नरसिंहपुर: मौत को दावत देती गन्ने से भरी 'डबल ट्रालियां', पुलिस और प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहे हादसे नरसिंहपुर। जिले में गन्ने का सीजन शुरू होते ही सड़कों पर मौत का तांडव भी शुरू हो गया है। सुगर मिलों की ओर जाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक नियमों को ताक पर रखकर एक के पीछे एक दो ट्रालियां (डबल ट्रॉली) जोड़कर परिवहन कर रहे हैं। ओवरलोड और बिना रिफ्लेक्टर के दौड़ते ये वाहन आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। डबल ट्रॉली बनी जान की दुश्मन:- नियमों के मुताबिक, ट्रैक्टर के पीछे केवल एक ही ट्रॉली जोड़ी जा सकती है, लेकिन नरसिंहपुर के राजमार्गों पर गन्ने से लदी डबल और कई बार ट्रिपल ट्रालियां भी देखी जा रही हैं। अंधेरे में खतरा:-अधिकांश ट्रालियों के पीछे रेडियम रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर नहीं होते, जिससे रात के समय पीछे से आने वाले वाहन सीधे इनसे टकरा जाते हैं। अनियंत्रित रफ्तार: ओवरलोड होने के कारण ये ट्रालियां मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट जाती हैं, जिससे सड़क किनारे चलने वाले राहगीर इसकी चपेट में आ जाते हैं। जाम की समस्या:- बीच सड़क पर ट्राली टूटने या खराब होने से घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। हालिया हादसों से दहशत:- हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे गाडरवारा और करेली मार्ग) में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों घायल हुए हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा इन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। जनता की मांग: पुलिस करे सख्त कार्यवाही:- जिले के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि:- डबल ट्रॉली सिस्टम पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। ट्रालियों के पीछे अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टर लगवाए जाएं:- सुगर मिल प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि वे ओवरलोड वाहनों को मिल में प्रवेश न दें। लापरवाही बरतने वाले ट्रैक्टर चालकों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
नरसिंहपुर: मौत को दावत देती गन्ने से भरी 'डबल ट्रालियां', पुलिस और प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहे हादसे नरसिंहपुर। जिले में गन्ने का सीजन शुरू होते ही सड़कों पर मौत का तांडव भी शुरू हो गया है। सुगर मिलों की ओर जाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक नियमों को ताक पर रखकर एक के पीछे एक दो ट्रालियां (डबल ट्रॉली) जोड़कर परिवहन कर रहे हैं। ओवरलोड और बिना रिफ्लेक्टर के दौड़ते ये वाहन आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। डबल ट्रॉली बनी जान की दुश्मन:- नियमों के मुताबिक, ट्रैक्टर के पीछे केवल एक ही ट्रॉली जोड़ी जा सकती है, लेकिन नरसिंहपुर के राजमार्गों पर गन्ने से लदी डबल और कई बार ट्रिपल ट्रालियां भी देखी जा रही हैं। अंधेरे में खतरा:-अधिकांश ट्रालियों के पीछे रेडियम रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर नहीं होते, जिससे रात के समय पीछे से आने वाले वाहन सीधे इनसे टकरा जाते हैं। अनियंत्रित रफ्तार: ओवरलोड होने के कारण ये ट्रालियां मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट जाती हैं, जिससे सड़क किनारे चलने वाले राहगीर इसकी चपेट में आ जाते हैं। जाम की समस्या:- बीच सड़क पर ट्राली टूटने या खराब होने से घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। हालिया हादसों से दहशत:- हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे गाडरवारा और करेली मार्ग) में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों घायल हुए हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा इन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। जनता की मांग: पुलिस करे सख्त कार्यवाही:- जिले के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि:- डबल ट्रॉली सिस्टम पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। ट्रालियों के पीछे अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टर लगवाए जाएं:- सुगर मिल प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि वे ओवरलोड वाहनों को मिल में प्रवेश न दें। लापरवाही बरतने वाले ट्रैक्टर चालकों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
- करेली पुलिस की बड़ी कार्यवाही नरसिंहपुर: नरसिंहपुर जिला के करेली थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सुरेंद्र लोधी और सलीम खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के निर्देशन में यह कार्यवाही की गई है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब और एक चार पहिया वाहन (थार) जब्त किया गया है।1
