सिंगरौली में विश्व हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और महान एल्यूमिनियम, बरगवां द्वारा एक पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान में उसकी चुनौतियों और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समारोह में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और वेब मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। समारोह के मुख्य अतिथि, नव स्वदेश, भोपाल के संपादक अनुराग उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया और वेब मीडिया आज की सूचना व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो समाचारों के प्रसार को तेज, व्यापक और प्रभावशाली बनाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि तमाम चुनौतियों और टीआरपी आधारित प्रतिस्पर्धा के बावजूद, यदि मीडिया सत्य, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के सिद्धांतों पर कायम रहता है, तो लोकतंत्र को मजबूत करने में उसकी भूमिका और भी प्रभावी हो सकती है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के लगभग 200 वर्ष पुराने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 30 मई 1826 को कोलकाता से आचार्य जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित 'उदन्त मार्तण्ड' हिंदी का पहला समाचार पत्र था, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम में हिंडाल्को के यूनिट प्रमुख लिनू पंचमन ने कंपनी की औद्योगिक उपलब्धियों, उत्पादन क्षमता और निवेश संबंधी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हिंडाल्को का व्यापारिक नेटवर्क विश्व के 100 से अधिक देशों तक फैला हुआ है, और भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान मिशन में प्रयुक्त एल्यूमिनियम में भी हिंडाल्को का योगदान रहा है। कंपनी द्वारा निर्मित एल्यूमिनियम का उपयोग ऑटोमोबाइल, स्कूटी, मोबाइल फोन और अन्य कई उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। मानव संसाधन प्रमुख एवं सीएसआर प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में कंपनी के कार्य और उपलब्धियाँ शामिल थीं। समारोह के दौरान पत्रकारों और कंपनी प्रबंधन के बीच एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पत्रकारों ने कंपनी की औद्योगिक गतिविधियों, सामाजिक दायित्वों और स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका यूनिट प्रमुख लिनू पंचमन और सीएसआर प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह (ट्रॉफी) प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिसे मीडिया और उद्योग जगत के बीच संवाद, सहयोग और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
सिंगरौली में विश्व हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और महान एल्यूमिनियम, बरगवां द्वारा एक पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान में उसकी चुनौतियों और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समारोह में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और वेब मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। समारोह के मुख्य अतिथि, नव स्वदेश, भोपाल के संपादक अनुराग उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया और वेब मीडिया आज की सूचना व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो समाचारों के प्रसार को तेज, व्यापक और प्रभावशाली बनाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि तमाम चुनौतियों और टीआरपी आधारित प्रतिस्पर्धा के बावजूद, यदि मीडिया सत्य, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के सिद्धांतों पर कायम रहता है, तो लोकतंत्र
को मजबूत करने में उसकी भूमिका और भी प्रभावी हो सकती है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के लगभग 200 वर्ष पुराने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 30 मई 1826 को कोलकाता से आचार्य जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित 'उदन्त मार्तण्ड' हिंदी का पहला समाचार पत्र था, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम में हिंडाल्को के यूनिट प्रमुख लिनू पंचमन ने कंपनी की औद्योगिक उपलब्धियों, उत्पादन क्षमता और निवेश संबंधी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हिंडाल्को का व्यापारिक नेटवर्क विश्व के 100 से अधिक देशों तक फैला हुआ है, और भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान मिशन में प्रयुक्त एल्यूमिनियम में भी हिंडाल्को का योगदान रहा है। कंपनी द्वारा निर्मित एल्यूमिनियम का उपयोग ऑटोमोबाइल, स्कूटी, मोबाइल फोन और अन्य कई उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
मानव संसाधन प्रमुख एवं सीएसआर प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में कंपनी के कार्य और उपलब्धियाँ शामिल थीं। समारोह के दौरान पत्रकारों और कंपनी प्रबंधन के बीच एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पत्रकारों ने कंपनी की औद्योगिक गतिविधियों, सामाजिक दायित्वों और स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका यूनिट प्रमुख लिनू पंचमन और सीएसआर प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह (ट्रॉफी) प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिसे मीडिया और उद्योग जगत के बीच संवाद, सहयोग और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
