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बड़वाह न.पा.इंदौर इच्छापुर हाइवे सहित प्रमुख मार्गो पर 1.95 करोड़ से बनाएगी 7 भव्य स्वागत द्वार,,जय स्तंभ पर स्थापित होगी 50 लाख से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा..

7 hrs ago
user_Govind sharma
Govind sharma
रिपोर्टर बड़वाह, खरगोन, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

बड़वाह न.पा.इंदौर इच्छापुर हाइवे सहित प्रमुख मार्गो पर 1.95 करोड़ से बनाएगी 7 भव्य स्वागत द्वार,,जय स्तंभ पर स्थापित होगी 50 लाख से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा..

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  • इंदौर पुलिस में बड़ा एक्शन! 'पॉकेट गवाह' मामले में टीआई दिनेश वर्मा बने SI | Police Action पॉकेट गवाह मामले में बड़ा एक्शन इंदौर पुलिस के चर्चित 'पॉकेट गवाह' मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई है। खजराना थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी दिनेश वर्मा को इंस्पेक्टर पद से पदावनत कर तीन साल के लिए सब-इंस्पेक्टर बना दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के आदेश के बाद की गई है। विभागीय जांच में सामने आया कि खजराना थाने में दर्ज सैकड़ों मामलों में बार-बार दो ही व्यक्तियों को पंच और गवाह बनाया गया। जांच के अनुसार, इरशाद नामक व्यक्ति को 742 मामलों में और नवीन नामक व्यक्ति को 504 मामलों में पुलिस गवाह बनाया गया था। इतना ही नहीं, हत्या, लूट, दुष्कर्म, पॉक्सो और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में भी इन्हीं कथित 'पॉकेट गवाहों' का इस्तेमाल किया गया। इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए। पुलिस आयुक्त द्वारा विभागीय जांच में दिनेश वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उन्हें तीन वर्षों के लिए इंस्पेक्टर से पदावनत कर सब-इंस्पेक्टर बना दिया गया। इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में टीआई रवींद्र गुर्जर और अजय वर्मा के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। #khabaraapkiawaaz #breakingnews #indorenews #delhi #खबरआपकीआवाज़ #इंदौर #मध्यप्रदेश #ब्रेकिंगन्यूज #mpnews
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    इंदौर पुलिस में बड़ा एक्शन! 'पॉकेट गवाह' मामले में टीआई दिनेश वर्मा बने SI | Police Action
पॉकेट गवाह मामले में बड़ा एक्शन
इंदौर पुलिस के चर्चित 'पॉकेट गवाह' मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई है। खजराना थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी दिनेश वर्मा को इंस्पेक्टर पद से पदावनत कर तीन साल के लिए सब-इंस्पेक्टर बना दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के आदेश के बाद की गई है।
विभागीय जांच में सामने आया कि खजराना थाने में दर्ज सैकड़ों मामलों में बार-बार दो ही व्यक्तियों को पंच और गवाह बनाया गया। जांच के अनुसार, इरशाद नामक व्यक्ति को 742 मामलों में और नवीन नामक व्यक्ति को 504 मामलों में पुलिस गवाह बनाया गया था।
इतना ही नहीं, हत्या, लूट, दुष्कर्म, पॉक्सो और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में भी इन्हीं कथित 'पॉकेट गवाहों' का इस्तेमाल किया गया। इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
