टर से गांव पहुंचे विधायक शशांक वर्मा, ग्रामीणों से जाना हाल *निघासन के नया पुरैना में विधायक शशांक वर्मा ने एसडीएम के साथ किया स्थलीय निरीक्षण, राहत सामग्री वितरित कर दिया हरसंभव मदद का भरोसा* लखीमपुर खीरी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति जानने के लिए निघासन विधायक शशांक वर्मा ने गुरुवार को एसडीएम यदुवीर सिंह के साथ तहसील निघासन के बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना का स्थलीय भ्रमण किया। गांव तक पहुंचने के लिए विधायक और एसडीएम ट्रैक्टर से मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। विधायक ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन, सरकार एवं जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं। उन्होंने ग्रामीणों से राहत कार्यों से संबंधित जानकारी लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए गए। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाने पर जोर दिया। एसडीएम ने भी ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों से संवाद के दौरान आवागमन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित विषयों पर जानकारी ली गई। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुसार राहत कार्यों को प्राथमिकता से संचालित करने के लिए कहा। *बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम, बाटी औषधियां* बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना में सीएचसी निघासन की स्वास्थ्य टीम भी पहुंची। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार जीवनरक्षक एवं आवश्यक औषधियों का वितरण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की। *धौरहरा के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंची राहत, राजस्व टीम ने बांटे लंच पैकेट* एसडीएम राशि कृष्णा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने तहसील धौरहरा के बाढ़ प्रभावित ग्राम गोडियाना, चंदौली, चकदहा, ओझापुरवा, गनापुर, डुंडकी, गौढ़ी, मांझासुमाली, मिर्जापुर मल्लापुर, परसा एवं कैरातीपुरवा में पहुंचकर ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए। टीम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
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    बाढ़ के पानी के बीच ट्रैक्टर से गांव पहुंचे विधायक शशांक वर्मा, ग्रामीणों से जाना हाल
*निघासन के नया पुरैना में विधायक शशांक वर्मा ने एसडीएम के साथ किया स्थलीय निरीक्षण, राहत सामग्री वितरित कर दिया हरसंभव मदद का भरोसा*
लखीमपुर खीरी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति जानने के लिए निघासन विधायक शशांक वर्मा ने गुरुवार को एसडीएम यदुवीर सिंह के साथ तहसील निघासन के बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना का स्थलीय भ्रमण किया। गांव तक पहुंचने के लिए विधायक और एसडीएम ट्रैक्टर से मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।
विधायक ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन, सरकार एवं जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं। उन्होंने ग्रामीणों से राहत कार्यों से संबंधित जानकारी लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए गए। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाने पर जोर दिया। एसडीएम ने भी ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों से संवाद के दौरान आवागमन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित विषयों पर जानकारी ली गई। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुसार राहत कार्यों को प्राथमिकता से संचालित करने के लिए कहा।
*बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम, बाटी औषधियां*
बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना में सीएचसी निघासन की स्वास्थ्य टीम भी पहुंची। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार जीवनरक्षक एवं आवश्यक औषधियों का वितरण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की।
*धौरहरा के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंची राहत, राजस्व टीम ने बांटे लंच पैकेट*
एसडीएम राशि कृष्णा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने तहसील धौरहरा के बाढ़ प्रभावित ग्राम गोडियाना, चंदौली, चकदहा, ओझापुरवा, गनापुर, डुंडकी, गौढ़ी, मांझासुमाली, मिर्जापुर मल्लापुर, परसा एवं कैरातीपुरवा में पहुंचकर ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए। टीम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