- सोनभद्र जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि सरकारी अस्पताल से रेफर की गई गर्भवती महिला को एक अवैध निजी अस्पताल पहुँचा दिया गया, जबकि उसे निर्धारित स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए। प्रशासन की जाँच में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसके फलस्वरूप उसे सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोन थाना क्षेत्र के सोना सिंगा गाँव निवासी सीमा पत्नी देवनारायण को प्रसव पीड़ा होने पर कचनरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। चिकित्सकीय जाँच के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोन रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस द्वारा प्रसूता को सीएचसी कोन ले जाने के बजाय सीधे कोन बाजार स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुँचा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और वहाँ मौजूद चिकित्सक व अन्य जिम्मेदार लोग मौके से फरार हो गए, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल जाँच के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिन्द एवं क्षेत्राधिकारी कोन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच की। जाँच में सामने आया कि ग्लोबल हॉस्पिटल बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अस्पताल संचालक नसीम अहमद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- सोनभद्र जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी का नतीजा है कि चोपन ब्लॉक के बर्दिया स्थित वन विभाग के प्लांटेशन क्षेत्र में जंगली नीलगायों का एक झुंड पानी की तलाश में भटकता हुआ नजर आया। गिरता जलस्तर और लगातार सूखते जलस्रोत वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण को आज के समय की सबसे बड़ी और आवश्यक जरूरत बताया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में एक युवक और एक युवती के बीच आपसी विवाद सामने आया है। इस विवाद के दौरान युवक द्वारा असलहा प्रदर्शित किया गया। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा ने बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- सोनभद्र जिले के विकासखंड दुद्धि क्षेत्र की ग्राम पंचायत केवाल में ग्रामीणों ने सड़क क्षतिग्रस्त होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि गांव-गांव से लकड़ी खरीदने और ढोने में लगे कुछ लोग लगातार भारी ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सड़क को गंभीर नुकसान पहुँचा है। ग्रामीणों ने बताया कि इन ट्रैक्टरों के भारी पहियों के कारण सड़क कई जगहों पर उखड़ने लगी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, और सड़क खराब होने के कारण राहगीरों, बाइक सवारों के साथ-साथ अन्य वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसी को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने और सड़क को हुए नुकसान का सही आकलन करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश में, योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई किसी गरीब को हटाने का प्रयास करता है, तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।1
- अंबिकापुर में नायब तहसीलदार और जनप्रतिनिधियों के बीच चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ एक महिला पार्षद ने नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, महिला पार्षद ने अधिकारी पर उनके साथ अनुचित व्यवहार करने और आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद पहले से ही चर्चा का विषय था, जब सीतापुर क्षेत्र में नायब तहसीलदार और विधायक समर्थकों के बीच कथित विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने नायब तहसीलदार और विधायक पक्ष की शिकायतों पर मामले दर्ज कर अपनी जाँच पहले ही शुरू कर दी थी। महिला पार्षद के इन आरोपों के सामने आने के बाद, इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। हालाँकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक स्तर पर जाँच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और जिला प्रशासन पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जाँच में क्या तथ्य सामने आते हैं। इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- सोनभद्र जिले के बीजपुर थाना क्षेत्र में धरती डांड स्थित मोटकी मुकुट पहाड़ी मंदिर के पास एक नाले में महिला का कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान पड़ोसी म्योरपुर थाना क्षेत्र से बीते 20 दिनों से लापता पार्वती के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्योरपुर थाना क्षेत्र के झानी पाथर निवासी विनोद कुमार की पत्नी पार्वती विगत 10 मई को अपने बच्चों से म्योरपुर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों द्वारा 19 मई को म्योरपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शनिवार सुबह धरती डांड के मोटकी मुकुट पहाड़ी मंदिर के पास नाले में गाय-बकरी चराने गए ग्रामीणों की नजर एक कंकाल पर पड़ी। नाले में मानव कंकाल दिखने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बीजपुर थाना पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया, और शिनाख्त के दौरान उसकी पहचान लापता पार्वती के रूप में हुई। मृतका के पति विनोद कुमार, जो कि आदिवासी समुदाय से हैं, अपनी ससुराल में ही रहते थे और वर्तमान में जीविकोपार्जन के लिए अहमदाबाद में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत हैं। पार्वती अपने पीछे शौर्यांश (8 वर्ष), आर्य (6 वर्ष) और जया (डेढ़ वर्ष) नामक तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं। महिला का कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस इन सभी पहलुओं और प्रेम-प्रसंग या हत्या जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखकर गहनता से तफ्तीश कर रही है कि महिला की मौत कैसे हुई और उसका शव म्योरपुर से इतनी दूर बीजपुर थाना क्षेत्र के नाले में कैसे पहुंचा।4
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के लिए भर्ती आशा बहू सीमा देवी की ऑपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना में नवजात शिशु सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजन की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण भी तत्काल अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए घटना की जांच में जुट गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।1
- सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया, जिसके दौरान उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी असद घायल हो गया। घायल असद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम की कानूनी प्रक्रिया के तहत पड़ताल की जा रही है।1