सीकर जिले के उन परिवारों के लिए एक शानदार मौका है, जो लंबे समय से अपने खुद के घर का सपना देख रहे हैं। केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना' (PMAY) के तहत अब नए घर के निर्माण के लिए ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत होम लोन लेने वाले लाभार्थियों को ब्याज पर सब्सिडी भी मिल रही है, जिससे लोन की किस्तें चुकाना बेहद सरल हो जाएगा और उन्हें एक बड़ा सहारा मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें रखी गई हैं। आवेदन करने वाले लाभार्थी परिवार की कुल सालाना आय ₹18 लाख तक होनी चाहिए। साथ ही, सहायता का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनके पास पूरे देश में पहले से कोई भी पक्का घर नहीं है। सीकर जिले के पात्र नागरिक इस योजना के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, जन सेवा केंद्र या नगर परिषद/नगर पालिका कार्यालय में जाकर जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं।
सीकर जिले के उन परिवारों के लिए एक शानदार मौका है, जो लंबे समय से अपने खुद के घर का सपना देख रहे हैं। केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना' (PMAY) के तहत अब नए घर के निर्माण के लिए ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत होम लोन लेने वाले लाभार्थियों को ब्याज पर सब्सिडी भी मिल रही है, जिससे लोन की किस्तें चुकाना बेहद सरल हो जाएगा और उन्हें एक बड़ा सहारा मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें रखी गई हैं। आवेदन करने वाले लाभार्थी परिवार की कुल सालाना आय ₹18 लाख तक होनी चाहिए। साथ ही, सहायता का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनके पास पूरे देश में पहले से कोई भी पक्का घर नहीं है। सीकर जिले के पात्र नागरिक इस योजना के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, जन सेवा केंद्र या नगर परिषद/नगर पालिका कार्यालय में जाकर जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं।
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने श्रमिकों के अधिकारों के लिए चल रहे आंदोलन के संबंध में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने इस आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।1
- शाहपुरा स्थित राजकीय उपजिला चिकित्सालय में निःशुल्क लेंस प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला अन्धता निवारण समिति के सहयोग से रणवीर सेवा समिति और मेडीकल रिलीफ सोसाईटी राजस्थान द्वारा उपजिला चिकित्सालय शाहपुरा में आयोजित हुआ।1
- पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने केकड़ी को दोबारा जिला बनाए जाने को लेकर एक भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस क्षेत्र को जिला बनाया था, उसे बाद में भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया था। अब वे उसे फिर से जिला का दर्जा दिलाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। रघु शर्मा ने बेहद दृढ़ और भावुक लहजे में कहा, "यही मेरी कसम है कि जिसको मैंने जिला बनाया और इन बेईमानों ने हटाया, बीजेपी की सरकार ने हटाया, उसको वापस जिले का दर्जा रघु शर्मा दिला के रहेगा और मेरी सांस रहेगी, तो यह जिला बनेगा।" इस बयान के दौरान रघु शर्मा भावुक नजर आए और उन्होंने केकड़ी की जिला पुनर्स्थापना को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उनके इस संकल्प को केकड़ी के जिला दर्जे की बहाली के लिए चल रहे कांग्रेस के राजनीतिक अभियान और स्थानीय लोगों की लगातार मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।1
- रविवार को बड़ी संख्या में युवा साइकिल चलाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आवास पर पहुंचे। इन युवाओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत के संदेश को और अधिक मजबूती प्रदान करना था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन युवाओं से संवाद करेंगे, जिसमें रोजगार, स्वरोजगार सहित राज्य सरकार की योजनाओं और युवा कल्याण के निर्णयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम को भी सुनेंगे।1
- बीकानेर जिले के नौरंगदेसर और रायसर के बीच शनिवार को एक भयावह दृश्य देखने को मिला, जब दिन के समय घनी धूलभरी आंधी के कारण चारों ओर अंधेरा छा गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सड़क पर चल रहे वाहनों को दिन के उजाले में भी अपनी हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। स्थानीय निवासियों ने इसे अपने जीवन की सबसे खतरनाक और घनी आंधी बताया, उनका कहना था कि बीकानेर में जन्म लेने और यहीं पले-बढ़े होने के बावजूद उन्होंने ऐसी आंधी पहले कभी नहीं देखी। तेज हवाओं के साथ उठी धूल ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कुछ समय के लिए दृश्यता लगभग शून्य जैसी हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भी दिन के उजाले में अंधेरे जैसे हालात साफ दिखाई दिए, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब मौसम विभाग ने पहले ही राजस्थान के कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी और मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की थी। विभाग ने बीकानेर संभाग सहित कई क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-बारिश की संभावना जताई थी। यह आंधी अब केवल एक मौसमी घटना नहीं रह गई है, बल्कि मरुस्थलीय राजस्थान के लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव बन गई है।1
- जयपुर ट्रैफिक से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें रेड लाइट पर एक ड्राइवर और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस होती दिख रही है। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर इस जोरदार बहस के पीछे की असल वजह क्या थी। वीडियो देखने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या ड्राइवर की बात सही थी या फिर पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह जायज़ थी। एक खास रिपोर्ट के माध्यम से इस पूरे मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया जा रहा है, और जनता से अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर में भीषण धूल भरी आंधी शुरू हो गई है। इस आंधी और धूल के गुब्बारे के कारण क्षेत्र का सामान्य जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।1
- पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और घटते किराए से परेशान टैक्सी, कैब, ऑटो तथा अन्य कमर्शियल वाहन चालकों ने अपनी आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया है। ड्राइवरों ने आगामी 3 जून को जयपुर के कलेक्ट्री सर्किल पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर अपनी जायज़ मांगों को मजबूती से रखने की अपील की है। ड्राइवरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बावजूद उनका किराया नहीं बढ़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक ड्राइवर बढ़ती महंगाई का बोझ अकेले उठाते रहेंगे और कब तक कंपनियां व सिस्टम उनकी अनदेखी करते रहेंगे? इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से ड्राइवर अपनी रोजी-रोटी और सम्मान के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठाने का संदेश दे रहे हैं, यह दर्शाते हुए कि 'एकजुटता ही हमारी ताकत है'। यह आयोजन 3 जून को कलेक्ट्री सर्किल, जयपुर में एक निर्धारित कार्यक्रम अनुसार होगा, जहाँ 'किराया बढ़ाओ, ड्राइवर बचाओ' और 'बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाओ' के नारे बुलंद किए जाएँगे।1
- जयपुर के मुरलीपुरा में पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित 15 दिवसीय बाल संस्कार शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस शिविर में बच्चों को संस्कार और मूल्य सिखाए गए।1