बरेली में एक हत्या के मामले की जांच को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अपने इकलौते बेटे धर्मवीर की मौत के बाद पीड़ित मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर मामले की विवेचना किसी उच्च अधिकारी को सौंपने और सभी नामजद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की गुहार लगाई है। पीड़ित मां का आरोप है कि उसके बेटे धर्मवीर की 30 मई 2026 को एक सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई थी। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही धर्मवीर को उसकी पत्नी, सास, साली और मौसेरे साले द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। महिला ने गंभीर दावा किया है कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी प्रभावित कराया गया है, जबकि पंचनामा और तस्वीरों में मृतक के शरीर पर चोटों के कई स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आर्थिक लाभ लेकर कुछ नामजद आरोपियों को छोड़ दिया है और घटनास्थल से बरामद सामान की जांच भी अभी तक लंबित रखी गई है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की विवेचना थाना नवाबगंज से हटाकर किसी उच्च अधिकारी से कराई जाए। इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बरेली में एक हत्या के मामले की जांच को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अपने इकलौते बेटे धर्मवीर की मौत के बाद पीड़ित मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर मामले की विवेचना किसी उच्च अधिकारी को सौंपने और सभी नामजद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की गुहार लगाई है। पीड़ित मां का आरोप है कि उसके बेटे धर्मवीर की 30 मई 2026 को एक सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई थी। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही धर्मवीर को उसकी पत्नी, सास, साली और मौसेरे साले द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। महिला ने गंभीर दावा किया है कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी प्रभावित कराया गया है, जबकि पंचनामा और तस्वीरों में मृतक के शरीर पर चोटों के कई स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आर्थिक लाभ लेकर कुछ नामजद आरोपियों को छोड़ दिया है और घटनास्थल से बरामद सामान की जांच भी अभी तक लंबित रखी गई है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की विवेचना थाना नवाबगंज से हटाकर किसी उच्च अधिकारी से कराई जाए। इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत मलकपुर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और भारी अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। गांव के निवासियों ने जिलाधिकारी को दो पृष्ठों का शिकायती पत्र सौंपकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर फर्जी भुगतान के जरिए सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार मलकपुर, श्यामपुर और सियैया गांवों में कई विकास कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए, जबकि धरातल पर काम अधूरे हैं या बिल्कुल नहीं हुए हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 2.21 लाख रुपये और नाली, मिट्टी भराई व इंटरलॉकिंग निर्माण के लिए 1.25 लाख से 2.56 लाख रुपये तक की धनराशि निकाली गई। इसके अलावा देवस्थान सौंदर्यीकरण, बड़े नाले के निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र में पेंटिंग, दिव्यांग शौचालय और सोलर स्ट्रीट लाइट खरीद व मरम्मत के नाम पर भी लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दिव्यांग शौचालय का निर्माण पूरा हुए बिना ही भुगतान कर दिया गया, वहीं सोलर स्ट्रीट लाइटों के लिए 2.50 लाख रुपये निकालने के बावजूद उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर न लगाकर प्रधान के निजी खेत में लगा दिया गया है। सरकारी अभिलेखों में फर्जी तरीके से कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान किए जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शिकायत पत्र सौंपने वाले ग्रामीण जेवलाल, पवन कुमार, सुशील और सुनील सिंह ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, गोपनीय और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।4
- बरेली में रास्ते पर भारी गंदगी फैली हुई है और नाला बिल्कुल साफ नहीं किया गया है। नाले में पानी रुका होने के कारण इलाके में बहुत ज्यादा बीमारियां फैल रही हैं। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और राहगीर गुजरते हैं, जिन्हें गंदगी और जलजमाव की वजह से आवाजाही में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। लगातार जमा पानी और गंदगी से बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग बेहद परेशान हैं।2
