ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे *रीवा सीधी मार्ग पर फिर रफ्तार का कहर गुढ़वा में अज्ञात वाहन ने मवेशियों को रौंदा, 5 की मौके पर दर्दनाक मौत लगातार दूसरे दिन हुए हादसे से गौ सेवकों में भारी आक्रोश प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल* ♦️रीवा : गुढ़ समाचार रीवा। रीवा-सीधी मार्ग पर गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गुढ़वा पेट्रोल पंप के समीप एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। बीती रात सड़क पर बैठे लगभग 6 से 7 मवेशियों को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन बेरहमी से रौंदते हुए निकल गया। इस भीषण दुर्घटना में 5 मवेशियों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद भी समय पर व्यवस्था न बनने से क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है।उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते कल भी इसी रीवा-सीधी मार्ग पर कसई स्टैंड के समीप लगभग 12 मवेशी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर अकाल मौत का शिकार हुए थे। लगातार दूसरे दिन हुई इस बड़ी दुर्घटना ने यह साबित कर दिया है कि सड़कों पर घूम रहे बेजुबान मवेशियों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अमला पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। इन हादसों से न केवल मवेशियों की जान जा रही है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी यह मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है। *शासकीय गौशालाओं के नाम पर लाखों का आहरण, फिर भी सड़कों पर लावारिस घूम रहे मवेशी* क्षेत्रीय नागरिकों और गौ सेवकों का आरोप है कि शासन द्वारा क्षेत्र में कई गौशालाओं का निर्माण और संचालन कराया जा रहा है, जिनके नाम पर हर महीने लाखों रुपये की राशि का आहरण किया जा रहा है। इसके बावजूद गौशाला संचालक मवेशियों को गौशाला में रखने के बजाय सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ देते हैं। शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस पूरे मामले पर नहीं पड़ रही है या वे देखकर भी अनजान बने हुए हैं। कागजों में गौशालाएं संचालित हो रही हैं और बजट का आहरण जारी है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर आवारा मवेशी आज भी सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं।कल और आज हुई इन हृदयविदारक घटनाओं के बाद बजरंग दल और स्थानीय गौ सेवकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और गौ सेवा संगठनों के कार्यकर्ता गुढ़वा पेट्रोल पंप स्थित दुर्घटनास्थल पर भारी संख्या में एकत्र हो रहे हैं।कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी मवेशियों के समुचित संरक्षण और भ्रष्ट गौशाला संचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उग्र हुए कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत सड़कों से मवेशियों को हटाकर गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाने का काम शुरू नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे
ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे *रीवा सीधी मार्ग पर फिर रफ्तार का कहर गुढ़वा में अज्ञात वाहन ने मवेशियों को रौंदा, 5 की मौके पर दर्दनाक मौत लगातार दूसरे दिन हुए हादसे से गौ सेवकों में भारी आक्रोश प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल* ♦️रीवा : गुढ़ समाचार रीवा। रीवा-सीधी मार्ग पर गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गुढ़वा पेट्रोल पंप के समीप एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। बीती रात सड़क पर बैठे लगभग 6 से 7 मवेशियों को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन बेरहमी से रौंदते हुए निकल गया। इस भीषण दुर्घटना में 5 मवेशियों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद भी समय पर व्यवस्था न बनने से क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है।उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते कल भी इसी रीवा-सीधी मार्ग पर कसई स्टैंड के समीप लगभग 12 मवेशी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर अकाल मौत का शिकार हुए थे। लगातार दूसरे दिन हुई इस बड़ी दुर्घटना ने यह साबित कर दिया है कि सड़कों पर घूम रहे बेजुबान मवेशियों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अमला पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। इन हादसों से न केवल मवेशियों की जान जा रही है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी यह मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है। *शासकीय गौशालाओं के नाम पर लाखों का आहरण, फिर भी सड़कों पर लावारिस घूम रहे मवेशी* क्षेत्रीय नागरिकों और गौ सेवकों का आरोप है कि शासन द्वारा क्षेत्र में कई गौशालाओं का निर्माण और संचालन कराया जा रहा है, जिनके नाम पर हर महीने लाखों रुपये की राशि का आहरण किया जा रहा है। इसके बावजूद गौशाला संचालक मवेशियों को गौशाला में रखने के बजाय सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ देते हैं। शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस पूरे मामले पर नहीं पड़ रही है या वे देखकर भी अनजान बने हुए हैं। कागजों में गौशालाएं संचालित हो रही हैं और बजट का आहरण जारी है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर आवारा मवेशी आज भी सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं।कल और आज हुई इन हृदयविदारक घटनाओं के बाद बजरंग दल और स्थानीय गौ सेवकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और गौ सेवा संगठनों के कार्यकर्ता गुढ़वा पेट्रोल पंप स्थित दुर्घटनास्थल पर भारी संख्या में एकत्र हो रहे हैं।कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी मवेशियों के समुचित संरक्षण और भ्रष्ट गौशाला संचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उग्र हुए कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत सड़कों से मवेशियों को हटाकर गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाने का काम शुरू नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे
- .✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.............................................बिछिया थाना, रीवा मे मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत, रीवा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण कल्पना मिश्रा एवं नवजात शिशु की मौत, तथा सतना में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के गंभीर मामले के खिलाफ आज कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी मंज़ूर है, अन्याय मंज़ूर नहीं! पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए आज सड़क पर संघर्ष किया। पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने पहुंचा दिया, लेकिन सलाखें हमारे हौसले और हमारी आवाज़ को कैद नहीं कर सकतीं। यह लड़ाई सिर्फ कुछ परिवारों की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के अधिकार की लड़ाई है, जिसे सुरक्षित, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मिलनी चाहिए। जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सत्य के लिए संघर्ष न्याय के लिए संकल्प .✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.............................................बिछिया थाना, रीवा मे मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत, रीवा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण कल्पना मिश्रा एवं नवजात शिशु की मौत, तथा सतना में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के गंभीर मामले के खिलाफ आज कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी मंज़ूर है, अन्याय मंज़ूर नहीं! पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए आज सड़क पर संघर्ष किया। पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने पहुंचा दिया, लेकिन सलाखें हमारे हौसले और हमारी आवाज़ को कैद नहीं कर सकतीं। यह लड़ाई सिर्फ कुछ परिवारों की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के अधिकार की लड़ाई है, जिसे सुरक्षित, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मिलनी चाहिए। जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सत्य के लिए संघर्ष न्याय के लिए संकल्प1
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- संजय गांधी हॉस्पिटल में निरीक्षण उपरांत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने की मीडिया कर्मियों से चर्चाऔर संजय गांधी हॉस्पिटल में निरीक्षण उपरांत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने की मीडिया कर्मियों से चर्चाऔर1
- ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे सतना ट्रैफिक पुलिस डीजीपी की आदेशों की उड़ाई धज्जियां रील बनाती हुई मैडम, बिना सीट बेल्ट के मैडम सहित दिखे पूरे कर्मचारी स्टाफ वीआईपी ड्यूटी में है सतना जिला ट्रैफिक पुलिस फिल्मी स्टाइल में बनाई गई रील बिना सीट बेल्ट के मैडम जी के द्वारा बोला जा रहा है कि हम वीआईपी ड्यूटी में हैं अब इनका चलन कौन काटेगा आखिर यह सब किसके इसारे में किया जा रहा है इसके पीछे किसी न किसी राजनीतिक यह प्रशासनिक या मामला कुछ और है खैर कुछ भी हो कार्यवाही तो बनती है।1
- लोकेशन रीवा। न्याय आंदोलन में जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, जच्चा-बच्चा और बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा मांगा। रीवा में पिछले पांच दिनों से चल रहे कांग्रेस के न्याय आंदोलन में आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। मंच से पटवारी ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। रीवा की जच्चा-बच्चा मौत और बालाघाट में बच्चों की मौत के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। रीवा के न्याय आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जुटे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार बदहाल हो रही है और गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। पटवारी ने रीवा और बालाघाट में हुई मौतों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा और कहा कि जब स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है, तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।1
- रीवा पुलिस का नया टैलेंट—कानून के साथ-साथ कुर्ते की भी सिलाई *रीवा पुलिस का नया टैलेंट—कानून के साथ-साथ कुर्ते की भी सिलाई.....* कांग्रेस के आंदोलन में अगर हजारों रुपये का कुर्ता फट जाए, तो भाई साहब… अगले चुनाव में टिकट का दावेदार तो बनता है! आखिर इतनी महंगी कुर्ता-सेवा हर नेता को थोड़े ही नसीब होती है। कांग्रेस पार्टी को भी ऐसे नेताओं की तलाश करनी चाहिए जो भाषण कम और कुर्ता ज्यादा फाड़वाकर आंदोलन की यादगार बना दें! _और रीवा पुलिस के बारे में क्या लिखें साहब… हम तो बस इतना कहेंगे—कपड़ा संभालकर आंदोलन कीजिए! क्योंकि आजकल आंदोलन में मुद्दों से ज्यादा चर्चा कहीं-कहीं कुर्ते की हालत की हो रही है।_ बाकी पुलिस की कार्रवाई सही थी या गलत, इसका फैसला जांच और कानून करेगा… हम तो फिलहाल फटे कुर्ते की राजनीति देखकर मनोरंजन कर रहे हैं!1
- ✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️रीवा✍️स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेता गिरफ्तार, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले रीवा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का न्याय सत्याग्रह पांचवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को कांग्रेस नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। पुलिस ने मार्तंड स्कूल रोड स्थित तिराहे के पास मार्च को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता एवं विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा समेत कई कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया। ✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️रीवा✍️स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेता गिरफ्तार, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले रीवा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का न्याय सत्याग्रह पांचवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को कांग्रेस नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। पुलिस ने मार्तंड स्कूल रोड स्थित तिराहे के पास मार्च को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता एवं विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा समेत कई कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया।1
- जिला रीवा हुजूर मे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एव आदिवासी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रत भूरिया द्वारा धरना रीवा प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रदेश मे स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों कीलापरवाही के कारण रीवा कल्पना मिश्रा जच्चा बच्चा मृत्यु के कारण एव बालाघाट मे 30 बच्चो मृत्यु होने के चलते स्वास्थ्य एव उप मुख्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के त्यागपत्र को लेकर धरना-प्रदर्शन एव जुलूस मे पानी और अशुगैस के गोले छोडे गये4