गंगा की थीम पर बनेगा नगर निगम का सदन भवन, प्रधानमंत्री रखेंगे आधारशिला -97 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य और हाईटेक भवन का निर्माण 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य -पूर्वांचल ही नहीं सूबे का सबसे आधुनिक होगा नगर निगम मुख्यालय, निर्माण की प्रक्रिया प्रक्रिया तेज, शीघ्र शुरू होगा भवन निर्माण कार्य -एक ही छत के नीचे मिलेंगी बैंक, डाकघर व पुलिस चौकी की सुविधाएं, महापौर, नगर आयुक्त व पार्षदों के लिए होंगे विशेष कक्ष वाराणसी। नगर निगम मुख्यालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने वाला है। सिगरा स्थित मुख्यालय परिसर में जर्जर हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्त यहां भव्य और हाईटेक नगर निगम सदन भवन का निर्माण किया जाएगा। करीब 97 करोड़ (9699.65 लाख) रुपये की लागत से बनने वाला इस अत्याधुनिक भवन का मॉडल विशेष रूप से काशी और गंगा की थीम पर आधारित है, जिसकी बाहरी बनावट शिवलिंग की आकृति जैसी नजर आएगी। वर्तमान में इसे जी-प्लस फोर (चार मंजिला) स्तर पर निर्मित किया जा रहा है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र 21,858.01 वर्ग मीटर है। आवश्यकता पड़ने पर इसे भविष्य में सात मंजिला (जी-प्लस सेवन) तक विस्तार देने का भी विकल्प रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों रखे जाने की तैयारी है, जिसके लिए नगर निगम ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस, उप्र जल निगम द्वारा ईपीसी मोड पर 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है । ऐसे में यह न केवल प्रशासनिक कामकाज को सुगम बनाएगा, बल्कि अपनी स्थापत्य कला से काशी की संस्कृति की झलक भी पेश करेगा। भवन के भूतल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आम जनता को एक ही परिसर में सभी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। यहां तीन अलग-अलग प्रभागों में पुलिस चौकी, बैंक, पोस्ट ऑफिस, पीआरओ कार्यालय, डाटा सेंटर, कंप्यूटर सेल, कैंटीन और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष प्रस्तावित हैं। वहीं प्रथम प्रभाग में रिकार्ड रूम, कैश काउंटर, वॉल्ट रूम, मिटिंग रूम, ग्रीन रूम, जेसीओ रूम, शौचालय तथा द्वितीय प्रभाग में लिफ्ट, सर्विस एरिया, शौचालय, यूनियन हॉल एवं तृतीय प्रभाग में पुलिस चौकी, बैंक/ पोस्ट आफिस, कैंटिन, सर्वर रूम, जन्म/मृत्यु पंजीयन कक्ष, रिकार्ड रूम, टैक्स कलेक्शन रूम आदि प्रस्तावित है। इसी प्रकार प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला भव्य सदन हॉल होगा, जहां लोकतांत्रिक चर्चाओं के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भवन के ऊपरी तलों पर विभागों का व्यवस्थित बंटवारा किया गया है। द्वितीय तल पर पार्षदों के लिए विशेष कक्ष और वीवीआईपी रूम होंगे, जबकि चतुर्थ तल पर महापौर, नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्तों के कार्यालय के साथ-साथ एक बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल बनाया जाएगा। तृतीय तल पर मीटिंग रूम और टैक्स विभाग संचालित होंगे। पूरे भवन में आवागमन के लिए दो-दो लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और सर्वर रूम जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे यह पूर्वांचल ही नहीं सूबे का सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालय बन सके । “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प से काशी का चहुंमुखी कायाकल्प हो रहा है। सिगरा स्थित नगर निगम का यह नया सदन भवन न केवल अधिकारियों और पार्षदों के लिए एक आधुनिक कार्यस्थल बनेगा, बल्कि अपनी भव्य ‘काशी-गंगा’ सांस्कृतिक थीम के कारण यह वैश्विक पटल पर बनारस की नई पहचान और विकास का ‘मील का पत्थर’ साबित होगा। यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सुशासन का प्रतीक बनेगा, जहां।एक ही छत के नीचे डिजिटल तकनीक और पौराणिक परंपराओं का संगम दिखेगा, जिससे जनसामान्य को मिलने वाली सुविधाओं में अभूतपूर्व सुगमता आएगी।
