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मुजफ्फरपुर जिले के सिरकोहियाँ गांव में ग्रामीणों ने ग्राम मुखिया पंकज सिंह पर मनरेगा के तहत विकास कार्यों में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में पोखरे, सड़क और नालों के निर्माण के नाम पर सरकारी फंड स्वीकृत किया गया, लेकिन धरातल पर इनमें से कई कार्य दिखाई ही नहीं दे रहे हैं। विकास कार्यों में गड़बड़ी के साथ-साथ गांव में पसरी गंदगी, जलभराव, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और खराब बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है। बदहाल व्यवस्था और फंड में धांधली से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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मुजफ्फरपुर जिले के सिरकोहियाँ गांव में ग्रामीणों ने ग्राम मुखिया पंकज सिंह पर मनरेगा के तहत विकास कार्यों में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में पोखरे, सड़क और नालों के निर्माण के नाम पर सरकारी फंड स्वीकृत किया गया, लेकिन धरातल पर इनमें से कई कार्य दिखाई ही नहीं दे रहे हैं। विकास कार्यों में गड़बड़ी के साथ-साथ गांव में पसरी गंदगी, जलभराव, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और खराब बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है। बदहाल व्यवस्था और फंड में धांधली से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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- लक्सर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हुसैनपुर में बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद का ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। देवेंद्र चौधरी के आवास पर आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक ने क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सभी समाज के हित में कार्य किए हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व विधायक पर भी निशाना साधा और विकास तथा जनता के मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी विकास कार्यों को गति देने का भरोसा दिलाया।1
- उत्तर प्रदेश के मीरापुर स्थित मोरना से सामने आई तस्वीरों और गतिविधियों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मोरना से उठती आवाजों को देखकर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राज्य में सामाजिक न्याय पार्टी एक नई राजनीतिक ताकत के रूप में अपनी जमीन मजबूत कर रही है। इस राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी के उभार के बीच देवेंद्र कश्यप, पुनीत कश्यप, राजेश तुरहा और प्रमोद कश्यप की प्रमुखता से चर्चा हो रही है। मोरना की इन तस्वीरों को सामाजिक न्याय पार्टी के बढ़ते जनाधार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए समीकरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद भवन के सामने पेपर लीक के मामले को लेकर हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस दौरान हड़ताल पर बैठकर चंद्रशेखर आजाद ने सीधी चेतावनी दी है।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन रिकवरी' के तहत थाना कलियर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से ₹10 लाख से अधिक कीमत के कुल 52 खोए हुए मोबाइल फोन रिकवर किए हैं। थाना कलियर परिसर में मोबाइल स्वामियों को बुलाकर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल और क्षेत्राधिकारी भगवानपुर सुमित पाण्डे द्वारा बरामद किए गए फोन उनके मालिकों को सौंपे गए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस टीम की जमकर सराहना की। बरामद किए गए मोबाइलों में वीवो के 14, ओप्पो के 12, रियलमी के 7, सैमसंग और रेडमी के 5-5, मोटो के 3 तथा टेक्नो, आईक्यू व पोको के 2-2 फोन शामिल हैं। हरिद्वार पुलिस उत्तराखंड व अन्य राज्यों से भी खोए हुए मोबाइल रिकवर कर जनता को राहत देने का काम कर रही है। इस सफलता को हासिल करने वाली पुलिस टीम में सीओ भगवानपुर सुमित पाण्डे, प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी, एसएसआई राजेश बिष्ट, हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी और होमगार्ड ललित शामिल रहे।1
- छात्रों की शिक्षा और विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा एक संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें कहा गया है कि "सपने धरने से नहीं, पढ़ने से पूरे होते हैं!" इस वायरल बयान के ज़रिए छात्रों के अध्ययन और उनके आंदोलन के रुख पर सवाल उठाते हुए आम लोगों से उनकी राय मांगी गई है।1
- Post by Manavvar khan1
- नगर निगम जब भी बंदरों, स्ट्रीट डॉग्स और आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में निकलता है तो कोई न कोई अवरोध सामने आ जाता है। ताजा मामला कांवड़ मेले के दौरान खड़खड़ी का है, जहाँ आवारा पशुओं को पकड़ने के दौरान एक सांड को जबरन वाहन में ले जाने पर पशु प्रेमियों ने हंगामा कर दिया। इस विरोध के कारण काफी देर तक नगर निगम का यह अभियान रुका रहा। बाद में पशु प्रेमियों की सहमति बनने के बाद ही सांड को वाहन में चढ़ाया जा सका। पशु प्रेमियों ने स्पष्ट कहा कि कानून जानवरों के भी जीने के अधिकारों का संरक्षण करता है, इसलिए पशुओं को किसी भी हाल में अमानवीय ढंग से नहीं ले जाया जा सकता।1