पुलिस आयुक्त द्वारा विभागीय जांच में दिनेश वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उन्हें तीन वर्षों के लिए इंस्पेक्टर से पदावनत कर सब-इंस्पेक्टर बना दिया गया। इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में टीआई रवींद्र गुर्जर और अजय वर्मा के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।
#khabaraapkiawaaz #breakingnews #indorenews #delhi #खबरआपकीआवाज़ #इंदौर #मध्यप्रदेश #ब्रेकिंगन्यूज #mpnews
    user_ख़बर आपकी आवाज़
    ख़बर आपकी आवाज़
    Local News Reporter इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • भारत माता के हाथ में तिरंगे की जगह भगवा झंडा दिया है या आरएसएस की मानसिकता का घटिया
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    भारत माता के हाथ में तिरंगे की जगह भगवा झंडा दिया है या आरएसएस की मानसिकता का घटिया
    user_Vishal Jadhav
    Vishal Jadhav
    पत्रकार NCR समाचार इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • इंदौर के जीपीओ पोस्ट ऑफिस में राखी का सेल्फ बुकिंग वियोस्को मशीन का शुभारंभ रक्षाबंधन पर ग्राहकों के लिए विशेष सुविधा जीपीओ पोस्ट ऑफिस इंदौर में राखी के अवसर पर ग्राहकों के लिए सेल बुकिंग वीडियो मशीन का शुभारंभ आज किया गया इस मशीन के द्वारा 24 घंटे कभी भी ग्राहक अपने पार्सल प्राप्त कर सकेंगे वहीं मध्य प्रदेश के निंदा सिटी के लिए लेटर बॉक्स लगाए गए हैं इन राखी के पत्थरों की डिलीवरी 24 घंटे में हो सकेगी देश एवं विदेश में रखी तुरंत एवं समयबद्ध पहुंचने के लिए इंदौर डाक परिक्षेत्र द्वारा विशेष अभियान प्राप्त किया गया है जिसके अंतर्गत समर्पित मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव टीम को चयनित किया गया है इंदौर परिक्षेत्र के अंदर प्रत्येक संभाग स्तर पर एक डेडीकेटेड मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव नियुक्त किया गया है जिसके माध्यम से जन सामान्य रक्षा बंधन आर्टिकल के संबंध में हो रहे कोई सुविधा शिकायत को केवल व्हाट्सएप के माध्यम सुलझा यह सकते हैं यह जानकारी इंदौर जीपीओ परिसर में पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिछेत्र श्री गौरव श्रीवास्तव ने दी .
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    इंदौर के जीपीओ पोस्ट ऑफिस में राखी का सेल्फ बुकिंग वियोस्को मशीन का शुभारंभ रक्षाबंधन पर ग्राहकों के लिए विशेष सुविधा                                             जीपीओ पोस्ट ऑफिस इंदौर में राखी के अवसर पर ग्राहकों के लिए सेल बुकिंग वीडियो मशीन का शुभारंभ आज किया गया इस मशीन के द्वारा 24 घंटे कभी भी ग्राहक अपने पार्सल प्राप्त कर सकेंगे वहीं मध्य प्रदेश के निंदा सिटी के लिए लेटर बॉक्स लगाए गए हैं इन राखी के पत्थरों की डिलीवरी 24 घंटे में हो सकेगी देश एवं विदेश में रखी तुरंत एवं समयबद्ध पहुंचने के लिए इंदौर डाक परिक्षेत्र द्वारा विशेष अभियान प्राप्त किया गया है जिसके अंतर्गत समर्पित मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव टीम को चयनित किया गया है इंदौर परिक्षेत्र के अंदर प्रत्येक संभाग स्तर पर एक डेडीकेटेड मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव नियुक्त किया गया है जिसके माध्यम से जन सामान्य रक्षा बंधन आर्टिकल के संबंध में हो रहे कोई सुविधा शिकायत को केवल व्हाट्सएप के माध्यम सुलझा यह सकते हैं    यह जानकारी इंदौर जीपीओ परिसर में पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिछेत्र श्री गौरव श्रीवास्तव ने दी .