- जिला नरसिंहपुर तहसील गाडरवारा जनपद पंचायत चीचली ग्राम पंचायत इमलिया कल्याणपुर में हुई लाखों रुपए की लूट कुछ पत्रकार भाइयों ने इस इस मामले को उजागर करना चाह शासकीय अधिकारियों के मिली भगत से उसे भ्रष्टाचार को लुप्त कर दिया गया है ना कोई कार्यवाही और ना कोई वसूली सिर्फ फाइलों में ही अटका हुआ मामला यहां तक की गौशालाओं को भी नहीं छोड़ा अमृत सरोवर के नाम पर भी लाखों रुपए की लूट मध्य प्रदेश नरसिंहपुर तेंदूखेड़ा विधानसभा के मंत्री एवं विधायक , और चीचली जनपद पंचायत के अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर सो रहे कुंभकरण की नींद,,,,3
- https://youtu.be/65IJnddFpWk?si=RQiSOcpzbgT6z6ne Gadarwara स्वामी वेयर हाउस में वारदाना व स्पेस न होने से किसान हो रहे परेशान,ज़िम्मेदार ध्यान दे1
- प्रदेश के मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विधायक मंत्री उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रके जामगढ़ की पुरानी धरोहर को बचाएं।1
- आपका हक आपके घर1
- https://youtu.be/9slbnEpTuxs?si=mgCiy73z7CaCFuPM पूरा वीडियो यूट्यूब चैनल पर... 1 से 3 लाख रुपए तक की यह फसल प्रति एकड़ में निकलती है।1
- ⚠️ जबलपुर में स्वास्थ्य से खिलवाड़! विजयनगर में नकली पानी पाउच फैक्ट्री पकड़ी गई . विजयनगर, जबलपुर में प्रशासन ने एक ऐसी फैक्ट्री पर कार्रवाई की है जो बिना लाइसेंस और बिना फिल्टर सीधे बोरिंग का पानी पाउच में भरकर लोगों को बेच रही थी। . 🏭 कार्रवाई किस पर हुई? ➡️ विजयनगर स्थित पंकज ट्रेडिंग कंपनी . 🔎 छापे में क्या-क्या सामने आया? ❌ तय मानक 120 माइक्रोन की जगह ➡️ सिर्फ 65 माइक्रोन के पाउच ❌ बिना RO/फिल्टर प्रक्रिया ➡️ सीधा बोरिंग का पानी पैक ❌ स्वास्थ्य नियमों का खुला उल्लंघन . 🚨 प्रशासन की कार्रवाई 📦 करीब 500 पानी पाउच जब्त 💰 ₹1 लाख का त्वरित जुर्माना 🔒 पाउच पैकिंग मशीन सील . 👮♂️ अधिकारियों ने स्पष्ट किया— जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर जबलपुर में किसी भी कीमत पर ढील नहीं दी जाएगी। . 📍 विजयनगर, जबलपुर 🗣️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा 📰 Sach Tak Patrika News . 👉 सच के साथ खड़ी खबरों के लिए Follow करें: @SachTakPatrikaNews Follow करें: @deepak_vishwakarma_891
- 📍जबलपुर। जबलपुर के विजयनगर क्षेत्र में नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित पानी पाउच निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर उल्लंघन का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पंकज ट्रेडिंग कंपनी नामक फर्म द्वारा बिना किसी वैध मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के पानी पाउच बनाए जाने की पुष्टि हुई। . ↪️ बिना लाइसेंस चल रहा था प्लांट . जांच में सामने आया कि संबंधित इकाई के पास पानी पाउच निर्माण का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद लंबे समय से पानी पाउच का उत्पादन कर उसे बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है। . ↪️ तय मानकों की अनदेखी . नायब तहसीलदार रमेश कुमार कोष्टी ने बताया कि नियमों के अनुसार पानी पाउच की मोटाई कम से कम 120 माइक्रोन होनी चाहिए, जबकि पंकज ट्रेडिंग कंपनी में केवल 65 माइक्रोन मोटाई वाले पाउच बनाए जा रहे थे। इससे पाउच की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। . ↪️ बिना फिल्टर सीधे बोरिंग का पानी . सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि पाउच में भरा जा रहा पानी किसी भी प्रकार की फिल्टर या शुद्धिकरण प्रक्रिया से नहीं गुजर रहा था। पानी सीधे बोरिंग से लिया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इस तरह का पानी बीमारियों का कारण बन सकता है। . ↪️ 500 पाउच जब्त, ₹1 लाख का जुर्माना . कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम ने मौके से लगभग 500 पानी पाउच जब्त किए, ₹1 लाख का स्पॉट फाइन लगाया और पानी पाउच पैकिंग मशीन को तत्काल सील कर दिया। इसके साथ ही फैक्ट्री का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया। . ↪️ आगे भी जारी रहेगी सख्ती . प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जबलपुर में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस, बिना मानक और असुरक्षित तरीके से खाद्य एवं पेय पदार्थ तैयार करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। . स्थान: विजयनगर, जबलपुर रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा स्रोत: Sach Tak Patrika News1