    user_Harsh Gupta Journalist
    Harsh Gupta Journalist
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कर्मचारियों के बचाव में जुटा पार्क प्रशासन सूरज के परिजनों की मांग के बावजूद संबंधित कर्मचारियों को सामने नहीं ला रहा विभाग पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। लगातार तलाश के बावजूद शव बरामद न होने से आक्रोशित परिजनों ने दुधवा टाइगर रिजर्व पहुंचकर प्रदर्शन किया और पार्क प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। परिजनों ने सूरज की तलाश तेज कराने के साथ ही घटना से जुड़े कर्मचारियों को उनके सामने लाकर पूछताछ किए जाने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना पर पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और सूरज की तलाश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। परिजन लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सूरज के साथ घटना के दौरान मौजूद बताए जा रहे कर्मचारियों को उनके सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका‌ ये भी कहना है कि तीनों साथी जंगल से फूल खोदकर ला रहे थे, ये इतना बड़ा अपराध तो था नहीं, जो कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की और बीस-बीस हजार रुपयों की मांग की। परिजनों ने कर्मचारी कोमल, अशोक दरोगा, अश्विनी बाचर, प्रदीप बाचर, मन्नू और राकेश पर सूरज के साथ मारपीट करने और रुपये मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से पार्क प्रशासन उनकी मदद करने के बजाय संबंधित कर्मचारियों का बचाव करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि मांग के बावजूद सक्षम अधिकारी अब तक संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने नहीं ला रहे हैं। परिजनों से बातचीत करने पहुंचे दुधवा के एसडीओ महावीर ने बताया कि सूरज के शव की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि शव बरामद होने के बाद सुसंगत धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने मामले की जांच किए जाने की बात भी कही। वहीं‌ पलिया प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि पुलिस और संबंधित टीमों द्वारा सूरज की तलाश की जा रही है। शव मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी शव का बरामद न होना और संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने न लाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। पहला ये कि पार्क प्रशासन का मानना है कि सूरज की मौत ही नहीं हुई है, यदि मौत नहीं हुई तो ड्रोन से उसकी तलाश क्यों की जा रही है। दूसरी तरफ पार्क प्रशासन का‌ ये भी कहना है कि सूरज को कोई जानवर खा गया होगा, जिस कारण उसका‌ शव नहीं मिल रहा है। यदि मौत नहीं हुई है तो चार दिन बीत जाने के बाद आखिर अभी तक सूरज घर क्यों नहीं पहुंचा। सबसे दिलचस्प पहलू ये है‌ कि सूरज जब पानी में कूदा था, तब उस समय वन विभाग के पांच कर्मचारी कोमल, दरोगा अशोक, अश्विनी वाचर, प्रदीप वाचर, मन्नू और राकेश मौजूद थे। सूरज के साथी साहिन‌ का कहना है कि सूरज जब पानी में डूबने लगा, तो वो बचाने के लिए चिल्लाया भी था, लेकिन उसे बचाने का प्रयास नहीं किया गया। साहिन‌ के अनुसार सूरज वन कर्मचारियों के सामने ही डूब गया था। इस स्थिति से यह सिद्ध होता है कि सूरज की निश्चित रूप से पानी‌ में डूबकर मौत हो गयी है। उधर एसडीओ महावीर का कहना है कि शव मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल ये उठता है कि जब वन विभाग भी आश्वस्त है कि सूरज की मौत हो गयी, तो फिर इंतजार आखिरकार किस‌ बात का किया जा रहा है। तत्काल सम्बंधित दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और कार्रवाई अमल में लाई जाए। बता दें कि यदि सूरज और उसका साथी पानी में छलांग न लगाते तो निश्चित रूप से उनसे जुर्माना वसूलने या फिर तीनों को जेल भेजने में वन विभाग जरा भी देरी‌ नहीं करता। पार्क प्रशासन की ओर से दिए जा रहे जवाबों और प्रतिक्रियाओं से परिजनों में असंतोष है। उनका आरोप है कि विभागीय कर्मचारी होने के कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक सूरज का शव बरामद नहीं होता और घटना से जुड़े सभी कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कराकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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    कर्मचारियों के बचाव में जुटा पार्क प्रशासन