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • इंदौर में तीन प्रभारीयो का हुआ डिमोशन पूर्व में पॉकेट गवाहों को लेकर सख्त हुए आदेश इंदौर में पुलिस में लंबे समय से चर्चा में रहे ‘पॉकेट गवाह’ मामले में आखिरकार बड़ी विभागीय कार्रवाई हो गई है। खजराना थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी (टीआई) दिनेश वर्मा को इंस्पेक्टर पद से पदावनत कर सब-इंस्पेक्टर (एसआई) बना दिया गया है। यह डिमोशन अगले तीन वर्षों तक प्रभावी इंदौर रहेगा। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के बाद लागू की गई है। दरअसल यह कार्रवाई उस विभागीय जांच के बाद हुई, जिसमें सामने आया कि खजराना थाने में दर्ज सैकड़ों मामलों में बार-बार एक ही दो व्यक्तियों को पंच या गवाह बनाया गया। जांच में यह भी पाया गया कि कई गंभीर अपराधों में भी इन्हीं तथाकथित ‘पॉकेट गवाहों’ का इस्तेमाल किया गया, जांच रिपोर्ट के अनुसार, इरशाद नामक व्यक्ति को 742 मामलों में और नवीन नाम के व्यक्ति को 504 मामलों में पुलिस गवाह बनाया गया। हैरानी की बात यह है कि इन गवाहों का उपयोग केवल सामान्य मामलों तक सीमित नहीं था, बल्कि हत्या, लूट, दुष्कर्म, पॉक्सो, एनडीपीएस और अन्य गंभीर अपराधों की कार्रवाई में भी इन्हें पंच और गवाह के रूप में शामिल किया गया था। इतनी बड़ी संख्या में एक ही व्यक्ति को बार-बार गवाह बनाए जाने से यह सवाल उठे कि क्या हर मौके पर वही लोग मौजूद थे या फिर पूरी प्रक्रिया केवल कागजों में पूरी की जा रही थी।पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि विभागीय जांच के दौरान दिनेश वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया था। जिस कारण दिनेश वर्मा को तीन साल के लिए टी आई से सब इंस्पेक्टर बनाया गया है बहरहाल यह पहला मामला नहीं है इसके पहले भी टी आई रवींद्र गुर्जर और अजय वर्मा को भी तीन तीन साल के लिए सब इंस्पेक्टर बनाने की कार्यवाही पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह द्वारा की जा चुकी है ।
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    इंदौर में तीन  प्रभारीयो का हुआ डिमोशन पूर्व में पॉकेट गवाहों को लेकर सख्त हुए आदेश
इंदौर में पुलिस में लंबे समय से चर्चा में रहे ‘पॉकेट गवाह’ मामले में आखिरकार बड़ी विभागीय कार्रवाई हो गई है। खजराना थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी (टीआई) दिनेश वर्मा को इंस्पेक्टर पद से पदावनत कर सब-इंस्पेक्टर (एसआई) बना दिया गया है। यह डिमोशन अगले तीन वर्षों तक प्रभावी इंदौर  रहेगा। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के बाद लागू की गई है। 
दरअसल यह कार्रवाई उस विभागीय जांच के बाद हुई, जिसमें सामने आया कि खजराना थाने में दर्ज सैकड़ों मामलों में बार-बार एक ही दो व्यक्तियों को पंच या गवाह बनाया गया। जांच में यह भी पाया गया कि कई गंभीर अपराधों में भी इन्हीं तथाकथित ‘पॉकेट गवाहों’ का इस्तेमाल किया गया, 
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इरशाद नामक व्यक्ति को 742 मामलों में और नवीन नाम के व्यक्ति को 504 मामलों में पुलिस गवाह बनाया गया। हैरानी की बात यह है कि इन गवाहों का उपयोग केवल सामान्य मामलों तक सीमित नहीं था, बल्कि हत्या, लूट, दुष्कर्म, पॉक्सो, एनडीपीएस और अन्य गंभीर अपराधों की कार्रवाई में भी इन्हें पंच और गवाह के रूप में शामिल किया गया था। इतनी बड़ी संख्या में एक ही व्यक्ति को बार-बार गवाह बनाए जाने से यह सवाल उठे कि क्या हर मौके पर वही लोग मौजूद थे या फिर पूरी प्रक्रिया केवल कागजों में पूरी की जा रही थी।पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि विभागीय जांच के दौरान दिनेश वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया था। जिस कारण दिनेश वर्मा को तीन साल के लिए टी आई से सब इंस्पेक्टर बनाया गया है बहरहाल यह पहला मामला नहीं है इसके पहले भी टी आई रवींद्र गुर्जर और अजय वर्मा को भी तीन तीन साल के लिए सब इंस्पेक्टर  बनाने की कार्यवाही पुलिस कमिश्नर  संतोष सिंह द्वारा की जा चुकी है ।
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • खुड़ेल थाना बना विद्यार्थियों के लिए ‘ज्ञान की पाठशाला’, स्कूल के बच्चों ने जाना पुलिस का असली चेहरा
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    खुड़ेल थाना बना विद्यार्थियों के लिए ‘ज्ञान की पाठशाला’, स्कूल के बच्चों ने जाना पुलिस का असली चेहरा
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • खोड़ी डिस्टिलरी के अधिकारियों ने कलेक्टर से सौजन्य भेंट कर क्षेत्रीय विकास की योजनाओं पर की चर्चा..