- बरेली में 108वें उर्स-ए-रज़वी के आयोजन को लेकर दरगाह आला हज़रत के प्रतिनिधिमंडल ने मुरादाबाद के डीसीएम महेश यादव से मुलाकात की। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की ओर से शाहिद खान नूरी, परवेज़ नूरी व अजमल नूरी के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम के नाम पत्र सौंपकर उर्स स्पेशल ट्रेनें चलाने और ज़ायरीन की सुरक्षा व सुविधाओं की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि 108वां उर्स-ए-रज़वी 06, 07 और 08 अगस्त 2026 को बरेली में मनाया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद रेल मार्ग द्वारा बरेली पहुंचते हैं। जायरीन की सुविधा के लिए बरेली की ओर सभी दिशाओं में उर्स स्पेशल ट्रेनें चलाने, बरेली से गुजरने वाली सभी अप-डाउन ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने, उर्स स्थल पर टिकट विंडो खोलने व समय-सारिणी लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही बरेली के सभी स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट विंडो, साफ-सफाई, पानी का उचित प्रबंध और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने का आग्रह किया गया। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि डीसीएम महेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इस बार रेलवे पिछले साल से भी बेहतर व्यवस्थाएं करेगा। इससे पहले दरगाह की ओर से नई दिल्ली में रेल मंत्री और डीआरएम इज़्ज़त नगर को भी पत्र भेजकर स्पेशल ट्रेनें चलाने व ज़ायरीन की सुरक्षा-सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की जा चुकी है।1
- बरेली के बिशारतगंज स्थित वार्ड नंबर-1 अलीगंज रोड पर श्री श्री 108 बाबा रामदास की तपोस्थली भारत माता मंदिर का परिसर पिछले आठ दिनों से बारिश के पानी में डूबा हुआ है। मंदिर परिसर में भारी जलभराव होने से श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर के महंत बाबा बदलू दास ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मंदिर में पानी भर गया है। मंदिर के बराबर से गुजर रहे नाले में भारी मात्रा में कचरा जमा होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिसके चलते नाले का गंदा पानी भी मंदिर परिसर के अंदर प्रवेश कर रहा है। महंत का आरोप है कि आठ दिन बीत जाने के बावजूद नगर पंचायत का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है और न ही जलनिकासी का कोई प्रबंध किया गया है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल नाले की सफाई कराकर मंदिर परिसर से पानी निकलवाने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को हो रही समस्या दूर हो सके।1
- बरेली में मुख्य गाँव का कच्चा रास्ता पिछले 10 सालों से बेहद खराब हालत में है और इस पर कीचड़ भरा हुआ है। इस रास्ते से गुजरने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज़्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है, क्योंकि गाँव के सभी बच्चे पढ़ाई के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव के प्रधान द्वारा पिछले 10 वर्षों से इस गंभीर समस्या पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। लंबे समय से कोई कार्रवाई न होने के कारण बच्चों और आम लोगों की आवाजाही में भारी समस्या बनी हुई है।1
- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने सड़कों पर घूम रही आवारा गायों की दयनीय स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि सड़कों पर भूखी-प्यासी घूम रही गायें पन्नी खाने को मजबूर हैं और उनकी इस लाचार स्थिति पर तरस आता है। सरकार गाय को राष्ट्रमाता बताने का दिखावा तो करती है, लेकिन सरकारी कागजों में इसे राष्ट्रमाता घोषित नहीं कर रही और गायों को सड़कों पर तड़पने के लिए छोड़ रखा है। पार्टी ने सरकार के इस रवैये को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसी सरकार किसी काम की नहीं है जो सिर्फ रोना रोती है पर करती कुछ नहीं। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस पर तुरंत ध्यान नहीं दिया, तो पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में लोगों से गाय माता के लिए संघर्ष करने, सड़कों पर उतरने और सरकार का बहिष्कार करने का आह्वान करेगी।4
- Post by Bablu Kashyap1
- बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 7 के मोहल्ला बब्बन खान का पुरवा में सड़क पर जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ सड़क पूरी तरह इंटरलॉकिंग से बनी हुई है, लेकिन इसका पिछला हिस्सा नीचे धंस जाने से बारिश और नालियों का पानी जमा हो जाता है। इसके चलते बारिश के दौरान लोगों का पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से क्षेत्र में कीचड़, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या सड़क के कच्चे या अधूरे होने की नहीं, बल्कि उसके एक हिस्से के नीचे धंसने की है। यदि सड़क के इस हिस्से को ऊंचा कर दिया जाए और जल निकासी का सही इंतजाम हो जाए, तो जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। इसी मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र के सभासद श्री सौरभ वाल्मीकि एवं विधायक श्री संजीव अग्रवाल से गुहार लगाई है। निवासियों ने मांग की है कि सड़क के निचले हिस्से को जल्द से जल्द ऊंचा कराया जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को जलभराव से राहत मिल सके।1