उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं के सामने उस समय हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई, जब वे प्रदर्शन का मुख्य कारण ही नहीं बता पाए। बीजेपी युवा मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तख्तियां और बैनर लेकर अचानक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। हालांकि, जब मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनसे प्रदर्शन के मुद्दे पर सवाल किए, तो कई कार्यकर्ता असहज नज़र आए और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। प्रदर्शन में शामिल एक कार्यकर्ता ने यहाँ तक कह दिया कि उन्हें तो संगठन की तरफ से यहाँ पहुँचने के लिए कहा गया था और मुख्य मुद्दा क्या है, यह बात बड़े नेता ही बता पाएंगे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और सुरक्षा के लिहाज से कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता बिना किसी विचार और मुद्दे के केवल भीड़ जुटाने और मीडिया की सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह के नाटक करते हैं। वहीं, स्थिति बिगड़ती देख बीजेपी के स्थानीय पदाधिकारियों ने मामले को संभाला और बाद में मीडिया के सामने अपने आधिकारिक मुद्दे रखे।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं के सामने उस समय हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई, जब वे प्रदर्शन का मुख्य कारण ही नहीं बता पाए। बीजेपी युवा मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तख्तियां और बैनर लेकर अचानक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। हालांकि, जब मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनसे प्रदर्शन के मुद्दे पर सवाल किए, तो कई कार्यकर्ता असहज नज़र आए और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। प्रदर्शन में शामिल एक कार्यकर्ता ने यहाँ तक कह दिया कि उन्हें तो संगठन की तरफ से यहाँ पहुँचने के लिए कहा गया था और मुख्य मुद्दा क्या है, यह बात बड़े नेता ही बता पाएंगे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और सुरक्षा के लिहाज से कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता बिना किसी विचार और मुद्दे के केवल भीड़ जुटाने और मीडिया की सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह के नाटक करते हैं। वहीं, स्थिति बिगड़ती देख बीजेपी के स्थानीय पदाधिकारियों ने मामले को संभाला और बाद में मीडिया के सामने अपने आधिकारिक मुद्दे रखे।
- गोमती नगर निवासी श्री सौरभ महेश्वरी जी के जन्मदिन के अवसर पर चौक स्थित अवध गौशाला में 24 गोमाता को अपने हाथों से हरे चारे का भोजन कराया गया।1
- 26 दिनों के अनशन और संघर्ष के बाद सोनम वांगचुक के बयान "छब्बीस दिन भूखा रहा, क्या अब भी सफाई दूँ?" ने देशभर में एक नई बहस छेड़ दी है। अपने अनशन के बाद दिया गया यह तीखा बयान उनकी गहरी पीड़ा और नाराजगी को साफ तौर पर दर्शाता है। सोनम वांगचुक ने इस सवाल के जरिए उन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनके चलते उन्हें इतने लंबे समय तक भूखे रहकर विरोध दर्ज कराना पड़ा। यह मुद्दा अब सोशल मीडिया और आम जनचर्चा में तेजी से फैल रहा है। लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिसके चलते यह पूरा मामला अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है।1
- लखनऊ के अमराई गांव में रात के करीब 2:00 बजे घर के अंदर छिपे 3 हथियारबंद बदमाशों ने एक व्यापारी के परिवार को बंधक बनाकर भीषण लूटपाट को अंजाम दिया। मुख्य मार्ग पर स्थित अपने घर में परचून की दुकान चलाने वाले 55 वर्षीय उमेश चंद्र, उनकी पत्नी शांति देवी और तीन दिन पहले आई बेटी सीमा घर में मौजूद थीं। बदमाशों ने जब घर का लॉकर तोड़ना शुरू किया, तो आवाज सुनकर जागे परिवार ने उनका कड़ा विरोध किया। विरोध करने पर बदमाशों ने असलहे और धारदार हथियारों से पति, पत्नी और बेटी तीनों के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उमेश चंद्र बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर घर में रखी नकदी और जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस मामले को दबाने और घटना छिपाने में लगी रही।1
- थाना इन्दिरानगर क्षेत्रान्तर्गत हुई चोरी व मारपीट की घटना के संबंध में पुलिस उपायुक्त, पूर्वी, डॉ. दीक्षा शर्मा द्वारा बाइट दी गई है। इस मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त ने घटना के संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है।1
- लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के 18 वार्डों के 63 पार्कों में ओपन जिम स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया गया है। गोमती नगर स्थित राधा कृष्ण पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने 13 ओपन जिमों का लोकार्पण किया और 50 नए ओपन जिमों का शिलान्यास किया। इसके अलावा विवेक खंड-3 स्थित पूजा पार्क में इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण कार्य और विवेक खंड-2 के एक पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों को लेकर विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फिट इंडिया' अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से पूर्वी विधानसभा में विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओपन जिम की सुविधा से युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को पार्कों में नियमित व्यायाम का अवसर मिलेगा, जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण होगा। इस कार्यक्रम के दौरान पार्षद संजय सिंह राठौर, अरुण राय, रामकुमार वर्मा, राकेश मिश्रा, दीपू जायसवाल, मधुबाला त्रिपाठी, प्रमोद राजन, राजेश सिंह 'गब्बर', भाजपा महानगर उपाध्यक्ष सीता नेगी, मंडल अध्यक्ष अभिषेक राय, पूर्व मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र राय 'डब्बू' सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, आवासीय समितियों के प्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का ऐलान किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे तत्वों को जेल भेजने के साथ ही उनकी अवैध संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन पर कानून का बुलडोजर चलेगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'कावा पार्टी' ने अपनी एंट्री का ऐलान कर दिया है। पार्टी 26 जुलाई से लखनऊ में एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी में जुट गई है, जिसे राज्य में उसके बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। इस आयोजन के जरिए पार्टी जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश करेगी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल और गर्म हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि 'कावा पार्टी' के इस कदम से उत्तर प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं और आने वाले समय में अन्य पार्टियों की रणनीतियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।1
- जनहित सर्व समाज सेवा समिति की संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका एवं कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति हैं।1