महानदी में उफान: हीराकुड के बैकवॉटर और गंगरेल से छोड़े गए पानी ने सक्ती-रायगढ़ में बढ़ाई मुसीबत, कई गांव जलमग्न, अलर्ट जारी महानदी में उफान: हीराकुड के बैकवॉटर और गंगरेल से छोड़े गए पानी ने सक्ती-रायगढ़ में बढ़ाई मुसीबत, कई गांव जलमग्न, अलर्ट जारी प्रमुख प्रभाव और हाईलाइट्स: रायगढ़ में अलर्ट: गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और मांड नदी उफान पर; प्रशासन ने 5 गांवों को खाली कराने के दिए निर्देश। चंद्रपुर (सक्ती) बेहाल: हीराकुड बांध के बैकवॉटर से चंद्रपुर का मंडी पारा, थाना कॉलोनी, अस्पताल और बिजली कार्यालय जलमग्न; आवागमन ठप। फसलें पानी में डूबीं: कलमा, बालपुर, महुवापाली, कांशीडीह समेत कई गांवों के बड़े हिस्से में पानी भरा; पोरथ ग्राम का मंदिर परिसर भी डूबा। प्रबंधन पर सवाल: हीराकुड डैम प्रबंधन पर 'रूल कर्व' के उल्लंघन का आरोप; बिना पूर्व चेतावनी बाढ़ जैसे हालात बनने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश। विस्तृत खबर: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच महानदी और मांड नदियां उफान पर हैं। एक ओर गंगरेल बांध से छोड़े जा रहे पानी ने रायगढ़ जिले में तबाही मचाई है, तो वहीं दूसरी ओर ओडिशा के हीराकुड बांध के बैकवॉटर (जलभराव) के कारण सक्ती जिले के चंद्रपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। दोनों ही जिलों के तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है और प्रशासन ने एहतियातन कई गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। रायगढ़: 5 गांवों को खाली कराने के निर्देश, पोरथ मंदिर में भरा पानी रायगढ़ जिले में गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के साथ-साथ मांड नदी भी उफान पर आ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम से नदी का पानी हर घंटे लगभग 4 फ़ीट की रफ्तार से बढ़ रहा था। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पढ़ीगांव, लिलसी, चिंगोरी, सिंघनपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली समेत कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन की टीम मुस्तैद हो गई है और अब तक पांच गांवों के लोगों को मकान खाली करने की सलाह दी गई है। किसानों के खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं, पोरथ ग्राम का मंदिर परिसर भी बाढ़ के पानी से घिर गया है और पूरा परिसर जलमग्न होने की कगार पर है। चंद्रपुर: आवागमन ठप, कॉलोनियों और अस्पतालों में घुसा पानी सक्ती जिले के चंद्रपुर क्षेत्र में स्थिति और भी विकराल है। 31 जुलाई की सुबह तक महानदी का जलस्तर 54 फ़ीट से बढ़कर 57 फ़ीट पर पहुंच गया। बाढ़ के पानी से चंद्रपुर का मंडी पारा, जगदल्लापुर, थाना कॉलोनी का पिछला हिस्सा, नगर पंचायत कॉलोनी, अस्पताल परिसर और बिजली कार्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। चंद्रपुर-सारंगढ़-डभरा मार्ग पर स्थित कौशली और लात नाला तथा पलसदा-बिर्रा मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। निचले इलाकों के मकानों में पानी घुसने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हीराकुड प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल और 'रूल कर्व' का उल्लंघन चंद्रपुर के अपस्ट्रीम गांवों में अचानक हुए इस जलभराव के लिए ग्रामीण हीराकुड बांध प्रबंधन की गलत नीतियों को जिम्मेदार मान रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बांध में समय रहते पर्याप्त स्थान रखा गया होता और वैज्ञानिक प्रबंधन किया गया होता, तो इस संकट से बचा जा सकता था। 