गंगा की थीम पर बनेगा नगर निगम का सदन भवन, प्रधानमंत्री रखेंगे आधारशिला -97 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य और हाईटेक भवन का निर्माण 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य -पूर्वांचल ही नहीं सूबे का सबसे आधुनिक होगा नगर निगम मुख्यालय, निर्माण की प्रक्रिया प्रक्रिया तेज, शीघ्र शुरू होगा भवन निर्माण कार्य -एक ही छत के नीचे मिलेंगी बैंक, डाकघर व पुलिस चौकी की सुविधाएं, महापौर, नगर आयुक्त व पार्षदों के लिए होंगे विशेष कक्ष वाराणसी। नगर निगम मुख्यालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने वाला है। सिगरा स्थित मुख्यालय परिसर में जर्जर हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्त यहां भव्य और हाईटेक नगर निगम सदन भवन का निर्माण किया जाएगा। करीब 97 करोड़ (9699.65 लाख) रुपये की लागत से बनने वाला इस अत्याधुनिक भवन का मॉडल विशेष रूप से काशी और गंगा की थीम पर आधारित है, जिसकी बाहरी बनावट शिवलिंग की आकृति जैसी नजर आएगी। वर्तमान में इसे जी-प्लस फोर (चार मंजिला) स्तर पर निर्मित किया जा रहा है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र 21,858.01 वर्ग मीटर है। आवश्यकता पड़ने पर इसे भविष्य में सात मंजिला (जी-प्लस सेवन) तक विस्तार देने का भी विकल्प रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों रखे जाने की तैयारी है, जिसके लिए नगर निगम ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस, उप्र जल निगम द्वारा ईपीसी मोड पर 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है । ऐसे में यह न केवल प्रशासनिक कामकाज को सुगम बनाएगा, बल्कि अपनी स्थापत्य कला से काशी की संस्कृति की झलक भी पेश करेगा। भवन के भूतल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आम जनता को एक ही परिसर में सभी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। यहां तीन अलग-अलग प्रभागों में पुलिस चौकी, बैंक, पोस्ट ऑफिस, पीआरओ कार्यालय, डाटा सेंटर, कंप्यूटर सेल, कैंटीन और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष प्रस्तावित हैं। वहीं प्रथम प्रभाग में रिकार्ड रूम, कैश काउंटर, वॉल्ट रूम, मिटिंग रूम, ग्रीन रूम, जेसीओ रूम, शौचालय तथा द्वितीय प्रभाग में लिफ्ट, सर्विस एरिया, शौचालय, यूनियन हॉल एवं तृतीय प्रभाग में पुलिस चौकी, बैंक/ पोस्ट आफिस, कैंटिन, सर्वर रूम, जन्म/मृत्यु पंजीयन कक्ष, रिकार्ड रूम, टैक्स कलेक्शन रूम आदि प्रस्तावित है। इसी प्रकार प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला भव्य सदन हॉल होगा, जहां लोकतांत्रिक चर्चाओं के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भवन के ऊपरी तलों पर विभागों का व्यवस्थित बंटवारा किया गया है। द्वितीय तल पर पार्षदों के लिए विशेष कक्ष और वीवीआईपी रूम होंगे, जबकि चतुर्थ तल पर महापौर, नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्तों के कार्यालय के साथ-साथ एक बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल बनाया जाएगा। तृतीय तल पर मीटिंग रूम और टैक्स विभाग संचालित होंगे। पूरे भवन में आवागमन के लिए दो-दो लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और सर्वर रूम जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे यह पूर्वांचल ही नहीं सूबे का सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालय बन सके । “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प से काशी का चहुंमुखी कायाकल्प हो रहा है। सिगरा स्थित नगर निगम का यह नया सदन भवन न केवल अधिकारियों और पार्षदों के लिए एक आधुनिक कार्यस्थल बनेगा, बल्कि अपनी भव्य ‘काशी-गंगा’ सांस्कृतिक थीम के कारण यह वैश्विक पटल पर बनारस की नई पहचान और विकास का ‘मील का पत्थर’ साबित होगा। यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सुशासन का प्रतीक बनेगा, जहां।एक ही छत के नीचे डिजिटल तकनीक और पौराणिक परंपराओं का संगम दिखेगा, जिससे जनसामान्य को मिलने वाली सुविधाओं में अभूतपूर्व सुगमता आएगी।
- अजय सामाजिक सेवा समिति ने विनीत सिंह को किया सम्मानित1
