Shuru
Apke Nagar Ki App…
जितेंद्र वर्मा ने प्रधानी चुनाव में ठोकी ताल
Dharmendra kumar mishra
जितेंद्र वर्मा ने प्रधानी चुनाव में ठोकी ताल
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि महिला ने अपने दो प्रेमियों को घर बुलाकर सो रहे पति पर जानलेवा हमला कराया।2
- Post by Dharmendra kumar mishra1
- नकल पर ‘जीरो टॉलरेंस… चूक पर जेल और करोड़ों का जुर्माना, 👉डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी पब्लिक की लहर शाहजहांपुर, 10 फरवरी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक तथा वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यूपी बोर्ड परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई तथा स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही परीक्षार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं शालीन व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनपद के 126 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के 42,785 तथा इंटरमीडिएट के 36,724 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा प्रथम पाली प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक आयोजित होगी। जनपद को 05 जोन एवं 21 सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिन्हें परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशानुसार प्रश्नपत्र प्राप्ति के समय केंद्र व्यवस्थापक अथवा अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। प्रश्नपत्रों को स्ट्रांग रूम में चार डबल लॉक अलमारियों में सुरक्षित रखा जाएगा। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र खोलते समय तिथि, पाली एवं कोड का मिलान करना अनिवार्य होगा तथा किसी भी स्थिति में गलत प्रश्नपत्र नहीं खोला जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों की कनेक्टिविटी केवल जनपदीय अथवा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से ही रहेगी और 24 घंटे निगरानी की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर क्लॉक रूम स्थापित किया जाएगा तथा मिश्रित बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी अधिकारी का पाल्य उसी केंद्र पर परीक्षा दे रहा हो तो उसकी वहां तैनाती नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपये जुर्माना और पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। दूसरी बार पकड़े जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कक्ष निरीक्षकों को फोटोयुक्त पहचान पत्र एवं आधार कार्ड साथ रखने तथा मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश न करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अनुचित साधनों के प्रयोग या नकल कराने की स्थिति में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु अधीक्षण अभियंता तथा परिवहन व्यवस्था के लिए परिवहन निगम अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक नगर, राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- शाहजहांपुर, 10 फरवरी। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को स्वच्छ वातावरण में नकलविहीन, शुचितापूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को नकलविहीन, शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं अच्छे माहौल में संपन्न कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, विद्युत, पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा परीक्षार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं शालीन व्यवहार किया जाए। प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त रूप से समस्त अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकरी ने बताया कि जनपद के कुल 126 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के 42,785 तथा इंटरमीडिएट के 36,724 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। प्रथम पाली प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक आयोजित होगी। जनपद को कुल 05 जोन एवं 21 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र व्यवस्थापक, एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देशों दिए कि प्रश्नपत्रों की प्राप्ति के समय केंद्र व्यवस्थापक अथवा अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रश्नपत्रों को उनके समक्ष स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा, जिसमें चार डबल लॉक अलमारियां होंगी। उन्होने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों की कनेक्टिविटी केवल जनपदीय कंट्रोल रूम अथवा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से ही हो तथा परीक्षा केंद्र अथवा स्ट्रांग रूम से किसी भी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा कनेक्टिविटी न की जाए। कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों एवं स्ट्रांग रूम की 24 घण्टे निगरानी की जाएगी। परीक्षार्थियों के लिए मिश्रित बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक अथवा स्टैटिक मजिस्ट्रेट का पाल्य उसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा हो, तो उसकी नियुक्ति उस केंद्र पर किसी भी परिस्थिति में नहीं की जाएगी। परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्र पर अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपये जुर्माना एवं पांच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है तथा दूसरी बार गलती करते हुए पकड़े जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा। समस्त केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया गया कि वे परीक्षा से तीन दिन पूर्व कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग अनिवार्य रूप से करा लें। कक्ष निरीक्षक अपने साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र एवं आधार कार्ड अनिवार्य रूप से रखें तथा मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी स्थिति में प्रवेश न करें। समस्त केंद्र व्यवस्थापक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी छद्म (प्रॉक्सी) परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश न कर सके। उत्तर पुस्तिकाओं का लेखा-जोखा प्रत्येक केंद्र व्यवस्थापक द्वारा पंजिकाओं में स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा तथा इसमें किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही नहीं की जाएगी। प्रश्नपत्र प्राप्त होने के उपरांत बीजक से भली-भांति मिलान करते हुए यदि किसी प्रकार की अनुपूरक मांग बनती है तो तत्काल कंट्रोल रूम को अवगत कराया जाएगा। प्रश्नपत्र खोलते समय तिथि, पाली एवं कोड का अनिवार्य रूप से मिलान करने के पश्चात ही प्रश्नपत्र खोला जाएगा। किसी भी परिस्थिति में गलत प्रश्नपत्र नहीं खोला जाएगा। राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि परीक्षार्थियों को ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें। पुलिस अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की कमी नहीं होने दी जाएगी तथा किसी भी अपरिहार्य परिस्थिति के लिए उन्होंने अपना सीयूजी नंबर समस्त अधिकारियों को साझा किया। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई, विद्युत एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असहजता न हो। परीक्षार्थियों द्वारा अनुचित साधनों के प्रयोग अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नकल कराए जाने की स्थिति में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा समस्त परीक्षा केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु अधीक्षण अभियंता तथा परिवहन व्यवस्था हेतु सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम, शाहजहांपुर को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। प्रशिक्षण में में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक नगर, राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।4
- पीलीभीत। उत्तर प्रदेश की पीलीभीत पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक हाई-टेक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना घुंघचाई पुलिस ने गिरोह के उन दो मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में बैठकर ठगी के गुर सीखकर आए थे और भारत में मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे। भोपाल और दिल्ली से दबोचे गए सरगना थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) की शिकायतों का पीछा करते हुए दो राज्यों में छापेमारी की: हर्षित उर्फ तनिश (मुख्य संचालक): इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया गया। आशुतोष कुमार उर्फ आशु: इसे दिल्ली के मालवीय नगर से दबोचा गया। ये दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जबकि इनके गिरोह के कुछ सदस्य पहले ही पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर से जेल भेजे जा चुके हैं। दुबई कनेक्शन और ठगी का 'गेमिंग' मॉडल पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को चूना लगाने का विशेष प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद उन्होंने: अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए। ऑनलाइन गेमिंग के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच दिया। जैसे ही यूजर ऐप डाउनलोड करता, आरोपी उसके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हैक कर लेते और खाता साफ कर देते। बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने इन आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में डिजिटल सामान बरामद किया है: 07 हाई-टेक स्मार्टफोन। 01 लैपटॉप (जिसमें हजारों लोगों का डेटा होने की आशंका है)। 01 पासपोर्ट और कई संदिग्ध दस्तावेज। "यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। फिलहाल हम इनके बैंक खातों और लैपटॉप के डेटा को खंगाल रहे हैं ताकि ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की सही संख्या का पता लगाया जा सके।" — जयशंकर सिंह, थाना अध्यक्ष, घुंघचाई। सावधान रहें: किसी भी अनजान गेमिंग ऐप को डाउनलोड न करें और न ही भारी मुनाफे के लालच में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें।1
- Post by MAHARAJ SINGH1
- Post by Thakur Dheeraj Singh1
- Post by Dharmendra kumar mishra1