सूरज के परिजनों की मांग के बावजूद संबंधित कर्मचारियों को सामने नहीं ला रहा विभाग
पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। लगातार तलाश के बावजूद शव बरामद न होने से आक्रोशित परिजनों ने दुधवा टाइगर रिजर्व पहुंचकर प्रदर्शन किया और पार्क प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। परिजनों ने सूरज की तलाश तेज कराने के साथ ही घटना से जुड़े कर्मचारियों को उनके सामने लाकर पूछताछ किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना पर पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और सूरज की तलाश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। परिजन लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सूरज के साथ घटना के दौरान मौजूद बताए जा रहे कर्मचारियों को उनके सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका‌ ये भी कहना है कि तीनों साथी जंगल से फूल खोदकर ला रहे थे, ये इतना बड़ा अपराध तो था नहीं, जो कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की और बीस-बीस हजार रुपयों की मांग की।
परिजनों ने कर्मचारी कोमल, अशोक दरोगा, अश्विनी बाचर, प्रदीप बाचर, मन्नू और राकेश पर सूरज के साथ मारपीट करने और रुपये मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से पार्क प्रशासन उनकी मदद करने के बजाय संबंधित कर्मचारियों का बचाव करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि मांग के बावजूद सक्षम अधिकारी अब तक संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने नहीं ला रहे हैं।
परिजनों से बातचीत करने पहुंचे दुधवा के एसडीओ महावीर ने बताया कि सूरज के शव की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि शव बरामद होने के बाद सुसंगत धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने मामले की जांच किए जाने की बात भी कही।
वहीं‌ पलिया प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि पुलिस और संबंधित टीमों द्वारा सूरज की तलाश की जा रही है। शव मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी शव का बरामद न होना और संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने न लाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। पहला ये कि पार्क प्रशासन का मानना है कि सूरज की मौत ही नहीं हुई है, यदि मौत नहीं हुई तो ड्रोन से उसकी तलाश क्यों की जा रही है। दूसरी तरफ पार्क प्रशासन का‌ ये भी कहना है कि सूरज को कोई जानवर खा गया होगा, जिस कारण उसका‌ शव नहीं मिल रहा है। यदि मौत नहीं हुई है तो चार दिन बीत जाने के बाद आखिर अभी तक सूरज घर क्यों नहीं पहुंचा। सबसे दिलचस्प पहलू ये है‌ कि सूरज जब पानी में कूदा था, तब उस समय वन विभाग के पांच कर्मचारी कोमल, दरोगा अशोक, अश्विनी वाचर, प्रदीप वाचर, मन्नू और राकेश मौजूद थे। सूरज के साथी साहिन‌ का कहना है कि सूरज जब पानी में डूबने लगा, तो वो बचाने के लिए चिल्लाया भी था, लेकिन उसे बचाने का प्रयास नहीं किया गया। साहिन‌ के अनुसार सूरज वन कर्मचारियों के सामने ही डूब गया था। इस स्थिति से यह सिद्ध होता है कि सूरज की निश्चित रूप से पानी‌ में डूबकर मौत हो गयी है। उधर एसडीओ महावीर का कहना है कि शव मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल ये उठता है कि जब वन विभाग भी आश्वस्त है कि सूरज की मौत हो गयी, तो फिर इंतजार आखिरकार किस‌ बात का किया जा रहा है। तत्काल सम्बंधित दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और कार्रवाई अमल में लाई जाए। बता दें कि यदि सूरज और उसका साथी पानी में छलांग न लगाते तो निश्चित रूप से उनसे जुर्माना वसूलने या फिर तीनों को जेल भेजने में वन विभाग जरा भी देरी‌ नहीं करता। पार्क प्रशासन की ओर से दिए जा रहे जवाबों और प्रतिक्रियाओं से परिजनों में असंतोष है। उनका आरोप है कि विभागीय कर्मचारी होने के कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक सूरज का शव बरामद नहीं होता और घटना से जुड़े सभी कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कराकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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