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    खोड़ी डिस्टिलरी के अधिकारियों ने  कलेक्टर से सौजन्य भेंट कर क्षेत्रीय विकास की योजनाओं पर की चर्चा..
    user_Govind sharma
    Govind sharma
    रिपोर्टर बड़वाह, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • इंदौर की राव पुलिस में ऑनलाइन वेटिंग रैकेट का खुलासा किया है इंदौर की राऊ पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग रैकेट का खुलासा किया है आनलाइन बेटिंग का रैकेट टेलीग्राम से संचालित किया जा रहा था पूरा नेटवर्क की लिंक तलाशने मे जुटी राऊ पुलिस । इंदौर की राऊ पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाला ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी फ्लैट से इंटरनेट और कॉलिंग के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से नकदी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। दरअसल इंदौर की राऊ पुलिस ने ट्रेजर फैंटेसी कॉलोनी में छापेमारी कर राहुल पुत्र प्रवीण निम्बोला को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से धार जिले का निवासी है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 40 हजार रुपए नकद, दो लैपटॉप, नौ स्मार्टफोन, सात एटीएम कार्ड और वाई-फाई उपकरण बरामद किए। पुलिस को आशंका है कि सट्टेबाजी से जुड़े वित्तीय लेन-देन वर्चुअल बैंक खातों के माध्यम से किए जा रहे थे। पूरे नेटवर्क की पड़ताल के लिए जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। वही डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसके संचालन में किन-किन की लोगो की भूमिका रही
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    इंदौर की राव पुलिस में ऑनलाइन वेटिंग रैकेट का खुलासा किया है
इंदौर की राऊ पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग रैकेट का खुलासा किया है आनलाइन बेटिंग का रैकेट टेलीग्राम से संचालित किया जा रहा था पूरा नेटवर्क की लिंक तलाशने मे जुटी राऊ पुलिस ।
इंदौर की राऊ पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाला ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी फ्लैट से इंटरनेट और कॉलिंग के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से नकदी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। दरअसल इंदौर की राऊ पुलिस ने ट्रेजर फैंटेसी कॉलोनी में छापेमारी कर राहुल पुत्र प्रवीण निम्बोला को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से धार जिले का निवासी है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 40 हजार रुपए नकद, दो लैपटॉप, नौ स्मार्टफोन, सात एटीएम कार्ड और वाई-फाई उपकरण बरामद किए। पुलिस को आशंका है कि सट्टेबाजी से जुड़े वित्तीय लेन-देन वर्चुअल बैंक खातों के माध्यम से किए जा रहे थे। पूरे नेटवर्क की पड़ताल के लिए जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। वही डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसके संचालन में किन-किन की लोगो की भूमिका रही
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नाना पटवारी की मुश्किलें बढ़ीं: तीन मामलों में जांच जारी, शिकायत वापस लेने के लिए 20 लाख देने का आरोप इंदौर में पिछले एक महीने से शुरू हुई नाना पटवारी की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई तीन अलग अलग मामले में चल रही है जांच ड्रग्स तस्करी, जमीन धोखाधड़ी, ऑनलाइन सट्टा की जांच जमीन मामले में महिलाओं के द्वारा की गई थी शिकायत कई कंपनियों को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है एंकर - प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजेंद्र नगर थाना पुलिस की प्लॉट धोखाधड़ी मामले में जांच के दौरान अब शिकायतकर्ता को धमकाकर केस वापस लेने की कोशिश का नया मामला सामने आया है। अब एक और पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे शिकायत वापस लेने के लिए 20 लाख रुपये नकद देने का प्रयास किया गया। वी ओ - शुभम वैली कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के लिए डायरी पर सौदा करने वाले एक शिकायतकर्ता ने यह राशि पुलिस को सौंप दी है, जिसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच तेज कर दी है। राऊ पुलिस के मुताबिक शुभम वैली कॉलोनी में प्लॉटों की कथित धोखाधड़ी की जांच पहले से चल रही है। इसी मामले में राजेंद्र नगर निवासी संजय महाजन ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में नाना पटवारी के साथ एक एग्रीमेंट हुआ था, जिसके तहत उन्होंने यूपीआई के माध्यम से 11 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि तय शर्तों के बावजूद उन्हें प्लॉट नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। शिकायत दर्ज होने के बाद संजय महाजन ने पुलिस को बताया कि जीतू तिंदोरी नामक व्यक्ति उनके घर पहुंचा और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि उन्हें 20 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया और जिला न्यायालय ले जाकर एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। हालांकि अगले ही दिन पीड़ित ने पुलिस से संपर्क कर 20 लाख रुपये नकद से भरा बैग अधिकारियों को सौंप दिया। राऊ पुलिस की पूछताछ में कॉलोनी के कथित संचालक आरोपी सुमित मंत्री ने स्वीकार किया है कि नाना पटवारी के नाम से "NP" कोडवर्ड यानि नाना पटवारी कोडवर्ड वाली 5-6 डायरियां संचालित की जाती थीं। पुलिस अब नकदी के स्रोत, कथित लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बाइट - नरेंद्र सिंह रावत, डीसीपी, जोन एक हेडिंग: नाना पटवारी की मुश्किलें बढ़ीं: तीन मामलों में जांच जारी, शिकायत वापस लेने के लिए 20 लाख देने का आरोप एंकर: इंदौर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से जुड़े मामलों की जांच पिछले करीब एक महीने से जारी है। पुलिस अलग-अलग स्तर पर ड्रग्स तस्करी, जमीन से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। इसी बीच प्लॉट धोखाधड़ी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिकायत वापस लेने के लिए उसे 20 लाख रुपये नकद देने की कोशिश की गई। वीओ: पुलिस के मुताबिक शुभम वैली कॉलोनी में प्लॉटों से संबंधित शिकायतों की जांच की जा रही है। राजेंद्र नगर निवासी संजय महाजन ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में प्लॉट को लेकर नाना पटवारी के साथ एग्रीमेंट हुआ था और उन्होंने यूपीआई के माध्यम से 11 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें प्लॉट नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि केस वापस लेने के लिए जीतू तिंदोरी नामक व्यक्ति ने उस पर दबाव बनाया और 20 लाख रुपये देने की पेशकश की। जिला न्यायालय में शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये से भरा बैग पुलिस को सौंप दिया। पुलिस पूछताछ में कॉलोनी के कथित संचालक सुमित मंत्री से भी कई जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। पुलिस अब कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए “NP” कोडवर्ड वाली डायरियों, नकदी के स्रोत, कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और पूरे लेनदेन नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बाइट: नरेंद्र सिंह रावत, डीसीपी, जोन-1
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    नाना पटवारी की मुश्किलें बढ़ीं: तीन मामलों में जांच जारी, शिकायत वापस लेने के लिए 20 लाख देने का आरोप
इंदौर में पिछले एक महीने से शुरू हुई नाना पटवारी की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई
तीन अलग अलग मामले में चल रही है जांच
ड्रग्स तस्करी, जमीन धोखाधड़ी, ऑनलाइन सट्टा की जांच
जमीन मामले में महिलाओं के द्वारा की गई थी शिकायत 