1988 में स्वीकृत हीराकुड डैम के संचालन नियमों ('रूल कर्व') के अनुसार, मानसून के दौरान बाढ़ नियंत्रण क्षमता (फ्लड कुशन) बनाए रखने के लिए 1 अगस्त तक जलस्तर 590 फ़ीट (अधिकतम फ्लड कुशन) पर रखा जाना था। लेकिन 31 जुलाई (सुबह 8 बजे) को ही जलस्तर 623.91 फ़ीट पहुंच गया था। डैम में पानी की औसत आवक 3,45,803 क्यूसेक थी, जबकि निकासी मात्र 65,725 क्यूसेक हो रही थी, क्योंकि 98 में से केवल 2 गेट खोले गए थे (बुधवार शाम तक 16 गेट खोले गए)। आवक की तुलना में निकासी कम होने से बैकवॉटर का दबाव बढ़ गया। कैग रिपोर्ट का हवाला और संयुक्त जांच की मांग महानदी एक अंतर्राज्यीय नदी होने के कारण छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने याद दिलाया कि कैग (CAG) ने अपनी 2017 की रिपोर्ट में भी 2011 और 2014 के दौरान हीराकुड डैम संचालन में 'रूल कर्व' की अनदेखी पर चिंता जताई थी। अब प्रभावित ग्रामीण केंद्र सरकार, केंद्रीय जल आयोग और दोनों राज्य सरकारों से संयुक्त जांच की मांग कर रहे हैं। उनके प्रमुख सवाल हैं: क्या हीराकुड बांध का संचालन निर्धारित 'रूल कर्व' के अनुसार किया गया? क्या दोनों राज्यों (ओडिशा और छत्तीसगढ़) के सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभागों के बीच वास्तविक समय में समन्वय था? निवासियों को समय रहते प्रशासनिक चेतावनी देकर सतर्क क्यों नहीं किया गया? फिलहाल प्रशासन ने दोनों जिलों (सक्ती और रायगढ़) के लोगों से नदी किनारे न जाने और पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव के आवश्यक प्रबंधन किए जा रहे हैं।
महानदी में उफान: हीराकुड के बैकवॉटर और गंगरेल से छोड़े गए पानी ने सक्ती-रायगढ़ में बढ़ाई मुसीबत, कई गांव जलमग्न, अलर्ट जारी महानदी में उफान: हीराकुड के बैकवॉटर और गंगरेल से छोड़े गए पानी ने सक्ती-रायगढ़ में बढ़ाई मुसीबत, कई गांव जलमग्न, अलर्ट जारी प्रमुख प्रभाव और हाईलाइट्स: रायगढ़ में अलर्ट: गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और मांड नदी उफान पर; प्रशासन ने 5 गांवों को खाली कराने के दिए निर्देश। चंद्रपुर (सक्ती) बेहाल: हीराकुड बांध के बैकवॉटर से चंद्रपुर का मंडी पारा, थाना कॉलोनी, अस्पताल और बिजली कार्यालय जलमग्न; आवागमन ठप। फसलें पानी में डूबीं: कलमा, बालपुर, महुवापाली, कांशीडीह समेत कई गांवों के बड़े हिस्से में पानी भरा; पोरथ ग्राम का मंदिर परिसर भी डूबा। प्रबंधन पर सवाल: हीराकुड डैम प्रबंधन पर 'रूल कर्व' के उल्लंघन का आरोप; बिना पूर्व चेतावनी बाढ़ जैसे हालात बनने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश। विस्तृत खबर: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच महानदी और मांड नदियां उफान पर हैं। एक ओर गंगरेल बांध से छोड़े जा रहे पानी ने रायगढ़ जिले में तबाही मचाई है, तो वहीं दूसरी ओर ओडिशा के हीराकुड बांध के बैकवॉटर (जलभराव) के कारण सक्ती जिले के चंद्रपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। दोनों ही जिलों के तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है और प्रशासन ने एहतियातन कई गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। रायगढ़: 5 गांवों को खाली कराने के निर्देश, पोरथ मंदिर में भरा पानी रायगढ़ जिले में गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के साथ-साथ मांड नदी भी उफान पर आ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम से नदी का पानी हर घंटे लगभग 4 फ़ीट की रफ्तार से बढ़ रहा था। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पढ़ीगांव, लिलसी, चिंगोरी, सिंघनपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली समेत कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन की टीम मुस्तैद हो गई है और अब तक पांच गांवों के लोगों को मकान खाली करने की सलाह दी गई है। किसानों के खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं, पोरथ ग्राम का मंदिर परिसर भी बाढ़ के पानी से घिर गया है और पूरा परिसर जलमग्न होने की कगार पर है। चंद्रपुर: आवागमन ठप, कॉलोनियों और अस्पतालों में घुसा पानी सक्ती जिले के चंद्रपुर क्षेत्र में स्थिति और भी विकराल है। 31 जुलाई की सुबह तक महानदी का जलस्तर 54 फ़ीट से बढ़कर 57 फ़ीट पर पहुंच गया। बाढ़ के पानी से चंद्रपुर का मंडी पारा, जगदल्लापुर, थाना कॉलोनी का पिछला हिस्सा, नगर पंचायत कॉलोनी, अस्पताल परिसर और बिजली कार्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। चंद्रपुर-सारंगढ़-डभरा मार्ग पर स्थित कौशली और लात नाला तथा पलसदा-बिर्रा मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। निचले इलाकों के मकानों में पानी घुसने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हीराकुड प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल और 'रूल कर्व' का उल्लंघन चंद्रपुर के अपस्ट्रीम गांवों में अचानक हुए इस जलभराव के लिए ग्रामीण हीराकुड बांध प्रबंधन की गलत नीतियों को जिम्मेदार मान रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बांध में समय रहते पर्याप्त स्थान रखा गया होता और वैज्ञानिक प्रबंधन किया गया होता, तो इस संकट से बचा जा सकता था। 