आर्मी जवान और उनके पिता की हत्या करने वाले आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। जानकारी के अनुसार, एक अगस्त को पुलिस आरोपी के घर बुलडोजर लेकर पहुंची और कुर्की की कार्रवाई की है, जिसमें आरोपी के घर के सभी उपयोग में आने वाले सामान अपने साथ ले गया है और घर के खिड़की दरवाजा सभी उखाड़ दिया है और बुलडोजर चलाया है! मिली जानकारी के अनुसार जगदीश का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी हत्या के एक मामले और NDPS मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मामला बिदुपुर थाना क्षेत्र के रजासन गांव की है, जहां बीते 12 जुलाई 2026 को रास्ते के विवाद को लेकर आर्मी जवान जितेंद्र कुमार और पिता मुरारी राय को गोली मारकर हत्या कर दिया गया था। हाजीपुर में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर पुलिस की बड़ी किरकिरी हुई थी और मामला हाईलाइट हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 13 जुलाई को आरोपी जगदीश राय को गिरफ्तार किया था लेकिन रास्ते में जगदीश राय पुलिस का हथियार छीनकर भागने लगा। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में दोनों पैर में गोली मार कर जख्मी कर गिरफ्तार कर लिया था। हाजीपुर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में किया गया है। मामले पर सुबोध कुमार ने बताया है कि इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में भेजा गया है। 15 जुलाई को पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसमें एक आरोपी नाबालिक है जो आरोपी जगदीश राय के दोस्त का पुत्र है। वह पटना के हॉस्टल में रहता था। वहीं पर जगदीश राय को घटना के बाद शरण दिया था। एक अन्य आरोपी पंकज राय को गिरफ्तारी किया गया था, जो पटना का ही रहने वाला था। घटना के अंजाम देने के बाद जगदीश राय को नाबालिक बच्चों के हॉस्टल में शिफ्ट करवाने की जिम्मेवारी लिया था और यह घटना पूरे प्लानिंग के साथ किया गया था। 10 जुलाई को साजिश रची गई थी।
आर्मी जवान और उनके पिता की हत्या करने वाले आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। जानकारी के अनुसार, एक अगस्त को पुलिस आरोपी के घर बुलडोजर लेकर पहुंची और कुर्की की कार्रवाई की है, जिसमें आरोपी के घर के सभी उपयोग में आने वाले सामान अपने साथ ले गया है और घर के खिड़की दरवाजा सभी उखाड़ दिया है और बुलडोजर चलाया है! मिली जानकारी के अनुसार जगदीश का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी हत्या के एक मामले और NDPS मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मामला बिदुपुर थाना क्षेत्र के रजासन गांव की है, जहां बीते 12 जुलाई 2026 को रास्ते के विवाद को लेकर आर्मी जवान जितेंद्र कुमार और पिता मुरारी राय को गोली मारकर हत्या कर दिया गया था। हाजीपुर में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर पुलिस की बड़ी किरकिरी हुई थी और मामला हाईलाइट हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 13 जुलाई को आरोपी जगदीश राय को गिरफ्तार किया था लेकिन रास्ते में जगदीश राय पुलिस का हथियार छीनकर भागने लगा। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में दोनों पैर में गोली मार कर जख्मी कर गिरफ्तार कर लिया था। हाजीपुर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में किया गया है। मामले पर सुबोध कुमार ने बताया है कि इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में भेजा गया है। 15 जुलाई को पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसमें एक आरोपी नाबालिक है जो आरोपी जगदीश राय के दोस्त का पुत्र है। वह पटना के हॉस्टल में रहता था। वहीं पर जगदीश राय को घटना के बाद शरण दिया था। एक अन्य आरोपी पंकज राय को गिरफ्तारी किया गया था, जो पटना का ही रहने वाला था। घटना के अंजाम देने के बाद जगदीश राय को नाबालिक बच्चों के हॉस्टल में शिफ्ट करवाने की जिम्मेवारी लिया था और यह घटना पूरे प्लानिंग के साथ किया गया था। 10 जुलाई को साजिश रची गई थी।
- मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह और अंतिम नमाज स्थल को प्रशासन ने किया ध्वस्त, मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश, कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम। NIU रिपोर्टर - सुनील सोनकर मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह कोई नई संरचना नहीं थी, बल्कि वर्षों से उनके धार्मिक और सामाजिक उपयोग में रहा स्थल है। उनका दावा है कि यह स्थान करीब 200 वर्ष पुराना है तथा यहां उनके पूर्वज दफन हैं। समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रशासन जिस संरचना को मस्जिद बता रहा है, वह नियमित नमाज के लिए उपयोग होने वाली मस्जिद नहीं, बल्कि एक टीनशेड है जहां अंतिम संस्कार के बाद मृतकों की अंतिम नमाज अदा की जाती रही है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी भावनाओं को समझे कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि यदि यह भूमि वास्तव में सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस पर किसी प्रकार का विवाद या कार्रवाई क्यों नहीं हुई। समुदाय के लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। कार्रवाई के विरोध में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि संबंधित भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति अथवा समुदाय के स्वामित्व में है। संयुक्त जांच में यह भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की पाई गई है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड से जुड़े अभिलेखों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संरचना पालिका की भूमि पर बनी थी और अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी। एसडीएम के अनुसार प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से संरचना हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नोटिसों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, जबकि समुदाय के लोगों ने मामले को लेकर आगे भी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की बात कही है।1
- हरिद्वार के रुड़की में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कलश यात्रा में हुए शामिल देशराज कर्णवाल ने कर दिया बड़ा ऐलान1
- कुछ साथियों के नाम लिखे जा चुके हैं। बाकी साथी भी तुरंत अपना नाम लिखवा लीजिए। *जिला देहरादून के सभी साथियों की उपस्थिति अनिवार्य है। जो भी साथी उपस्थित नहीं होगा, तो फिर उसका फोन भी नहीं उठाया जाएगा।* धन्यवाद।🙏1
- आज देहरादून चाँदचक चौक, कारगी क्षेत्र में ब्याज के पैसों के लेन-देन को लेकर दो लोगों के बीच विवाद हो गया, जिसका वीडियो मैंने मौके पर राह चलते बनाया। वीडियो में विवाद की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें कुछ लोग बिना वैध अनुमति के ब्याज पर धन देकर बाद में अवैध वसूली, गाली-गलौज, धमकी और मारपीट का सहारा लेते हैं। कई बार ऐसे विवाद गंभीर रूप भी ले लेते हैं।इस प्रकार की घटनाएँ समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करती हैं। माननीय एसएसपी थाना पटेल नगर देहरादून से निवेदन है कि ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए अवैध रूप से ब्याज पर धन देकर वसूली करने वाले व्यक्तियों की जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लग सके। धन्यवाद।1