कई कंपनियों को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है
एंकर - प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजेंद्र नगर थाना पुलिस की प्लॉट धोखाधड़ी मामले में जांच के दौरान अब शिकायतकर्ता को धमकाकर केस वापस लेने की कोशिश का नया मामला सामने आया है। अब एक और पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे शिकायत वापस लेने के लिए 20 लाख रुपये नकद देने का प्रयास किया गया। 
वी ओ - शुभम वैली कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के लिए डायरी पर सौदा करने वाले एक शिकायतकर्ता ने यह राशि पुलिस को सौंप दी है, जिसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच तेज कर दी है। राऊ पुलिस के मुताबिक शुभम वैली कॉलोनी में प्लॉटों की कथित धोखाधड़ी की जांच पहले से चल रही है। इसी मामले में राजेंद्र नगर निवासी संजय महाजन ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में नाना पटवारी के साथ एक एग्रीमेंट हुआ था, जिसके तहत उन्होंने यूपीआई के माध्यम से 11 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि तय शर्तों के बावजूद उन्हें प्लॉट नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। शिकायत दर्ज होने के बाद संजय महाजन ने पुलिस को बताया कि जीतू तिंदोरी नामक व्यक्ति उनके घर पहुंचा और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि उन्हें 20 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया और जिला न्यायालय ले जाकर एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। हालांकि अगले ही दिन पीड़ित ने पुलिस से संपर्क कर 20 लाख रुपये नकद से भरा बैग अधिकारियों को सौंप दिया। राऊ पुलिस की पूछताछ में कॉलोनी के कथित संचालक आरोपी सुमित मंत्री ने स्वीकार किया है कि नाना पटवारी के नाम से "NP" कोडवर्ड यानि नाना पटवारी कोडवर्ड वाली 5-6 डायरियां संचालित की जाती थीं। पुलिस अब नकदी के स्रोत, कथित लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बाइट - नरेंद्र सिंह रावत, डीसीपी, जोन एक
हेडिंग:
नाना पटवारी की मुश्किलें बढ़ीं: तीन मामलों में जांच जारी, शिकायत वापस लेने के लिए 20 लाख देने का आरोप
एंकर:
इंदौर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से जुड़े मामलों की जांच पिछले करीब एक महीने से जारी है। पुलिस अलग-अलग स्तर पर ड्रग्स तस्करी, जमीन से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। इसी बीच प्लॉट धोखाधड़ी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिकायत वापस लेने के लिए उसे 20 लाख रुपये नकद देने की कोशिश की गई।
वीओ:
पुलिस के मुताबिक शुभम वैली कॉलोनी में प्लॉटों से संबंधित शिकायतों की जांच की जा रही है। राजेंद्र नगर निवासी संजय महाजन ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में प्लॉट को लेकर नाना पटवारी के साथ एग्रीमेंट हुआ था और उन्होंने यूपीआई के माध्यम से 11 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें प्लॉट नहीं मिला।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि केस वापस लेने के लिए जीतू तिंदोरी नामक व्यक्ति ने उस पर दबाव बनाया और 20 लाख रुपये देने की पेशकश की। जिला न्यायालय में शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये से भरा बैग पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस पूछताछ में कॉलोनी के कथित संचालक सुमित मंत्री से भी कई जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। पुलिस अब कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए “NP” कोडवर्ड वाली डायरियों, नकदी के स्रोत, कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और पूरे लेनदेन नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बाइट:
नरेंद्र सिंह रावत, डीसीपी, जोन-1
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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