1988 में स्वीकृत हीराकुड डैम के संचालन नियमों ('रूल कर्व') के अनुसार, मानसून के दौरान बाढ़ नियंत्रण क्षमता (फ्लड कुशन) बनाए रखने के लिए 1 अगस्त तक जलस्तर 590 फ़ीट (अधिकतम फ्लड कुशन) पर रखा जाना था। लेकिन 31 जुलाई (सुबह 8 बजे) को ही जलस्तर 623.91 फ़ीट पहुंच गया था। डैम में पानी की औसत आवक 3,45,803 क्यूसेक थी, जबकि निकासी मात्र 65,725 क्यूसेक हो रही थी, क्योंकि 98 में से केवल 2 गेट खोले गए थे (बुधवार शाम तक 16 गेट खोले गए)। आवक की तुलना में निकासी कम होने से बैकवॉटर का दबाव बढ़ गया। कैग रिपोर्ट का हवाला और संयुक्त जांच की मांग महानदी एक अंतर्राज्यीय नदी होने के कारण छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने याद दिलाया कि कैग (CAG) ने अपनी 2017 की रिपोर्ट में भी 2011 और 2014 के दौरान हीराकुड डैम संचालन में 'रूल कर्व' की अनदेखी पर चिंता जताई थी। अब प्रभावित ग्रामीण केंद्र सरकार, केंद्रीय जल आयोग और दोनों राज्य सरकारों से संयुक्त जांच की मांग कर रहे हैं। उनके प्रमुख सवाल हैं: क्या हीराकुड बांध का संचालन निर्धारित 'रूल कर्व' के अनुसार किया गया? क्या दोनों राज्यों (ओडिशा और छत्तीसगढ़) के सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभागों के बीच वास्तविक समय में समन्वय था? निवासियों को समय रहते प्रशासनिक चेतावनी देकर सतर्क क्यों नहीं किया गया? फिलहाल प्रशासन ने दोनों जिलों (सक्ती और रायगढ़) के लोगों से नदी किनारे न जाने और पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव के आवश्यक प्रबंधन किए जा रहे हैं।
- छत्तीसगढ़ तलाईपाली कोल माईनस पोर्जेक्ट पचपटेल का काम चल रहा है N P C ka hai1
- भारत के लिए साथ मिलकर काम करने का पीएम मोदी का प्रेरणादायक संदेश 🇮🇳 दुर्व्यवहार कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज में संवाद, सहयोग और सकारात्मक सोच का संदेश देते हुए कहा कि हमें गलत मार्ग पर चलने वालों के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि हम मिलकर भारत की प्रगति और विकास के लिए काम करें। जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है, तभी राष्ट्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। "दुर्व्यवहार कभी कुछ भी हल नहीं करते। आइए गलत मार्ग पर चलने वालों का मार्गदर्शन करें। आइए साथ में काम करें। आइए भारत के लिए काम करें।" आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें। #NarendraModi #PMModi #NewIndia #ViksitBharat #India #PositiveThinking #Leadership #NationFirst #Bharat #PradeshKhabar1
- शाम को लग रहा है बहुत ज्यादा बारिश होगा मौसम को देखते हुए धूप प्लस बादल ऐसा लग रहा है कि शाम को इतना ज्यादा बात बदल है उसे हिसाब से बहुत ज्यादा बारिश होगी लग रहा है कि एक-दो दिन नहीं छोड़ेगी बारिश1
- shrawan ke first din sankerghat mandir mai sawan ki suruat shrawan ke first din sankerghat mandir mai sawan ki suruat mai bhakto n bhagwan siv ko doodh,pani se jal arpit kiya.mandir parisher bhagwan bholenath k jaykaro se gumj utha.khas report by Himanshu raj md news chhattisgarh vice buero.7805838076.4
- भागायुक्त सुनील जैन ने जनपद पंचायत मालखरौदा का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा। भागायुक्त सुनील जैन ने जनपद पंचायत मालखरौदा का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा।1
- छत्तीसगढ़ का रायसेनिक खाद कहते है हमलोंग का गाँव मे इसी को इयूज करते है डेच्छा है1
