सुल्तानपुर के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही आपसी अदावत अब थमती नजर आ रही है। सपा नेता जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर और पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय एक साथ एक ही जगह पर नजर आए हैं। मौका था पीपी कमैचा ब्लॉक के ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र यादव के पूज्य पिताजी के आकस्मिक निधन पर आयोजित शोक सभा का, जहां शोक व्यक्त करने सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल पहुंचे थे। इस दौरान जितेंद्र वर्मा और पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय भी उनके साथ ब्लॉक अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। राजनीतिक लिहाज से यह पहला अवसर था जब पार्टी के दोनों कद्दावर नेता अगल-बगल बैठे दिखाई दिए। इससे पहले एक ही मामले को लेकर दोनों नेताओं ने अलग-अलग तारीखों में ज्ञापन दिया था, जिससे उनके बीच की कड़वाहट जगजाहिर हो गई थी। प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की मौजूदगी में दोनों नेताओं का इस तरह एक साथ दिखना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए काफी सुकून भरा रहा। राजनीतिक गलियारों में इसे लम्भुआ में समाजवादी पार्टी की एकजुटता की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
सुल्तानपुर के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही आपसी अदावत अब थमती नजर आ रही है। सपा नेता जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर और पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय एक साथ एक ही जगह पर नजर आए हैं। मौका था पीपी कमैचा ब्लॉक के ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र यादव के पूज्य पिताजी के आकस्मिक निधन पर आयोजित शोक सभा का, जहां शोक व्यक्त करने सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल पहुंचे थे। इस दौरान जितेंद्र वर्मा और पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय भी उनके साथ ब्लॉक अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। राजनीतिक लिहाज से यह पहला अवसर था जब पार्टी के दोनों कद्दावर नेता अगल-बगल बैठे दिखाई दिए। इससे पहले एक ही मामले को लेकर दोनों नेताओं ने अलग-अलग तारीखों में ज्ञापन दिया था, जिससे उनके बीच की कड़वाहट जगजाहिर हो गई थी। प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की मौजूदगी में दोनों नेताओं का इस तरह एक साथ दिखना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए काफी सुकून भरा रहा। राजनीतिक गलियारों में इसे लम्भुआ में समाजवादी पार्टी की एकजुटता की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
- लखनऊ के सदर में स्थित सुविधाओं से लैस मेदांता हॉस्पिटल में अचानक सीलिंग गिरने से हड़कंप मच गया है। अस्पताल में रिसेप्शन के पास ऊपरी हिस्से के साइड वाली सीलिंग नीचे गिर गई, जिससे वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों में भारी खौफ का माहौल है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सुविधाओं से लैस मेदांता हॉस्पिटल की इस तरह सीलिंग गिरने से मरीज और उनके तीमारदार बेहद दहशत में हैं।1
- लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने पर एक कैंसर पीड़ित दलित महिला के समर्थन में सैकड़ों महिलाओं ने घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह पूरा मामला जमीन कब्जा करने से जुड़ा हुआ है। इस मामले में वरिष्ठ सपा नेता एवं पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के समर्थकों पर आरोप लगे हैं। पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर ही महिलाओं ने एकजुट होकर थाने का घेराव किया।3
- धार्मिक परंपराओं में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर जगन्नाथ पुरी के शंकराचार्य नाराज हो गए हैं। वे धार्मिक परंपराओं में सरकारी दखल से काफी खफा हैं।1
- लखनऊ के याहियागंज वार्ड में याहियागंज चौकी के पास गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है। चौकी से महज कुछ ही कदम की दूरी पर स्थित सूरज धागा स्टोर ने लंबे समय से यह गंदगी फैला रखी है और यहाँ काफी समय से कोई सफाई भी नहीं कराई गई है। इस भारी गंदगी और बदबू के बीच से ही स्थानीय लोगों को आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे इलाके के लोगों का जीना दूभर हो गया है। सड़क पर फैली इस गंदगी की वजह से क्षेत्र में स्वास्थ्य का गंभीर खतरा पैदा हो गया है और संक्रमण फैलने की आशंका से बच्चों के अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूरज धागे वाला इस गंदगी की साफ-सफाई नहीं करवाता है, जिसके कारण जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र के उर्दू फारसी आईआईएम रोड पर एक बेहद अमानवीय मामला सामने आया है। यहां अपनी निजी जमीन पर 22 सालों से चौकीदारी कर रही एक दलित महिला सुमन रावत के घर पर दलालों ने जबरन बुल्डोजर चलवा दिया। हद तो तब हो गई जब अपनी चौकीदारी का हक और पैसा मांगने पर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस ने ही उसे जेल भेजने की धमकी दे डाली। दरअसल, कानपुर के रहने वाले जावेद अहमद ने 22 साल पहले इस पीड़ित महिला को दो बिस्वा जमीन और 5 हजार रुपये महीना देने का वादा किया था। लेकिन अपना वादा पूरा करने के बजाय जावेद अहमद ने मुनेश्वर यादव के साथ मिलकर महिला के आशियाने पर जबरन बुल्डोजर चलवाकर उसे जमींदोज कर दिया। इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी बेहद संदिग्ध नजर आ रही है। सामने आई जानकारी के अनुसार, दलालों ने पीड़ित महिला को इस जमीन से जबरन हटाने के लिए 15 लाख रुपये का ठेका लिया था। इसके बाद महिला के नाम पर 15 लाख रुपये का बंदरबांट कर लिया गया, जबकि पीड़ित महिला को महज 70 हजार रुपये थमाकर एक सादे कागज पर उसका अंगूठा लगवा लिया गया। दबंगों ने महिला के घर का सारा सामान जमींदोज कर दिया और घर में रखे कीमती जेवरात व अन्य सामान भी चोरी कर लिए। इस तबाही के बाद पीड़ित महिला अपने छोटे-छोटे बच्चों और पूरे परिवार के साथ तपती गर्मी और बरसात में फुटपाथ पर सोने को मजबूर है। पीड़ित दलित महिला मार्च 2026 से लगातार न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है।1