- ब्रेकिंग न्यूज़ अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सतीश कुमार कसेरा ने लोगों से वार्ता करने के बाद असका का व्यक्त की किस तरह की सरकारी रखें तो 10 20 सालों में भारत का पुणे बटवारा होगा और भारत को बांटने की साजिश हो रही है हिंदू को हिंदू से लड़ाया जा रहा है हिंदू मुसलमान किया जा रहा है1
- गांव का होनहार छात्र यर्थाथ पाल अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण से लगातार सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। 🌟📚 इनकी उपलब्धियाँ न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का विषय हैं। ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य होते हैं।हम सभी की शुभकामनाएँ — यूँ ही आगे बढ़ते रहो और गांव-जिले का नाम रोशन करते रहो।संयुक्त मोर्चा हंडियाडीहडAjay Pal #highlightseveryonefollowers #गांव_का_रोशन #गांव_का_गौरव #VillagePride #RuralTalent #GaonKiShaan #DeshKaBhavishya #StudentSuccess #ShikshaHiShakti1
- अगर चन्दौली जिले के कबीरपुर ग्राम प्रधान (चन्दौली) 5 साल से विकास कार्य नहीं कर रहे हैं और हरिजन बस्ती में सड़क, नाली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं मिली हैं, तो आप नीचे दिए गए कदम उठा सकते हैं:1
- सेवा में, जिलाधिकारी महोदय जनपद __________ विषय: ग्राम माहुरपुर स्थित सरकारी विद्यालय के सामने सड़क की अत्यंत खराब एवं अस्वच्छ स्थिति के संबंध में तत्काल कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम माहुरपुर स्थित सरकारी विद्यालय के मुख्य द्वार के सामने की सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय एवं चिंताजनक है। सड़क पर गंदा पानी, कीचड़ एवं कूड़ा-कचरा लगातार जमा रहता है। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रही है, बल्कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत खतरनाक है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। विद्यालय बच्चों के भविष्य का केंद्र होता है, परंतु विद्यालय के सामने ऐसी गंदगी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। अतः आपसे निवेदन है कि इस समस्या का तत्काल निरीक्षण कराकर सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सड़क निर्माण/मरम्मत का कार्य शीघ्र सुनिश्चित कराया जाए। कृपया इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।1
- वाराणसी के पिण्डरा विधायक डा अवधेश सिंह को सुनिए काशी द्वार योजना का खाका खींच रहे है सर्किल रेट मुआवजा में किसानों को 2013का दिया जा रहा है इस बोलना नही चाहते।1
- सरकार से हम यही कहते हैं बच्चों को अगर दो-चार मिनट लेट हो जाए अंदर जाने का कृपया करें1
- मुझे वाराणसी के भेलुपुर – शकुलधारा पोखरा (Varanasi, Uttar Pradesh, India) में बिजली विभाग से संबंधित किसी विशेष/आधिकारिक काम (जैसे नई लाइन बिछाना, मरम्मत, विद्युत रख-रखाव आदि) को लेकर कोई ताज़ा (2026) समाचार या सरकारी घोषणा सीधे खोज में नहीं मिली है। मैंने वेब पर विस्तृत रूप से खोजा लेकिन उस इलाके (भेलुपुर, शकुलधारा पोखरा) विशेष में बिजली विभाग का कोई स्पष्ट “कार्य चल रहा है” जैसी खबर वर्तमान में प्रकाशित नहीं मिली।संभावित स्थिति (आम कारण जो आम तौर पर बिजली विभाग कार्य बनते हैं) हाल ही में वाराणसी और आसपास बिजली विभाग से जुड़े कुछ सामान्य मुद्दे और गतिविधियाँ खबरों में सामने आई हैं, जिनका असर स्थानीय बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है: बिजली कर्मियों के प्रदर्शन और हड़ताल की स्थिति – उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के कर्मचारियों ने निजीकरण और नए बिजली संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन/हड़ताल की स्थिति रखी है, जिससे कुछ मरम्मत कार्य या सेवा व्यवधान हो सकते हैं। बिजली आपूर्ति संवर्धन/समस्याएँ – शहर के कई हिस्सों में मरम्मत कार्यों के कारण आपूर्ति बाधित होती रहती है (पहले भी मंडुवाडीह में ऐसा देखा गया). बिजली विभाग का सामान्य रख-रखाव – किसी भी इलाके में तार, पोल, सबस्टेशन आदि का रख-रखाव आता-जाता रहता है, जो अक्सर किसी स्थानीय शहरी या ग्राम इलाके में कार्य के रूप में दिखाई देता है।1