- 🚨 *दो चोर व चोरी का माल खरीदने वाला बर्तन व्यवसायी गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस ने सुलझाया दो चोरी का मामला* 🚨 *आरोपियों ने सुभाष नगर के सूने मकान और भवानी शंकर षडंगी कॉलोनी के निर्माणाधीन मकान में किये थे चोरी* 🚨 *आरोपियों से चोरी गैस सिलेंडर, चांदी का पायल, तांबा तार व वारदात में प्रयुक्त बाइक जब्त* *30 जुलाई, रायगढ़*। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर कोतवाली थाना टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा कर दो आरोपियों तथा चोरी का सामान खरीदने वाले एक व्यवसायी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों में एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर चोरी के गैस सिलेंडर, चांदी का पायल, निर्माणाधीन मकान से चोरी किए गए तांबा तार तथा चोरी में प्रयुक्त टीवीएस मोटरसाइकिल बरामद की है। *पहला मामला* सुभाष नगर निवासी अभिमन्यु सागर की रिपोर्ट से जुड़ा है। प्रार्थी 9 जुलाई को अपने परिवार सहित गांव गया था। 11 जुलाई को लौटने पर घर का ताला टूटा मिला तथा दो एचपी गैस सिलेंडर, सोने का हार, चांदी के पायल, किराना व दुकान का सामान सहित करीब 90 हजार रुपये की चोरी होना पाया गया। इस संबंध में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 372/2026 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। *दूसरा मामला* भवानी शंकर षडंगी कॉलोनी फेस-1 स्थित निर्माणाधीन मकान का है, जहां 15 जुलाई को लगभग 90 हजार रुपये कीमत के कॉपर केबल, विद्युत पैनल, बोर्ड एवं अन्य बिजली सामग्री चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान बीती रात मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी के संदेही विवेक सारथी अपने नाबालिग साथी के साथ टीवीएस मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13 M-6010 से कोतरारोड ओवरब्रिज के पास घूम रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने दोनों चोरी की वारदातें स्वीकार कर लीं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सुभाष नगर के सूने मकान का ताला लोहे की रॉड से तोड़कर दो गैस सिलेंडर, चांदी का पायल और किराना सामान चोरी किया था। चोरी किया गया किराना सामान स्वयं उपयोग कर लिया गया, जबकि गैस सिलेंडर को श्याम टॉकीज रोड स्थित अल्का स्टील में बेच दिया गया। वहीं निर्माणाधीन मकान से चोरी किए गए कॉपर केबल का प्लास्टिक जलाकर लगभग चार किलोग्राम तांबा निकालकर उसी दुकान संचालक को 2,400 रुपये में बेच दिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी का गैस सिलेंडर, जला हुआ तांबा तार, विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से एक जोड़ी चांदी का पायल तथा विवेक सारथी से चोरी में प्रयुक्त टीवीएस मोटरसाइकिल जब्त की। पूछताछ में अल्का स्टील के संचालक संजय कुमार नानकानी ने चोरी का गैस सिलेंडर एवं तांबा तार खरीदना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई। प्रकरण में धारा 317(2),3(5) BNS बढ़ाया गया, विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड तथा दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय रिमांड पर भेजा गया है । पूरे मामले की सफल विवेचना एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक विजय एक्का, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चन्द्राकर, एएसआई कोसो जगत, प्रधान आरक्षक हेमंत चन्द्रा, आरक्षक कमलेश यादव एवं आरक्षक कोमल तिवारी की सराहनीय भूमिका रही। कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई से दो लंबित चोरी के मामलों का सफल खुलासा हुआ है तथा चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वालों के विरुद्ध भी सख्त संदेश गया है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी का सामान खरीदने वालों पर भी रायगढ़ पुलिस समान रूप से कठोर कार्रवाई कर रही है। चोरी के माल की खरीद-फरोख्त अपराध को बढ़ावा देती है, ऐसे लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।"* *गिरफ्तार आरोपी* - 1. विवेके सारथी पिता राकेश सारथी 27 साल निवासी बापूनगर रायगढ़ बाना कोतवाली जिला रायगढ़ 2. संजय कुमार नानकानी पिता स्व. मुरलीधर नानकानी उम्र 50 साल निवासी कच्ची खोली सिन्धी कालोनी चकचर नगर थाना चक्रधर नगर जिला रायगढ़ 3. एक विधि से संघर्षरत बालक ।4