प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक 7 साल की मासूम बच्ची के साथ 43 साल के संजय मिश्रा नामक दरिंदे द्वारा दुष्कर्म का घिनौना कां'ड सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी बच्ची को दवा दिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया और उसके साथ इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया, जिसे सुनकर मानवता भी शर्मसार हो जाए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय मिश्रा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पीड़ित मासूम बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराकर आगे की जाँच पूरी की जा रही है। यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति को लेकर बड़े प्रश्न खड़े करती है। समाज में इस कां'ड को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है, और मांग की जा रही है कि संजय मिश्रा के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो तथा पीड़ित बच्ची के परिवार को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए। आरोप है कि इस सरकार में पिछड़े, दलितों, आदिवासी और मुस्लिमों के साथ जितना अत्याचार हो रहा है, उतना शायद ही किसी अन्य सरकार में हुआ हो। पोस्ट में तीखा हमला करते हुए कहा गया है कि बीजेपी के राज़ में बेटियां असुरक्षित हैं और 'मनुवादी दरिंदे' खुलेआम शिकार कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नारे पर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या 'योगी बाबा' द्वारा आरोपी संजय मिश्रा का 'एनकाउंटर' कराया जाएगा। इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करने और शासन-प्रशासन को टैग करने की अपील की गई है ताकि ऐसे मनचलों पर लगाम लगाई जा सके।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक 7 साल की मासूम बच्ची के साथ 43 साल के संजय मिश्रा नामक दरिंदे द्वारा दुष्कर्म का घिनौना कां'ड सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी बच्ची को दवा दिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया और उसके साथ इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया, जिसे सुनकर मानवता भी शर्मसार हो जाए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय मिश्रा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पीड़ित मासूम बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराकर आगे की जाँच पूरी की जा रही है। यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति को लेकर बड़े प्रश्न खड़े करती है। समाज में इस कां'ड को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है, और मांग की जा रही है कि संजय मिश्रा के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो तथा पीड़ित बच्ची के परिवार को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए। आरोप है कि इस सरकार में पिछड़े, दलितों, आदिवासी और मुस्लिमों के साथ जितना अत्याचार हो रहा है, उतना शायद ही किसी अन्य सरकार में हुआ हो। पोस्ट में तीखा हमला करते हुए कहा गया है कि बीजेपी के राज़ में बेटियां असुरक्षित हैं और 'मनुवादी दरिंदे' खुलेआम शिकार कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नारे पर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या 'योगी बाबा' द्वारा आरोपी संजय मिश्रा का 'एनकाउंटर' कराया जाएगा। इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करने और शासन-प्रशासन को टैग करने की अपील की गई है ताकि ऐसे मनचलों पर लगाम लगाई जा सके।
- पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी के पत्रकारिता कार्यों की सराहना करते हुए, उन्हें 'समाज का हीरा' बताया गया है, खासकर एक ब्राह्मण समाज की बेटी के बलात्कार मामले में न्याय दिलाने के लिए खुलकर आवाज उठाने के उनके प्रयासों के लिए। हालांकि, उनके खिलाफ एक बड़े षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है, जिसमें कुछ पत्रकारों और पुलिस कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया गया है जो उनकी तरक्की पचा नहीं पा रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं षड्यंत्रों के चलते पुष्पेंद्र लोधी को कानूनी पेचीदगियों में फंसाया जा रहा है। विडंबना यह है कि जिस ब्राह्मण समाज की बेटी को वे न्याय दिलाना चाहते थे, उसी समाज की ओर से उन्हें फंसाने की साजिश की गई है। पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया गया है कि जब इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, तो ब्राह्मण समाज भी मजबूरी में पुष्पेंद्र लोधी के साथ खड़ा होगा और षड्यंत्रकारी खुद अकेले में रोएंगे। यह भी कहा गया है कि पुष्पेंद्र लोधी का उद्देश्य बलात्कारी को फाँसी दिलाना है। इस मामले में एक बहुत बड़ी साजिश होने का दावा किया गया है, और क्षेत्र में की गई पड़ताल के अनुसार, एक अच्छी जाँच होने पर असली षड्यंत्रकारी सामने आ सकते हैं। ओबीसी एससी एसटी संगठन ने भी निर्दोष पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।1
- महाराष्ट्र के भक्तों के लिए बाबा बागेश्वर ने एक विशेष संदेश दिया है, जिसमें बताया गया है कि सनातन मठ, भिवंडी मुंबई में उनका दो दिवसीय दिव्य दरबार आयोजित किया जाएगा।1
- पन्ना जिला अस्पताल में परिजनों ने एंबुलेंस सेवा में हुई देरी और पोस्टमार्टम में लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।1
- पन्ना जिले की बृजपुर थाना अंतर्गत हरिजन बस्ती में एक युवक के टावर पर चढ़ने से 'शोले फिल्म' की शैली में एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कथित तौर पर शराब के नशे में धुत यह युवक टावर पर जा चढ़ा, जिसके बाद उसे नीचे उतारने के लिए काफी जद्दोजहद हुई और कई संदेश दिए गए। लंबे समय तक समझाने-बुझाने और बातचीत के बाद, जब युवक का शराब का नशा उतरना शुरू हुआ, तो वह घबरा गया और उसकी समझ काम करना बंद कर गई। आखिरकार, रात 11:45 बजे वह टावर से नीचे उतर आया। यह जानकारी बृजपुर से रूपेश जैन द्वारा दी गई है।1
- कटनी शहर में एक शराब दुकान पर कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने खुलेआम हथियार दिखाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तीनों आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ गए। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपियों ने शराब दुकान पहुँचकर कट्टा लहराते हुए कर्मचारियों को धमकाया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है, और लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटनी में गुंडागर्दी, हथियारबाजी और आम जनता को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कटनी पुलिस का साफ संदेश है कि कट्टा लहराने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे है।1
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब (NMPC) द्वारा पत्रकारों के लिए एक निःशुल्क कानूनी पाठशाला संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में पत्रकारिता के गिरते मानकों की रक्षा करना और मीडियाकर्मियों को उनके वैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यशाला पत्रकारों को कानूनी चुनौतियों से बचाने और उन्हें एक सशक्त व जिम्मेदार प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार करती है। इस पाठशाला के तहत कानूनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मीडियाकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले गैर-संवैधानिक हमलों, उत्पीड़न या झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकें। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के दायरे में रहकर निष्पक्ष, सटीक और जवाबदेह रिपोर्टिंग करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। कार्यशाला का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारतीय प्रेस परिषद और मीडिया कानूनों, जैसे मानहानि और सूचना का अधिकार, की सटीक व स्पष्ट जानकारी देकर पत्रकारों को बिना किसी भय के कार्य करने हेतु दबाव से मुक्ति दिलाती है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब इस मुहिम में शामिल होने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित कर रहा है, जहाँ संगठित होकर अपने अधिकारों व कर्तव्यों की आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए, यह बताया गया है कि इस कलयुग में संगठन व संगठित रहना ही शक्ति है। क्लब की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल नैतिक व संवैधानिक रूप से सही दिशा पर कार्य कर रहे पत्रकार ही इससे जुड़ें। पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ यह कानूनी पाठशाला अपने अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से समझने, संगठित होकर बुलंद आवाज के साथ ‘पत्रकार एकता जिंदाबाद’ का उद्घोष करने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई में सहभागिता निभाने का आह्वान करती है।1
- शराब के नशे में धुत एक शख्स मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे नीचे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह शख्स 'शोले' फिल्म के वीरू की तरह टावर पर चढ़ा, जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।1